World health day 2025

World Health Day 2025: क्यों मनाया जाता है इस दिन को? जानिए इसकी थीम, इतिहास और उद्देश्यों के बारे में

“हेल्थ इस वेल्थ” यह कहावत तो हम सभी ने सुनी है। इसका अर्थ यह है कि अच्छे स्वास्थ्य से बढ़कर और कुछ नहीं है। हमारी हेल्थ ही हमारे लिए सबसे बड़ा धन है, इसलिए अन्य चीजों की तुलना में इसे प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है। हर साल 7 अप्रैल को वर्ल्ड हेल्थ डे (World health day) के रूप में मनाया जाता है। दुनिया में बढ़ती हेल्थ प्रॉब्लम्स को देखते हुए लोगों को इनके बारे में जागरूक करना इस दिन को सेलेब्रेट करने का मुख्य उद्देश्य है। इस साल भी इस दिन को पूरे उत्साह से मनाया जाएगा। आइए जानें वर्ल्ड हेल्थ डे 2025 (World health day 2025) की इस साल की थीम, इसके महत्व आदि के बारे में। सबसे पहले जान लेते हैं वर्ल्ड हेल्थ डे (World health day) के बारे में।  वर्ल्ड हेल्थ डे (World health day): पाएं जानकारी जैसा की पहले ही बताया गया है कि इस दिन को हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (World Health Organisation) के अनुसार इस साल वर्ल्ड हेल्थ डे (World health day) से मेटरनल और न्यूबोर्न हेल्थ पर एक वर्ष तक चलने वाले अभियान की शुरुआत होगी। अगर बात की जाए इस दिन के इतिहास की तो, इस दिन को वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन  (World Health Organisation) की स्थापना की याद में मनाया जाता है। इस आर्गेनाईजेशन को 1948 में स्थापित किया गया था। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (World Health Organisation) के पहले ऑफिशियल एक्ट्स में से एक के रूप में, उन्होंने विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने की शुरुआत की। इसे पहली बार 22 जुलाई को मनाया गया था, लेकिन बाद में स्टूडेंट पार्टिसिपेंट्स को प्रोत्साहित करने के लिए तारीख को बदलकर 7 अप्रैल कर दिया गया, जो इस ऑर्गेनाइजेशन की स्थापना का दिन था। वर्ल्ड हेल्थ डे 2025 (World health day 2025) की थीम इस साल इस दिन की थीम है “हेल्दी बिगनिंग, होपफुल फ्यूचर”। इस दिन को नयी माताओं और नवजात शिशुओं की हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए सेलेब्रेट किया जा रहा है। वर्ल्ड हेल्थ डे 2025 (World health day 2025) को निम्नलिखित कारणों से मनाया जाता है: वर्ल्ड हेल्थ डे 2025 (World health day 2025) का उद्देश्य  माताओं एवं नवजात शिशु का स्वास्थ्य कई कारणों से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मदर्स और न्यूबोर्न्स, परिवारों और समुदायों से को सीधे सम्बन्धित हैं। वर्ल्ड हेल्थ डे (World health day) के उद्देश्य इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें: Health issues in summer: गर्मी में होने वाली 5 सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं और उनसे सुरक्षित रहने के टिप्स वर्ल्ड हेल्थ डे (World health day): आप कैसे सेलेब्रेट कर सकते हैं इस दिन को? आप कुछ तरीकों से इस कैंपेन को सपोर्ट कर सकते हैं, जो इस प्रकार हैं:  नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi World health day #Worldhealthday2025 #Worldhealthday #WorldHealthOrganisation #Health

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National Medical Commission

नेशनल मेडिकल कमीशन का नया नियम: मेडिकल फैकल्टी के प्रमोशन के लिए BCMET कोर्स अनिवार्य

