Twitter's Blue Bird auction

ट्विटर की ब्लू बर्ड ने रचा इतिहास! 34,375 डॉलर में नीलाम हुआ लोगो

ट्विटर (Twitter) को अब X के नाम से जाना जाता है। यह एक बेहतरीन सोशल मीडिया प्लेटफार्म है, जो लोगों को वास्तविक समय के जानकारी शेयर करने और पूरी दुनिया से जुड़े रहने में मदद करता है। ट्विटर का नीला पक्षी यानी ब्लू बर्ड (Blue bird) इसकी पहचान है जिसे लैरी द बर्ड भी कहा जाता है। जिसने ट्विटर (Twitter) का इस्तेमाल किया है वो इसके बारे में अवश्य जानते होंगे। लेकिन, जब से एलन मस्क ने ट्विटर खरीदा है तब से प्लेटफॉर्म का नाम और लोगो दोनों को ही बदल दिया गया है। अब यह ब्लू बर्ड एक बारे फिर से चर्चा में है। ट्विटर (Twitter) के हेडक्वाटर में ने डिस्प्ले ब्लू बर्ड (Blue bird) स्टेच्यू को नीलाम किया गया है। इससे कंपनी को अच्छा-खासा फायदा हुआ है। आइए जानें ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction) के बारे में। ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction) एलन मस्क (Elon Musk) के ट्विटर (Twitter) को खरीदने के बाद उन्होंने इसे पूरी तरह से बदल दिया फिर वो चाहे उसका नाम हो, लोगों हो या अन्य चीजें। ट्विटर (Twitter) की पहचान ब्लू बर्ड (Blue bird) को इसके बाद से ही ट्विटर के सैन फ्रांसिस्को हेडक्वाटर से हटा दिया गया था। अब ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction) की बात सामने आयी है। ऐसे माना जा रहा है कि इस ब्लू बर्ड (Blue bird) के स्टेच्यू को 34,375 अमेरिकी डॉलर में नीलाम किया गया है। भारतीय मुद्रा में यह लगभग 29.56 लाख रुपये हैं। इसकी नीलामी आरआर ऑक्शन द्वारा की गयी है जो दुर्लभ और संग्रहणीय वस्तुओं में डील करते हैं। इस स्टेच्यू को किसने खरीदा है इस बारे में जानकारी नहीं दी गयी है। उनकी पहचान अभी गुप्त रखी गयी है। अगर बात की जाए ट्विटर (Twitter) के ब्लू बर्ड (Blue bird) की, तो इसका वजन 560-पाउंड यानी 254 किग्रा है। यह स्टेच्यू 12 फीट×9 फीट के आकार में है। क्यों की गयी ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction)? ऐसा माना जा रहा है कि ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने कंपनी को वित्तीय संकट से बाहर आने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें से एक कदम यह है कि उन्होंने ट्विटर (Twitter) की कई संपत्तियों को नीलाम किया है। यही कारण है जिसके लिए उन्होंने ट्विटर की ब्लू बर्ड (Blue bird) को नीलाम किया। इसके अलावा उन्होंने इससे पहले और भी ट्विटर (Twitter) के अन्य सामान को नीलाम किया है। इससे पहले कंपनी ने साइन, मोमेंटो, रसोई के उपकरण और कार्यालय फर्नीचर आदि को भी नीलाम किया था। यही नहीं ,टेक्निकल हिस्ट्री की कुछ चीजों को भी नीलाम किया गया है जिसमें एक एप्पल-1 कंप्यूटर और इससे संबंधित उपकरण हैं, जो 375,000 डॉलर में बिके थे। इसके साथ ही एक एप्पल कंप्यूटर कंपनी का चेक, जिस पर स्टीव जॉब्स ने 1976 में हस्ताक्षर किए थे, उसे 112,054 डॉलर में बेचा गया था। इसे भी पढ़ें: आईपीएल के लिए जियो ने लाया धांसू प्लान, इतने दिनों तक फ्री मिलेगा Jio Hotstar ट्विटर (Twitter) के मालिक अभी एलन मास्क है, जिन्होंने इसे 25 अप्रैल 2022 को खरीदा था। इसे 44 अरब डॉलर में खरीदा गया था। लेकिन, अगर ट्विटर (Twitter) की स्थापना की बात की जाए, तो इसे 2006 में जैक डोरसे, नोआह ग्लास, बिज़ स्टोन और इवान विलियम्स द्वारा स्थापित किया गया था। कुछ ही सालों में यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोगों के बीच में लोकप्रिय हो गया था। इस में ट्विटर (Twitter) पर यूजर अन्य यूजर्ज को फॉलो कर सकते हैं, उनके ट्वीट्स पढ़ सकते हैं और उन पर कमेंट भी कर सकते हैं। अपनी इन विशेषताओं के कारण आज भी लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, हालांकि अब इसका नाम बदल चुका है। Latest News in Hindi Today Hindi Twitters Blue Bird auction #Twitter #X #ElonMusk #BlueBird #TwitterBlueBird #TwittersBlueBirdauction

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Rahul Gandhi court case

Rahul Gandhi Citizenship Case: क्या सच में ब्रिटिश नागरिक हैं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी? आज इलाहाबाद हाई कोर्ट करेगा सुनवाई

