पीएम मोदी का गुजरात दौरा: विरासत और विकास का संगम

पीएम मोदी का गुजरात दौरा: विरासत और विकास का संगम

गुजरात, 20 सितंबर 2025 — आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया जिसमें सौर ऊर्जा, समुद्री विरासत और सामाजिक विकास से जुड़े कई पहलुओं पर ज़ोर दिया गया। उनका यह दौरा इस बात का प्रतीक है कि कैसे विकास और पारंपरिक विरासत को साथ लेकर चलना संभव है। नए सोलर विलेज की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने कच्छ जिले के धोरड़ो गाँव को राज्य का चौथा पूर्णतः सौर ऊर्जा पश्चिम गाँव (solar village) घोषित किया। धोरड़ो पिछले कुछ समय से पर्यटन की दृष्टि से प्रसिद्ध है, और अब यह सोलर विलेज बनते ही पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उदाहरण स्थापित करेगा। राज्य सरकार ने इस पहल को पर्यावरण अनुकूल विकास की दिशा में कदम बताया है।  राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का निरीक्षण अपने दौरे के दौरान उन्होंने अहमदाबाद जिले की लोथल स्थित राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का निरीक्षण किया। लगभग ₹4,500 करोड़ की इस परियोजना का उद्देश्य भारत की प्राचीन समुद्री सभ्यता और व्यापारिक इतिहास को जीवंत बनाना है। लोथल का इतिहास इंडस घाटी की प्राचीन परंपराओं से जुड़ा है और NMHC में बनने वाले उद्घाटन किए जा चुके हिस्सों और चल रहे कार्यों का पीएम मोदी ने जायजा लिया।  सार्वजनिक संबोधन और रोडशो प्रधानमंत्री ने इस दौरे के दौरान जनता को संबोधित किया और रोडशो भी किया। इस तरह की सार्वजनिक उपस्थापनाएं विकास की परियोजनाओं के साथ सीधे लोगों को जोड़ने का माध्यम बनती हैं। मोदी के भाषणों में अक्सर स्थानीय जरूरतों, ग्रासरूट विकास और सरकार की योजनाओं की अहमियत बताई जाती है, जिससे जनता को सरकार की प्राथमिकताएं समझ में आती हैं।  “विरासत भी, विकास भी” का सिद्धांत प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा उस प्रस्तावना को पुष्ट करता है जो उन्होंने विकास के साथ विरासत को भी महत्व देने की कही है — अर्थात् पुरातन इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते हुए आगे बढ़ना। धोरड़ो गाँव में सोलर विज़न लागू करना और लोथल जैसे ऐतिहासिक स्थल को पुनर्जीवित करना इस दृष्टिकोण के स्पष्ट उदाहरण हैं।  लाभ और चुनौतियाँ इन पहलों से स्थानीय लोगों को कई तरह से लाभ मिलने की उम्मीद है — बिजली की बचत, पर्यटन से आय, स्थानीय रोजगार, और पर्यावरणीय स्थिरता। हालांकि, इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करना, रख-रखाव सुनिश्चित करना, और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप संचालन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह जरूरी है कि परियोजनाएँ सिर्फ उद्घाटन तक ही सीमित न रह जाएँ बल्कि लंबे समय तक चलने वाले हों। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश  प्रधानमंत्री मोदी का यह गुजरात दौरा यह संदेश दे रहा है कि विकास का रास्ता सिर्फ नई परियोजनाएँ नहीं हैं, बल्कि पुरानी विरासत को संजोने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने के माध्यम से भी गुजरता है। धोरड़ो गाँव का सोलर विलेज बनना और लोथल परिसर का काम इस तरह के मिश्रित विकास का प्रमाण हैं। जैसे-जैसे ये परियोजनाएँ पूरी होंगी, यह देखना होगा कि इनके प्रभाव कितने व्यापक और दीर्घकालीन होते हैं — क्या ये जमीन पर बदलाव लाती हैं? गुजरात के लोगों और सरकार दोनों की निगाहें इस दिशा में बनी हुई हैं।

आगे और पढ़ें
PM Modi on his first visit after Manipur violence

हिंसा के बाद पहली बार दौरे पर पीएम मोदी

मणिपुर में शांति बहाली की बड़ी पहल, हिंसा के बाद पहली बार दौरे पर पीएम मोदी लंबे इंतजार के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मणिपुर का दौरा करेंगे। मई 2023 में भड़की नस्लीय हिंसा के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी। इस दौरान वे इंफाल और चुड़ा चांदपुर—दोनों इलाकों में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। 10,800 करोड़ की परियोजनाएं प्रधानमंत्री चुड़ा चांदपुर में 7,300 करोड़ और इंफाल में 3,600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा 2,500 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग की पांच परियोजनाएं, मणिपुर इंफोटेक डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और नौ जिलों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल भी शुरू किए जाएंगे। हिंसा के बाद बदले हालात 3 मई 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद कुकी और मैतेयी समुदायों के बीच हिंसा भड़की थी। हालात बिगड़ने पर फरवरी 2024 में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। सरकार ने इसके बाद दोनों समुदायों से लगातार बातचीत की और अब पीएम मोदी का यह दौरा शांति की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है। सियासी महत्व विपक्ष लगातार यह सवाल उठाता रहा है कि पीएम ने हिंसा के बाद मणिपुर का दौरा क्यों नहीं किया। ऐसे में यह यात्रा राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। मणिपुर के बाद प्रधानमंत्री असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में भी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