शिक्षक बनना और पढ़ाना कई लोगों का सपना होता है। यह एक ऐसा पेशा है, जिससे न केवल आपका जीवन बदल सकता है बल्कि इससे आप अपने छात्रों को सकारात्मक दिशा भी दे सकते हैं। एक अच्छा शिक्षक ने सिर्फ पढ़ाता नहीं है बल्कि छात्रों को सीखने, समझने और सपने देखने के लिए भी प्रेरित करता है। अगर टीचिंग आपका भी सपना है, तो एक खास खबर आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार अब अगर आप मेडिकल कॉलेजों (Medical Colleges) में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर में प्रोमोट होना चाहते हैं, तो अब इसके लिए आपको बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी (Basic Course in Medical Education Technology) करना होगा। आइए जानें मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए बीसीएमइटी कोर्स (BCMET course to become Professor and Associate Professor in Medical Colleges) के बारे में। मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए BCMET कोर्स (BCMET course to become Professor and Associate Professor in Medical Colleges) मेडिकल कॉलेजों (Medical Colleges) में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए अब बेसिक कोर्स में बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी (Basic Course in Medical Education Technology) करने को अब जरूरी बना दिया गया है। यह निर्णय नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) ने लिया है और उन्होंने ने ही इसके बारे में नोटिफिकेशन जारी की है। नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर की पोस्ट पर प्रमोशन के लिए फैकल्टी मेंबर्स को कमिशन द्वारा नॉमिनेटेड इंसीट्यूट से इस कोर्स को करना होगा।  यह कोर्स मेडिकल टेक्नोलॉजी एजुकेशन में बेसिक कोर्स के रूप में काम करेगा। आप ऑफिशियल वेबसाइट पर इसके बारे में और अधिक जान सकते हैं। अब पाएं मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए बीसीएमइटी कोर्स (BCMET course to become Professor and Associate Professor in Medical Colleges) के बारे में और जानकारी। इसे भी पढ़े: 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, जानें आवेदन प्रक्रिया और योग्यता क्या है डेडलाइन? इस रूल के अनुसार फैकल्टी मेमेबर्स को एकेडेमिक ईयर 2026-27 के लिए परमिशन लेटर (एलओपी) के लिए अप्लाई करने से पहले अपना बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी (Basic Course in Medical Education Technology) को पूरा करना होगा, जिसे अक्टूबर 2025 तक जमा किया जाना चाहिए। यह कार्यक्रम मेडिकल एजुकेटर्स की टीचिंग कैपेबिलिटीज में सुधार करेगा, जिससे भारत में मेडिकल एजुकेशन की गुणवत्ता में वृद्धि होगी। इसके बारे में दिए आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों (Medical Colleges) में फैकल्टी की नियुक्ति के संबंध में, जहां पोस्ट्स को स्वीकृति दी गई है और आखिरी समय में नियुक्तियां की गई हैं, वहीं पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (PGMEB) ने यह निर्णय लिया है कि ऐसे मामलों में प्रिंसिपल सेक्रेटरी, मेडिकल एजुकेशन, सरकार द्वारा एक एफेडेविट प्राप्त किया जाना चाहिए। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों ने भी यह पुष्टि की है कि नियुक्त फैकल्टी अगले एकेडेमिक ईयर में बीसीएमईटी कोर्स (BCMET Course) पूरा करेगी। संक्षेप में कहा जाए तो इस नए नियम के अनुसार, प्रमोशन के लिए एलिजिबल होने के लिए फेक्ल्टी मेंबर को नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) डेजिगनेटेड इंस्टीट्यूशंस से बीसीएमईटी कोर्स (BCMET Course) पूरा करना होगा। अगर आप भी मेडिकल फेकल्टी हैं, और प्रमोशन चाहते हैं तो आज ही आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और इसके बारे में और जानकारी प्राप्त करें। प्रमोशन के इस मौके को न गवाएं। Latest News in Hindi Today Hindi news National Medical Commission #MedicalColleges #Professor #AssociateProfessor #BCMETcourseforbecomingProfessorandAssociateProfessorinMedicalColleges #BasicCourseinMedicalEducationTechnology #BCMET #NationalMedicalCommission