24 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की नागरिकता (Rahul Gandhi Citizenship Case) के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करने वाली है। दायर याचिका में राहुल गांधी के पास दोहरी नागरिकता होने का आरोप लगाया गया है। जिस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार से स्पष्ट रुख पेश करने की अपेक्षा की है। गौरतलब हो कि इस मामले में कोर्ट ने केंद्र को 19 दिसंबर को निर्देश दिया था कि वह अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा 24 मार्च तक पेश करें। दरअसल, मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की पीठ ने यह आदेश कर्नाटक के सामाजिक कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर दिया था। बता दें कि आज क्रेंद इस मामले पर जवाब दाखिल करने वाला है। ऐसे में यदि राहुल गांधी दो पासपोर्ट मामले में दोषी पाए जाते, हैं तो उनके खिलाफ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 9 (2) के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिर उनके खिलाफ नागरिकता छिपाने और गलत जानकारी देने का केस दर्ज किया जाएगा। गौर करने वाली बात यह कि नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने पर किसी व्यक्ति को 5 साल की सजा हो सकती है। 50,000 रुपये का जुर्माना या सजा दोनों लगाया जा सकता है। इसके साथ ही भारतीय नागरिकता भी खारिज की जा सकती है। वकील एस विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर (Rahul Gandhi Citizenship Case की थी याचिका  बता दें कि 1 जुलाई 2024 को कर्नाटक के बीजेपी के सदस्य और वकील एस विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर (Rahul Gandhi Citizenship Case) की थी। दायर इस याचिका में राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता के आरोप लगाए गए थे। यही नहीं, याचिकाकर्ता ने ब्रिटिश सरकार के 2022 के गोपनीय मेल का भी हवाला भी दिया था। इसके अलावा विग्नेश ने भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 9 (2) के तहत राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग की थी। शिशिर ने दलील देते हुए कहा था कि राहुल गांधी की संसद की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए। उनकी इस दलील के पीछे की वजह यह ये कि भारतीय नागरिकता रखने वाला व्यक्ति ही लोकसभा चुनाव लड़ सकता है। इसे भी पढ़ें:- कठुआ में 5 आतंकियों को सुरक्षा बलों ने घेरा, एनकाउंटर जारी, गोली लगने से एक बच्ची घायल  कथित ब्रिटिश नागरिकता मामले (Rahul Gandhi Citizenship Case) में की गई थी सीबीआई जांच की मांग  प्राप्त जानकारी के मुताबिक याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता मामले (Rahul Gandhi Citizenship Case) की भी सीबीआई जांच की मांग की थी। दरअसल, याचिका इस दावे के आधार पर दायर की गई थी कि राहुल गांधी भारत के नागरिक हैं या ब्रिटेन के नागरिक हैं? यदि वो ब्रिटिश नागरिक हैं तो वह संविधान के अनुच्छेद 84 (ए) के तहत चुनाव लड़ने के अयोग्य हैं। 2023 जुलाई में कोर्ट ने राहुल गांधी के सांसद के रूप में चुनाव को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को याचिकाकर्ता द्वारा वापस लेने के बाद खारिज कर दिया था। यही नहीं, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में इसी तरह की याचिका दायर की थी। हालांकि, कोर्ट ने कहा था कि “वह इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच में दायर याचिकाओं पर स्पष्टता मिलने के बाद ही मामले की सुनवाई करेगी।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi Citizenship Case #RahulGandhi #RahulGandhiCitizenship #Congress #BritishCitizenship #IndianPolitics #AllahabadHighCourt #RahulCase #PoliticalNews #IndiaNews #BreakingNews

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CSK Crushes MI in IPL 2025

IPL 2025 CSK victory: आईपीएल के तीसरे मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की आंधी के सामने पस्त हुए मुंबई इंडियंस के धुरंधर

चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में आईपीएल के 18वें सीजन का तीसरा मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस की टीम के बीच में खेला गया। सीएसके की टीम ने अपने पहले ही मुकाबले में मुंबई इंडियंस की टीम को 4 विकेट से मात देकर (IPL 2025 CSK victory) सीजन का आगाज किया। इस मैच में मुंबई इंडियंस की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर्स में 9 विकेट के नुकसान पर 155 रन ही बना सकी। इस चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को इस मुकाबले में 156 रनों का टारगेट मिला। जवाब में सीएसके की टीम ने 19.1 ओवर में 6 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। सीएसके की तरफ से रचिन रवींद्र ने न सिर्फ नाबाद 65 रनों की पारी खेली बल्कि इस मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका भी निभाई। इसी के साथ मुंबई की टीम को एक और बार सीजन के अपने पहले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि अब 28 मार्च को सीएसके को अपना अगला मुकाबला आरसीबी की टीम के खिलाफ खेलना है। मुंबई इंडियंस की टीम को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शर्मनाक हार का (IPL 2025 CSK victory) करना पड़ा सामना  गौर करने वाली बात यह कि मुंबई इंडियंस की टीम को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शर्मनाक हार का सामना (IPL 2025 CSK victory) करना पड़ा। बड़ी बात यह कि इस मैच में मुंबई की टीम के बड़े-बड़े सितारे पूरी तरह फ्लॉप रहे। फ्लॉप होने वाले खिलाड़ियों में रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ियों के नाम भी शामिल हैं। बता दें कि रोहित इस मुकाबले में खाता तक नहीं खोल पाए और उन्हें चौथी ही गेंद पर खलील अहमद ने बिना खाता खोले आउट कर दिया। रोहित के कारण मुंबई को अच्छी शुरुआत नहीं मिल पाई। रोहित ने जो किया वो किया रही सही कसर सूर्यकुमार यादव ने पूरी कर दी। अपनी विस्फोटक बल्लेजबाजी के लिए जाने जाने वाले सूर्यकुमार ने 26 गेंदों पर सिर्फ 29 रन ही बना सके। सूर्या के बल्ले से सिर्फ 2 चौके और 1 छक्का ही लग सका। इस बीच मुंबई इंडियंस को रयान रिकेल्टन से भी काफी उम्मीदें थी। लेकिन रिकेल्टन मुंबई के लिए अपने पहले ही मुकाबले में फेल रहे। रिकेल्टन ने अपनी पारी में सिर्फ 7 गेंदों पर 13 रन बनाए।  इसे भी पढ़ें:- BCCI ने कप्तानों को दी बड़ी राहत इस तरह के खराब प्रदर्शन की नहीं थी उम्मीद (IPL 2025 CSK victory)  मुंबई इंडियंस की हार में एक बड़ा रोल तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट का भी रहा। इस मैच में बोल्ट को विकेट तो मिला ही नहीं बल्कि उन्हें 3 ओवर में 9 की रन रेट से 27 रन भी पड़ गए। बोल्ट जसप्रीत बुमराह के बिना एकदम कारगर साबित नहीं हो पाए। मुंबई इंडियंस के स्टार ऑलराउंडर मिचेल सैंटनर का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। ना तो इस मैच में सैंटनर की बॉलिंग चली और ना ही उनकी बैटिंग। इस मैच में उनके बल्ले से 13 गेंद पर सिर्फ 11 रन ही बन सके। बेशक चेन्नई की टर्निंग विकेट पर सैंटनर से इतने खराब प्रदर्शन की उम्मीद (IPL 2025 CSK victory) नहीं थी। Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 CSK victory #IPL2025 #CSKvsMI #ChennaiSuperKings #MSDhoni #IPL2025Final #CSKWin #MIvsCSK #CSKChampions #YellowArmy #CSKVictory

