Rahul Gandhi on Gujarat elections: राहुल गांधी ने बताया इसलिए गुजरात में सत्ता से बाहर है कांग्रेस

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्ख़ियों में रहते हैं। ताजा उदहारण है, गुजरात के अहमदाबाद का। जहां जाने अनजाने में ही सही दिल की बात जुबां पर आ ही गई। दरअसल, राहुल गांधी दो दिन के गुजरात दौरे पर हैं। शनिवार को उन्होंने अहमदाबाद के जेड हॉल में प्रदेश के करीब 2 हजार कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गुजरात में कांग्रेस की लीडरशीप में दो तरह के लोग हैं। उनमें बंटवारा है। एक हैं जो जनता के साथ खड़े हैं, जिनके दिल में कांग्रेस की विचारधारा है। दूसरे वे हैं, जो जनता से कटे हुए हैं, दूर बैठते हैं और उनमें से आधे बीजेपी से मिले हुए हैं।” राहुल ने आगे कहा कि “मेरी जिम्मेदारी है कि जो ये दो ग्रुप हैं इनको छांटना है। कांग्रेस में नेताओं की कमी नहीं है। बब्बर शेर हैं लेकिन पीछे से चेन लगी हुई है तो वे चेन से बंधे हैं। यहां रेस के घोड़ों को बारात में बांध दिया जाता है। यदि 30-40 लोगों को निकालना पड़े तो ये भी करेंगे। बीजेपी के लिए अंदर से काम कर रहे हो, जाओ बाहर जाकर करो।” खैर, उन्होंने गुजरात में कांग्रेस की स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी। अपनी बात कहते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि बीते 30 वर्षों से कांग्रेस सत्ता से बाहर है और इसका कारण पार्टी की अपनी कमजोरियां हैं।  उन्होंने कहा कि “हर बार गुजरात में चुनावों की चर्चा होती है। साल 2007, 2012, 2017, 2022 और 2027 लेकिन सवाल सिर्फ चुनाव जीतने का नहीं है। गुजरात की जनता हमें तभी सत्ता में लाएगी जब हम अपनी जिम्मेदारी सही से निभाएंगे। 

अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को आत्मविश्लेषण करने (Rahul Gandhi on Gujarat elections) की दी नसीहत 

असल में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को आत्मविश्लेषण करने (Rahul Gandhi on Gujarat elections) की नसीहत देते हुए कहा कि “गुजरात आगे बढ़ना चाहता है। लेकिन वह फंसा हुआ महसूस करता है। और मैं साफ कहूं तो गुजरात कांग्रेस भी उसे रास्ता नहीं दिखा पा रही है। मैं यह बिना किसी शर्म और डर के कह रहा हूं कि हमारी पार्टी के नेता, प्रदेश अध्यक्ष और खुद मैं भी गुजरात की जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं।” यही नहीं राहुल गांधी ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी का भी जिक्र करते हुए कहा कि “कांग्रेस को आजादी दिलाने में गुजरात की अहम भूमिका थी।” इस दौरान उन्होंने कहा कि “जब कांग्रेस को ब्रिटिश हुकूमत का सामना करना पड़ा तब हमें नेतृत्व की तलाश थी। वह नेतृत्व हमें दक्षिण अफ्रीका से नहीं बल्कि गुजरात से मिला। गांधीजी ने हमें संघर्ष करने सोचने और आगे बढ़ने की राह दिखाई।” राहुल ने यह भी कहा कि “अगर कांग्रेस को भविष्य में सत्ता में आना है तो उसे गुजरात से ही सीखना होगा।”

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पार्टी के नेता केवल चुनावी रणनीति पर ध्यान न दें बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करें (Rahul Gandhi on Gujarat elections)

इस दौरान राहुल गाँधी पार्टी नेताओं से कहा (Rahul Gandhi on Gujarat elections) कि “वे केवल चुनावी रणनीति पर ध्यान न दें बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिस दिन कांग्रेस अपनी जिम्मेदारी निभाएगी जनता खुद उसे समर्थन देगी। वैसे उनका यह बयान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए ही था। खैर, वो कहते हैं न राजनीति कितनी भी कटु और चुनौतीपूर्ण हो लेकिन कई बार नेताओं की जुबान पर सच्चाई आ जाती है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि गुजरात में कांग्रेस के कार्यकर्त्ता उनके इस बयान के प्रति कितनी तल्लीनता दिखाते हैं और संगठन किस दिशा में जाता है। बता दें कि गुजरात में बीते चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद ही निराशाजनक रहा है। 

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