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Benefits of Spinach

Benefits of Spinach: पालक के 9 अद्भुत फायदे जो आपको हैरान कर देंगे

हरी पत्तेदार सब्जियां (Green leafy vegetables) हेल्दी डायट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें कई न्यूट्रिएंट्स और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। इन्हें खाने के बहुत से हेल्थ बेनेफिट्स हैं और इनसे कई रोगों का रिस्क कम होता है। हरी पत्तेदार सब्जियां (Green leafy vegetables) सुनते ही सबसे पहले दिमाग में पालक (spinach) का नाम आता है। यह कई वेराइटीज में उपलब्ध है और इसमें न्यूट्रिएंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। पालक (spinach) में विटामिन सी, विटामिन इ, विटामिन के, मैग्नीशियम, नाइट्रेट्स, बीटा-कैरोटीन, फोलिक एसिड का हाई लेवल पाया जाता है। लोग मोटापे को कम करने, मसल स्ट्रेंथ, मेमोरी, थिंकिंग स्किल्स और कई अन्य कंडिशंस से राहत पाने के लिए पालक का सेवन करते हैं। इनके इन्ही फायदों के कारण इसे एक सुपरफूड भी कहा जाता है। आइए जानें पालक के बेनेफिट्स (Benefits of Spinach) के बारे में। पालक के बेनेफिट्स (Benefits of Spinach): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार पालक (spinach) अमरंथ फैमिली से सम्बन्ध रखता है और बीट्स व क्विनोआ से रिलेटेड है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसे पूरी तरह से बहुत हेल्दी माना जाता है क्योंकि यह न्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। पालक के बेनेफिट्स (Benefits of Spinach) इस प्रकार हैं:  1. आंखों के लिए फायदेमंद पालक (spinach) गुणों का भंडार है, जो प्लांट पिगमेंट्स क्लोरोफिल और कैरोटीनॉयड से भरपूर होता है। यही नहीं, एंटी-इंफ्लेमेटरी होने के कारण यह प्लांट कंपाउंड्स हेल्दी आईसाइट के लिए महत्वपूर्ण है। इससे मैक्युलर डिजनरेशन और मोतियाबिंद का रिस्क कम होता है। 2. एनर्जी लेवल बढ़ाए पालक (spinach) एनर्जी को बूस्ट करने और ब्लड की क्वालिटी को बढ़ाने में फायदेमंद है। इनमें आयरन भी अच्छी मात्रा में होता है, जो रेड ब्लड सेल्स के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्ट, ऊर्जा उत्पादन और डीएनए सिंथेसिस के सपोर्ट में मदद मिलती है।  3. हार्ट हेल्थ को रखे सही पालक के बेनेफिट्स (Benefits of Spinach) हड्डियों से भी सम्बन्धित हैं। पालक (spinach) में नाइट्रेट्स जैसे कंपाउंड होते हैं, जो ब्लड फ्लो सुधारते हैं और ब्लड वेसल्स को रिलेक्स करते हैं। इससे आर्टेरियल स्टिफनेस कम होती है और डायलेशन बढ़ती है। ब्लड प्रेशर में कमी से हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का रिस्क कम रहता है। स्टडीज यह बताती हैं हरी पत्तेदार सब्जियां (Green leafy vegetables) जैसे पालक (spinach) हार्ट अटैक सर्वाइवल के लिए अच्छी है।  4. हड्डियां रहें मजबूत हड्डियां विटामिन के का बेहतरीन स्त्रोत हैं। यही नहीं, यह बोन-फ्रेंडली मैग्नीशियम, कैल्शियम और फॉस्फोरस का भी अच्छा सोर्स है।  5. प्रोटेक्टिव एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज से भरपूर पालक (spinach) ऑक्सीडेशन प्रोसेस के हानिकारक प्रभावों से शरीर को लड़ने में मदद करता हैं। समय के साथ यह प्रोसेस लम्बे समय तक की सूजन का कारण बन सकती है, जिसके परिणामस्वरूप हार्ट डिजीज और कैंसर (Cancer) जैसी आयु-संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।  6. फाइबर का अच्छा स्त्रोत पालक (spinach) इन्सॉल्यूब्ल फाइबर का अच्छा स्त्रोत है। यह फाइबर इंटेस्टाइन से वेस्ट फूड के पैसेज को बढ़ावा देता है और हमारे पेट के हेल्थ और इम्युनिटी को सपोर्ट करता है। 7. वजन को रखे सही पालक में मौजूद फायटोकेमिकल्स और एक्टिव प्लांट कंपाउंड्स सटाइटी हार्मोन के रिलीज को बढ़ाकर भोजन के सेवन को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। जिससे वजन को सही रखने में मदद मिल सकती है।  8. दिमाग के लिए फायदेमंद पालक (spinach) को एंटी-स्ट्रेस और एंटी-डिप्रेसेंट प्रॉपर्टीज के लिए जाना जाता है, जो स्ट्रेस हॉर्मोन्स, कोर्टिसोल को कम करते है। इससे ग्लूटामेट और ग्लूटामाइन जैसे मूड को नियंत्रित करने वाले न्यूरोट्रांसमीटर बढ़ते हैं। हालांकि, इसके बारे में अभी और रिसर्च की जानी जरुरी है। इसे भी पढ़ें: खुश रहने के लिए खाएं ये सुपरफूड्स: मूड बूस्टर के बारे में पूरी जानकारी 9. स्वस्थ त्वचा और बाल  हरी पत्तेदार सब्जियां (Green leafy vegetables) जैसे पालक (spinach) में विटामिन ए अच्छी मात्रा में होता है। यह स्किन पोर्स और हेयर फॉलिकल्स के उत्पादन को नियंत्रित करता है, जिससे त्वचा और बालों को नमी मिलती है। इस तेल के जमा होने से पिम्पल्स और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। विटामिन ए त्वचा और बालों सहित सभी बॉडी टिश्यू के विकास के लिए भी आवश्यक है। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। #Benefitsofspinach #greenleafyvegetables #spinach #vegetable