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Trump's 2025 Ukraine Strategy Impact on Zelensky's Leadership​

Trump Ukraine plan 2025: क्या जेलेंस्की को सत्ता से बेदखल कर देंगे अमेरकी राष्टपति ट्रंप? ये है पूरा प्लान

पीछले तीन वर्षों से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल के चलते थमने जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि यदि दोनों देशों के बीच युद्ध विराम होता है तो यूक्रेन का क्या होगा? और इससे भी बड़ा सवाल यह कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का क्या होगा (Trump Ukraine plan 2025) ? ये वो सवाल हैं जो हर किसी के मन में कौंध रहे हैं। इस बीच ट्रंप ने न सिर्फ युद्धविराम का रोडमैप तैयार कर लिया है, बल्कि जेलेंस्की और यूक्रेन के भविष्य को लेकर अंतिम फैसला कर लिया है। ट्रंप के यूक्रेन प्लान को लेकर नया और बड़ा खुलासा हुआ है। ट्रंप और उनकी टीम ने जेलेंस्की का तख्तापलट करने की तैयारी कर ली है। जेलेंस्की के बाद यूक्रेन की कमान कौन संभालेगा, ये भी तय हो गया है। जानकारी के मुताबिक यूक्रेन को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और जेलेंस्की ने एक ब्लूप्रिंट तैयार किया है। लेकिन उससे भी बड़ी बात यह कि उनका ये ब्लूप्रिंट लीक हो गया है। लीक हुए ब्लूप्रिंट से पता चला है कि ट्रंप किसी यूक्रेनी महिला को यूक्रेन का राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं। दरअसल, ट्रंप का यह कदम युद्धविराम के बाद होने वाले चुनावों के साथ जुड़ा हुआ है।  यूक्रेन की पूर्व प्रधानमंत्री को ट्रंप सौंपना चाहते हैं यूक्रेन की कमान (Trump Ukraine plan 2025) सोचने वाली गंभीर बात यह कि आखिर वो महिला कौन है जिसे ट्रंप यूक्रेन की कमान सौंपना चाहते हैं (Trump Ukraine plan 2025)? तो वो कोई और नहीं, बल्कि यूक्रेन की पूर्व प्रधानमंत्री यूलिया तिमोशेंको हैं जिन्हें जेलेंस्की की जगह ट्रंप यूक्रेन का राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं। ये वही यूलिया हैं, जो रूस के आक्रमण के बाद से ही राजनीति से नदारद थीं, लेकिन अब तीन साल बाद अचानक बेहद सक्रिय हो गई हैं। खासकर तब, जब युद्ध खत्म होने के करीब है। न सिर्फ वो राजनीति में सक्रिय हुई हैं बल्कि ट्रंप के साथ मिलकर काम भी कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक जेलेंस्की को हटाकर ट्रंप यूलिया तिमोशेंको को यूक्रेन का अगला राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं। मजे की बात यह कि जब ट्रंप ने युद्धविराम के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। गौर करने वाली बात यह कि इन दिनों यूलिया कीव की राजनीति में अचानक काफी सक्रिय हो गई हैं। वो एक तरफ शांति समझौता करवाने में जुटे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफों के पुल बाँध रही हैं हैं तो दूसरी तरफ जेलेंस्की की नीतियों का खुलकर विरोध भी कर रही हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि ट्रंप युद्धविराम के तुरंत बाद यूक्रेन में चुनाव करवाएंगे। दरअसल, ट्रंप यूलिया को ही यूक्रेन का अगला राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं।  इसे भी पढ़ें:- नासा की ‘Crew-9’ मिशन: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर जेलेंस्की का तख्तापलट करने के लिए आधार तैयार कर रही (Trump Ukraine plan 2025) हैं यूलिया  इस बीच यूलिया बैकडोर चैनल से लगातार ट्रंप के संपर्क में हैं। वो जेलेंस्की का तख्तापलट करने के लिए आधार तैयार कर रही (Trump Ukraine plan 2025) हैं। इस हेतु वो यूक्रेन में अधिक से अधिक लोगों का समर्थन जुटा रही हैं। तो वहीं ट्रंप जेलेंस्की पर चुनाव के लिए लगातार दबाव डाल रहे हैं। इस बीच अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बड़ा दावा किया है। विटकॉफ के मुताबिक “जेलेंस्की ट्रंप के सामने झुक गए हैं।” खबर के मुताबिक कीव राष्ट्रपति चुनाव करवाने के लिए तैयार हो गया है। इधर युद्ध खत्म होगा और उधर यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव का बिगुल बज जाएगा। इसके बाद जेलेंस्की की विदाई हो सकती है। बेशक यूक्रेन में चुनाव का सीधा सा मतलब है कि जेलेंस्की और उनकी सरकार का पतन। कहने की जरूरत नहीं, यूलिया एक तरह से यूक्रेन में ट्रंप की कठपुतली राष्ट्रपति होंगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Ukraine plan 2025 #TrumpUkrainePlan​ #ZelenskyRemoval​ #USUkrainePolicy​ #TrumpPeaceStrategy​ #UkraineCeasefire2025​ #TrumpPutinTalks​ #ZelenskyOuster​

