link between diabetes and loneliness

Loneliness: अकेलेपन का कनेक्शन ब्लड शुगर से – क्या कहती है रिसर्च?

डायबिटीज (Diabetes) यानी मधुमेह एक ऐसी समस्या है, जो आजकल लोगों की खराब जीवनशैली के कारण बढ़ती जा रही है। डायबिटीज (Diabetes) के कारण कई गंभीर रोग होने की संभावना भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि इस रोग की संभावना को कम करने के लिए एक्सपर्ट सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं। वहीं, एक और परेशानी जिससे आजकल अधिकतर पब्लिक परेशान है वो है अकेलापन (Loneliness)। यह अकेलापन (Loneliness) भी कई रोगों का कारण बन सकता है जैसे स्ट्रेस, एंग्जायटी आदि। लेकिन, एक नई स्टडी के अनुसार अकेलापन डायबिटीज (Diabetes) का कारण भी बन सकता है। आइए जानें डायबिटीज और अकेलेपन के बीच में लिंक (The link between diabetes and loneliness) के बारे में। डायबिटीज और अकेलेपन के बीच में लिंक (The link between diabetes and loneliness): पाएं जानकारी  हेल्थलाइन (Health line) के अनुसार अकेलापन डायबिटीज (Diabetes) को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है और कई कंडीशंस का कारण बन सकता है जैसे डिप्रेशन और एंग्जायटी। एक नई स्टडी के अनुसार अकेलापन (Loneliness) न केवल मेंटल हेल्थ को प्रभावित करता है, बल्कि इससे फिजिकल हेल्थ भी प्रभावित हो सकती है। यानी डायबिटीज और अकेलेपन के बीच में लिंक (The link between diabetes and loneliness) पाया गया है। इस स्टडी के अनुसार जो लोग सोशली आइसोलेटेड होते हैं, उनमें डायबिटीज और हाई ब्लड शुगर का खतरा बढ़ सकता है। इस स्टडी में ऐसा पाया गया है कि जो बुजुर्ग अकेले रहते हैं उनमें डायबिटीज (Diabetes) का रिस्क 34% अधिक होता है। इन लोगों में अकेले नहीं रहने वाले लोगों की तुलना में 75% अधिक पुअर शुगर कंट्रोल भी पाया गया है। इस स्टडी से यह भी पता चलता है कि अकेलापन (Loneliness) डायबिटीज का एक महत्वपूर्ण फैक्टर हो सकता है जिसे अक्सर अनदेखा किया जाता है। डायबिटीज और अकेलेपन से कैसे बचें?  डायबिटीज (Diabetes) से बचने के लिए अपनी लाइफस्टाइल को ठीक बनाए रखना जरूरी है। इसमें सही डायट का सेवन करना, एक्सरसाइज और योगा करना, तनाव से बचना आदि शामिल है। इसके साथ ही नियमित रूप से चेक-अप कराना भी इसके लिए महत्वपूर्ण माना गया है। अकेलेपन से बचाव के लिए यह सुझाव आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं: वालंटियर बने दूसरों की मदद करना अकेलेपन को दूर करने का सबसे बेहतरीन तरीका है। इसके लिए उन ग्रुप्स और आर्गेनाईजेशन को ज्वाइन करें, जो यह कार्य करते हैं। इसके साथ ही आप सपोर्ट ग्रुप को भी ज्वाइन कर सकते हैं।  एक्टिव रहें एक्टिव रहने से आप अपने अकेलापन (Loneliness), डायबिटीज (Diabetes) और कई समस्याओं से बचा जा सकता है। यही नहीं इससे आप अन्य लोगों से भी मिलजुल सकते हैं। इसके लिए आप योगा, कार्डियो जैसी क्लासेज को ज्वाइन कर सकते हैं। अपने प्रियजनों और दोस्तों से बात करें अकेलापन (Loneliness) को दूर करने के लिए उन लोगों के सम्पर्क में रहें जो आपके करीबी हैं। ऐसे लोगों से कनेक्ट करते रहें जो आपको पॉजिटिव रहने में मदद करें। कुछ ऑनलाइन सपोर्ट ग्रुप्स और फोरम्स को भी ज्वाइन कर सकते हैं। डायबिटीज और अकेलेपन के बीच में लिंक (The link between diabetes and loneliness) के बारे में आप जान ही गए होंगे। अब जानते हैं डायबिटीज (Diabetes) के बारे में कुछ और। इसे भी पढ़ें:-  एयर पॉल्यूशन से बढ़ सकता है एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा डायबिटीज के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news  #Thelinkbetweendiabetesandloneliness #diabetes #loneliness 

आगे और पढ़ें
Election Commission

बिहार में वोटर लिस्ट से कट सकते हैं 35 लाख से ज्यादा नाम,  वेरिफिकेशन प्रक्रिया में अब तक 88% मतदाताओं ने भरा गणना पत्र

