PM Modi thundered in Madhubani,

PM Modi Madhubani speech: मधुबनी में गरजते हुए पीएम मोदी ने कहा, आतंकियों को उनकी सोच से भी ज्यादा दी जाएगी बड़ी सजा

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्टों पर आतंकवादियों द्वारा किए गए कायराना हमले में 26 लोग मारे गए थे। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से पहली प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ देश का रूख साफ किया है। पीएम मोदी ने मधुबनी में (PM Modi Madhubani speech) आतंकवादियों को कड़ी सजा देने का वादा किया। उन्होंने आतंकियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि “भारत न्याय मिलने तक चैन से नहीं बैठेगा।  भारत आतंकवादियों को धरती के आखिरी छोर तक खदेड़ देगा।” दरअसल, बिहार के मधुबनी में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में जिस क्रूरता से आतंकवादियों ने निर्दोष नागरिकों की हत्या की, उससे पूरा देश दुखी है। इस बीच पीएम मोदी ने कहा कि “आइए हम सभी इस दुख की घड़ी में एक साथ खड़े हों और एक मिनट का मौन रखें। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले में खोए गए परिवार के सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखें।” बता दें कि इस दौरान प्रधानमंत्री ने ओम शांति का जाप भी किया। आतंकवाद को दंडित किए बिना नहीं छोड़ा (PM Modi Madhubani speech) जाएगा इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि “22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने देश के निर्दोष लोगों की हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरा देश शोक और पीड़ा में है। हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। आज बिहार की धरती से भारत हर आतंकवादी, उसके आकाओं और उसके समर्थकों की पहचान करेगा, उन्हें ट्रैक करेगा और उन्हें सजा देगा। हम उन्हें धरती के आखिरी छोर तक खदेड़ेंगे। आतंकवाद से भारत कभी नहीं टूटेगा। आतंकवाद को दंडित किए बिना नहीं छोड़ा (PM Modi Madhubani speech) जाएगा। न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। पूरा देश इस संकल्प पर अडिग है। मानवता में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति हमारे साथ है। मैं विभिन्न देशों के लोगों और उनके नेताओं को धन्यवाद देता हूं, जो इस मुश्किल समय में हमारे साथ खड़े हैं।” उन्होंने आगे कहा कि मैं साफ शब्दों में कहना चाहता हूं कि इन आतंकवादियों और इस हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति अब आतंक के आकाओं की कमर तोड़ देगी।” बता दें कि इससे पहले, पीएम मोदी ने बिहार के मधुबनी में पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन रखा।” इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान दुनियाभर को संदेश देते हुए पीएम मोदी ने (PM Modi Madhubani speech) कहा कि “आतंकवाद को जड़ से मिटाने का समय आ गया है” बता दें कि बिहार दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के साथ दुनियाभर को संदेश देते हुए (PM Modi Madhubani speech) कहा कि “आतंकवाद को जड़ से मिटाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि देश के दुश्मनों ने भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है। सख्त लहजे में उन्होंने कहा कि “मैं साफ कह रहा हूं, जिन्होंने ये हमला किया है, उन आतंकियों और हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से बड़ी सजा मिलेगी। अब आतंकियों की बची कुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है। निर्दोष पर्यटकों को मारने वाले आतंकियों को मिटाने के साथ-साथ पाकिस्तान का नाम लिए बगैर सख्त चेतावनी दी है। पीएम ने इस बात को हिंदी में ही नहीं बल्कि अंग्रेजी में भी दोहराया है, जिसका सीधा का मतलब है कि प्रधानमंत्री ने बिहार और देश के साथ-साथ दुनिया तक अपनी बात पहुंचाने की है। पीएम मोदी ने पहलगाम में मरने वालों को श्रद्धांजली देकर अपना भाषण शुरू किया था और आखिर में आतंकियों के साथ-साथ उन्हें भी सख्त लहजे में बता दिया है कि उनकी सोच से भी ज्यादा बड़ी सजा दी जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi PM Modi Madhubani speech #PMModi #MadhubaniSpeech #ModiInBihar #NarendraModi #Terrorism #ModiRally #IndiaPolitics #Modi2025 #BiharElections #ModiLive

आगे और पढ़ें
India Pakistan airspace tension

PM Modi skips Pakistan airspace: इसलिए पीएम मोदी ने सऊदी से भारत लौटते समय पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का नहीं किया इस्तेमाल