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Pakistan Army Chief's Alleged Coup Plot with Baloch Insurgents​

पाकिस्तान में बलूचों को मोहरा बनाकर तख्तापलट (Military takeover Pakistan) करने की फिराक में हैं आर्मी चीफ? 

ऐसे में बड़ा सवाल यह की आखिर पाकिस्तान की आवाम को मुनीर क्या संदेश देना चाहते हैं? कुल-मिलाकर उनके कहने का मतलब यही न कि शहबाज से न सिर्फ देश संभल रहा है बल्कि उग्रवाद और आतंरिक आतंकवाद से लड़ने में उनकी सरकार सक्षम नहीं है। ऐसे में पाकिस्तान को एक मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। उनके मुताबिक सेना ही जो पाकिस्तान ताकतवर बना सकती है। जानकारों की माने तो बलूचों को मोहरा बनाकर आर्मी चीफ पाकिस्तान में तख्तापलट (Military takeover Pakistan) करने की फिराक में हैं। बता दें कि भारत की ही तरह पाकिस्तान में भी लोकतंत्र का शासन है। बेशक लोकतंत्र में सरकार अपना काम करती है। देश में आर्मी का काम है देश की सुरक्षा करना। लेकिन मजे की बात यह कि अपने काम को बेहतर तरीके से करने के बजाय मुनीर उल्टा सरकार को ही नसीहत देने लगे हैं। जाहिर  तौरपर ऐसे में यह कहा जा सकता है कि वह मुनीर वही चाल चलने की साजिश कर रहे हैं जो कभी दशकों पहले परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ के साथ चली थी। ऐसे में पाकिस्तान के वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी सत्ता जाने का डर सता रहा है। दरअसल, जिस तरह मुनीर बलोचों से जंग और पाक में हो रहे हमलों का ठीकरा शहबाज शरीफ पर फोड़ रहे हैं, ठीक उसी तरह आज से तकरीबन 25 साल पहले जनरल परवेज मुशर्रफ ने भी कारगिल की हार का ठीकरा नवाज शरीफ फर फोड़ा था।  इसे भी पढ़ें: इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर भड़की स्वाति मालीवाल, सुप्रीम कोर्ट से की दखल देने की मांग जनरल परवेज मुशर्रफ ने सैन्य तख्तापलट के जरिए नवाज शरीफ को कर दिया था सत्ता से बेदखल  बता दें कि पकिस्तान के जनरल परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ को 12 अक्टूबर 1999 को एक सैन्य तख्तापलट के जरिए सत्ता से बेदखल कर दिया था। उस समय मुशर्रफ पाकिस्तान के सेना प्रमुख थे। गौर करने वाली बात यह कि यह तख्तापलट (Military takeover Pakistan) कारगिल युद्ध में पाकिस्तान की हार के बाद यह हुआ था। जबकि कारगिल युद्ध के मास्टरमाइंड और रणनीतिकार खुद परवेज मुशर्रफ थे। उन्होंने ही कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी। और उन्हीं के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना और एलओसी पार कर कारगिल क्षेत्र में घुसपैठ की थी। खैर, बता दें कि पाकिस्तान वर्तमान समय में बड़े संकट से गुजर रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में बम धमाके हो रहे हैं, तो कहीं अज्ञात हमलावर खौफ फैला रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि पाकिस्तानी सेना हालात पर काबू पाने में नाकाम नजर आ रही है। आम जनता भुखमरी की मार झेल रही है। Latest News in Hindi Today Hindi news Military takeover Pakistan #PakistanArmyChief​ #BalochistanConflict​ #MilitaryCoupPakistan​ #AsimMunir​ #BalochLiberationArmy​ #PakistanPoliticalCrisis​

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Single parent family

सिंगल पेरेंटिंग नहीं है आसान: सिंगल पैरेंट को करना पड़ता है इन 5 चुनौतियों का सामना