बिहार में चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा कराया जा रहा मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण और सत्यापन कार्य (SIR) अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। आयोग की यह महत्त्वाकांक्षी पहल 24 जून 2025 को राज्यभर में गणना फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो 25 जुलाई तक चलेगा। मतलब अब इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मात्र 10 दिन और रह गए हैं। एसआईआर (SIR) के तहत अब तक 7 करोड़ 90 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाताओं में से 6 करोड़ 60 लाख 67 हजार 208 लोगों ने अपने गणना फॉर्म सफलतापूर्वक भरकर जमा करा दिए हैं। यह आंकड़ा कुल मतदाताओं का लगभग 88 फीसदी है, जो आयोग के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है। हालांकि, इस प्रक्रिया में जो सबसे चौकाने वाली सामने आई है, वह यह है कि अब तक के सर्वेक्षण और फॉर्म सत्यापन के आधार पर करीब 35 लाख 69 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट (Voter List) से हटाए जा सकते हैं। यह आंकड़ा उन मतदाताओं का है, जो सत्यापन के दौरान या तो मृत पाए गए या एक से ज्यादा स्थानों पर पंजीकृत मिले या फिर स्थायी रूप से किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो गए। मतदाता सूची से हट सकता है बिहार के 4.52% लोगों का नाम चुनाव आयोग (Election Commission) की वेबसाइट पर अब तक कुल 5 करोड़ 74 लाख से अधिक प्रपत्र अपलोड किए जा चुके हैं। दस्तावेजों के आधार पर बताया गया है कि सत्यापन के दौरान 1.59% मतदाता मृत पाए गए और 2.2% ने स्थायी रूप से अपने निवास स्थान बदल चुक हैं। इसके अलावा 0.73% मतदाता ऐसे भी मिले हैं जो एक से ज्यादा स्थानों पर पंजीकृत पाए गए। कुल मिलाकर आयोग को इन तीनों श्रेणियों में 4.52% मतदाता ऐसे मिले हैं जिनके नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है।   वहीं, अब भी करीब 11.82% मतदाता ऐसे हैं जिन्होंने अपने फॉर्म आयोग के पास जमा नहीं किए हैं। आयोग इन बचे हुए मतदाताओं तक पहुंचने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। तीसरे दौर में राज्यभर में एक लाख बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को फिर से मैदान में उतारा गया है ताकि घर-घर जाकर बचे हुए मतदाताओं से फॉर्म भरवाया जा सके। इस कार्य में चुनाव आयोग को विभन्न राजनीतिक दलों द्वारा तैनात 1.5 लाख बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) का भी सहयोग मिल रहा है।  मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण और सत्यापन कार्य (SIR) के लिए बिहार के सभी 261 विधानसभा क्षेत्र के 5,683 वार्डों में विशेष शिविर लगाया गया है। इन शिविरों का उद्देश्य सभी विधानसभा में  मतदाता फॉर्म का सत्यापन करना है। साथ ही जो मतदाता अस्थायी रूप से राज्य से बाहर गए हैं, उनके लिए भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि वे भी ऑनलाइन या अन्य माध्यमों से समय रहते अपना फॉर्म जमा कर सकें। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? आयोग 1 अगस्त को जारी करेगा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट चुनाव आयोग (Election Commission) के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया के बाद 1 अगस्त 2025 को मतदाता सूची का ड्राफ्ट संस्करण प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद मतदाताओं को आपत्ति और सुधार के लिए कुछ दिन के लिए समय दिया जाएगा, ताकि अंतिम सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रह जाए। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनल मतदाता सूची जारी कर विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी।   बिहार में चल रही इस मतदाता सत्यापन प्रक्रिया को भाजपा समेत एनडीए गठबंधन के दल जहां लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान वैध मतदाताओं का नाम भी सूची से हटाया जा रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #ElectionCommission #Biharelection2025 #Voterlist #SIR #Biharassemblyelection