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से आहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब दौरा रद्द कर तुरंत भारत लौट आये (PM Modi skips Pakistan airspace) हैं। इस बीच गौर करने वाली बात यह कि 22 अप्रैल को जब प्रधानमंत्री दिल्ली से जेद्दा के लिए रवाना हुए थे, तब जाते समय उनका बोइंग 777 विमान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर गया था। लेकिन मंगलवार को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब की अपनी दो दिवसीय यात्रा बीच में ही छोड़ दी। छोड़कर देर रात दिल्ली लौट आये। वापसी के दौरान विमान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर नहीं गुजरा। महत्वपूर्ण बात यह कि बुधवार को सुबह जेद्दा से दिल्ली लौटते समय पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर नहीं गुजरा था। दरअसल, इसकी पुष्टि फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के विजुअल्स से हुई है। विजुअल्स के मुताबिक प्रधानमंत्री का विमान (भारतीय वायु सेना का विमान- बोइंग 777-300) मंगलवार की सुबह रियाद के लिए उड़ान भरते समय पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र को पार कर गया था, लेकिन वापस आते समय उसने लंबा रूट चुना और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को क्रॉस नहीं किया।  प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा के लिए, पाकिस्तान की जगह भारत के फ्लाइट रूट (PM Modi skips Pakistan airspace) को चुना पीएम के विमान के रूट बदलने को एक स्पष्ट संकेत के रूप में देखा गया है कि वह यह कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां ​​इस समय पाकिस्तान से उभर रहे खतरे से भलीभांति अवगत हैं। कारण यही जो प्रधानमंत्री और विमान में मौजूद प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा के लिए, पाकिस्तान की जगह भारत के फ्लाइट रूट (PM Modi skips Pakistan airspace) को चुना। खैर, पीएम सुबह-सुबह दिल्ली के पालम एयरफोर्स बेस पर उतरे। दिल्ली पहुंचते ही एयरपोर्ट पर उन्होंने आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव मौजूद थे। प्रधानमंत्री द्वारा विदेश यात्रा से वापसी के तुरंत बाद इस उच्च स्तरीय बैठक में हमले की गंभीरता, अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा रणनीतियों पर विस्तार से मंथन किया गया।  इसे भी पढ़ें:- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी ने की अमित शाह से बात, उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का ऐलान  आतंकी हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने अपने घर पर (PM Modi skips Pakistan airspace) बुलाई आपात बैठक बता दें कि मंगलवार को पहलगाम में निहत्थे टूरिस्ट्स पर हुए कायराना हमले की दुनिया भर में निंदा हो रही है। जानकारी के मुताबिक हमले के तुरंत बाद पीएम मोदी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बात की थी। इसके बाद शाह तुरंत श्रीनगर के लिए रवाना हो गए थे। यही नहीं, इससे पहले आतंकी हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने अपने घर पर आपात बैठक (PM Modi skips Pakistan airspace) बुलाई। इस बैठक में आईबी चीफ, गृह सचिव भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुए पहलगाम हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए और 17 लोग घायल बताये जा रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi #PMModi #PakistanAirspace #ModiInSaudi #IndiaPakistan #DiplomaticTensions #SaudiVisit2025 #ModiReturns #NoFlyZone #IndiaNews #BreakingNews