आगे और पढ़ें
PM Modi warns Pakistan against double standards on terrorism at BRICS summit

‘आतंकवाद पर दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं, चुकानी पड़ेगी बड़ी कीमत…’, PM मोदी ने पाक को BRICS के मंच से जमकर धोया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) अपनी 8 दिवसीय विदेश यात्रा के 6 दिन ब्राजील पहुंचे हैं। पीएम मोदी (PM Modi) ने यहां रियो डी जनेरियो में चल रहे 17वें ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) में हिस्सा लिया। इस समिट में उन्होंने आतंकवाद मानवता के समक्ष सबसे बड़ा खतरा बताते हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ”पहलगाम में जो अमानवीय और कायराना आतंकी हमला हुआ, उसे पूरी दुनिया ने देखा। यह सामान्य आतंकी हमला नहीं था, यह इंसानियत पर हमला था।”  पीएम मोदी (PM Modi) ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) के पीस एंड सिक्योरिटी एंड रिफॉर्म ऑफ ग्लोबल गवर्नेंस सत्र में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने सभी देशों के बीच शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता जता, लेकिन साथ ही पड़ोसी मुल्क पर आतंकवाद के लिए निशाना भी साधा। पीएम मोदी ने कहा, ”दोहरे मापदंडों की इस दुनिया में कोई जगह नहीं है। अगर कोई देश आतंकवाद का भरण पोषण कर रहा है, तो उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। आतंकियों पर कार्रवाई करने और उन पर प्रतिबंध लगाने में किसी को  कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद पर मौन सहमति को भारत जिस तरह से बर्दाश्त नहीं कर रहा है, उसी तरह सभी देशों को आतंकवाद पर निर्णायक फैसला लेना चाहिए।  पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध की धरती है और उनके द्वारा दिखाए गए शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने को लेकर प्रतिबध है। हमारे सामने चाहे कितनी भी मुश्किल परिस्थितियां आएं, हमारे लिए शांति और मानवता का कल्याण ही सबसे बेहतरीन मार्ग रहेगा।  पहलगाम आतंकी हमले की ब्रिक्स देशों ने की निंदा  ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) में भारत को बड़ी सफलता मिली है। इस समिट में शामिल सभी देशों ने एकजुट होकर कड़े शब्दों में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की है। ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के हर प्रारूप, सीमापार आतंकवाद और आतंकवाद व आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ प्रति जीरो टॉलरेस नीति बनाने के प्रति प्रतिबद्धता जताई। ब्रिक्स देशों की तरफ जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि, ”हम 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। हम आतंकवाद के हर प्रारूप के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाने का आग्रह करने के साथ आतंकवाद से निपटने के लिए दोहरे मापदंडों को भी पूरी तरह से खारिज करते हैं।”  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ ब्रिक्स सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और जयशंकर ने की कई अहम द्विपक्षीय बैठकें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और विदेश मंत्री डाॅ. एस जयशंकर (S Jaishankar) ने कई दूसरे देश के लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की है। पीएम मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चीन्ह, मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डिआज-कैनेल के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक की। इन बैठकों का लक्ष्य द्विपक्षीय रिश्ते को मजबूत बनाना और अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत करना था।  वहीं दूसरी तरफ विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर (S Jaishankar) ने भी दूसरे देश के अपने समकक्षों के साथ बैठक की। एस जयशंकर (S Jaishankar) ने सबसे पहले रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने के साथ उसे और आगे ले जाने पर सहमति जताई। इसके अलावा जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ भी बैठक की। इस द्विपक्षीय मुलाकात में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर बातचीत हुई। बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर ईरानी विदेश मंत्री के साथ की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘हमारी बातचीत हाल के अहम क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर केंद्रित रही।’ विदेश मंत्री जयशंकर ने मैक्सिको के विदेश सचिव जुआन रामोन डे ला फ़ुएंते के साथ भी अहम बैठक की। इस मुलाकात में देानों देशों के बीच स्वास्थ्य, डिजिटल, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष जैसे अहम मुद्दों पर साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।  Latest News in Hindi Today Hindi news BRICS Summit #PMModi #BRICSSummit #Pakistan #Terrorism #ModiSpeech #IndiaPakistan #BRICS2025

आगे और पढ़ें
PM Modi praises Bihar’s rich heritage

PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago: त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर पीएम मोदी ने बिहार की विरासत को बताया भारत और दुनिया का गौरव

इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर हैं। इस बीच वहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “मैं कुछ समय पहले ही पक्षियों की इस खूबसूरत भूमि पर आया हूं। और मेरा पहला जुड़ाव यहां के भारतीय समुदाय के साथ (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) है। यह पूरी तरह से स्वाभाविक लगता है, क्योंकि हम एक परिवार का हिस्सा हैं।” पीएम मोदी ने कहा कि “जब मैं पिछली बार आया था, तब से लेकर अब तक 25 साल हो चुके हैं। हमारी दोस्ती और भी मजबूत हुई है। बनारस, पटना, कोलकाता और दिल्ली भले ही भारत के शहर हों, लेकिन यहां की सड़कों के नाम भी हैं। नवरात्रि, महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी यहां हर्ष, उल्लास और गर्व के साथ मनाई जाती है। चौताल और भिटक गण यहां पर पनपते रहते हैं। मैं यहां कई जाने-पहचाने चेहरों की गर्मजोशी देख सकता हूं। मैं युवा पीढ़ी की चमकीली आंखों में जिज्ञासा देख सकता हूं, जो एक साथ जानने और बढ़ने के लिए उत्सुक हैं। हमारे रिश्ते भूगोल और पीढ़ियों से कहीं आगे तक फैले हुए हैं।” प्रधानमंत्री कमला जी के पूर्वज बिहार के बक्सर में रहा (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) करते थे इस बीच पीएम मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर को महाकुंभ के संगम और सरयू नदी का पवित्र जल भी दिया। इसके साथ ही उन्हें श्री राम मंदिर की प्रतिकृति भी भेंट की। पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि “आप सभी जानते हैं कि इस वर्ष की शुरुआत में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम महाकुंभ हुआ (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) था। मुझे महाकुंभ का जल अपने साथ ले आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मैं कमला जी से अनुरोध करता हूं कि वे सरयू नदी और महाकुंभ का पवित्र जल यहां गंगा धारा में अर्पित करें।” इसके बाद लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “प्रधानमंत्री कमला जी के पूर्वज बिहार के बक्सर में रहा करते थे। कमला जी स्वयं वहां जाकर भी आई हैं। लोग इन्हें बिहार की बेटी मानते हैं। यहां उपस्थित अनेक लोगों के पूर्वज बिहार से ही आए हैं। बिहार की विरासत भारत के साथ ही दुनिया का भी गौरव है। लोकतंत्र हो, राजनीति हो, कूटनीति हो, उच्च शिक्षा हो, बिहार ने सदियों पहले दुनिया को ऐसे अनेक विषयों में नई दिशा दिखाई थी। मुझे विश्वास है कि 21वीं सदी की दुनिया के लिए भी बिहार की धरती से नई प्रेरणाएं और नए अवसर निकलेंगे।” मुझे यकीन है कि आप सभी ने 500 साल बाद अयोध्या में रामलला की वापसी का स्वागत (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) किया होगा- पीएम मोदी  इस बीच रामचरित मानस का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, मैं प्रभु श्री राम में आपकी गहरी आस्था से अवगत हूं। यहां की राम लीलाएं वास्तव में अनूठी हैं। रामचरितमानस में कहा गया है कि प्रभु श्री राम की पवित्र नगरी इतनी सुंदर है कि इसकी महिमा का गुणगान दुनिया भर में होता (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) है। मुझे यकीन है कि आप सभी ने 500 साल बाद अयोध्या में रामलला की वापसी का स्वागत किया होगा। आपने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पवित्र जल और शिलाएं भेजी थीं। मैं भी इसी तरह की भक्ति भावना के साथ यहां कुछ लाया हूं। राम मंदिर की प्रतिकृति और पवित्र सरयू से कुछ जल लाना मेरे लिए सम्मान की बात है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वो समय अब दूर नहीं है कि जब कोई भारतीय चंद्रमा पर पहुंचेगा और भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा। हम अब तारों को सिर्फ गिनते नहीं हैं, आदित्य मिशन के रूप में उनके पास जाने का प्रयास करते हैं। हमारे लिए अब चंदा मामा दूर के नहीं है। हम अपनी मेहनत से असंभव को भी संभव बना रहे हैं। इसे भी पढ़ें:-  मीरा रोड थप्पड़ कांड पर संजय निरुपम ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, आखिर पुलिस क्यों नहीं ले रही है कोई एक्शन? आपके पूर्वजों ने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिल में रामायण को ले (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) गए पीएम मोदी ने आगे कहा, त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय समुदाय की यात्रा साहस के बारे में है। आपके पूर्वजों ने जिन परिस्थितियों का सामना किया, उसने सबसे मजबूत आत्माओं को भी तोड़ दिया होगा, लेकिन उन्होंने उम्मीद के साथ कठिनाइयों का सामना (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) किया। उन्होंने समस्याओं का डटकर सामना किया। उन्होंने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिल में रामायण को ले गए। उन्होंने अपनी मिट्टी छोड़ी, लेकिन अपना नमक नहीं। वे केवल प्रवासी नहीं थे, वे एक शाश्वत सभ्यता के दूत थे। उनके योगदान ने इस देश को सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से लाभान्वित किया है। Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi #PMModi #BiharHeritage #TrinidadVisit #GlobalPride #IndiaCulture #ModiAbroad #BiharPride #IndianDiaspora #ModiSpeech #IndianCulture

आगे और पढ़ें
What is Truth Social?