आगे और पढ़ें
Kanwar Yatra

कांवड़ क्यों रखा जाता है कंधे पर? जानिए रावण और शिवभक्ति से जुड़ी पौराणिक कथा

सावन माह में उत्तर भारत की सड़कें उस भक्ति और श्रद्धा की दौड़ से गूंजती हैं, जब लाखों शिवभक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। हाथ में नहीं, बल्कि कंधे पर कांवड़ उठाए हुए। इस यात्रा की धार्मिक परंपरा तो स्पष्ट है—गंगा जल लेकर शिवलिंग पर अर्पित करना—लेकिन कांवड़ कंधे पर क्यों रखी जाती है? क्या इसमें कोई खास रहस्य छिपा है? रोचक रूप से, इसका संबंध मिलता है महर्षि अगस्त्य और लंकापति रावण से जुड़ी एक पौराणिक कथा से। आइये जानते हैं इस रहस्य की गहराई। कांवड़ यात्रा क्या है? कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) एक ऐसी पवित्र परंपरा है, जो सीधे भगवान शिव (Lord Shiva) की भक्ति से जुड़ी हुई है। यह यात्रा उन्हें प्रसन्न करने के उद्देश्य से की जाती है। यह केवल श्रद्धा की नहीं, बल्कि संयम, सहनशीलता और सामूहिक एकता की भी यात्रा है। कांवड़ यात्रा के माध्यम से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक और आत्मिक रूप से भी शुद्ध होता है। इस दौरान कांवड़िए मांस-मदिरा से पूरी तरह दूर रहते हैं और सात्विक जीवनशैली अपनाते हैं। तामसिक भोजन का त्याग किया जाता है और हर गतिविधि में अनुशासन का पालन होता है। कांवड़ यात्रा के ये 10 दिन किसी तपस्या से कम नहीं होते, जो न केवल भक्ति का मार्ग दिखाते हैं, बल्कि जीवन में संयम और साधना का महत्व भी सिखाते हैं। कांवड़ कौन और क्यों कंधे पर रखी जाती है? कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। कांवड़ को कंधे पर उठाकर चलना भक्तों के लिए एक प्रकार की तपस्या और आत्मानुशासन का रूप है। इस दौरान वे तमाम शारीरिक कष्टों और थकावट को सहते हैं, लेकिन उनकी भक्ति में कोई कमी नहीं आती। यह प्रतीक है उस दृढ़ निष्ठा का, जो यह दर्शाता है कि शिवभक्त अपने ईष्टदेव के लिए हर प्रकार की चुनौती और कठिनाई का साहसपूर्वक सामना कर सकते हैं। पौराणिक रहस्य: रावण, अगस्त्य और कांवड़ कांवड़ यात्रा की उत्पत्ति से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध कथा लंकाधिपति रावण की मानी जाती है। रावण को भगवान शिव का अत्यंत भक्त बताया गया है। एक बार उसने शिव को प्रभावित करने के लिए कैलाश पर्वत को उठाने का प्रयास किया, जिससे शिवजी कुपित हो गए। अपनी भूल का एहसास होने पर रावण ने उन्हें प्रसन्न करने के लिए गंगाजल से अभिषेक करने का संकल्प लिया। ऐसा कहा जाता है कि रावण ही वह पहला भक्त था, जिसने गंगाजल को एक विशेष विधि से कांवड़ में भरकर लाया था और उसे कंधे पर उठाकर शिवजी तक पहुंचाया था। उसी परंपरा को निभाते हुए आज भी लाखों श्रद्धालु सावन मास में कांवड़ अपने कंधे पर लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। धार्मिक महत्व: ऐसा विश्वास किया जाता है कि कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) से जीवन के सभी पाप समाप्त हो जाते हैं। जब भक्त पवित्र गंगाजल को कांवड़ में भरकर अपने कंधों पर उठाकर चलते हैं, इसलिए कांवड़ यात्रा को एक आध्यात्मिक तपस्या का रूप माना जाता है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने पापों का प्रायश्चित करता है। इस यात्रा से शिवभक्तों को भगवान शिव की विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है। साथ ही उनके जीवन में सकारात्मकता, मानसिक शांति और आत्मिक विकास की अनुभूति होती है। यह पावन यात्रा मोक्ष की ओर अग्रसर होने का भी एक साधन मानी जाती है। इसे भी पढ़ें:- मुखाग्नि से पहले क्यों किया जाता है सुहागिन स्त्री का सोलह श्रृंगार? संकल्प और सेवा — कांवड़ यात्रा का सार कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि स्वेच्छा के अनुसार किए गए तप, संयमित जीवन और दया-भावयुक्त सेवा का प्रतीक है: नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news  #KanwarYatra2025 #Sawan2025 #BolBam #HarHarMahadev #LordShiva #ShivBhakti #GangaJal

आगे और पढ़ें
Sawan Somvar Vrat 2025

Sawan Somvar Vrat 2025: शिवलिंग पर अर्पित करें ये 11 चीजें, होगी हर मनोकामना पूरी

सावन का महीना भगवान शिव (Lord Shiva) की आराधना का सबसे पावन समय होता है। इस माह में प्रत्येक सोमवार को व्रत और पूजन का विशेष महत्व है, जिसे “सावन सोमवार व्रत” कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से व्रत और पूजा करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों को मनचाहा वरदान देते हैं। विशेष रूप से सावन सोमवार को शिवलिंग (Shivling) पर कुछ खास वस्तुएं चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और दुर्भाग्य दूर होकर किस्मत चमकने लगती है। आइए जानते हैं, शिवलिंग पर कौन-कौन सी चीजें चढ़ानी चाहिए और उनका आध्यात्मिक महत्व क्या है— शिवलिंग पर अर्पित करें ये 11 चीजें 1. गंगाजल – पवित्रता और शुद्धि का प्रतीक गंगाजल को भगवान शिव का सबसे प्रिय जल माना जाता है। इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से जीवन की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन एवं शरीर की शुद्धि होती है। 2. दूध – आरोग्यता और संतुलन का प्रतीक शिवलिंग पर दूध अर्पित करने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दूर होती हैं और मानसिक शांति प्राप्त होती है। यह क्रोध और तनाव को भी शांत करता है। 3. बेलपत्र – शिव का विशेष प्रिय बेलपत्र को त्रिदेवों का प्रतीक माना गया है। इसे शिवलिंग पर चढ़ाने से पुण्य की प्राप्ति होती है और सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ध्यान रखें कि बेलपत्र ताजे और साफ हों। 4. भस्म – वैराग्य और तपस्या का चिन्ह शिव भस्मधारी हैं, इसलिए उन्हें भस्म अर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे सांसारिक बंधनों से मुक्ति मिलती है और आत्मिक शांति प्राप्त होती है। 5. धतूरा और आक – संकटों से रक्षा धतूरा और आक के फूल शिवलिंग पर चढ़ाने से जीवन में आ रही बाधाएं और रोग दूर होते हैं। यह उपाय शत्रुओं से रक्षा और मानसिक शक्ति बढ़ाने में सहायक होता है। 6. शहद – मधुरता और प्रेम का प्रतीक शहद शिवलिंग पर अर्पित करने से जीवन में सौहार्द, प्रेम और पारिवारिक शांति बनी रहती है। यह रिश्तों को मधुर बनाने वाला उपाय है। 7. सफेद पुष्प – सौम्यता का प्रतीक भगवान शिव को श्वेत पुष्प अत्यंत प्रिय होते हैं। कमल, कनेर और कुंद के फूल अर्पित करने से मानसिक शुद्धता और ईश्वर कृपा प्राप्त होती है। 8. फल और ताजे भोग – सुख और समृद्धि का माध्यम शिवलिंग पर मौसमी फल और मिठाई अर्पित करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। खासतौर पर नारियल, केला और मिश्री शिवजी को अर्पित करना शुभ माना जाता है। 9. पंचामृत – पांच तत्वों का संतुलन पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से शिवलिंग का अभिषेक करने से जीवन के पंचतत्व संतुलित होते हैं। यह उपाय सौभाग्य और दीर्घायु की प्राप्ति में सहायक होता है। 10. अक्षत और रोली – समर्पण का प्रतीक शुद्ध अक्षत (कच्चे चावल) और रोली से तिलक करने से पूजा का पूरक रूप बनता है। इससे शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। 11. केसर – विवाह में सफलता यदि कोई कन्या योग्य वर की प्राप्ति की इच्छा रखती है, तो शिवलिंग पर केसर मिश्रित जल चढ़ाना अत्यंत लाभकारी होता है। यह उपाय वैवाहिक जीवन में सुख और सौभाग्य लाता है। पूजा विधि का विशेष ध्यान रखें शिवलिंग पर ये सभी सामग्री अर्पित करते समय “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते रहें। पूजन पूर्व दिशा की ओर मुख करके करें और पूरे विधिविधान से श्रद्धा और संयम के साथ यह अनुष्ठान करें। इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां व्रत रखने के नियम: नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news  #Sawan2025 #SawanSomvar #ShivBhakti #Mahadev #ShivlingPuja #SomvarVrat #LordShiva #ShivaWorship #SawanVratTips #HarHarMahadev #SawanSomvarVrat2025

