Mango

डायबिटीज और हार्ट पेशेंट के लिए आम से जुड़ी जरूरी जानकारी

आम जिसे फलों का राजा कहा जाता है। यह न केवल भारत में बल्कि दुनियाभर में पसंद किया जाता है। इसकी मीठास और स्वाद के कारण इसे विशेष महत्व प्राप्त है और इसके अनेक स्वास्थ्य लाभ भी हैं। आम का सेवन सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि यह हमारे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करता है। इस लेख में हम आम के लाभ, इसके पोषक तत्वों और खासकर डायबिटीज और हार्ट पेशेंट के लिए इसके लाभों के बारे में चर्चा करेंगे। आम में मौजूद पोषक तत्व आम में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च सर्विस (USDA) के अनुसार 165 ग्राम आम में निम्नलिखित पोषक तत्व पाए जाते हैं: कैलोरी: 99प्रोटीन: 1.4 ग्रामफैट: 0.6 ग्रामकार्बोहाइड्रेट्स: 25 ग्रामशुगर: 22.5 ग्रामफाइबर: 2.6 ग्रामविटामिन C: 67%कॉपर: 20%फोलेट: 18%विटामिन A: 10%विटामिन E: 10%पोटैशियम: 6%ये सभी तत्व शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक होते हैं। हालांकि, आम का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अधिक सेवन से शारीरिक समस्याएँ हो सकती हैं। गर्मियों में आम के लाभ गर्मियों में आम का सेवन कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार, आम शरीर को ठंडक प्रदान करने में मदद करता है और लू या अत्यधिक गर्मी से बचाव करता है। आम का जूस शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और शरीर का तापमान कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, अगर बुखार हो, तो कच्चे आम को उबालकर शरीर पर लगाने से तापमान में कमी आ सकती है। आम का सेवन कैसे करें कच्चा आम: गर्मियों में कच्चे आम का सेवन विशेष रूप से किया जाता है। कच्चे आम को भूनकर उसमें नमक और भुने जीरे का पाउडर डालकर शिकंजी बनाया जा सकता है, जो शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है।पका हुआ आम: पके आम का सेवन ताजे रूप में किया जा सकता है, या इसे दूध और ड्राई फ्रूट्स के साथ मिलाकर स्मूदी बनाई जा सकती है। डायबिटीज पेशेंट के लिए आम डायबिटीज (Diabetics) पेशेंट के लिए आम का सेवन एक भ्रमपूर्ण विषय रहा है, क्योंकि आम में शुगर की मात्रा अधिक होती है। लेकिन हार्टलैंड इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एंड एजुकेशन द्वारा किए गए एक शोध में यह पाया गया कि संतुलित मात्रा में आम का सेवन ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। शोध में यह भी सामने आया कि आम में मौजूद फाइबर और मैंगिफेरिन डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी हैं और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को आम का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। हार्ट पेशेंट के लिए आम आम में पोटैशियम और मैग्नेशियम जैसे तत्व होते हैं, जो दिल और रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखते हैं। नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार, आम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, विशेष रूप से मैंगिफेरिन, हृदय की सेहत के लिए लाभकारी होते हैं। यह रक्तचाप को नियंत्रित करने, कोलेस्ट्रॉल स्तर को संतुलित रखने और हृदय संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। हालांकि, हार्ट पेशेंट को आम का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है। इसे भी पढ़ें: पाचन को सही बनाए रखने के साथ ही यह हैं बेल के 7 हेल्थ बेनेफिट्स आम से जुड़ी कुछ खास जानकारियाँ आम न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसके स्वास्थ्य लाभ भी अद्वितीय हैं। यह हमें विभिन्न पोषक तत्व प्रदान करता है, जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक हैं। गर्मी के मौसम में आम का सेवन शरीर को ठंडक प्रदान करता है और लू से बचाता है। डायबिटीज और हार्ट पेशेंट के लिए भी आम का सेवन संतुलित मात्रा में फायदेमंद हो सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह पर यह सेवन करना जरूरी है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Depression in people who sleep late at night#Mango #Mangobenefits #diabetics #heartpatients

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BJP MLA Suspended

BJP MLA Suspended: कर्नाटक विधानसभा से BJP के 18 विधायक क्यों किये गए निलंबित?