आगे और पढ़ें
PM Modi Kashi projects

PM Modi Kashi projects: काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 3880 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन PM (Modi Kashi projects) किया। वाराणसी पहुंचने पर पीएम मोदी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया। बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार के 8 साल पूरे होने के बाद पीएम मोदी का यह पहला वाराणसी दौरा है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि “पूर्वांचल के अनेक हिस्सों में जुड़ी ढेर सारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। यह सारी बातें, यह सारी योजनाएं पूर्वांचल को विकसित पूर्वांचल बनाने की दिशा में मिल का पत्थर बनने वाली है।” जानकारी के मुताबिक मेंहदीगंज स्थित जनसभा में पीएम मोदी ने काशी वासियों को 39 करोड़ की नई परियोजनाओं की सौगात दी। इसके साथ ही 3 बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया। इस दौरान पीएम मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि “आज काशी सिर्फ पुरातन नहीं मेरी काशी प्रगतिशील भी है। पूर्वांचल के आर्थिक नक्शे के केंद्र में है। काशी के स्वयं महादेव रखवाले हैं।” पीएम मोदी ने आगे कहा कि “पूर्वांचल के अनेक हिस्सों में जुड़ी ढेर सारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। यह सारी बातें, यह सारी योजनाएं पूर्वांचल को विकसित पूर्वांचल बनाने की दिशा में मिल का पत्थर बनने वाली है। काशी के हर निवासी को इन योजनाओं से खूब लाभ मिलेगा। इन सभी विकास कार्यों के लिए बनारस के लोगों को पूर्वांचल के लोगों को मैं ढेर सारी बधाई देता हूं।” काशी की जनता आज विकास (Modi Kashi projects) का उत्सव मनाने यहां इकट्ठी हुई है- पीएम मोदी  अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि “हमरे परिवार के हमरे लोगन के हमार प्रणाम। आप सब लोग यहां हमें आपन आशीर्वाद देला। हम ई प्रेम के कर्जदार हौ। काशी हमार हौ, हम काशी के हौ। संकटमोचन के दर्शन का सौभाग्य मिला। काशी की जनता आज विकास (Modi Kashi projects) का उत्सव मनाने यहां इकट्ठी हुई है।” इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि “काशी महाकुंभ 2025 के भव्य आयोजन की भी गवाह है। हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में विधानसभा चुनावों में जीत और महाकुंभ के सफल आयोजन के बाद, प्रधानमंत्री आज यहां काशी पहुंचे हैं। काशी महाकुंभ के भव्य आयोजन की भी गवाह रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में, भक्त नई काशी में आने के लिए उत्साहित थे। 45-दिवसीय (महाकुंभ) के दौरान, 3 करोड़ से अधिक भक्तों ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की।”  इसे भी पढ़ें:- इस गाँव में पानी की किल्लत के चलते लड़कों की नहीं हो पा रही है शादी, महिलाएं छोड़ रही हैं ससुराल 356 ग्रामीण पुस्तकालय और 100 आंगनवाड़ी केंद्रों सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन (Modi Kashi projects) भी किया View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jai.rashtranews) इस बीच बुनियादी ढांचे के विकास, विशेष रूप से वाराणसी में सड़क संपर्क बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप पीएम मोदी ने क्षेत्र में विभिन्न सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके अलावा, पीएम मोदी ने वाराणसी रिंग रोड और सारनाथ के बीच एक सड़क पुल के साथ-साथ शहर के भिखारीपुर और मंडुआडीह क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर और वाराणसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एनएच-31 पर एक हाईवे अंडरपास रोड सुरंग की आधारशिला रखी। जिसकी लागत तकरीबन 980 करोड़ रुपये से अधिक है। यही नहीं, इस दौरान प्रधानमंत्री ने पिंडरा में सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बरकी गांव में सरदार वल्लभभाई पटेल सरकारी कॉलेज, 356 ग्रामीण पुस्तकालय और 100 आंगनवाड़ी केंद्रों सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन (Modi Kashi projects) भी किया। उन्होंने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 77 प्राथमिक स्कूल भवनों के जीर्णोद्धार और चोलापुर, वाराणसी में कस्तूरबा गांधी स्कूल के लिए एक नए भवन के निर्माण की आधारशिला भी रखी। पीएम मोदी ने गंगा नदी पर सामने घाट और शास्त्री घाट के पुनर्विकास, जल जीवन मिशन के तहत 345 करोड़ रुपये से अधिक की 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं, वाराणसी के छह नगरपालिका वार्डों के सुधार और वाराणसी के विभिन्न स्थलों पर भूनिर्माण और मूर्तिकला की स्थापना का भी उद्घाटन किया। Latest News in Hindi Today Hindi News Modi Kashi projects #PMModi #KashiDevelopment #VaranasiProjects #ModiInKashi #3880CroreGift #NewKashi #ModiInVaranasi #KashiTransformation #PMInauguration #KashiInfra