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Mood boosting superfoods

खुश रहने के लिए खाएं ये सुपरफूड्स: मूड बूस्टर के बारे में पूरी जानकारी

हम दिन में चाहे कितने भी चैलेंजेस का सामना करें, लेकिन अगर हमारा मनोबल हाई है, तो पूरी दुनिया का सामना करना आसान हो जाता है। जब हम भूखे होते हैं या हमारे शरीर में न्यूट्रिएंट्स की कमी होती है, तो हमारा मूड भी सही नहीं रहता। हमारा भोजन हमारे शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमारा भोजन हमारे मूड को कैसे प्रभावित करता है, यह एक इक्वेशन पर आधारित है। भोजन में परिवर्तन हमारे ब्रेन स्ट्रचर, केमिस्ट्री और फिजिओलॉजी आदि को भी प्रभावित करता है। स्टडीज यह भी बताती हैं कि कुछ फूड्स हमारे मूड को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं। आइए जानें मूड बूस्ट करने वाले सुपरफूड्स (Mood boosting superfoods) के बारे में।  मूड बूस्ट करने वाले सुपरफूड्स (Mood boosting superfoods): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार कुछ खास फूड्स में ऐसे कंपाउंड्स होते हैं, जो न्यूरोट्रांस्मीटर्स डोपामाइन, सेरोटोनिन आदि पर असर ड़ाल सकते हैं और जो मूड को बेहतर बनाते हैं। मूड बूस्ट करने वाले सुपरफूड्स (Mood boosting superfoods) की लिस्ट बहुत लम्बी है। आइए जानें कुछ फूड्स के बारे में:  डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate) डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate) में फ्लवोनोइड्स होते हैं, जिन्हें सेरोटोनिन लेवल को बढ़ाने के साथ लिंक किया जाता है। यह डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकते हैं। आप डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate) को सुबह ओटमील में डालें, कॉफी में पीएं या डिनर के बाद इसके एक टुकड़े का मजा लें। इससे आपका मूड सही रह सकता है लेकिन, इसे कम मात्रा में ही खाएं। केला (Banana) मूड बूस्ट करने वाले सुपरफूड्स (Mood boosting superfoods) में केला भी शामिल है। यह पीला फल ट्रिप्टोफैन (Tryptophan) से भरपूर होता है, जो एक एमिनो एसिड है। यह सेरोटोनिन का अच्छा स्त्रोत है। यही नहीं, यह विटामिन बी 6 से भी भरे होते हैं, जो मूड को सही रखने में मददगार हैं। ये नाश्ते के रूप में एकदम बेहतरीन हैं, इन्हें काटकर, स्मूदी में मिलाकर या मफिन में पकाकर भी खाया जा सकता है। बेरीज (Berries) स्ट्रॉबेरीज, ब्लूबेरीज, और रेस्बेरीज एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो ऑक्सीडेटिव तनाव से लड़ने मददगार होते हैं हैं। ऑक्सीडेटिव तनाव को मूड डिसऑर्डर से जोड़ा गया है। इन फलों को आप पेनकेक्स या दही में मिला कर खा सकते हैं या ऐसे भी इनका सेवन किया जा सकता है। ऑयली फिश (Oily fish) अगर आप मच्छली के शौकीन हैं, तो आपके लिए यह अच्छी खबर हो सकती है। क्योंकि ऑयली फिश जैसे सालमोन, मैकेरल आदि में ओमेगा -3 फटी एसिड्स होता है, जिसमें एंटी- इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं जिन्हें डिप्रेशन से लड़ने में फायदेमंद पाया गया है।  नट्स और सीड्स (Nuts and seeds) अखरोट, चिया सीड्स और फ्लेक्ससीड्स आदि ओमेगा-3 का बेहतरीन स्त्रोत है। इसके साथ ही इन्हें किसी भी डिश के साथ खाया जा सकता है। आप अपने सलाद को अख़रोट या अन्य सीड्स के साथ खा सकते हैं। चिया सीड्स को स्मूदीज में ड़ाल कर भी आप अच्छा स्वाद और न्यूट्रिएंट्स पा सकते हैं।  ओट्स (Oats) ओट्स (Oats) एक अच्छा ब्रेकफास्ट है। ओट्स (Oats) एनर्जी को धीरे-धीरे रिलीज करता है, जिससे शुगर का एकदम से बढ़ना कम हो सकता है और मूड सुधरने में मदद मिल सकती है। ओट्स (Oats) को कुक करने की जगह आप रात भर इन्हें भिगोएं और सुबह फल व नट्स के साथ खाएं।  पालक (Spinach) मूड बूस्ट करने वाले सुपरफूड्स (Mood boosting superfoods) में पालक (Spinach) को भी शामिल किया जा सकता है। यह सब्जी फोलेट, बी विटामिन से भरपूर होती है, जो मूड रेगुलेटिंग न्यूरोट्रांसमिटर्स, सेरोटोनिन और डोपामिन आदि को बनाने में मदद कर सकती है। आप स्मूदीज में या ऑमलेट में पालक का इस्तेमाल कर सकते हैं। पालक  (Spinach) की सब्जी भी आपको भरपूर न्यूट्रिएंट्स प्रदान कर सकते हैं।  इसे भी पढ़ें: Health issues in summer: गर्मी में होने वाली 5 सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं और उनसे सुरक्षित रहने के टिप्स एवोकाडो (Avocado) एवोकाडो न केवल खाने में स्वादिष्ट या क्रीमी होता है, बल्कि इसमें बी विटामिन्स (Vitamin B) और मोनोअनसेचुरेटेड फैट्स होते हैं जो न्यूरोट्रांसमीटर और ब्रेन हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं। आप एवोकाडो का टोस्ट बना कर खास सकते हैं या इसका सलाद भी बना सकते हैं। इसके साथ ही इसका मिल्कशेक भी बनाया जा सकता है। इनके अलावा मूड बूस्ट करने वाले सुपरफूड्स (Mood boosting superfoods) में बीन्स, ग्रीन टी, शकरकंदी आदि को भी शामिल किया जा सकता है। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Mood boosting superfoods #Spinach #Oats #DarkChocolate #Moodboostingsuperfoods #superfoods