कर्नाटक विधानसभा (Karnataka Assembly) से BJP के 18 विधायकों (BJP MLA Suspended) को निलंबित कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष, यूटी खादर ने शुक्रवार को हनी ट्रैप (Honey Trap) मामलों के संबंध में हंगामा करने और सदन की कार्यवाही में बाधा पहुंचाने के कारण इन विधायकों को छह महीने के लिए निलंबित करने का फैसला लिया है। हनी ट्रैप (Honey Trap) मामले की जांच हाई कोर्ट के जज से कराने की मांग विपक्षी नेताओं ने कर्नाटक सरकार से कहा था कि राज्य के एक मंत्री और अन्य राजनेताओं से जुड़े कथित ‘हनी ट्रैप’ मामले की जांच हाई कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश से कराई जाए। शुक्रवार को बीजेपी विधायकों (BJP MLA) ने विधानसभा में कागज फाड़कर और वेल के पास आकर हंगामा किया, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। मंत्री एचके पाटिल द्वारा विधेयक पेश कर्नाटक के कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एचके पाटिल (HK Patil) ने इस मामले में कार्यवाही को बाधित करने के लिए 18 बीजेपी विधायकों को छह महीने के लिए निलंबित करने वाला एक विधेयक विधानसभा में पेश किया। यह विधेयक पारित कर दिया गया और निलंबन की प्रक्रिया शुरू की गई। कर्नाटक का ‘हनी ट्रैप’ मामला कर्नाटक में हाल ही में एक हाई-प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले (Honey Trap Case) ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी। यह मामला तब सामने आया जब कर्नाटक के सहकारिता मंत्री के.एन. राजन्ना ने विधानसभा में खुलासा किया कि वह खुद हनी ट्रैप (Honey Trap) का शिकार होने से बच गए, लेकिन राज्य के 48 अन्य नेताओं, विधायकों, और यहां तक कि केंद्रीय नेताओं के भी इस जाल में फंसने की संभावना जताई। इस खुलासे ने सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी को एक गंभीर विवाद में घसीट लिया है। सदन में बीजेपी विधायक द्वारा मामले का उठाना 20 मार्च 2025 को कर्नाटक विधानसभा (Karnataka Assembly) में बजट सत्र (Budget Session) के दौरान बीजेपी विधायक बसनगौड़ा पाटिल यत्नाल ने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हनी ट्रैप की घटनाएं बढ़ रही हैं और सहकारिता मंत्री राजन्ना को भी निशाना बनाया। इसके जवाब में मंत्री राजन्ना ने स्वीकार किया कि उनके खिलाफ हनी ट्रैप की कोशिश की गई थी, और यह समस्या केवल उनके तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “कर्नाटक अब पेन ड्राइव और सीडी का कारखाना बन चुका है। मेरे पास जानकारी है कि 48 लोग, जिनमें विधायक, केंद्रीय नेता, और जज भी शामिल हैं, इस जाल में फंस चुके हैं।” इसे भी पढ़ें: इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर भड़की स्वाति मालीवाल, सुप्रीम कोर्ट से की दखल देने की मांग मंत्री जारकीहोली द्वारा हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश का स्वीकार करना इसके बाद राज्य के लोक निर्माण विभाग के मंत्री सतीश जारकीहोली ने भी इस मामले की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “यह सच है कि एक मंत्री को हनी ट्रैप (Honey Trap) में फंसाने की कोशिश की गई थी। यह दो बार हुआ, लेकिन दोनों बार यह प्रयास असफल रहे। कर्नाटक में हनी ट्रैप कोई नई बात नहीं है, यह पिछले 20 सालों से चल रहा है। कुछ लोग इसे राजनीति में निवेश के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।” जारकीहोली ने यह भी सुझाव दिया कि संबंधित मंत्री को पुलिस में शिकायत दर्ज करनी चाहिए ताकि इस मामले के पीछे के लोग पकड़े जा सकें। कर्नाटक का यह हनी ट्रैप मामला (Honey Trap Case) राजनीति में नया मोड़ ले चुका है और राज्य की सियासी सरगर्मियों को और तेज कर दिया है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, और यह मामला कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। Latest News in Hindi Today Hindi news BJP MLAs Suspended #BJPMLA #HoneyTrapCase #KarnatakaAssembly