आगे और पढ़ें
Wat Pho Bangkok

पीएम मोदी ने वॉट फो मंदिर में किए बुद्ध के दर्शन, थाईलैंड में दिखी भारत की आध्यात्मिक पहचान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया थाईलैंड यात्रा के दौरान उन्होंने प्रसिद्ध वॉट फो (Wat Pho) मंदिर में भगवान बुद्ध के दर्शन किए। यह मंदिर बैंकॉक के फ्रा नखोन जिले में स्थित है और इसे ‘रीक्लाइनिंग बुद्धा’ के मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। वॉट फो थाईलैंड के छह प्रथम श्रेणी के रॉयल मंदिरों में से एक है और अपनी विशाल बुद्ध प्रतिमा, पारंपरिक थाई चिकित्सा और थाई मालिश के लिए विश्वविख्यात है।​ वॉट फो मंदिर का इतिहास वॉट फो बैंकॉक  (Wat Pho Bangkok) के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है, जिसका निर्माण बैंकॉक को राजधानी घोषित करने से पहले ही हो चुका था। मूल रूप से इसे ‘वॉट फोताराम’ कहा जाता था, जो बाद में संक्षिप्त होकर ‘वॉट फो’ (Wat Pho) बन गया। इसका नाम भारत के बोधगया में स्थित बोधि वृक्ष के मठ से प्रेरित है, जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था।​ वात फ्रा चेतुफोन विमोनमंगकलाराम रत्चवोरमाहविहान, जिसे आमतौर पर वाट फो (Wat Pho) के नाम से जाना जाता है, थाईलैंड (Thailand) का एक प्रमुख बौद्ध मंदिर है और यह बुद्ध की प्रतिमाओं के सबसे बड़े संग्रह के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर की स्थापना 16वीं शताब्दी में एक मठ के रूप में की गई थी। बाद में, सन् 1788 में राजा राम प्रथम ने इसका जीर्णोद्धार कराया। वर्तमान में जो भव्य रूप हम देखते हैं, वह राजा राम तृतीय के शासनकाल के दौरान अस्तित्व में आया, जब उन्होंने 1832 में मंदिर के अधिकांश हिस्सों का विस्तार किया। इस विस्तार में मुख्य रूप से दक्षिण विहार और पश्चिम विहार का निर्माण हुआ, जहां भव्य लेटे हुए बुद्ध की प्रतिमा स्थापित की गई। यह प्रतिमा 1848 में पूर्ण हुई और आज यह बैंकॉक की सबसे विशाल बुद्ध मूर्तियों में से एक मानी जाती है। मंदिर की वास्तुकला और विशेषताएं वॉट फो मंदिर (Wat Pho Temple) परिसर लगभग 80,000 वर्ग मीटर में फैला हुआ है और इसमें 1,000 से अधिक बुद्ध प्रतिमाएं स्थित हैं। इनमें सबसे प्रमुख है 46 मीटर लंबी और 15 मीटर ऊंची ‘रीक्लाइनिंग बुद्धा’ की प्रतिमा, जो थाईलैंड की सबसे बड़ी बुद्ध प्रतिमाओं में से एक है। यह प्रतिमा भगवान बुद्ध के निर्वाण में प्रवेश का प्रतीक है।​  मंदिर परिसर में चार बड़े चेदी (स्तूप) हैं, जिन्हें ‘फ्रा चेदी राय’ कहा जाता है। इनमें से पहला हरा चेदी राजा राम प्रथम द्वारा, दूसरा सफेद चेदी राजा राम द्वितीय की स्मृति में, और तीसरा पीला चेदी राजा राम तृतीय द्वारा निर्मित किया गया था।​ इसे भी पढ़ें:- 2 अप्रैल 2025 का गजकेसरी राजयोग: इन राशियों के जीवन में आएगी धन-समृद्धि की बहार प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की वॉट फो मंदिर की यात्रा भारत और थाईलैंड (Thailand) के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूत करती है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच साझा बौद्ध विरासत और सांस्कृतिक संबंधों को उजागर करती है। वाट फो मंदिर के दर्शन के दौरान थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा भी प्रधानमंत्री नरेंद्र (PM Narendra Modi) मोदी के साथ मौजूद रहीं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लेटे हुए भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना की और मंदिर में वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं को ‘संघदान’ अर्पित किया। उन्होंने मंदिर को सम्राट अशोक के सिंह स्तंभ की प्रतिकृति भी भेंट की, जो भारत और थाईलैंड के बीच गहरे और ऐतिहासिक सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने इस अवसर पर भारत-थाईलैंड के बीच जीवंत, मजबूत और प्राचीन सभ्यतागत रिश्तों को याद किया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा की झलक साझा करते हुए लिखा, “आज मुझे बैंकॉक के ऐतिहासिक वाट फ्रा चेतुफोन विमोनमंगकलाराम रत्चवोरमाहविहान यानी वाट फो के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मैं थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा का मंदिर में मेरे साथ आने और विशेष सम्मान देने के लिए आभार प्रकट करता हूं।” प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भगवान बुद्ध (Lord Buddha) की शिक्षाएं ही भारत और थाईलैंड के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक रिश्तों की नींव हैं। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में इस यात्रा का एक वीडियो भी साझा किया और इसे स्मरणीय अनुभव बताया। Latest News in Hindi Today Hindi News Wat Pho Bangkok #PMModi #WatPho #BuddhaTemple #ThailandVisit #SpiritualIndia #ModiInThailand #IndianHeritage #Buddhism #TempleVisit #IndiaAbroad