क्या है Truth Social? पीएम मोदी और प्रेसिडेंट ट्रंप भी एक्टिव हैं इस अकाउंट पर

पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Social Media Platform) न केवल बातचीत का माध्यम है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक विमर्श को भी दिशा दे रहे हैं। इसी संदर्भ में एक नाम तेजी से चर्चा में आया है और वह है ट्रुथ सोशल (Truth Social)। इस प्लेटफॉर्म पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) द्वारा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का भी अकाउंट बना हुआ है।   ट्रुथ सोशल (Truth Social) क्या है? ट्रुथ सोशल (Truth Social) एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  (Social Media Platform) है जिसे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2021 में लॉन्च किया था। यह प्लेटफॉर्म ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (Trump Media & Technology Group {TMTG}) के अंतर्गत आता है। इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने का उद्देश्य था एक ऐसा मंच तैयार करना जो फ्री स्पीच (Free Speech) को प्राथमिकता दे और पारंपरिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स  (Social Media Platforms) जैसे ट्विटर (X), फेसबुक (Facebook) आदि के मुकाबले एक अन्य विकल्प हो। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का ट्विटर अकाउंट 2021 में अमेरिकी संसद पर हुए हमले के बाद स्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने  ट्रुथ सोशल (Truth Social) की शुरुआत की। इस प्लेटफॉर्म को एक रूढ़िवादी विकल्प (Conservative alternative) के रूप में देखा गया, जो विशेष रूप से उन विचारधाराओं को मंच देने का दावा करता है जो मुख्यधारा के प्लेटफॉर्म्स पर सेंसर हो सकती हैं। ट्रुथ सोशल (Truth Social) की क्या है खासियत?  पीएम मोदी भी हैं Truth Social पर एक्टिव   2025 में यह खबर सामने आई कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भी ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर अपना आधिकारिक अकाउंट बनाया है। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि भारत सरकार भी वैकल्पिक सोशल मीडिया मंचों पर अपनी मौजूदगी को मजबूत करना चाहती है। पीएम मोदी सोशल मीडिया (Social Media) के प्रभाव को समझने वाले नेताओं में से एक हैं। उन्होंने पहले भी ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे मंचों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है।  ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर उनकी मौजूदगी यह दर्शाती है कि सरकार वैश्विक और वैकल्पिक मंचों पर भी सक्रिय रहना चाहती है, खासकर ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर जो फ्री-स्पीच को प्राथमिकता देते हैं। इसे भी पढ़ें:-  Axiom-4 मिशन में शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक उड़ान ट्रंप और  ट्रुथ सोशल का क्या है रिश्ता?  डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) इस प्लेटफॉर्म के संस्थापक और प्रमोटर हैं। उन्होंने ट्रुथ सोशल (Truth Social) को बिग टेक (Big Tech) के खिलाफ एक हथियार के रूप में खड़ा किया है। ट्रंप का आरोप रहा है कि ट्विटर, फेसबुक जैसी कंपनियां दक्षिणपंथी विचारों को दबाने का काम करती हैं। ट्रुथ सोशल के ज़रिए वे एक ऐसी जगह तैयार करना चाहते थे जहाँ उनके समर्थक बिना डर या सेंसरशिप के अपनी बात कह सकें। हालांकि ट्रंप को बाद में ट्विटर (अब एक्स) पर वापस बुला लिया गया, लेकिन उन्होंने अभी भी ट्रुथ सोशल (Truth Social) को बरकरार रखा है।  ट्रुथ सोशल (Truth Social) ने शुरुआत में बड़ी चर्चा बटोरी थी, लेकिन यह अभी भी ट्विटर या फेसबुक जैसी वैश्विक लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाया है। इसके सीमित यूज़रबेस, तकनीकी गड़बड़ियों और राजनीतिक विवादों ने इसकी गति को कुछ हद तक धीमा कर दिया। इसके अलावा यह मंच मुख्य रूप से अमेरिकी उपयोगकर्ताओं पर केंद्रित रहा है। लेकिन पीएम मोदी जैसे वैश्विक नेता का इस पर आना इस बात का संकेत हो सकता है कि यह प्लेटफॉर्म आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खुद को स्थापित करने की कोशिश करेगा। ट्रुथ सोशल एक वैकल्पिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जो फ्री स्पीच (Free Speech) के विचार को आगे बढ़ाने का दावा करता है। डोनाल्ड ट्रंप की पहल से शुरू हुआ यह मंच अब वैश्विक नेताओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इसमें शामिल होना इस दिशा में एक बड़ा संकेत है कि भारत वैश्विक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभाना चाहता है। ट्रुथ सोशल (Truth Social) का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि यह किस तरह खुद को ग्लोबली रिप्रेजेंट करता है और क्या यह अपने वादे के अनुसार वाकई एक स्वतंत्र और निष्पक्ष मंच है या नहीं।  Latest News in Hindi Today Hindi Truth Social #truthsocial #PMModi #DonaldTrump #SocialMediaNews #TruthApp #ModiTrump #TrendingNews