सिंगल पैरेंट फैमिली (Single parent family) का अर्थ उस परिवार से है ,जहां एक पैरेंट बच्चे के पालन-पोषण की अधिकतर जिम्मेदारियां उठाता है। ऐसा विभिन्न परिस्थतियों के कारण हो सकता है जैसे तलाक, मृत्यु या अन्य कोई अनियोजित घटना आदि। सिंगल पैरेंट (Single parent) होना आसान नहीं है बल्कि यह दुनिया की सबसे मुश्किल कामों में से एक है, जहां उन्हें अपने बच्चे की सभी जरूरतों को पूरा करना पड़ता है, और वो भी बिना पार्टनर की मदद के। स‍िंगल पेरेंट‍िंग (Single parenting) के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आइए जानें सिंगल पेरेंटिंग (Single parenting) के बारे और इससे जुड़े चैलेंजेज के बारे में भी जानें। सिंगल पेरेंटिंग (Single parenting): पाएं जानकारी अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (American Academy of Pediatrics) के अनुसार सिंगल पैरेंट (Single parent) बनना चाहे आपके लाइफ प्लान का हिस्सा हो या न हो, लेकिन इसमें लोग बहुत सी चुनौतियों का सामना करते हैं। फैमिली की रोजाना की जिमेदारियों को मैनेज करना और सही निर्णय लेना प्रेशर और स्ट्रेस का कारण बन सकता है। इसमें एक ही पार्टनर को परिवार की सभी जिम्मेदारियों को पूरा करना पड़ता है, इसलिए यह बहुत चुनोतुपूर्ण हो सकता है। आइए जानें सिंगल पेरेंटिंग (Single parenting) से जुडी चुनौतियां कौन सी हो सकती हैं? सिंगल पेरेंटिंग (Single parenting) से जुडी चुनौतियां कौन सी हैं? सिंगल पैरेंट (Single parent) को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानें इसके बारे में: फाइनेंश्यिल समस्याएं सिंगल पेरेंट्स के लिए सबसे बड़ी चिंता का कारण हो सकता है फाइनेंस यानी धन। सिंगल पैरेंट (Single parent) को अकेले परिवार का फाइनेंश्यिल बर्डन उठाना पड़ता है। कई लोगों को घर और बच्चों से जुड़े सभी खर्चों को पूरा करने के लिए एक ही आय पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में घर और काम के बीच संतुलन बनाए रखने में और भी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। भावनात्मक परेशानियां सिंगल पेरेंटिंग (Single parenting) में सिर्फ पैसा ही चिंता का कारण नहीं है बल्कि इमोशनल प्रॉब्लम्स भी समस्या का कारण बन सकती है। अकेले सब कुछ मैनेज करने से अकेलेपन, तनाव और थकावट की भावनाएं पैदा हो सकती हैं। इसके साथ ही सामाजिक दबाव और निर्णय इन भावनाओं को और बढ़ा सकते हैं। संतुलन बनाना सिंगल पेरेंट्स के लिए घर, बच्चों और खुद के कामों को खुद ही संतुलित करना पड़ता है। यह संतुलन बनाए रखना बहुत मुश्किल है। कई सिंगल पेरेंट्स इन जिम्मेदारियों के कारण अपने बच्चों के साथ ज्यादा समय नहीं बिता पाते हैं। इसके साथ ही सिंगल पैरेंट फैमिली (Single parent family) में बच्चे भी कई तरह की समस्याओं और स्ट्रेन का अनुभव करते हैं। वो जल्दी बड़े हो जाते हैं, जिम्मेदारियों को समझते हैं और अपने इमोशंस को खुद हैंडल करना सीख जाते हैं। सपोर्ट नेटवर्क सिंगल पेरेंटिंग (Single parenting) में सपोर्ट सिस्टम होना बहुत जरूरी है। दोस्त, कम्युनिटी ग्रुप, फैमिली आदि उन्हें इमोशनल और प्रैक्टिकल सपोर्ट प्रदान कर सकते हैं। बच्चों की देखभाल से लेकर चुनौतीपूर्ण दिन और आपकी बात सुनने तक, ये सपोर्ट नेटवर्क होना आवश्यक हैं। लेकिन, अगर सही स्पोर्ट सिस्टम न हो, तो इससे जीवन मुश्किल और तनावपूर्ण हो सकता है। इसे भी पढ़ें: रात में देर तक जागने वाले लोगों में बढ़ सकता है डिप्रेशन का खतरा: स्टडी रूढ़िवादिता का सामना करना सिंगल पैरेंट फैमिली (Single parent family) को समाज अधूरा मानता है। इस सोच से उस परिवार को नुकसान होता है और उनके लिए ऐसी सोच समस्याभरी हो सकती है। लोग ऐसे परिवारों को गलत नजर से देखते हैं और गलत तरीके से ही जज करते हैं। लेकिन, एक सिंगल पैरेंट फैमिली (Single parent family) किसी भी अन्य परिवार की तरह ही पालन-पोषण करने वाला, प्यार करने वाला और पूर्ण हो सकता है। सिंगल पेरेंटिंग (Single parenting) चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सही इमोशनल और फाइनेंशियल स्ट्रेटेजीज के साथ, यह अच्छा और मैनेजेबल अनुभव है। एक अच्छा सपोर्ट सिस्टम बनाकर, खुद का ध्यान रखकर, और अपने फाइनेन्सीज को मैनेज कर के आप अपने और अपने बच्चे दोनों के लिए एक अच्छा वातावरण बना सकते हैं। याद रखें, यह सब कुछ सही ढंग से करने के बारे में नहीं है, बल्कि उस बैलेंस को खोजने के बारे में है, जिससे आप और आपका परिवार एक सामान्य परिवार की तरह अच्छे से जीवन बिता सके। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अगर आपको इसके बारे में अधिक जानकारी चाहिए तो आप सही वेबसाइट्स पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi  Single parenting #Singleparenting #Singleparentfamily #Singleparent #parent