आगे और पढ़ें
Excessive salt intake

Excessive Salt Intake: भारत में एक साइलेंट महामारी, जो स्वास्थ्य के लिए है एक बड़ा खतरा

नमक (Salt) यानी साल्ट खाने का एक जरूरी हिस्सा है, जिसकी मात्रा खाने में ज्यादा हो या कम, दोनों ही स्थितियों में खाने का स्वाद पूरी तरह से बदल जाता है। नमक शरीर के लिए फायदेमंद है और कई कार्यों को करने में उपयोगी है जैसे फ्लूइड बैलेंस, नर्व और मसल फंक्शन व मसल फंक्शन को मेंटेन करना। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अधिक नमक (Salt) खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है? हाल ही में हुई एक रिसर्च के अनुसार भारत में अधिक नमक का सेवन (Excessive salt intake) एक साइलेंट महामारी की तरह है, जो कई गंभीर समस्याओं के रिस्क को बढ़ा रही है। आइए जानें कि भारत में अधिक नमक का सेवन क्यों है साइलेंट महामारी (Why high salt intake is a silent epidemic in India)? भारत में अधिक नमक का सेवन क्यों है साइलेंट महामारी (Why high salt intake is a silent epidemic in India)? इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (ICMR) के अनुसार हमारे देश में अधिक नमक का सेवन (Excessive salt intake) करना एक साइलेंट महामारी के समान है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट प्रॉब्लम्स और किडनी डिजीज का खतरा बढ़ रहा है। आइए जानें विस्तार में कि कौन-कौन से कारण है जिसकी वजह से भारत में अधिक नमक का सेवन (Excessive salt intake) को एक साइलेंट महामारी माना जा रहा है:  यह तो थी जानकारी कि भारत में अधिक नमक का सेवन क्यों है साइलेंट महामारी (Why high salt intake is a silent epidemic in India)? अब जानिए कि नमक की खपत कम करने के लिए आप क्या कर सकते हैं?  इसे भी पढ़ें:-  एयर पॉल्यूशन से बढ़ सकता है एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा नमक की खपत कम करने के लिए क्या करें?  नमक का भी सही या कम मात्रा में सेवन करना चाहिए। नमक (Salt) की खपत को कम करने के लिए आप इन तरीकों को अपना सकते हैं: यह तो थी जानकारी भारत में अधिक नमक (Salt) के सेवन के बारे में। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी दोनों लोगों को कम सोडियम युक्त नमक के सेवन करने की सलाह देते हैं, ताकि कई गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने जागरूकता अभियान भी शुरू किया है ताकि लोगों को अधिक नमक से जुड़ी समस्याओं के बारे में जागरूक किया जा सके। याद रखें कि नमक (Salt) के शरीर के लिए लाभ और हानियां उसकी मात्रा पर निर्भर करती हैं। अगर इसको कम और सही मात्रा में लिया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news  #WhyhighsaltintakeisasilentepidemicinIndia #Excesssaltintake #silentepidemic #salt #heartproblems

आगे और पढ़ें
UPSC Recruitment 2025

UPSC Recruitment 2025: असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर और अन्य पदों के लिए योग्यता और आवेदन प्रक्रिया