आगे और पढ़ें
Modi meets Muhammad Yunus

Modi meets Muhammad Yunus: 9 महीने बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहम्मद यूनुस ने थाईलैंड राजधानी बैंकॉक में की मुलाकात  

शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश-भारत के रिश्ते लगातार तल्ख बने हुए हैं। भले बांग्लादेश के अंतरिम लीडर लगातार भारत विरोधी स्टैंड दिखाते रहे लेकिन पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर बेकरार भी दिखे। बांग्लादेश को उम्मीद थी कि भारत की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद यह द्विपक्षीय वार्तो हो जाएगी। ऐसा ही हुआ भी। हालांकि जब दोनों नेताओं की मुलाकात हुई (Modi meets Muhammad Yunus) तो, पीएम मोदी गंभीर और शांत दिखे जबकि यूनुस के चेहरे पर मुस्कान दिखी। इस बैठक में भारत की ओर से एस जयशंकर, एनएसए अजित डोभाल और अन्य सीनियर अधिकारी मौजूद थे। दरअसल, 4 अप्रैल को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। दोनों नेता बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के लिए थाईलैंड की यात्रा पर हैं।  40 मिनट तक चली पीएम मोदी और यूनुस के बीच यह बैठक करीब (Modi meets Muhammad Yunus)  बता दें कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधान मंत्री शेख हसीना के तख्तापलट के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह पहली मुलाकात थी। बैंकॉक में दोनों के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई है। इससे पहले गुरुवार की रात बिम्सटेक नेताओं के डीनर प्रोग्राम में भी दोनों एक-दूसरे के बगल में ही बैठे थे। सूत्रों की माने तो भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव कम करने को लेकर बातचीत हुई है। पीएम मोदी और यूनुस के बीच यह बैठक करीब (Modi meets Muhammad Yunus) 40 मिनट तक चली है। बड़ी बात यह कि ढाका ने ही बिम्सटेक बैठक से इतर नई दिल्ली के साथ द्विपक्षीय वार्ता का आग्रह किया था। बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी और यूनुस बैंकॉक में बिम्सटेक रात्रिभोज में एक साथ बैठे नजर आए थे।  इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ मोहम्मद यूनुस मिलकर (Modi meets Muhammad Yunus) मोदी नहीं दिखे खुश  गौरतलब हो कि मोहम्मद यूनुस ने भारत संग दुश्मनी निभाने का कोई कसर नहीं छोड़ी है। जब से शेख हसीना की सरकार गई है, तब से बांग्लादेश ने चीन का दामन थाम रखा है। हाल ही में मोहम्मद यूनुस ने चीन का दौरा किया था और बीजिंग में उन्होंने  बांग्लादेश को समंदर का गार्जियन बताया था और पूर्वोत्तर पर बयान देकर भारत को नाराज किया था। हालांकि, जयशंकर ने बिम्सटेक के मंच से ही बांग्लादेश को अच्छे से सुनाया था। पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस की मुलाकात वाली इन तस्वीरों पर हैरानी इसलिए है, क्योंकि पीएम मोदी जब भी किसी राष्ट्राध्यक्ष से मिलते हैं तो उमसें गर्मजोशी दिखती है। वह खुले दिल से गले मिलते हैं। लेकिन तस्वीर देख लग नहीं रहा कि मोहम्मद यूनुस मिलकर (Modi meets Muhammad Yunus) मोदी खुश दिखे हों। संभवतः इसकी वजह भारत और बांग्लादेश की बीच तल्खी ही हो सकती है। हालांकि यूनुस और मोदी के इस मुलाकात में दोनों देशों के शीर्ष राजनयिक भी मौजूद थे। बता दें कि मोदी से मुलाकात के लिए यूनुस लगातार कोशिश कर रहे थे। आखिरकार अब जाकर उनकी मुलाकात संभव हो सकी।   Latest News in Hindi Today Hindi news Modi meets Muhammad Yunus NarendraModi #PMModi #MuhammadYunus #ModiInBangkok #IndiaThailandRelations #ModiMeetsYunus #InternationalDiplomacy