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Bhajanlal Sharma on illegal mining

Bhajanlal Sharma on illegal mining: अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का जीरो टॉलरेंस, लिया यह बड़ा फैसला 

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने खनन माफियों (Bhajanlal Sharma on illegal mining) के खिलाफ मुहीम छेड़ रखी है। इसके तहत सूबे में अवैध खनन माफिया पर एक्शन के दौरान जब्त की गई बजरी (कंकड़) और अन्य खनिज को 15 दिन के भीतर ही नीलाम कर दिया जाएगा। यही नहीं, जब्त वाहनों को 21 अप्रैल तक कोर्ट से राज्यसात कराने के बाद नीलाम कर दिया जाएगा। यह जानकारी माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने शुक्रवार को अधिकारियों से वर्चुअल मीटिंग के दौरान दी। अधिकारियों से वर्चुअल मीटिंग के दौरान टी. रविकान्त ने कहा कि “मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहे हैं। सीएम के निर्देशानुसार विभाग ने अभियान की आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों को अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ सख्त व प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्हें स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि “इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”  15 दिन में की जाए नीलामी की कार्रवाई (Bhajanlal Sharma on illegal mining)  बता दें कि इस दौरान टी. रविकान्त ने बताया कि “जब्त बजरी, अन्य खनिज व वाहन पुलिस थानों में लंबे समय तक रखे रहने से छीजत होने की संभावना रहती है। साथ ही जब्ती का उद्देश्य भी पूरा नहीं होता। राज्य सरकार को राजस्व भी नहीं मिल पाता। ऐसे में उन्होंने सख्त हिदायत दी है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए 15 दिन में नीलामी की कार्रवाई (Bhajanlal Sharma on illegal mining) की जाए। इसके अलावा अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर जिला कलक्टर के मार्गदर्शन व संबंधित विभागों से समन्वय बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं। पूर्व में जब्त बजरी सहित खनिजों की नीलामी तय समय-सीमा में सुनिश्चित करवा दी जाएगी।  इसे भी पढ़ें:- अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश  अवैध खनन गतिविधियों (Bhajanlal Sharma on illegal mining) के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष दल गठित किए जा रहे हैं वैध खनन को बढ़ावा दिया जा सके इसलिए रविकान्त ने खनन क्षेत्रों के डेलिनियेशन और प्लॉट व ब्लॉक तैयार करने के कार्य में तेजी लाने के साथ ही इनकी नीलामी की कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने रिकार्ड राजस्व अर्जन व 23.62 प्रतिशत की विकास दर अर्जित करने के लिए खान एवं भूविज्ञान विभाग के अधिकारियों और कार्मिकों की प्रशंसा भी की। यही नहीं माइंस निदेशक दीपक तंवर ने बताया कि अवैध खनन गतिविधियों (Bhajanlal Sharma on illegal mining) के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष दल गठित किए जा रहे हैं और होमगार्ड सहित आवश्यक मानव संसाधन लगाया जा रहा है। देखना दिलचस्प होगा कि राजस्थान सरकार के इस कदम का क्या असर होगा और किस हद तक अवैध खनन पर लगाम लगाई जा सकेगी। Latest News in Hindi Today Hindi News Bhajanlal Sharma on illegal mining IllegalMining #BhajanLalSharma #ZeroTolerancePolicy #RajasthanNews #AntiMiningAction #MiningBan #EnvironmentalProtection