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Grok AI

एलन मस्क के ग्रोक एआई पर विवाद: अनहिंज्ड मोड की सच्चाई

आजकल एआई चैटबॉट (Chatbot) बेहद प्रचलित हैं, जो किसी भी सवाल का जवाब कुछ ही पलों में दे सकते हैं। यह एक कंप्यूटर प्रोग्राम होता है जिसे मनुष्यों के साथ बातचीत करने के लिए बनाया गया है। इस प्रोग्राम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और नेचरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग यानी एनएलपी के इस्तेमाल करके बनाया गया है। ग्रोक एआई (Grok AI)  एक ऐसा ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट (Chatbot) है, जिसे एलन मस्क की कंपनी xAI कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। यह चैटबॉट आजकल अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) के कारण चर्चा में है। आइए जानें ग्रोक एआई (Grok AI) का अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) के बारे में और जानते हैं कि क्या है इससे जुड़ा पूरा मामला? ग्रोक एआई (Grok AI) का अनहिंज्ड मोड क्यों बना हुआ है चर्चा का विषय? एआई चैटबॉट ग्रोक एआई (Grok AI) प्लेटफॉर्म X का चैटबॉट (Chatbot) है, अक्सर अपनी आपत्तिजनक भाषा, नकारात्मक प्रतिक्रिया और गोपनीयता की चिंता के कारण आलोचना का सामना करता रहता है। हाल ही में भारत में भी यह जांच का विषय बना हुआ है। क्योंकि, यह टूल हिंदी स्लैंग और गाली-गलौच वाली भाषा का इस्तेमाल करता है। यही कारण है कि आईटी मिनिस्ट्री इस पर खास नजर रखे हुए है। दूसरे चैटबॉट जैसे चैटजी चैटजीपीटी, गूगल जेमिनाइ आदि कभी भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करते, जो उचित न हों लेकिन वहीं दूसरी तरफ ग्रोक एआई (Grok AI) अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है। इसके कारण अक्सर इसकी आलोचना होती है। ग्रोक एआई का अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) ऐसा भी माना गया है कि यह चैटबॉट (Chatbot) यूजर्स के सवालों का जवाब देने के लिए दो मोड्स का इस्तेमाल करता है। एक है रेगुलर मोड और दूसरा अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode)। रेगुलर मोड सामान्य भाषा में जवाब देता है यानी अगर यूजर कोई सीधा उत्तर पूछता है, तो यह चैटबॉट सीधा और स्पष्ट उत्तर देता है। लेकिन, अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) बिना फिल्टर के जवाब देता है जो यूजर को असहज महसूस करा सकता है। क्या है पूरा मामला? ग्रोक एआई (Grok AI) से जुड़ा एक मामला तब चर्चा में आया जब इसके बारे में भारत में एक यूजर ने कुछ पोस्ट किया। यूजर ने जब इस एआई टूल से कोई सामान्य सवाल पुछा तो उसने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। यही नहीं उसने ऐसे हिंदी स्लैंग और शब्दों का इस्तेमाल किया, जो यूजर्स को हैरान कर देने वाले थे। यह भी पाया गया है कि ग्रोक एआई (Grok AI) गुस्से में इंसानों तक तरह व्यवहार करता है। इस समस्या के बारे में भारत सरकार X के अधिकारीयों से बात कर रही है और उनसे इसके बारे में सवाल-जवाब कर रही है। इसे भी पढ़ें: गेमिंग की दुनिया में क्रांति: 30,000 रुपये से कम में बेहतरीन स्मार्टफोन ग्रोक एआई के बारे में जानें और अधिक जैसा कि पहले ही बताया गया है कि ग्रोक एआई, (Grok AI) एक चैटबॉट (Chatbot)  है, जिसे एलन मस्क की कंपनी xAI कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह इंटरनेट पर ट्रेंडिंग लैंग्वेज और स्लैंग जैसी जानकारियों को समझता है और उसी अंदाज में जवाब देता है। हालांकि, इसी वजह से इसके जवाब कभी-कभी अनफिलटर्ड या आपत्तिजनक भी हो सकते हैं। इस मामले में भारत सरकार (Indian Government) ने X को नोटिस भेजा है और एआई चैटबॉट्स के कंटेंट मॉडरेशन और जवाबदेही पर जवाब मांगा है। यही नहीं सरकार ने इस बारे में कानूनी नोटिस भी भेजा है। सरकार चाहती है कि यह चैटबॉट भारत की भाषा में गलत, और असभ्य बातों को न फैलाएं। लेकिन, X का दावा है कि सरकार कानून के मुतबिक बिना कानूनी प्रक्रिया के सीधे कंटेंट को सेंसर कर सकती है, जो फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन का उल्लंघन है। Latest News in Hindi Today Hindi Grok AI #Chatbot #Unhingedmode #GrokAI #AIchatbot

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Astrology Remedies Simple Tips to Boost Your Luck