आगे और पढ़ें
Rahul Gandhi question (2)

Rahul Gandhi question: संसद में पीएम मोदी ने महाकुंभ में मरने वालों को क्यों नहीं दी श्रद्धांजलि? 

महाकुंभ के भव्य आयोजन पर आज संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना बयान दिया। महाकुंभ की सफलता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि “हम सब जानते हैं कि गंगा को धरती पर लाने के लिए एक भगीरथ प्रयास हुआ था, वैसा ही महाकुंभ के महाप्रयास में भी दिखा।” नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि “प्रयागराज महाकुंभ से अनेक अमृत निकले हैं। इससे एकता का अमृत निकला है। देश के हर क्षेत्र और हर कोने से लोग इस आयोजन में आए और एक हो गए। लोग अहंकार से हम में एकजुट हो गए।” प्रधानमंत्री ने महाकुंभ की तुलना भारतीय इतिहास के मील के पत्थरों करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “हर राष्ट्र के जीवन में ऐसे क्षण आते हैं जो सदियों और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन जाते हैं। मैं प्रयागराज महाकुंभ को एक ऐसे मील के पत्थर के रूप में देखता हूं जिसमें देश के जागरूक होने का प्रतिबिंब दिखता है। सफल महाकुंभ, महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को जवाब है।” उन्होंने कहा कि महाकुंभ में बड़े और छोटे का कोई भेद नहीं था।” आदतन पीएम मोदी के बयान के बाद विपक्ष हमलावर हो गया। मजे की बात यह कि प्रधानमंत्री मोदी के बयान समाप्त होने के बाद सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के (Rahul Gandhi question) साथ-साथ पार्टी के अन्य नेताओं ने उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री सदन में बोलने वाले थे। समय रहते इसकी जानकारी नहीं दी गई।”  राहुल गांधी ने आरोप मढ़ते (Rahul Gandhi question) हुए कहा कि “पूरे मसले पर विपक्ष को नहीं बोलने दिया जाता इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप मढ़ते (Rahul Gandhi question) हुए कहा कि “पूरे मसले पर विपक्ष को नहीं बोलने दिया जाता। ये कैसा न्यू इंडिया है?” इसी के साथ राहुल गांधी ने ये भी कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी को बेरोजगारी के बारे में भी बोलना चाहिए था। परंतु उन्होंने इस पर कुछ नहीं बोला। पीएम मोदी को कुंभ में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।” बता दें कि संसद परिसर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “कुंभ हमारी परंपरा है, इतिहास है, संस्कृति है, लेकिन हमें इस बात की शिकायत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ में जान गंवाने वालों के बारे में कुछ नहीं कहा। मृतकों को श्रद्धांजलि तक नहीं दी।” इस बीच राहुल गांधी ने दृढ़ता से कहा कि “कुंभ में जाने वाले युवाओं को प्रधानमंत्री से रोजगार भी चाहिए। प्रधानमंत्री को रोजगार के बारे में भी बोलना चाहिए था।” इसे भी पढ़ें:- शरद पवार ने पीएम मोदी की तारीफ में पढ़े खूब कसीदे, चिट्ठी लिख कर दी बड़ी मांग आज के युवा परंपरा और संस्कृति को अपना रहे हैं- पीएम मोदी  आपको बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ के आयोजन पर अपनी बात रखते हुए कहा कि “मैंने लाल किले से सबका प्रयास के महत्व पर जोर दिया था। पूरे विश्व ने महाकुंभ के रूप में भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए। सबका प्रयास का यही साक्षात स्वरूप है।” इस दरम्यान प्रधानमंत्री ने कहा कि “पिछले साल अयोध्या के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हमने महसूस किया था कि कैसे देश एक हजार वर्षों के लिए तैयार हो रहा है। इसके ठीक एक साल बाद, महाकुंभ के आयोजन ने हम सबके इस विचार को और बल मिला है। ये सामूहिक चेतना देश का सामर्थ्य बताती है।” पीएम मोदी ने यह भी कहा कि “विघटन के दौर में हमारी एकता एक महत्वपूर्ण बिंदु है। और आज के युवा परंपरा और संस्कृति को अपना रहे हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi Rahul Gandhi question #RahulGandhi #PMModi #MahakumbhTragedy #ParliamentDebate #PoliticalControversy #KumbhMela #ModiRahulClash #BreakingNews #IndiaPolitics #OppositionAttack