आगे और पढ़ें
International Yoga Day 2025

एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योगा, पीएम मोदी का इंटरनेशनल योगा डे पर संदेश

योगा (Yoga) को फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद माना गया है। यही कारण है कि पूरी दुनिया ने योगा के महत्व को समझा है और इसे अपनाया है। हर साल जून 21 को इंटरनेशनल योगा डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन की शुरुआत 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा की गई थी। इस साल इसकी थीम है “एक पृथ्वी, एक हेल्थ के लिए योगा”। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है लोगों के बीच के योग के लिए जागरूक करना और उन्हें इसे अपने जीवन में शामिल करने के लिए प्रेरित करना। इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) जी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) मनाया। आइए जानें इस बारे में और अधिक। योगा (Yoga)  के महत्व के बारे में भी जानें।   इंटरनेशनल योगा डे 2025 इस साल का इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा विशाखापट्टनम में किया गया। इस इवेंट को रामकृष्ण बीच से भोगलपुराम तक 26 किलोमीटर के एरिया में आयोजित किया गया। ऐसा अनुमान है इसमें लगभग 3 लाख लोगों ने भाग लिया। आज 11वें इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) पर प्रधानमंत्री ने लोगों को यह संदेश दिया कि योगा (Yoga) मानवता के लिए एक जरूरी साधन है, जो हमें तनाव से दूर रहने में मदद कर सकता है।  आंध्र प्रदेश सरकार ने इस इवेंट के लिए अच्छे तैयारियां की थी। इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार ने योगंध्र-2025″ इवेंट ऑर्गेनाइज किया है। इसका उद्देश्य केवल और केवल योगा (Yoga)  को बढ़ावा देना और लोगों को इसे करने के लिए प्रेरित करना है। इस दिन कई अन्य प्रतिष्ठित लोगों ने भी भाग लिया और लोगों को इसके बारे में बताया। यह कार्यक्रम न केवल योगा (Yoga) के महत्व को लोगों तक बताने बल्कि भारत की कल्चरल हेरिटेज को लोगों को पहुंचाने का अच्छा तरीका है। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार क्या हैं योगा के फायदे? हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार योगा (Yoga) के कई फायदे हैं जो शरीर और दिमाग से जुड़े हैं। इन्हें करने से शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी और स्ट्रेंथ बढ़ती है। इसके साथ ही चिंता और तनाव भी दूर होते हैं। जानिए किस तरह से है यह हमारे लिए बेनेफिशियल और क्यों करना चाहिए इसे हमें अपने जीवन में शामिल: संक्षेप में कहा जाए तो हेल्दी रहने के लिए योगा को अपनी दिनचर्या का एक भाग बना लेना चाहिए। इस इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) आप भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं और अन्य लोगों को भी इसके बारे में बताएं। यह बात भी ध्यान में रखें कि योगा (Yoga) की शुरुआत किसी एक्सपर्ट की राय और मार्गदर्शन के बाद ही करें। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi International Yoga Day #PMModi #YogaDay2025 #OneEarthOneHealth #InternationalYogaDay #YogaForWellness

आगे और पढ़ें

PM Modi Bihar Visit: विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने एक बार फिर बिहार का दौरा (PM Modi Bihar Visit) किया और सीवान की धरती से कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी। साथ ही अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए जनता को सतर्क रहने का संदेश दिया। यह दौरा चुनावी दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह छह महीने में पीएम मोदी का चौथा और बीते 20 दिनों में दूसरा बिहार दौरा है। संविधान और स्वतंत्रता संग्राम की भूमि को नमन सीवान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बिहार की ऐतिहासिक भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा, “यह धरती संविधान को ताकत देने वाली, स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा देने वाली है। बिहार ने देश को नेतृत्व दिया है और आने वाले समय में भारत को तीसरी सबसे बड़ी महाशक्ति बनाने में बिहार की बड़ी भूमिका होगी।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बताया कि वह हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे हैं और समृद्ध देशों के नेताओं से मुलाकात की है। उन्होंने बताया कि विदेशी नेता भारत की तेज प्रगति और वैश्विक स्तर पर बढ़ती भूमिका से प्रभावित हैं। ऐसे में बिहार (Bihar) को इस प्रगति का केंद्र बताया और राज्य की जनता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सतर्क रहें। विपक्ष पर हमला: जंगलराज और पलायन का जिक्र अपने संबोधन में पीएम मोदी (PM Modi) ने आरजेडी और कांग्रेस (RJD and Congress) पर सीधा हमला करते हुए कहा कि “जंगलराज वाले फिर से मौके तलाश रहे हैं और तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।” उन्होंने लालू यादव की पार्टी और उनके सहयोगियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि “पंजे और लालटेन वाले दलों ने बिहार की पहचान पलायन से जोड़ दी थी। उन्होंने बिहार के स्वाभिमान को गहरी ठेस पहुंचाई।” उन्होंने आगे कहा कि एनडीए सरकार (NDA Government) को जब बिहार की जनता ने मौका दिया, तब गरीबी हटाने का वास्तविक प्रयास दिखा और देशभर में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए। पीएम ने बताया कि आज दुनिया भारत के इस प्रयास की तारीफ कर रही है। विकास की बौछार: 5736 करोड़ की योजनाएं इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बिहारवासियों को 5736 करोड़ रुपये की 22 बड़ी विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें प्रमुख योजनाएं शामिल हैं: इन योजनाओं से न केवल राज्य के बुनियादी ढांचे को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार और जीवनस्तर में भी सुधार होगा। इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री राजनीतिक हलचल: विपक्ष का तंज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के इस दौरे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि “पीएम मोदी बिहार आएंगे (PM Modi Bihar Visit) और फिर से जंगलराज की स्क्रिप्ट पढ़ेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बार-बार पुराने मुद्दों को उछालती है और असल समस्याओं से ध्यान हटाती है। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का यह दौरा न केवल राजनीतिक बल्कि विकासात्मक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। जनता के सामने एक बार फिर एनडीए सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की झलक पेश की गई है। वहीं, विपक्ष को घेरते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने जनता से अपील की कि वे विकास के इस मार्ग को बनाए रखें और भूतकाल की राजनीति से सावधान रहें। आने वाले महीनों में बिहार की राजनीतिक दिशा तय करने में इस दौरे की बड़ी भूमिका होगी। Latest News in Hindi Today Hindi  PM Modi Bihar Visit #PMModiBiharVisit #PMModi #BiharElection #BiharAssemblyElection