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (Union Public Service Commission) यानी यूपीएससी (UPSC) ने एक नई नोटिफिकेशन निकाली है। इसके अनुसार उन्होंने असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर (Assistant Drugs Controller) और जूनियर साइंटिफिक ऑफिसर पोस्ट्स के लिए आवेदन शुरू किए हैं। अगर आप इनमें आवेदन करना चाहते हैं, तो आप इसके लिए अभी अप्लाई कर सकते हैं। यह भी बता दें कि अप्लाई करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। यानी इच्छुक कैंडिडेट इस तिथि से पहले अप्लाई करें अन्यथा इसके बाद वो अप्लाई नहीं कर पाएंगे। इससे मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ और फॅमिली वेलफेयर में 24 पदों को भरा जाएगा। आइए जानें यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के बारे में। यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर (Assistant Drugs Controller), बॉटनिस्ट और जूनियर साइंटिफिक ऑफिसर पोस्ट्स के लिए अप्लाई करने की तिथि 12 जुलाई थी यानी यह 12 जुलाई से यह शुरू हो चुकी है। आइए जानें इसकी योग्यता और अन्य चीजों के बारे में: यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के लिए योग्यता यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के लिए आयु सीमा एप्लिकेशन फीस यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली इन पोस्ट्स के लिए सामान्य, ओबीसी वर्गो के लिए एप्लिकेशन फीस 25 रुपए रखी गई है। जबकि एससी, एसटी, महिलाओं आदि को कोई भी फीस नहीं देनी है। उनके लिए यह पूरी तरह से फ्री है। इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? कैसे करें अप्लाई? यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के लिए अप्लाई करने का तरीका इस प्रकार है:  यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के बारे में खास बात यह भी है कि इनमें कैंडिडेट्स को अच्छी सैलरीज के साथ ही हाउस रेंट, अलाउंस, मेडिकल फैसिलिटी, प्रोविडेंट फंड, ग्रेच्युटी, पेंशन आदि मिलेंगे। यानी अगर आप यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन यानी यूपीएससी (UPSC) की इन पोस्ट्स के लिए योग्य हैं तो इसके लिए अप्लाई करना न भूलें। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news  #VacanciesbyUPSC #UPSC #UnionPublicServiceCommission #AssistantDrugsController #Botanist #JuniorScientificOfficer

आगे और पढ़ें
London Plane Crash

London Plane Crash: एयरपोर्ट पर उड़ान भरते ही आग के गोले में बदला विमान, आसमान में दिखा भीषण आग के साथ धुएं का गुबार

लंदन के साउथएंड एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही एक विमान दुर्घटनाग्रस्त (London Plane Crash) हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह एक छोटा व्यावसायिक विमान था और इसने रविवार की शाम 4 बजे एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। विमान दुर्घटना के बाद घटना स्थल से आसमान में आग की चपटों के काले धुएं का गुबार उठता देखा गया। जिससे आस-पास के इलाके के साथ एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों में भी दहशत फैल गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत टीमों ने बचाव का कार्य शुरू कर दिया। साथ ही एयरपोर्ट से विमानों का संचालन भी रोक दिया गया है। इस दुर्घटना (London Plane Crash) में कितने लोग हताहत हुए हैं, अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है।   ब्रिटिश मीडिया ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि, वो एयरपोर्ट (Airport) के पास ही हॉकी खेल रहे थे। विमान ने जब टेकऑफ किया तो कुछ लोगों ने हाथ हिलाकर पायलट को हैलो भी कहा। इसके कुछ ही पल बाद विमान (London Plane Crash) नीचे आने लगा और फिर जमीन से आसामन की तरफ विशाल आग का गोला उठता हुआ देखा गया। दुर्घटना का शिकार हुए विमान की पहचान बी200 सुपर किंग एयर के रूप में हुई है। यह विमान साउथएंड एयरपोर्ट से नीदरलैंड के लेलीस्टेड जाने के लिए उड़ान भरी थी।  विमान में एक बड़ा करोबारी और उनके सहयोगियों का होने का दावा    मीडिया ने साउथएंड एयरपोर्ट के फ्लाइट राडार के उड़ान डेटा के आधार पर बताया कि, इस विमान ने शाम 4 बजे रनवे से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही पल में यह दुर्घटनाग्रस्त (London Plane Crash) हो गया। सोशल मीडिया पर इस घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। ब्रिटेन की स्काई न्यूज ने एसेक्स पुलिस के हवाले से बताया कि, यह शाम 4 बजे के आसपास एक 12 मीटर लंबा व्यवसायिक विमान नीचे गिर गया। जिसके बाद एयरपोर्ट का संचालन बंद कर आपातकालीन सेवाओं को शुरू कर दिया गया। यह बचाव कार्य कई घंटों तक जारी रह सकता है। फिलहाल अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के समय विमान में कितने लोग सवार थे। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इस विमान में ब्रिटेन का एक बड़ा करोबारी अपने सहयोगियों के साथ सवार था। विमान गिरते ही जिस तरह से इसमें विस्फोट हुआ, उससे विमान में सवार किसी भी व्यक्ति के बचने की संभावना बेहद कम है।  साउथएंड वेस्ट और लेह के स्थानीय सांसद डेविड बर्टन-सैम्पसन ने इस घटना पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए कहा, “मुझे साउथएंड एयरपोर्ट पर हुई दुर्घटना की जानकारी है। कृपया वहां से दूर रहें और आपातकालीन सेवाओं को अपना काम करने दें। मेरी संवेदनाएं इस दुर्घटना से प्रभावित हुए सभी संबंधित लोगों के साथ है।” इसे भी पढ़ें:- 7 Demanding Courses: ये हैं 7 डिमांडिंग कोर्स, जिसमें आप भी बना सकते हैं करियर अहमदाबाद विमान हादसे में 261 लोगों की मौत  बता दें कि बीते 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का बोइंग ड्रीमलाइनर विमान एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त (Ahmedabad Plane Crash) हो गया था। भारत के सबसे भीषण विमान हादसों में से एक इस दुर्घटना में 12 सदस्यीय चालक दल और 241 समेत कुल 261 लोगों की मौत हो गई। वहीं विश्वास कुमार रमेश नाम का एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच गया। इस विमान हादसे (Ahmedabad Plane Crash) में मरने वालों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी समेत 20 के करीब मेडिकल छात्र हैं। इस हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट हाल ही में आई है, जिसमें बताया गया है कि विमान के टेकऑफ करते समय फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी। हालांकि यह कैसे हुआ, इसको लेकर विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी गई है। हादसे के कारणों के बारे में विस्तार से जानने के लिए अभी भी लोगों को विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। Latest News in Hindi Today Hindi news  #AhmedabadPlaneCrash #PlanCrash #LondonPlaneCrash #Filght #London