आगे और पढ़ें
PM Modi’s Spiritual Connect with Maa Ganga

मुझे मां गंगा ने गोद ले लिया है…मुखबा में पूजा-अर्जना के बाद बोले पीएम मोदी, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) चारधाम शीतकालीन यात्रा का संदेश लेकर आज उत्तराखंड के सीमांत गांव उत्तरकाशी (Uttarkashi) पहुंचे हैं। यहां पर वो मां गंगा (Ganges) के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंच पूजा अर्चना की और करीब बीस मिनट तक गर्भगृह में बिताया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने अपने नाम एक रिकॉर्ड भी दर्ज करा लिया। वो पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं, जो मां गंगा के शीतकालीन पूजा स्थल पर पहुंचे।   प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) का उत्तराखंड से गहरा लगाव है। उनका यह लगाव उनके कार्यशैली में भी झलकता है। उनके नाम पर उत्तराखंड से ही जुड़ी एक और उपलब्धि है। वह देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जो भारत-तिब्बत(चीन) सीमा के पास चमोली जनपद के पहले गांव माणा और पिथौरागढ़ जिले के सीमावर्ती गांव गुंजी गये थे।   मां गंगा के आशीर्वाद से काशी तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) अपने एक दिवसीय दौरे पर उत्तरकाशी (Uttarkashi) आए हैं। यहां पर वो सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए कई योजनाएं भी लेकर आए हैं। पीएम मोदी मुखबा मंदिर में दर्शन के बाद हर्षिल में ट्रैकिंग व बाइक रैली को फ्लैग ऑफ भी किया। हर्षिल में लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, मुझे मां गंगा ने गोद ले लिया है। मां गंगा (Ganges) के आशीर्वाद से ही मुझे उत्तराखंड की सेवा का मौका मिला और काशी तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हुआ। पीएम ने इस दौरान बाबा केदारनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी कृपा और शक्ति से ही मैं यह घोषणा कर सका कि यह दशक उत्तराखंड का होगा। मेरे शब्द अब सच्चाई में बदल रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- पीओके भारत को मिलते ही ‘ख़त्म हो जाएगा कश्मीर विवाद’, एस जयशंकर ने लंदन में बताया भारत का खास प्लान जादूंग गांव फिर से होगा आबाद, दुनिया के दूसरे सबसे ऊंचे ट्रेक का शिलान्यास  पीएम मोदी ने जादूंग घाटी में दुनिया के दूसरे सबसे ऊंचे ट्रेक जनकताल और नीलापानी घाटी के मुलिंगना पास का शिलान्यास भी किया। यह दोनों ट्रेक 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद से ही बंद हैं। इनके शुरू होने से घाटी में पर्यटन के नए आयाम खुलेंगे और सीमावर्ती क्षेत्र का विकास होगा। बता दें कि, सीमावर्ती गांव जादूंग सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम है। राज्य की भाजपा सरकार ने केंद्र की मदद से अब इस गांव को फिर से आबाद करने की योजना बनाई है। यहां पर पुराने टूटे हुए घरों की मरम्मत कर होमस्टे बनाया जाएगा। साथ ही मूलभूत सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस खूबसूरत जगह पर पयर्टन को बढ़ावा देना है। पर्यटक यहां पर आएंगे तो रोजगार भी बढ़ेगा और गांव छोड़कर जा चुके लोग फिर वापस आएंगे। इस योजना की जिम्मेदारी गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को सौंपी गई है। प्रधानमंत्री के आज के दौरे से वीरान पड़े जादूंग गांव को पर्यटन स्थल के रूप नई पहचान मिलने की उम्मीद है।  Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi #PMModi #MaaGanga #ModiInMukbha #GangaAarti #CharDhamYatra #Kedarnath #HinduSpirituality #Uttarakhand #GangaBlessings #IndiaNews

आगे और पढ़ें
Translate »