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Aurangzeb Tomb Protests

Nagpur riots 2025: रामनवमी थी निशाने पर, अब नागपुर गरजेगा देवा भाउ का बुलडोजर, दंगाइयों से की जाएगी भरपाई

17 मार्च को हुई हिंसा नागपुर में भड़की हिंसा (Nagpur riots 2025) में सोशल मीडिया का बहुत बड़ा हाथ रहा। ऐसे में पुलिस ने सभी सोशल मीडिया अकाउंट को छानना और भड़काऊ पोस्ट के खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बीच पुलिस के हाथ कई सबूत लगे हैं। इन सबूतों से ये साबित होता है कि ये हिंसा केवल नागपुर या महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं है बल्कि बाहर के लोग भी इसमें शामिल है। दरअसल, मामले की जांच में नागपुर साइबर पुलिस को जांच में कुछ ऐसे इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पोस्ट मिला हैं, जिसमें हिंदुस्तान के खिलाफ और पाकिस्तान के पक्ष में लिखा गया है। कुछ ऐसे भड़काऊ भाषण के पोस्ट और वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें भड़काऊ पोस्ट लिखा है। पोस्ट के मुताबिक लिखा है कि 15 मिनट दो फिर देखो हम क्या कर सकते हैं, मुसलमान जितनी जंग लड़े हैं सब जीते हैं, औरंगजेब जनाब पहले भी जिंदा थे, आज भी जिंदा है और कायामत तक जिंदा रहेंगे, 6 अप्रैल को रामनवमी है, हिंदूओं को रामनवमी तक के लिए अस्पताल भेजो जैसी भाषा लिखी गई है। यही नहीं, जांच में ये भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी फहीम खान ने हिन्दू धर्म के खिलाफ अपनी इंस्टाग्राम और फेसबुक पोस्ट में कई आपत्तिजनक पोस्ट पहले भी किया था।  हिंसा (Nagpur riots 2025) के बाद पहली बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहुंचे नागपुर  बता दें कि हिंसा (Nagpur riots 2025) के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहली बार नागपुर पहुंचे थे। शनिवार को उन्होंने वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया। बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने नागपुर हिंसा को लेकर कहा कि “झूठा प्रचार किया गया कि कुरान की आयत जलाई गई है। झूठी अफवाह के चलते बड़े पैमाने पर हिंसा फैल गई। सीएम ने आगे कहा कि “हिंसा में शामिल लोगों को जब तक हम सबक नहीं सिखा देते, तब तक हम लोग शांत नहीं बैठेंगे। खासकर पुलिसकर्मियों पर जिन लोगों ने हमला किया है, हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे।” गौर करने वाली बात यह कि “इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा में हुई नुकसान की भरपाई दंगाइयों से की जाएगी। उनकी प्रोप्रटी भी जब्त की जाएगी।” बुलडोजर एक्शन को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि “जहां पर चलाने की आवश्यकता होगी, वहां पर बुलडोजर चलाया जाएगा। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”  इसे भी पढ़ें:- जो भी मुस्लिम भाइयों को आंख दिखाएगा, उसे हम नहीं छोड़ेंगे- अजित पवार  हिंसा (Nagpur riots 2025) वाले दिन औरंगजेब की कब्र की प्रतिकृति को सुबह जलाया गया था बता दें कि हिंसा (Nagpur riots 2025) वाले दिन औरंगजेब की कब्र की प्रतिकृति को सुबह जलाया गया था। इस पर एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन इस पर कुरान की आयत लिखी होने की अफवाह फैलने के बाद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। भीड़ ने पथराव और आगजनी की घटना को अंजाम दिया। हिंसा दौरान पुलिस ने एहतियाती कार्रवाई की। अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दंगा करने वालों की शिनाख्त कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक अब तक 105 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस पूरे मामले पर सीएम ने कहा कि “सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को भी सह-आरोपी बनाया जाएगा।” गौरतलब हो कि अब तक 68 सोशल मीडिया पोस्ट की पहचान कर उन्हें हटाया जा चुका है। महत्वपूर्ण बात यह कि नागपुर शहर सीएम फडणवीस का गृह नगर होने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय भी है। ऐसे में नागपुर में हिंसा होना बड़ी बात है। ध्यान देने वाली बात यह कि घटना के बाद छठे दिन बाद भी शहर के 9 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Nagpur riots 2025 #NagpurRiots2025​ #AurangzebTombProtests​ #AurangzebTombProtests​ #CommunalViolence​ #CurfewInNagpur​ #PeaceInNagpur​ #NagpurClashes​ #ReligiousHarmony​#SocialMediaResponsibility​ #CommunityLeadersUnite​

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Ajit Pawar on Muslims

Ajit Pawar on Muslims: जो भी मुस्लिम भाइयों को आंख दिखाएगा, उसे हम नहीं छोड़ेंगे- अजित पवार 