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KKR beat SRH by 80 runs

KKR beat SRH by 80 runs: आईपीएल के 15वें मुकाबले में केकेआर ने सनराइजर्स हैदराबाद को दी 80 रनों से मात 

आईपीएल 2025 सीजन का 15वां मुकाबला कोलकाता के ईडेन गार्डंस में कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया। वेंकटेश अय्यर 60 रनों की तूफानी पारी के और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर कोलकाता नाइटराइडर्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी शिकस्त (KKR beat SRH by 80 runs) दी। दरअसल, टॉस जीतने के बाद सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम ने 20 ओवर में छह विकेट खोकर 200 रन बनाए। 201 रन के विशाल लक्ष्‍य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरूआत बेहद खराब रही। टॉप ऑर्डर के बल्‍लेबाज ट्रेविस हेड (4), अभिषेक शर्मा (2) और ईशान किशन (2) एक के बाद एक आउट होते गए। इसके अलावा मिडिल ऑर्डर भी कुछ ख़ास नहीं कर सका। नितीश रेड्डी (19), कमिंडु मेंडिस (27) और हेनरिच क्‍लासेन ने (33) रन बनाए, लेकिन यह नाकाफी था। इसके अलावा अनिकेत वर्मा (6) और कप्‍तान पैट कमिंस (14) ने भी कोई ख़ास कारनामा नहीं किया। इस लड़खड़ाती बल्लेबाजी के चलते हैदराबाद 16.4 ओवर में 120 रन पर ही ऑलआउट हो गई।  शानदार गेंदबाजी के कारण वैभव को मैन ऑफ द मैच से गया नवाजा (KKR beat SRH by 80 runs) इस तरह केकेआर ने यह मुकाबला 80 रन से अपने नाम (KKR beat SRH by 80 runs) कर लिया। केकेआर के लिए जीत के हीरो वेंकटेश अय्यर, वैभव अरोड़ा और वरुण चक्रवर्ती रहे। इन तीनों खिलाड़ियों ने टीम की जीत में अहम योगदान दिया। केकेआर की तरफ से वैभव अरोड़ा और वरुण चक्रवर्ती ने तीन-तीन विकेट चटकाए। आंद्रे रसेल को दो सफलताएं मिली। हर्षित राणा और सुनील नरेन के खाते में एक-एक विकेट आया। बता दें कि सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वैभव अरोड़ा ने 3 विकेट लेकर बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया। वैभव ने पहले ही ओवर में ट्रेविस हेड को आउट करके बड़ा झटका दिया। उसके बाद अगले ओवर में ईशान किशन को अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच करवाकर पवेलियन भेजा। तो वहीं हेनरिक क्लासेन का विकेट लेकर सनराइजर्स की जीत की उम्मीदें भी खत्म कर दी। शानदार गेंदबाजी के कारण वैभव को मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया।  इसे भी पढ़ें:-गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु उन्हीं के घर में दी 8 विकेट से करारी शिकस्त यह केकेआर की आईपीएल 2025 में चार मैचों में दूसरी जीत है तो वहीं, एसआरएच की यह 4 मैचों में तीसरी हार है  इस जीत के साथ केकेआर ने आईपीएल के इतिहास में बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। दरअसल, केकेआर आईपीएल में तीन टीमों के खिलाफ 20 या उससे अधिक मैच जीतने वाली पहली टीम बन गई है। आईपीएल के इतिहास में केकेआर की टीम ने तीन टीमों के खिलाफ 20 या उससे मुकाबले जीते हैं। केकेआर ने पंजाब के खिलाफ 21, आरसीबी के खिलाफ 20 और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 20 मुकाबले में जीत हासिल की है। आईपीएल में ऐसा करने वाली केकेआर पहली टीम बन गई है। जिसने तीन टीमों के खिलाफ 20 या उससे अधिक मुकाबले जीते हैं। बता दें कि हैदराबाद की यह आईपीएल इतिहास में रन के अंतर से सबसे बड़ी हार रही। यह केकेआर की आईपीएल 2025 में चार मैचों में दूसरी जीत है तो वहीं, एसआरएच की यह 4 मैचों में तीसरी हार है। Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 KKR beat SRH by 80 runs KKRvsSRH #IPL2025 #KKRWin #SRHvsKKR #IPLHighlights #KolkataKnightRiders #SunrisersHyderabad