आगे और पढ़ें

26/11 Mumbai Terror Attack: 26/11 हमले का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा ने किए कई अहम खुलासे 

26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों (26/11 Mumbai Terror Attack) की भयावह यादें आज भी भारतवासियों के मन में ताजा हैं। इस हमले में 166 लोगों की जान गई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। यह हमला पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar E Taiba) द्वारा सुनियोजित रूप से अंजाम दिया गया था। इस हमले से जुड़े कई किरदारों के नाम सामने आ चुके हैं, जिसमें से एक प्रमुख नाम तहव्वुर हुसैन राणा (Tahawwur Hussain Rana) का भी है। हाल ही में इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा किए गए पूछताछ में राणा ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिससे हमलों की साजिश का अंदाजा मिलने के साथ-साथ पाकिस्तान की भूमिका भी सामने आई है। पाकिस्तानी सेना का ‘भरोसेमंद’ व्यक्ति तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) इस समय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की कस्टडी में है और उससे मुंबई क्राइम ब्रांच (Mumbai Crime Branch) ने अप्रैल 2025 में गहन पूछताछ की। राणा ने दावा किया कि वह कभी पाकिस्तानी सेना का भरोसेमंद व्यक्ति था। उसने यह भी बताया कि 1990 में इराक द्वारा कुवैत पर हमले के समय उसे सऊदी अरब में एक गुप्त सैन्य मिशन पर भेजा गया था। इससे साफ होता है कि उसे पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) के भीतर एक महत्वपूर्ण भूमिका मिली थी। राणा ने बताया कि उसने 1986 में रावलपिंडी स्थित आर्मी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया और फिर क्वेटा में सेना के डॉक्टर के रूप में तैनात हुआ। इसके अलावा उसने पाकिस्तान के संवेदनशील इलाकों जैसे सिंध, बलूचिस्तान, बहावलपुर और सियाचिन-बालोतरा सेक्टर में भी सेवा दी। कट्टर विचारधारा और पुराने बयान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राणा मानसिक रूप से अभी भी अपने पुराने बयानों पर अडिग है। वह जानकारी तो दे रहा है, लेकिन उसकी बातचीत में उसकी कट्टरपंथी विचारधारा की झलक साफ दिखती है। उसकी बातों से यह भी समझा जा सकता है कि वह अब भी भारत के खिलाफ नकारात्मक भावनाएं रखता है। अन्य साजिशकर्ताओं से संबंध 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले (26/11 Mumbai Terror Attack) का आरोपी तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) ने पूछताछ में माना कि वह 26/11 के अन्य प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल साजिद मीर, मेजर इकबाल और अब्दुल रहमान पाशा को जानता था। ये तीनों पाकिस्तान से ताल्लुक रखते हैं और लश्कर-ए-तैयबा  (Lashkar E Taiba) के अहम सदस्य है। भारत में हुए सबसे बड़े आतंकी हमले में इन सभी की भूमिका को पहले ही दस्तावेजी तौर पर दर्ज किया जा चुका है। डेविड हेडली से जुड़ी जानकारियां 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले (26/11 Mumbai Terror Attack) का आरोपी तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) ने अमेरिकी-पाकिस्तानी नागरिक डेविड हेडली के बारे में भी कई खुलासे किए। उसने बताया कि हेडली ने 2003-2004 के दौरान लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar E Taiba) के तीन प्रशिक्षण शिविरों में भाग लिया था। हालांकि वह इन कोर्सों के नाम स्पष्ट रूप से नहीं बता सका। जब मुंबई में खुले इमिग्रेशन सेंटर के विचार पर सवाल किया गया, तो राणा ने दावा किया कि यह विचार उसका था, न कि हेडली का। उसने यह भी कहा कि उसने हेडली को जो पैसे भेजे, वे व्यवसायिक खर्चों के लिए थे। हालांकि, वह यह स्वीकार करता है कि मुंबई में दफ्तर होने के बावजूद ग्राहकों को आकर्षित करने में समस्याएं आ रही थीं। सैन्य करियर और बर्खास्तगी 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले (26/11 Mumbai Terror Attack) का आरोपी तहव्वुर राणा ने अपने सैन्य करियर के बारे में बताते हुए कहा कि सियाचिन पोस्टिंग के दौरान उसे पल्मोनरी एडिमा (फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर स्थिति) हो गई थी, जिससे वह लंबे समय तक ड्यूटी पर नहीं लौट सका। इस कारण उसे पाकिस्तानी सेना द्वारा भगोड़ा घोषित कर दिया गया और बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। अमेरिका से भारत तक का सफर तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) मूल रूप से पाकिस्तान का निवासी है लेकिन बाद में कनाडा की नागरिकता ले ली थी और अमेरिका में बस गया था। वह एक व्यवसायी के रूप में अमेरिका में कार्य कर रहा था। राणा की अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद भारत ने उसके प्रत्यर्पण की मांग की थी। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अप्रैल 2024 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राणा की अपील खारिज कर दी और उसका भारत प्रत्यर्पण सुनिश्चित हुआ। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले (26/11 Mumbai Terror Attack) का आरोपी तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) से हुई पूछताछ भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद अहम है। उसके बयानों से यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसियों की भूमिका 26/11 जैसे हमलों में कितनी गहरी है। राणा जैसे व्यक्ति, जो पहले डॉक्टर थे और सेना में सेवा कर चुके थे, किस प्रकार आतंकवाद की ओर मुड़े, यह न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कट्टरपंथ कैसे शिक्षित और प्रशिक्षित लोगों को भी प्रभावित कर सकता है। आने वाले समय में तहव्वुर राणा  (Tahawwur Rana) से और भी खुलासे होने की संभावना है, जो इस हमले से जुड़े शेष रहस्यों से पर्दा उठा सकते हैं। साथ ही, यह भारत के लिए वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के खिलाफ ठोस सबूत भी प्रस्तुत कर सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news  #TahawwurRana #MumbaiTerrorAttack #Kasab #MumbaiAttack