महाराष्ट्र में नागपुर हिंसा को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। दरअसल, पूरा का पूरा विवाद महायुति सरकार द्वारा छत्रपति संभाजीनगर से औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग के बीच शुरू हुआ था। नागपुर हिंसा को लेकर विपक्ष द्वारा राज्य सरकार की आलोचना जारी रहने के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार ने मुंबई में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ सांप्रदायिक सद्भाव और एकता पर जोर देते हए कहा कि “होली, गुड़ी पड़वा और ईद जैसे त्यौहार एकजुटता को बढ़ावा देते हैं। इन्हें सामूहिक रूप से मनाया जाना चाहिए, क्योंकि एकता ही देश की असली ताकत है।” यही नहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने मुसलमानों को (Ajit Pawar on Muslims) आश्वासन देते हुए कहा कि “आपका भाई अजित पवार आपके साथ है। जो भी मुस्लिम भाइयों को आंख दिखाएगा, दो समूहों के बीच संघर्ष भड़काकर कानून व्यवस्था को बाधित करेगा, तथा कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा, फिर वो चाहे कोई भी हो.. उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं किया जाएगा।” ये त्यौहार हमें साथ रहना सिखाते हैं- अजित पवार  अजित पवार यही नहीं रुके, (Ajit Pawar on Muslims) उन्होंने आगे कहा कि “जो कोई भी दो समुदायों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश करेगा, उसे कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने एकता पर जोर देते हुए कहा कि “छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बीआर अंबेडकर, ज्योतिबा फुले और अन्य जैसे कई महान नेताओं ने सभी धर्मों और जातियों को साथ लेकर सामाजिक प्रगति का मार्ग दिखाया है। हमें इस विरासत को आगे बढ़ाना है। भारत एकता और विविधता का प्रतीक है। हमने अभी होली मनाई है और अब गुड़ी पड़वा और ईद आने वाली है। ये त्यौहार हमें साथ रहना सिखाते हैं। हमारी असली ताकत एकता में है।” बता दें कि रमजान इस्लामी धर्म का सबसे पवित्र महीना है। यह हिजरी (इस्लामी चंद्र कैलेंडर) के नौवें महीने में आता है। इस पवित्र अवधि के दौरान, मुसलमान भोर से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं। जो इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक है। #WATCH | Mumbai | Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar, at an Iftar party hosted by him, says, "…India is a symbol of unity in diversity… We should not fall into the trap of any divisive forces. We have just celebrated Holi, Gudi Padwa and Eid are coming – all these festivals… pic.twitter.com/5s7hMhdGmb — ANI (@ANI) March 22, 2025 इसे भी पढ़ें: इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर भड़की स्वाति मालीवाल, सुप्रीम कोर्ट से की दखल देने की मांग एनसीपी अजित पवार गुट की तरफ से  किया गया था इफ्तारी का आयोजन बता दें कि मुसलमानों के पाक माह रमज़ान पर एनसीपी अजित पवार (Ajit Pawar on Muslims) गुट की तरफ से मुंबई के इस्लाम जिम खाना में इफ्तारी का आयोजन किया गया था। इस मौके पर अजित पवार, छगन भुजबल, सना मलिक, प्रफुल पटेल, सुनील तटकरे, नवाब मलिक सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। इसके अलावा भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग भी मौजूद थे। इस दौरान अजित पवार ने यह भी कहा कि “रमजान सिर्फ एक धर्म तक सीमित नहीं है। यह हमें एकता और भाईचारे का संदेश देता है। और जरूरतमंदों की पीड़ा को समझने की प्रेरणा देता है।” बता दें कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय के पवित्र ग्रंथ को जलाये जाने की अफवाह के बाद मध्य नागपुर में सोमवार को तनाव उत्पन्न हो गया और पुलिस पर पथराव किया गया। इस दौरान चार लोग घायल हो गए।  Latest News in Hindi Today Hindi news Ajit Pawar on Muslims #AjitPawar #MuslimsInIndia #MaharashtraPolitics #AjitPawarStatement #IndianPolitics #MuslimRights #NCP #PoliticalNews #SecularIndia #MaharashtraNews

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Gangaur Vrat 2025 Date, Significance & Puja Vidhi

गणगौर व्रत 2025: जानें तारीख, महत्व और पूजा विधि

गणगौर व्रत हिंदू धर्म में महिलाओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र व्रत माना जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए किया जाता है। गणगौर व्रत विशेष रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसे करने से उन्हें अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है। आइए जानते हैं कि गणगौर व्रत 2025 में कब है, इसका क्या महत्व है और इसकी पूजा विधि क्या है। गणगौर व्रत 2025 की तारीख गणगौर व्रत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। साल 2025 में गणगौर व्रत 31 मार्च 2025, मंगलवार को पड़ रहा है। इस दिन महिलाएं गणगौर माता की विधि-विधान से पूजा करती हैं और व्रत का पारण करती हैं। गणगौर व्रत का महत्व गणगौर व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह व्रत मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इस व्रत को करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा, कुंवारी कन्याएं भी यह व्रत करती हैं ताकि उन्हें मनचाहा वर प्राप्त हो सके। गणगौर व्रत का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह व्रत माता पार्वती के अपने मायके आगमन की कथा से जुड़ा हुआ है।  गणगौर व्रत की पूजा विधि गणगौर व्रत की पूजा विधि अत्यंत सरल और पवित्र मानी जाती है। यह व्रत 16 दिनों तक चलता है और इस दौरान महिलाएं विधि-विधान से गणगौर माता की पूजा करती हैं। आइए जानते हैं कि गणगौर व्रत की पूजा कैसे की जाती है: इसे भी पढ़ें:- भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ गणगौर उत्सव क्यों मनाया जाता है? गणगौर पूजा महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखती है। यह देवी गौरी या माता पार्वती के प्रति सम्मान प्रकट करने और विवाह व प्रेम के आनंद को मनाने का पर्व है। खासतौर पर राजस्थान में, इसे वैवाहिक प्रेम और संपूर्णता का प्रतीक माना जाता है। इस उत्सव में विवाहित और अविवाहित महिलाएं उत्साहपूर्वक भाग लेती हैं। वे शिव और पार्वती की मिट्टी की मूर्तियां बनाकर उन्हें सुंदर वस्त्र पहनाती हैं और श्रद्धापूर्वक उनकी पूजा करती हैं। महिलाएं वैवाहिक सुख और समृद्धि की कामना करते हुए उपवास रखती हैं। गणगौर के दिन पारंपरिक व्यंजन भी तैयार किए जाते हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news गणगौर व्रत #GangaurVrat2025 #GangaurPuja #GangaurFestival #GangaurDate #HinduFestivals #GangaurSignificance #GangaurPooja #IndianTradition #FastingRituals #GangaurCelebration