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Tinder's AI-powered flirting game

Tinder’s AI-powered flirting game: अपने डेटिंग स्किल को बेहतर बनाने का मौका

टिंडर (Tinder) एक लोकप्रिय डेटिंग ऐप (Dating app) है ,जिससे यूजर्ज अपने आसपास के लोगों से मिल सकते हैं और उनसे दोस्ती कर सकते हैं। इस ऐप में यूजर अपनी प्रोफाइल बना सकते हैं और अन्य लोगों के प्रोफाइल्स को भी देख सकते हैं। अगर दो यूजर एक दूसरे को पसंद करते हैं और मैच हो जाते हैं, तो वो एक दूसरे से चैट करते हैं। यह डेटिंग ऐप (Dating app) लोगों को अपना पार्टनर या जीवनसाथी से मिलने और समय बिताने का मौका देती है। दुनिया भर में लाखों लोग टिंडर (Tinder) का इस्तेमाल करते हैं। लोगों को लुभाने के लिए यह ऐप समय-समय पर कुछ नया ट्राई करती रहती है। अब यह एक नया फीचर ले कर आयी है। टिंडर (Tinder) एक एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम ले कर आया है, जो इसकी एंगेजमेंट को बूस्ट करती है। आइए जानें टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) के बारे में। टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game): पाएं जानकारी आजकल एआई का इस्तेमाल बहुत अधिक हो रहा है और इससे जीवन काफी आसान हुआ है। आज हर व्यक्ति इसका प्रयोग कर रहा है। अब टिंडर (Tinder) ने एक नया फीचर लांच किया है, जिसमें यूजर एआई बोट के साथ फ्लर्ट कर सकते हैं। है न यह एक अजीब और अनोखी चीज? अब आपको यह जान कर और भी हैरानी होगी कि इस गेम को क्यों बनाया गया है? इस गेम को इसलिए बनाया है ताकि यूजर्स अपनी डेटिंग स्किल्स को सुधार सकें। इस गेम इसमें सुधार में मदद करेगी। टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) के बारे में और जानें। टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) की विशेषताएं टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) का नाम है द गेम गेम और इससे यूजर विभिन्न एआई पर्सनालिटी के साथ बातचीत कर सकते हैं। इसमें यूजर अपनी आवाज का उपयोग करके रिस्पांस देते हैं और बॉट के साथ एक डेट के लिए फ्लर्ट करने का प्रयास करते हैं। इस गेम में यूजर को एक स्कोर दिया जाता है और इसके साथ ही उन्हें यह भी बताया जाता है कि वो अपनी डेटिंग स्किल को कैसे सुधार सकते हैं। गेम में यूजर्स को अपने विहेवियर और अधिक आकर्षक बनाने और अपने संदेशों में अधिक अच्छे से बात करने को लेकर भी राय दी जाती है। अगर लेकिन, यह गेम अपनी अमेरिकी यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है।  गेम के नियम टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) खेलने में लिए यूजर को टिंडर (Tinder) लोगो पर जाना होगा, जो इस डेटिंग ऐप (Dating app) में ऊपरी लेफ्ट कार्नर में है। इसमें यूजर को एक डेक कार्ड दिया जायेगा और हर कार्ड पर एक अलग एआई पर्सनालिटी और विज़ुअल्स हैं। यूजर को वॉइस कमांड का इस्तेमाल करके रियेक्ट करना होगा और एक लिमिटेड टाइम में डेट पाने के लिए ट्राई करना होगा। इसके बाद उन्हें स्कोर मिलेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस ऐप को ह्यूमन इंटरेक्शन के साथ रिप्लेस करने के लिए नहीं बनाया गया है। इसकी जगह इसे रियल लाइफ में रियल लोगों के साथ रियल बातचीत को प्रोत्साहित करने के लिए डिजाइन किया गया है।  इसे भी पढ़ें: Taara chip launch: अब रोशनी से मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट संक्षेप में कहा जाए तो टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) को यूजर को अपने कम्युनिकेशन स्किल्स में सुधार करने के लिए बनाया गया है। इससे यूजर एआई बोट से बात कर सकते हैं और उससे फ़्लर्ट कर सकते हैं। यही नहीं, इससे डेटिंग के प्रति एप्रोच में भी सुधार आ सकता है और यूजर को इसमें सुधार में मदद की जा सकती है। यह एक मजेदार गेम है, जो यूजर्स को पसंद आएगी। Latest News in Hindi Today Hindi Tinder’s AI-powered flirting game #Tinder’sAI-poweredflirtinggame #game #Tinder’sAI #Datingapp