ज्योतिष उपाय: इन आसान तरीकों से चमकाएं अपनी किस्मत

ज्योतिष शास्त्र में कई ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर व्यक्ति अपनी किस्मत को चमका सकता है और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त कर सकता है। ये उपाय न केवल आसान हैं, बल्कि इन्हें करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। आइए जानते हैं कि ज्योतिष के कौन-से उपाय हैं, जो आपकी किस्मत को चमका सकते हैं। जो लोग कर्ज के कारण दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी परेशान हैं, उन्हें उत्तर दिशा की ओर मुंह करके “अंगारक महाभाग भगवन् भक्तवत्सल त्वां नमामि ममाशेषम् ऋणमाशु विनाशय” मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके साथ ही भगवान शिव पर शमी के पत्ते चढ़ाएं। यह उपाय कर्ज से मुक्ति दिलाने में मददगार साबित होता है। देह से जुड़ी गंभीर पीड़ा अक्सर राहु के कारण होती है। यदि कुंडली में राहु 6वें, 8वें या 12वें भाव में हो, तो जातक को बीमारियों से जल्दी छुटकारा नहीं मिलता। इस समस्या से निजात पाने के लिए भोले नाथ की पूजा करना बहुत ही सरल और प्रभावी उपाय है। राहु की पीड़ा दूर करने के लिए भगवान शिव की आराधना करें और उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास करें। जब शनि ग्रह अष्टम भाव में हो और जातक को धन या कुटुंब सुख से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हो, तो महादेव के समीप घी का दीपक जलाएं और उन्हें राम नाम सुनाएं। इस उपाय से जीवन में नई ऊर्जा का संचार होगा और खुशियों का आगमन होगा। मंगल का संबंध भूमि और खून से होता है। यदि भूमि में कोई दोष हो, तो मंगल ग्रह इसके लिए जिम्मेदार होता है। मंगल दोष से बचने के लिए नित्य गुड़हल के फूल की माला हनुमान जी को अर्पित करें। इससे मंगल ग्रह शुभ फल देगा और अमंगल से बचाव होगा। वैवाहिक जीवन में विसंगतियों से बचने के लिए जातक को गाय को देखकर मन ही मन प्रणाम करना चाहिए। यदि गाय न मिले, तो ऐसा चित्र देखें जिसमें गाय अपने बच्चे के साथ हो। इससे वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। यदि कुंडली में शनि और राहु लग्न में पिशाच योग बना रहे हों, तो जातक को जन्म से ही परिवार में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों के जीवन में कई बार पिशाच बाधा होती है और हर क्षेत्र में संघर्ष होता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए किसी ऐसे शिवालय में जाएं जहां प्रतिदिन रुद्राभिषेक होता हो। वहां उत्तर दिशा की ओर मुंह करके 10 माला महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। 150 दिनों तक इस उपाय को करने से लाभ मिलेगा। इसे भी पढ़ें:- 22 या 23 मार्च, कब है यह शुभ तिथि? जानें पूजा विधि और महत्व हर सुबह जागने के बाद अपनी हथेलियों को देखें और फिर उन्हें अपने चेहरे पर धीरे से स्पर्श करें। मान्यता है कि हथेली के अग्रभाग में मां लक्ष्मी, मध्य भाग में मां सरस्वती और कलाई के निकट भगवान विष्णु का वास होता है। इसलिए, सुबह हथेली देखने को शुभ माना जाता है। अपने घर के पास किसी तालाब, नदी या झील में प्रतिदिन मछलियों को आटे की गोलियां डालकर खिलाएं। यह एक सरल उपाय है जो मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने में सहायक माना जाता है। घर से बाहर जाते समय अपने माता-पिता और बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद अवश्य लें। ऐसा करने से नकारात्मक ग्रह दशा में सुधार होता है और परिस्थितियां आपके पक्ष में बनती हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news ज्योतिष शास्त्र #AstrologyTips #JyotishUpay #LuckBooster #VastuRemedies #SuccessMantra #SpiritualGuidance #KarmaHealing #FengShuiTips #PositiveEnergy #WealthAttraction

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Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict

Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict: इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर भड़की स्वाति मालीवाल, सुप्रीम कोर्ट से की दखल देने की मांग

किसी महिला को गलत तरीके से पकड़ना और पजामा का नाड़ा तोड़ना, बलात्कार के अपराध के बराबर नहीं है। ये शर्मनाक बात किसी नेता-अभिनेता या समाजसेवक ने नहीं, बल्कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज ने अपने फैसले में कही है। गौरतलब हो कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा था कि “लड़की को गलत तरीके से पकड़ना और उसके पजामे का नाड़ा खोलना बलात्कार नहीं है।” हाई कोर्ट जज के इस फैसले के बाद से देश की महिलाओं में रोष व्याप्त है। इस पर राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया (Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict) देते हुए कहा कि “ऐसे फैसलों से समाज में गलत संदेश जाएगा।” उन्होंने इस फैसले को शर्मनाक और बिल्कुल गलत बताया है। यही नहीं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। दरअसल, यह मामला उत्तर प्रदेश के कासगंज में 11 साल की लड़की से जुड़ा है। साल 2021 में दो लोग पवन और आकाश ने 11 वर्षीय लड़की पर हमला किया था। आरोपियों ने उसको गलत तरीके से पकड़ा, उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ दिया और उसे एक पुलिया के नीचे खींचने का प्रयास किया था। इस बीच जब उसकी चीखें सुनकर लोग वहां पहुंचे तो आरोपी वहां से भाग निकले। इस तरह वो दुष्कर्म का शिकार होते-होते बच गयी थी।  यह बेहद शर्मनाक और बिल्कुल गलत है (Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict)  बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नाबालिग के स्तन का स्पर्श और वस्त्र का नाड़ा तोड़ने को दुष्कर्म का प्रयास न मानते हुए गंभीर यौन उत्पीड़न माना था। दरअसल, न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र की एकल पीठ ने कासगंज के स्पेशल जज (पोक्सो कोर्ट) का समन आदेश संशोधित कर नए सिरे से समन करने का आदेश दिया है। आपने आदेश में हाई कोर्ट ने निर्देशित किया कि आरोपितों के खिलाफ धारा 354-बी आइपीसी (निर्वस्त्र करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के मामूली आरोप के साथ पोक्सो अधिनियम की धारा 9/10 (गंभीर यौन हमला) के तहत मुकदमा चलाया जाए। इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद संसद के बाहर संवाददाताओं से हुई बातचीत में स्वाति मालीवाल ने कोर्ट के फैसले पर आपत्ति (Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict) जताते हुए कहा कि “यह बेहद शर्मनाक और बिल्कुल गलत है। वे समाज को क्या संदेश देना चाहते हैं कि एक छोटी लड़की के साथ इस तरह की हरकत की जा सकती है और फिर भी इसे बलात्कार नहीं माना जाएगा?” इसे भी पढ़ें:- नक्सल के खिलाफ सुरक्षा बलों की नई रणनीति कामयाब, 80 दिन में किए 113 नक्सली ढेर सुप्रीम कोर्ट इस तरह के न्यायिक फैसलों के खिलाफ (Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict) करे सख्त कार्रवाई  यही नहीं, स्वाति मालीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से तुरंत हस्तक्षेप करने और ऐसी न्यायिक फैसलों के खिलाफ (Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict) सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में बिना देरी किए हस्तक्षेप करना चाहिए और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।” गौर करने वाली बात यह कि स्वाति मालीवाल ही नहीं, बल्कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी सुप्रीम कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने की गुजारिश की है। लोकसभा के बाहर पत्रकारों से मुखातिब होते हुए केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि “वह फैसले से पूरी तरह असहमत हैं। और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मामले का संज्ञान लेने का आह्वान किया।” इस बीच उन्होंने कहा कि “मैं इस फैसले के पूरी तरह खिलाफ हूं और सुप्रीम कोर्ट को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। सभ्य समाज में इस तरह के फैसले के लिए कोई जगह नहीं है। कहीं न कहीं इसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और हम इस मामले पर आगे चर्चा करेंगे।” Latest News in Hindi Today Hindi news Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict #SwatiMaliwal #AllahabadHC #SupremeCourt #LegalVerdict #JusticeForWomen #IndianJudiciary #CourtRuling #LegalRights #BreakingNews #SupremeCourtIntervention