आगे और पढ़ें
Amit Shah

हमारी भाषाएं केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भारतीय भाषाओं के महत्व पर कहा है कि अब समय आ गया है जब भारत को अपनी भाषाई विरासत पर गर्व करते हुए, देसी भाषाओं के बल पर वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ना चाहिए। गुरुवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने साफ किया कि “हमारी भाषाएं केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है।” अंग्रेज़ी का मोह छोड़, देसी भाषाओं का अभिमान ज़रूरी अमित शाह (Amit Shah) ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “अब वह समय दूर नहीं जब अंग्रेज़ी बोलने वालों को शर्म महसूस होगी। हम एक ऐसे समाज की ओर बढ़ रहे हैं जहां देसी भाषाओं को सम्मान और गर्व का प्रतीक माना जाएगा।” उन्होंने कहा कि केवल दृढ़ संकल्प वाले लोग ही सामाजिक बदलाव ला सकते हैं और भारतीय भाषाओं को अपनाकर हम एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में अग्रसर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “भाषाएं हमारी संस्कृति का रत्न हैं और इन रत्नों के बिना हम सच्चे भारतीय नहीं बन सकते।” विदेशी भाषाएं भारत की आत्मा को नहीं समझ सकतीं गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने अपने भाषण में इस बात पर बल दिया कि किसी भी विदेशी भाषा के जरिए भारत को पूरी तरह से समझा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “देश, संस्कृति, इतिहास और धर्म को जानने और समझने के लिए भारतीय भाषाएं (Mother tongue) ही पर्याप्त हैं। हम अधूरी विदेशी भाषाओं के सहारे संपूर्ण भारत की कल्पना नहीं कर सकते।” उन्होंने स्वीकार किया कि यह बदलाव आसान नहीं होगा, क्योंकि दशकों से देश में अंग्रेज़ी को श्रेष्ठता का प्रतीक माना जाता रहा है, लेकिन उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि भारतीय समाज इस बदलाव में सफल होगा। पंच प्रण से जुड़े भाषाई गर्व का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा प्रस्तुत पांच प्रतिज्ञा का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह अब 130 करोड़ भारतीयों का संकल्प बन चुका है। ये पंच प्रण हैं: उन्होंने कहा कि इन प्रतिज्ञाओं को पूरा करने की दिशा में भाषाओं की भूमिका अहम होगी। “2047 तक जब भारत आज़ादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब तक हम शिखर पर होंगे – और इस यात्रा की बुनियाद भारतीय भाषाएं ही होंगी।” प्रशासनिक प्रशिक्षण में भारतीय भाषाओं का समावेश ज़रूरी गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने यह भी ज़ोर दिया कि प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण में अब बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हमें अपनी सिविल सेवाओं को भारतीय भाषाओं में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित करना होगा। इससे न केवल प्रशासन लोगों के और करीब आएगा, बल्कि नीति निर्माण और क्रियान्वयन में भी स्थानीय सांस्कृतिक और भाषाई जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।” इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री नई शिक्षा नीति से मिला भाषाओं को समर्थन गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का यह वक्तव्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की उस भावना के अनुरूप है, जिसमें मातृभाषा में शिक्षा देने पर बल दिया गया है। नीति में कहा गया है कि कक्षा 5 तक और यदि संभव हो तो कक्षा 8 तक बच्चों को मातृभाषा या स्थानीय भाषा में शिक्षा दी जाए। इससे न केवल बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ती है, बल्कि वे अपनी जड़ों से भी जुड़े रहते हैं। भारत जैसे बहुभाषी देश के लिए भाषाई गौरव केवल संस्कृति की बात नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय एकता की नींव भी है। गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का यह आह्वान कि भारतीय भाषाएं ही हमारी असली शक्ति हैं, एक महत्वपूर्ण संदेश है — खासकर उस समय जब वैश्वीकरण के दबाव में देश अपनी भाषाई विविधता और गहराई को खोता जा रहा है। अब यह आवश्यक हो गया है कि नीतियों, प्रशासन और शिक्षा में भारतीय भाषाओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि भारत न केवल आर्थिक और तकनीकी रूप से, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी आत्मनिर्भर बन सके। Latest News in Hindi Today Hindi  #mothertongue #AmitShah #PMModi #Hindi #HindiLanguage