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Gudi Padwa 2025 Date, History, Significance & Celebration

गुढी पाडवा 2025: नववर्ष की शुरुआत का पावन पर्व, जानें इसका इतिहास और महत्व

महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में मनाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह त्योहार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है, जो हिंदू नववर्ष (Hindu New Year)  की शुरुआत का प्रतीक है। यह त्योहार न केवल नए साल की शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि इसमें ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व भी छिपा है। आइए जानते हैं कि गुढी पाडवा क्यों मनाया जाता है, इसका इतिहास क्या है और इसका क्या महत्व है। गुढी पाडवा का शुभ मुहूर्त ज्योतिषीय गणना के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 मार्च को शाम 4:27 बजे शुरू होकर 30 मार्च को दोपहर 12:49 बजे समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, इसलिए गुड़ी पड़वा (Gudi Padwa) का पर्व 30 मार्च को मनाया जाएगा। गुढी पाडवा पर विशेष योगों का संयोग गुढी पाडवा (Gudi Padwa) के दिन इंद्र योग बन रहा है, जो शाम 5:54 बजे तक रहेगा। इस योग में किए गए शुभ कार्य सफल होते हैं और ब्रह्म देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही, इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जो 30 मार्च को शाम 4:35 बजे से शुरू होकर 31 मार्च की सुबह 6:12 बजे तक रहेगा। ज्योतिष में सर्वार्थ सिद्धि योग को शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। इसके अलावा गुढी पाडवा के दिन पंचक का प्रभाव सुबह 6:13 बजे से शाम 4:35 बजे तक रहेगा। साथ ही, इस दिन बव, बालव और कौलव करण भी बन रहे हैं, जो इसे और अधिक महत्वपूर्ण बना देते हैं। गुढी पाडवा का इतिहास गुढी पाडवा (Gudi Padwa) दो शब्दों से मिलकर बना है—’गुड़ी’ का अर्थ ध्वज (फहराया जाने वाला पताका) है, जबकि ‘पड़वा’ संस्कृत शब्द ‘प्रतिपदा’ से लिया गया है, जो चंद्र मास के पहले दिन को दर्शाता है। गुढी पाडवा (Gudi Padwa) का इतिहास बहुत पुराना है और यह त्योहार कई ऐतिहासिक एवं पौराणिक घटनाओं से जुड़ा हुआ है। रामायण से संबंधित एक कथा के अनुसार, इस दिन भगवान राम ने लंका के राजा रावण को पराजित कर अयोध्या वापसी की थी। अयोध्या वासियों ने भगवान राम का भव्य स्वागत किया और इसी के साथ नए वर्ष की शुरुआत हुई। इसके अलावा, यह त्योहार शालिवाहन शक के प्रारंभ का प्रतीक भी माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन सम्राट शालिवाहन ने अपने शत्रुओं को पराजित कर नए साम्राज्य की स्थापना की थी। वहीं, हिंदू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गुड़ी पड़वा के दिन ही भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। इसलिए इसे नए साल (New Year) की शुरुआत के रूप में मनाया जाता है। इसे भी पढ़ें:-  भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ गुढी पाडवा कैसे मनाया जाता है? इस दिन की शुरुआत पारंपरिक स्नान और पूजा-अर्चना से होती है। लोग सुबह जल्दी उठकर अपने घरों की सफाई और सजावट करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और घर के दरवाजे पर विशेष गुड़ी ध्वज स्थापित करते हैं। ऐसा माना जाता है कि यह ध्वज समृद्धि का प्रतीक है और बुराई पर अच्छाई की जीत दर्शाता है। गुढी  ध्वज को रंगीन रेशमी दुपट्टे से बनाया जाता है, जिसे बांस की छड़ी पर बांधा जाता है। इसके ऊपरी सिरे पर नीम के पत्ते, आम्र पुष्प और शक्कर की माला (साखर गाठी) लगाई जाती है। इसके साथ ही, उल्टे रखे कलश को इस ध्वज पर स्थापित किया जाता है, जो विजय का प्रतीक माना जाता है। पूजा के बाद, इस गुड़ी को घर के बाहर ऊंचे स्थान पर फहराया जाता है। परंपरागत रूप से, इस दिन लोग विशेष व्यंजन तैयार करते हैं, जिनमें कड़वे नीम के पत्ते और मीठे गुड़ का प्रयोग किया जाता है, जो जीवन में सुख-दुख के संतुलन का प्रतीक होता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Gudi Padwa #GudiPadwa2025 #HinduNewYear #FestivalsOfIndia #GudiPadwaCelebration #MaharashtrianFestival #ShubhMuhurat #GudiPadwaSignificance #NewYearFestival #GudiPadwaTradition #GudiPadwaHistory

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