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gas inhalation death

Gas inhalation death: मुंबई में युवक ने पहले पुलिस के लिए लिखी चेतावनी, फिर जहरीली गैस सूंघकर दी जान

लोग अपने जीवन से तंग आकर आत्महत्या कर लेते हैं। आत्महत्या करने के कई तरीके हैं। कोई फंदे से झूलकर अपनी जीवनलीला समाप्त करता है तो कोई जहर खाकर। लेकिन मुंबई के वसई इलाके में मौत का एक दिल को दहला देने वाला अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है। यहां एक 27 साल के नौजवान ने कार्बन मोनोऑक्साइड गैस सूंघकर आत्महत्या (gas inhalation death) कर ली। आत्महत्या करने का जो रास्ता उसने चुना, उसे सुनकर सब हैरान हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बेंगलुरु की एक महिला ने मुंबई पुलिस को ईमेल किया था। जिसमें उसने अपने गुमशुदा भाई के बारे में जानकारी मांगी थी। महिला की शिकायत पर जब पुलिस ने मामले की तहकीकात की तो उन्हें इस चौकाने वाली घटना के बारे में पता चला। दरअसल, शिकायत के बाद जब नयागांव पुलिस बंगले पर पहुंची तो गेट पर एक चेतावनी लिखी मिली कि “अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड है, लाइटें के लिए स्विच ऑन नहीं करें।”  मृतक ने इनहेलेशन मास्क पहन (gas inhalation death) रखा था जानकारी के मुताबिक मृतक युवक ने शनिवार को आखिरी बार अपने परिवार वालों से बात की थी। फिर इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका। पुलिस को मोबाइल की लोकेशन से पता चला कि वह वसई के कमान इलाके में है। लोकेशन के आधार पर जब पुलिस बुधवार को जब इंडस्ट्रियल वेयरहाउस के बीच बने पुराने बंगले पर पहुंची तो, वहां लगा नोटिस देखकर हैरान रह गई। दरअसल, बंगले के दरवाजे पर एक नोट चिपकाया हुआ था, जिस पर लिखा था कि “अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड है, लाइटें चालू मत करना।” कमरे का आलम यह था कि कमरे के अंदर से बदबू भी आ रही थी। पूरे फ्लैट में कार्बन मोनोऑक्साइड की दुर्गंध फैली हुई थी। पुलिस ने तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया। इस बीच पुलिस की टीम जब दरवाजा खोलकर अंदर गई, तो वो हैरान रह गई। घर के अंदर गैस रिसाव को रोकने के लिए एक बढ़ई की मदद से खिड़कियों को सील कर दिया था। पुलिस जब कमरे के भीतर गई वहां उन्हें 27 साल के एक शख्स का शव मिला। उसने इनहेलेशन मास्क पहन (gas inhalation death) रखा था, जो कि कार्बन मोनोऑक्साइड सिलेंडर से जुड़ा था।  इसे भी पढ़ें:- Wife Slept with Lover After Beheading Husband: पति सौरभ का कटा सिर बैग में रखकर प्रेमी संग सोई पत्नी मुस्कान बिस्तर के पास दीवार पर (gas inhalation death) भी चिपका हुआ था सुसाइड नोट यही नहीं, उसने बिस्तर के पास दीवार पर एक सुसाइड नोट (gas inhalation death) भी चिपकाया हुआ था। बता दें कि मृतक ने सुसाइट लेटर में लिखा था कि “मैंने अपनी जिंदगी को खत्‍म करने का फैसला लिया है। इसकी वजह यह है कि मैं 2 बड़ी फिजिकल हेल्‍थ प्रॉब्‍लम से गुजर रहा हूं। इन बीमारियों का कोई इलाज नहीं है। पिछले डेढ़ साल से समस्‍या बढ़ती जा रही है। मैंने कई डॉक्‍टरों को दिखाया, लेकिन कोई मेरी मदद नहीं कर सका। इन समस्‍याओं के कारण मेरी नौकरी पर भी दांव पर है। मेरे परिवार और दोस्‍तों ने पिछले डेढ़ साल में मेरी बहुत हिम्‍मत बढ़ाई।” पुलिस का मानना है कि उसने जहरीली गैस सिलेंडर से सांस लेकर आत्महत्या की है। पुलिस ने एक्सिडेंटल डेथ का मामला दर्ज किया है। पुलिस इस मामले में पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक ने आत्महत्या क्यों की? उसे कार्बन मोनोऑक्साइड सिलेंडर कहां से मिला? गौरतलब हो कि कार्बन मोनोऑक्साइड एक रंगहीन जहरीली गैस है, इसका इस्तेमाल केमिकल और मेटल इंडस्ट्री में होता है। यह गैस बहुत खतरनाक होती हैष इसे सूंघने से मौत भी हो सकती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news gas inhalation death #MumbaiNews #GasInhalation #SuicideCase #ToxicGas #PoliceWarning #TragicIncident #BreakingNews #Maharashtra #DeathReport #CrimeNews