आगे और पढ़ें
National Career Service Portal

National Career Service: इस वेबसाइट पर है लाखों में है जॉब वैकेंसी, आपको भी मिल सकती है नौकरी यहां? 

भारत में नौकरी की तलाश करना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। देशभर में लाखों लोग हर साल नौकरी की तलाश में रहते हैं, चाहे वो कॉलेज से पासआउट हुए फ्रेशर हों या फिर अनुभवी प्रोफेशनल्स, जो करियर में बदलाव चाहते हैं। ऐसे ही लोगों के लिए भारत सरकार ने एक बड़ी और उपयोगी पहल की है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल (National Career Service Portal) अब देशभर में नौकरी तलाशने वालों के लिए एक भरोसेमंद और प्रभावशाली मंच बन चुका है। क्या है NCS पोर्टल? NCS पोर्टल (National Career Service Portal) एक सरकारी प्लेटफ़ॉर्म है जिसे श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा विकसित और संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश में बेरोजगारी (Unemployment) को कम करना और युवाओं को उचित अवसर प्रदान करना है। यह पोर्टल एक ऐसा माध्यम है जहां सरकारी और निजी क्षेत्र की 33 लाख से ज्यादा नौकरियों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध है। इस पोर्टल पर जॉब सीकर्स (नौकरी ढूंढने वाले), एंप्लॉयर्स, ट्रेनिंग प्रोवाइडर्स और करियर काउंसलर (Career Counselor) जैसी सभी के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह पोर्टल पारदर्शिता, पहुंच और सुविधा के तीन प्रमुख सिद्धांतों पर आधारित है। National Career Service Portal पर कैसे करें रजिस्ट्रेशन? इस पोर्टल का इस्तेमाल करने के लिए आपको सबसे पहले ncs.gov.in पर जाकर खुद को रजिस्टर करना होगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया काफी आसान है: कैसे खोजें और अप्लाई करें नौकरी? रजिस्ट्रेशन के बाद यूजर अपनी प्रोफाइल में जाकर अपनी योग्यताओं और रुचियों के आधार पर नौकरियाँ खोज सकते हैं। पोर्टल में विभिन्न फ़िल्टर विकल्प उपलब्ध हैं जैसे: जब कोई उपयुक्त जॉब (Job vacancies) मिल जाती है, तो बस एक क्लिक में आप “Apply Now” बटन दबाकर उस नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। आपको रिज्यूमे भी पोर्टल पर अपलोड करना होता है, जिससे नियोक्ता आपसे संपर्क कर सकें। View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jairashtranews) NCS पोर्टल की प्रमुख सुविधाएँ: इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? किन्हें होगा सबसे ज्यादा फायदा? नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल (National Career Service Portal) नौकरी की तलाश में लगे लाखों युवाओं के लिए एक क्रांतिकारी पहल है। इसके माध्यम से देशभर में फैली लाखों नौकरियों की जानकारी एक ही स्थान पर मिल जाती है। यह पोर्टल न सिर्फ जॉब सर्च को आसान बनाता है, बल्कि युवाओं को सही दिशा में करियर गाइडेंस (Career Guidance) भी देता है। अगर आप भी नौकरी की तलाश में हैं या करियर में नया मुकाम पाना चाहते हैं, तो अभी ncs.gov.in पर जाकर रजिस्टर करें और अपने सपनों की नौकरी की ओर पहला कदम बढ़ाएं। Latest News in Hindi Today Hindi National Career Service #NationalCareerServicePortal #NCS #Jobs #Governmentjob #Privatejob

आगे और पढ़ें
AIMIM- Asaduddin owaisi and Akhtarul Iman

Bihar Assembly Election 2025: क्या है AIMIM की नई रणनीति और तीसरे मोर्चे की तैयारी?