आगे और पढ़ें
Rahul Gandhi letter to PM Modi

Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue: बिहार के इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने PM मोदी को पत्र लिख की यह मांग

बिहार में बढ़ती चुनावी सरगर्मी के तहत रायबरेली सांसद राहुल गाँधी इन दिनों बिहार पर अपना फोकस जमाए हुए हैं। इसीके मद्देनजर हाल ही में वो बिहार दौरे के दौरान दरभंगा पहुंचे थे। यहां वह अंबेडकर छात्रावास पर पहुंचे थे, जहां छात्रों ने अपनी परेशानियों से उनको अवगत कराया। फिर क्या था लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वंचित समुदायों के छात्रों को शिक्षा हासिल करने में आ रही समस्याओं का निवारण करने का अनुरोध (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) किया है। युवा नेता ने अपने पत्र में बिहार के दरभंगा स्थित अंबेडकर छात्रावास में छात्रों की परेशानियों का भी जिक्र किया है। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी को लिखे पत्र में राहुल गांधी ने दो महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने की गुजारिश की। बता दें कि राहुल ने पीएम मोदी से कहा, मैं आपसे दो महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने का अनुरोध करता हूं, जो वंचित समुदायों के 90 प्रतिशत छात्रों के लिए शिक्षा के अवसरों में बाधा डालते हैं। सबसे पहले, दलित, एसटी, ईबीसी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों के लिए आवासीय छात्रावासों की स्थिति बहुत खराब है।  इन विफलताओं (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) को दूर करने के लिए तुरंत दो कदम उठाए जाएं इस पूरे मामले पर राहुल गांधी ने कहा कि बिहार के दरभंगा में अंबेडकर छात्रावास (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) के हाल के दौरे के दौरान छात्रों ने शिकायत की कि एक ही कमरा है जिसमें 6-7 छात्रों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। शौचालय गंदे हैं। पीने का पानी स्वच्छ नहीं है। मेस की सुविधा नहीं है। और पुस्तकालयों या इंटरनेट तक पहुंच नहीं है। उन्होंने दूसरे मुद्दे के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दूसरे, हाशिए पर पड़े समुदायों के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में देरी और इसमें विफलताएं भी मिल रही हैं। राहुल गांधी ने उदाहरण देते हुए कहा, बिहार में, छात्रवृत्ति पोर्टल तीन साल तक काम नहीं कर रहा था और 2021-22 में किसी भी छात्र को छात्रवृत्ति नहीं मिली। इसके बाद भी, छात्रवृत्ति पाने वाले दलित छात्रों की संख्या में लगभग आधी गिरावट आई। जो वित्त वर्ष 23 में 1.36 लाख से घटकर वित्त वर्ष 24 में 0.69 लाख रह गई। छात्रों की शिकायत है कि छात्रवृत्ति की राशि अपमानजनक रूप से कम है। मैंने बिहार के उदाहरण दिए हैं, लेकिन ऐसी विफलताएं पूरे देश में फैली हुई हैं। यही नहीं, राहुल गांधी ने पत्र में आगे कहा कि मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि इन विफलताओं (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) को दूर करने के लिए तुरंत दो कदम उठाए जाएं। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक जब तक हाशिए पर पड़े समुदायों के युवा आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक भारत आगे नहीं बढ़ सकता- राहुल गाँधी  राहुल ने दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक छात्रावास का ऑडिट करवाया जाने की बात कही ताकि स्वच्छता, भोजन, अच्छी अवसंरचना और शैक्षणिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) सकें। तथा साथ ही कमियों को दूर करने हेतु पर्याप्त धनराशि आवंटित की जाए। पत्र में यह भी कहा गया कि छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि, मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति का समय पर वितरण तथा राज्य सरकारों के साथ मिलकर कार्य करते हुए क्रियान्वयन में सुधार किया जाए। राहुल गांधी ने कहा कि जब तक हाशिए पर पड़े समुदायों के युवा आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक भारत आगे नहीं बढ़ सकता।खैर , उन्होंने इन विषयों पर पीएम मोदी से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद की है। Latest News in Hindi Today Hindi Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue #rahulgandhi #pmmodi #biharissue #politics #breakingnews #biharnews #indianpolitics