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Gangaur Vrat 2025 Date, Puja Vidhi & Significance

गणगौर व्रत 2025: मार्च में कब है यह शुभ त्योहार? जानें पूजा विधि और महत्व

गणगौर व्रत हिंदू धर्म में महिलाओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण त्योहार है, जो माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है। यह व्रत विशेष रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए किया जाता है। साल 2025 में गणगौर व्रत (Gangaur Vrat) मार्च महीने में मनाया जाएगा। आइए जानते हैं कि गणगौर व्रत 2025 की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि क्या है। गणगौर व्रत 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 31 मार्च को सुबह 9:11 बजे आरंभ होगी और 1 अप्रैल को सुबह 5:42 बजे समाप्त होगी। इस दौरान, गणगौर व्रत 31 मार्च को रखा जाएगा। गणगौर व्रत का महत्व गणगौर व्रत (Gangaur Vrat) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह व्रत विशेष रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए किया जाता है। इसके अलावा, कुंवारी लड़कियां भी इस व्रत को करती हैं ताकि उन्हें मनचाहा वर प्राप्त हो। गणगौर व्रत (Gangaur Vrat) माता पार्वती (Mata Parvati) और भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है। यह व्रत माता पार्वती के भगवान शिव (Lord Shiva) से विवाह की कथा को दर्शाता है और उनकी भक्ति और समर्पण को प्रदर्शित करता है। गणगौर व्रत की पूजा विधि गणगौर व्रत क्यों मनाया जाता है? गणगौर उत्सव महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह देवी गौरी या पार्वती (Devi Parvati) के प्रति सम्मान प्रकट करने और विवाह व प्रेम का उत्सव मनाने का प्रतीक है। खासतौर पर राजस्थान में, देवी पार्वती को वैवाहिक प्रेम और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व में विवाहित और अविवाहित महिलाएं श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लेती हैं। वे शिव और पार्वती की मिट्टी की मूर्तियां बनाकर उन्हें सुंदर वस्त्र पहनाती हैं और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करती हैं। वैवाहिक सुख की कामना के लिए महिलाएं पूरे दिन उपवास रखती हैं। इस दिन पारंपरिक व्यंजन भी तैयार किए जाते हैं। मां पार्वती के मंत्र नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Gangaur Vrat #GangaurVrat2025 #GangaurFestival #GangaurPuja #HinduFestivals #GangaurMata #GangaurSignificance #IndianTraditions #VratFestival #MarchFestivals #GangaurPujaVidhi

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Depression in people who sleep late at night