जैसे-जैसे बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) का समय करीब आ रहा है, राज्य का सियासी पारा बढ़ता जा रहा है। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी  तैयारी में जुट गए हैं और इसी कड़ी में अब असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने एक नई सियासी चाल चली है। AIMIM ने बिहार में फिर से राजनीतिक समीकरण बदलने की कोशिशें शुरू कर दी हैं और यह साफ कर दिया है कि पार्टी इस बार कोई बड़ा दांव खेलने को तैयार है। महागठबंधन को दिया प्रस्ताव AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान (Akhtarul Iman) ने मीडिया से बातचीत की और बताया कि उन्होंने करीब 15 दिन पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस (Congress) और वाम दलों (Wam Dal) को एक प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में AIMIM ने महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि बिहार के हित में खासकर युवाओं और सामाजिक दृष्ट्रिकों से यह कदम उठाया गया है। अख्तरुल ईमान ने कहा है कि सीटों के बंटवारे को लेकर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है, लेकिन 2020 के चुनाव में हासिल सीटों और प्रदर्शन के आधार पर कोई फॉर्मूला तय किया जा सकता है। गौरतलब है कि 2020 के विधानसभा चुनाव (2020 Assembly Election) में महागठबंधन ने कुल 112 सीटें जीती थीं, जबकि AIMIM ने 20 में से 5 सीटें अपने नाम की थीं। तीसरे मोर्चे की अटकलें तेज हालांकि AIMIM की ओर से महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर गठबंधन में उन्हें जगह नहीं मिली, तो वे तीसरे मोर्चे का विकल्प भी तलाश सकते हैं। अख्तरुल ईमान (Akhtarul Iman) ने बताया कि कुछ अन्य दलों से बातचीत चल रही है, हालांकि उन्होंने इन दलों के नामों का खुलासा नहीं किया। यह संकेत इशारा करता है कि बिहार की राजनीति में एक नया मोर्चा उभर सकता है जो न तो एनडीए (NDA) का हिस्सा होगा और न ही महागठबंधन (UPA) का। AIMIM का यह रुख संभावित सहयोगी दलों के साथ एक अलग सेक्युलर फ्रंट खड़ा करने की मंशा दर्शाता है। वोटर लिस्ट पर सवाल और NRC का डर AIMIM ने चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा की जा रही वोटर लिस्ट पुनरीक्षण प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। अख्तरुल ईमान ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया NRC जैसी है, जिसके जरिए दलित, महादलित और अल्पसंख्यकों को सूची से हटाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि AIMIM का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही चुनाव आयोग से मुलाकात करेगा और इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराएगा। AIMIM का बिहार में राजनीतिक दखल 2020 के विधानसभा चुनाव (2020 Assembly Election) से खासा बढ़ा है। उस चुनाव में पार्टी ने ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट के तहत 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 5 सीटों पर जीत हासिल की थी। यह सीटें बिहार के सीमांचल क्षेत्र से थीं, जहाँ मुस्लिम आबादी अधिक है। पार्टी को कुल 5.23 लाख वोट मिले थे और उसका वोट शेयर लगभग 1.3% रहा था। हालांकि चुनाव के बाद AIMIM के चार विधायक RJD में शामिल हो गए थे, जिससे पार्टी को झटका लगा था। लेकिन इस बार पार्टी फिर से सीमांचल को केंद्र में रखकर चुनावी रणनीति बना रही है। AIMIM और पुराने सहयोगी दल 2020 में AIMIM ने जिन दलों के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था, उनमें उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी (BSP), समाजवादी जनता दल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) शामिल थे। आज इनमें से कई दल एनडीए का हिस्सा बन चुके हैं, जबकि कुछ ने खुद को नए राजनीतिक स्वरूप में ढाल लिया है। उदाहरण के तौर पर उपेंद्र कुशवाहा अब राष्ट्रीय लोक मंच बनाकर एनडीए में शामिल हैं, जबकि ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी भी एनडीए के साथ है। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) में AIMIM की सक्रियता और उसकी रणनीतिक पहल यह दर्शाती है कि पार्टी इस बार निर्णायक भूमिका निभाने की मंशा रखती है। महागठबंधन से प्रस्ताव स्वीकार नहीं होने की स्थिति में तीसरा मोर्चा बनाना AIMIM के लिए एक बड़ा राजनीतिक कदम हो सकता है, जिससे बिहार की चुनावी तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। जहां एक ओर AIMIM भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के लिए विपक्षी दलों से हाथ मिलाने को तैयार है, वहीं दूसरी ओर वह अपने सीमांचल प्रभाव का इस्तेमाल कर एक स्वतंत्र शक्ति बनकर उभरना चाहती है। आने वाले हफ्ते और महीने यह तय करेंगे कि यह रणनीति AIMIM को चुनावी फायदे दिलाएगी या फिर सियासी नुकसान। लेकिन एक बात तो तय है कि इस बार बिहार की राजनीति में AIMIM एक बार फिर से सुर्खियों में है। Latest News in Hindi Today Hindi news AIMIM- Asaduddin owaisi and Akhtarul Iman #BiharAssemblyElection2025 #AssemblyElection #AIMIM #AsaduddinOwaisi #AkhtarulIman

आगे और पढ़ें
Translate »