आगे और पढ़ें
Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform

Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform: मोदी सरकार की अनोखी पहल, वक्फ प्रॉपर्टी के लिए लॉन्च हुआ UMEED पोर्टल 

वक्फ संपत्ति को लेकर मोदी सरकार ने क्रांतिकारी कदम उठाते हुए एक पोर्टल लांच किया (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) है। खबर के मुताबिक वक्फ एक्ट के तहत केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन हेतु उम्मीद पोर्टल लॉन्च किया है। बता दें कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने दिल्ली में इसे लॉन्च किया। इस दौरान सभी राज्यों के वक्फ बोर्ड के पदाधिकारी ऑनलाइन मौजूद रहे। लॉन्चिंग प्रोग्राम के दौरान किरण रिजिजू ने कहा कि उम्मीद पोर्टल सिर्फ एक टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन ही नहीं बल्कि अच्छे शासन प्रशासन और पारदर्शिता का भी प्रतीक है। वक्फ संपत्तियों से जुड़े सभी हिस्सेदारों को एक ही जगह पर साथ लाया गया है। जिसका मकसद वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल गरीब और जरूरतमंद मुसलमानों के लिए हो सके। गौरतलब हो कि इसे संसद द्वारा पास कानून के तहत बनाया गया है। पोर्टल को ईमेल और मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए वेरीफाई करके login किया जा सकेगा। पोर्टल के तीन लेवल के यूजर होंगे।  सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड हो सकेगा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) तैयार   पहला होगा मुतवल्ली या राज्य के वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति, जो वक्फ प्रॉपर्टी को रजिस्टर करने के लिए डिटेल (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) भरेगा। दूसरा जिला स्तर पर कोई अधिकारी होगा जो मुतवल्ली द्वारा भरी गई जानकारी को क्रॉस चेक करेगा और तीसरा होगा वक्फ बोर्ड का सीईओ या राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत अधिकारी प्रॉपर्टी के वक्फ के बतौर रजिस्ट्रेशन को अप्रूव करेगा। इस पोर्टल खासियत यह कि इसमें आंकड़े सटीक और व्यवस्थित हों सके इस लिए ड्रॉपडाउन इनपुट का सिस्टम बनाया गया है। इसका अर्थ यह हुआ कि पोर्टल पूरी तरह यूजर फ्रेंडली होगा। इसके साथ यह सभी स्थानीय प्रशासन से जुड़ी हुई निर्देशिका (एलजीडी) कोड्स को पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है। ये एलजीडी जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर है। प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सिर्फ एक चरण में हो होगी। खास बात यह कि पोर्टल हर एक वक्फ संपत्ति का 17 डिजिट यूनिक आईडी जनरेट करेगा। इससे सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो जाएगा।  इसे भी पढ़ें:-पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान  उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) होगी कमाल की बात यह कि इस यूनिक आईडी के जरिए वक्फ संपत्तियों का स्टेटस, मालिकाना हक और उसका इस्तेमाल पता करने में आसानी रहेगी। बड़ी बात यह कि रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी को एक सर्टिफिकेट भी मिलेगा। यही नहीं, इस पोर्टल में वक्फ संपत्ति की जानकारी आसानी से भरी जा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) सके इस हेतु एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। और तो और पोर्टल में भारत के सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून के तहत निजता के अधिकार का पूरा ध्यान रखा गया है। इसके अलावा बेहतर पारदर्शिता के लिए उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी होगी। जियो टैगिंग का मतलब, हर वक्फ संपत्ति की ज्योग्राफिकल लोकेशन का डेटा भी पोर्टल पर मौजूद रहेगा। और पोर्टल के जरिए ही संपत्तियों से जुड़े विवाद को सुलझाने की प्रक्रिया भी लाई गई है। अच्छी बात यह कि इससे पारदर्शिता भी आएगी। इसके अलावा मुकदमेबाजी की स्थिति में विवाद का निबटारा भी आसान होगा। यही नहीं, वक्फ के प्रकार में शिया, सुन्नी, बोहरा और आगाखानी का विकल्प पोर्टल में आएगा। इसके अलावा संपत्ति के 22 प्रकार भी रखे गए हैं। जिसके 22 कोड ड्रॉप डाउन लिस्ट में होगा। इनमें एग्रीकल्चर लैंड, खानखाना, स्कूल, दुकान, प्लॉट, हुज़रा, मकतब, मस्जिद, अशुरखाना, दरगाह, ग्रेव यार्ड, ईदगाह, इमामबाड़ा, फिशिंग पौंड, तकिया, फलों के बाग, मदरसा और मकान जैसे कई 22 विकल्प आयेंगे। जिनमें से किसी एक विकल्प को चुनना होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform UMEEDPortal #WaqfProperty #ModiGovernment #DigitalIndia #MinorityWelfare #PropertyTransparency #SmartGovernance

आगे और पढ़ें
Translate »