रात में देर तक जागने वाले लोगों में बढ़ सकता है डिप्रेशन का खतरा: स्टडी

सुबह जल्दी उठना न केवल हमारे शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है। सुबह जल्दी उठने से हमें पॉजिटिविटी मिलती है और पूरा दिन अच्छे से गुजरता है। यही नहीं जल्दी दिन की शुरुआत करने से काम करने में लिए ज्यादा समय मिलता है। हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार रात को देरी से सोने वाले और सुबह देरी से उठने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression) की संभावना अधिक रहती है। आइए जानें कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night) के बारे में हुई स्टडी क्या कहती है? यह भी जानें कि रात को देर से सोने वाले लोगों को और क्या समस्याएं हो सकती हैं? रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night) : पाएं जानकारी मायोक्लिनिक (Mayoclinic) की मानें तो डिप्रेशन (Depression) एक मूड डिसऑर्डर है जिसके कारण रोगी को लगातार उदासी और किसी चीज में रूचि न होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके कारण रोगी की सोच, व्यवहार और फीलिंग्स में बदलाव हो सकता है, जिससे कई इमोशनल व फिजिकल प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। एक नई स्टडी से यह पता चलता है कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night)  का खतरा अधिक रहता है।  इसका कारण खराब जीवनशैली (Bad lifestyle) को माना गया है। पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी।  रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन के बारे में क्या कहती है स्टडी? यह स्टडी यूनिवर्सिटी ऑफ सरी रिसर्चर्स द्वारा की गयी है और इसमें 546 यूनिवर्सिटी के छात्रों को शामिल किया गया था। इसमें इन छात्रों की नींद संबंधी आदतों, माइंडफुलनेस,  चिंता, एल्कोहॉल का इस्तेमाल और मेन्टल हेल्थ आदि के बारे में जानकारी इकठ्ठा की गयी। इस स्टडी में यह पाया गया कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night)  यानी डिप्रेशन की संभावना अधिक रहती है। जबकि, जो लोग रात को जल्दी सोते हैं और सुबह जल्दी उठते हैं, उनमे डिप्रेशन (Depression) और अन्य कई समस्याओं का रिस्क कम रहता है।  इसमें ऐसा पाया गया है रात को जल्दी सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression) का कारण नींद की लो क्वालिटी, एल्कोहॉल का सेवन और माइंडफुलनेस की कमी यानी खराब जीवनशैली (Bad lifestyle) हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन चीजों पर फोकस करके और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपना कर डिप्रेशन (Depression) के रिस्क को कम करने में मदद मिल सकती है खासतौर पर वयस्कों में। यह स्टडी डिप्रेशन के रिस्क को कम करने के लिए नए तरीकों को ढूंढने में मदद कर सकती है।  इसे भी पढ़ें: पाचन को सही बनाए रखने के साथ ही यह हैं बेल के 7 हेल्थ बेनेफिट्स रात को देर से सोने वाले लोगों में और कौन सी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं? जो लोग रात को देर से सोते हैं उन्हें डिप्रेशन (Depression) ही नहीं बल्कि कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं, जो इस प्रकार हैं:  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Depression in people who sleep late at night #Depression #Depressioninpeoplewhosleeplateatnight #badlifestyle #earlybird

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Spring Equinox 2025 Mystery Behind Equal Day & Night

21 मार्च को दिन और रात होंगे बराबर, जानें क्या है वसंत विषुव का रहस्य

21 मार्च का दिन खगोलीय घटनाओं के लिए एक विशेष महत्व रखता है। इस दिन दिन और रात की अवधि लगभग बराबर होती है, जिसे विषुव (Equinox) कहा जाता है। यह घटना साल में दो बार होती है, एक 21 मार्च को और दूसरी 23 सितंबर को। 21 मार्च को होने वाले विषुव को वसंत विषुव (Spring Equinox) कहा जाता है, जो उत्तरी गोलार्ध में वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन सूर्य की किरणें सीधे भूमध्य रेखा पर पड़ती हैं, जिसके कारण दिन और रात की अवधि लगभग समान हो जाती है। विषुव क्या है? विषुव एक खगोलीय घटना है, जो तब होती है जब सूर्य की किरणें सीधे भूमध्य रेखा पर पड़ती हैं। इस समय पृथ्वी के दोनों गोलार्धों (उत्तरी और दक्षिणी) पर दिन और रात की अवधि लगभग बराबर होती है। विषुव शब्द लैटिन भाषा के शब्द “एक्वस” (Equus) और “नॉक्स” (Nox) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है “बराबर रात”। यह घटना साल में दो बार होती है, एक वसंत ऋतु में और दूसरी शरद ऋतु में। 21 मार्च को दिन और रात क्यों बराबर होते हैं? 21 मार्च को दिन और रात की अवधि बराबर होने का कारण पृथ्वी की गति और सूर्य की स्थिति है। पृथ्वी अपने अक्ष पर 23.5 डिग्री झुकी हुई है और सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है। जब पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है, तो सूर्य की किरणें अलग-अलग समय पर अलग-अलग गोलार्धों पर पड़ती हैं। 21 मार्च को सूर्य की किरणें सीधे भूमध्य रेखा पर पड़ती हैं, जिसके कारण दोनों गोलार्धों पर दिन और रात की अवधि लगभग समान हो जाती है। वसंत विषुव का महत्व वसंत विषुव का दिन न केवल खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्व रखता है। उत्तरी गोलार्ध में यह दिन वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है। वसंत ऋतु को नई शुरुआत, नवजीवन और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। इस दिन कई संस्कृतियों और धर्मों में त्योहार और उत्सव मनाए जाते हैं। वसंत विषुव और प्रकृति वसंत विषुव के बाद उत्तरी गोलार्ध में दिन की अवधि धीरे-धीरे बढ़ने लगती है और रात की अवधि कम होने लगती है। इस समय प्रकृति में नई ऊर्जा का संचार होता है। पेड़-पौधों में नई पत्तियां आने लगती हैं और फूल खिलने लगते हैं। यह समय किसानों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस समय फसलों की बुवाई की तैयारी की जाती है। विषुव और मानव जीवन विषुव का मानव जीवन पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। इस दिन दिन और रात की अवधि बराबर होने के कारण मनुष्य के शरीर और मन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह समय नई योजनाएं बनाने और नई शुरुआत करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। कई लोग इस दिन को नए लक्ष्य निर्धारित करने और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए उपयोग करते हैं। इसे भी पढ़ें:-  भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ विषुव और विज्ञान विषुव की घटना को समझने के लिए विज्ञान की मदद लेना आवश्यक है। पृथ्वी की गति और सूर्य की स्थिति के कारण ही यह घटना संभव होती है। पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकी हुई है और सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है। जब सूर्य की किरणें सीधे भूमध्य रेखा पर पड़ती हैं, तो दोनों गोलार्धों पर दिन और रात की अवधि लगभग समान हो जाती है। यह घटना हमें पृथ्वी की गति और सौर मंडल के रहस्यों को समझने में मदद करती है। कहां से गुजरती है भूमध्य रेखा भूमध्य रेखा पृथ्वी पर 14 देशों से होकर गुजरती है। पृथ्वी की सतह पर भूमध्य रेखीय क्षेत्र अधिकांशतः समुद्री हैं। भूमध्य रेखा के आसपास के स्थान अंतरिक्ष केंद्रों की स्थापना के लिए आदर्श माने जाते हैं। उदाहरण के तौर पर, गुयाना अंतरिक्ष केंद्र, कौरोऊ और फ्रेंच गुयाना का अंतरिक्ष केंद्र भी भूमध्य रेखा पर स्थित है। Latest News in Hindi Today Hindi news Spring Equinox #SpringEquinox #VasantVishuva #Equinox2025 #EqualDayNight #MarchEquinox #SeasonChange #AstronomyFacts #SpringBegins #SunEarthAlignment #HinduAstronomy

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Google Pixel 9a

Google Pixel 9a: टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9a हुआ लांच

गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a) एक मिड-रेंज स्मार्टफोन (Smartphone) है, जिसे गूगल द्वारा डेवलप किया गया है। गूगल पिक्सल फोन में कई विशेषताएं हैं, जिनके कारण यह अन्य स्मार्टफोन्स की तुलना में अलग और बेहतर हैं। इन फोन्स का कैमरा इतना अच्छा है कि इसे फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन माना गया है। इसमें मौजूद फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक सुविधाएं इसे अधिक सुरक्षित बनाती हैं। गूगल पिक्सल फोन्स में गूगल असिस्टेंट की इंटीग्रेटेड कैपेबिलिटीज  होती हैं, जो यूजर्स को अपने फोन को अधिक कुशलता से उपयोग करने में मदद करती हैं। अभी टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) को लांच किया गया है। आइए जानें इस फोन के बारे में और पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी। टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip): पाएं जानकारी अभी गूगल की पिक्सल 9 सीरीज को लांच किया गया था। गूगल पिक्सल 9ए को आधिकारिक तौर पर अपने इन-हाउस टेंसर जी4 चिपसेट के साथ लॉन्च किया गया है। हार्डवेयर अपग्रेड के साथ-साथ, इस गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a) के डिजाइन में बदलाव किया गया हैं, जो गूगल प्रशंसकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि यह थोड़ा अलग है। अगर आप एक फीचर-फिल्ड और शक्तिशाली मिड-रेंजर की तलाश में हैं, जिसमें फ्लैगशिप क्षमताएं हों, तो गूगल पिक्सल 9ए आपके लिए सही विकल्प हो सकता है। टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) के फीचर्स के बारे में भी जानें।  टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए के फीचर्स क्या हैं? टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) के फीचर्स इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: गेमिंग की दुनिया में क्रांति: 30,000 रुपये से कम में बेहतरीन स्मार्टफोन टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) की कीमत यह स्मार्टफोन (Smartphone) एक वेरिएंट में उपलब्ध है जिसमें 8GB रैम और 256GB स्टोरेज है और इसकी कीमत 49,999 रुपये है। यह फोन कई रंगो में उपलब्ध है, जिसमें से आप अपनी पसंद का चुन सकते हैं। इसके अलावा, इस फोन को खरीदने वाले यूजर 3,000 रुपये के सीमित अवधि के कैशबैक ऑफर और 24 महीने की नो-कॉस्ट ईएमआई का लाभ भी उठा सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Google Pixel 9a with Tensor G4 chip #GooglePixel9awithTensorG4chip #GooglePixel9a #smartphone #GooglePixel

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