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AAPCON 2025 'Ayurveda Parv'

मुंबई में आयोजित होगा AAPCON 2025 ‘Ayurveda Parv’: पहली बार अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) एक ऐसा फेस्टिवल या इवेंट है, जो अधिकतर एक मल्टी-डे एक्सिबिशन होता है। इसका उपद्देश्य आयुर्वेद को बढ़ावा देना है। इसका आयोजन कुछ संगठनों द्वारा किया जाता है जैसे मिनिस्ट्री ऑफ आयुष (Ministry of AYUSH) या द एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM)। अन्य शब्दों में कहा जाए तो आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसमें आयुर्वेद की समृद्ध विरासत और इसके फायदों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है। इस बार एएपीकॉन 2025 “आयुर्वेद पर्व” सम्मेलन और प्रदर्शनी पहली बार मुंबई में आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (एएपी) द्वारा आयोजित की जाएगी। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से। क्या है आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv)?  जैसा की पहले ही बताया गया है कि यह एक प्लेटफॉर्म है, जिसमें आयुर्वेद के बारे में लोगों को बताया और जागरूक किया जाता है। इसमें प्रदर्शनी, साइंटिफिक सेशन, मेडिकल चेक-अप कैंप आदि का आयोजन किया जाता है। द एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) के अनुसार हर व्यक्ति के लिए क्वालिटी हेल्थकेयर सुनिश्चित करने के लिए एक सक्षम एकोसिस्टम बनाना आवश्यक है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए, द एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) मिनिस्ट्री ऑफ आयुष (Ministry of AYUSH) के साथ मिलकर आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) का आयोजन करता है। कहां मनाया जा रहा है इस साल आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv)?  इस साल पांचवां अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेद सम्मेलन होटल ताज लैंड्स 5 से 7 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इसमें कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जैसे आयुर्वेद से जुडी एक्सीबिशंस, फ्री हेल्थ चेकअप और सेमीनार आदि। यह कॉसेप्ट ‘आयुर्वेद जगत सेतु’ पर बेस्ड है जिसका अर्थ है कि आर्युवेद ग्लोबल हेल्थ का ब्रिज है। इस एनुअल कॉनफेरेन्स को मिनिस्ट्री ऑफ आयुष (Ministry of AYUSH) के साथ सहयोग के साथ मनाया जा रहा है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इस सम्मेलन में दुनिया भर के प्रसिद्ध आयुर्वेद विशेषज्ञ, चिकित्सक और शोधकर्ता शामिल होंगे। यानी, आयुर्वेद से जुड़े कई लोग इस सम्मेलन में शामिल होंगे और भारतीय आयुर्वेद सिस्टम को एक प्लेटफार्म प्रदान करेंगे।  इसे भी पढ़ें: 50 slaps for glow: क्या सच में 50 थप्पड़ खाने से आता है चेहरे पर निखार? आयुर्वेद पर्व कॉन्फ्रेंस (Ayurveda Parv Conference) की डिटेल यह कॉन्फ्रेंस तीन दिन की रहेगी और इस दौरान हेल्थ (Health) से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की डिटेल इस प्रकार है: इसके साथ ही इसमें आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) में समुद्र मंथन फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग की जाएगी। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट्स के साथ लिवर वर्कशॉप्स और स्पेशल सेशन होंगे। यही नहीं, डिजिटल हेल्थ मार्केटिंग, कॉर्पोरेट हॉस्पिटल पार्टनरशिप और आयुर्वेद प्रोफेशनल के लिए अवसरों पर भी चर्चा होगी।  Latest News in Hindi Today Hindi Ayurveda Parv #AyurvedaParvconference #Ayurvedafestivalconference #MinistryofAYUSH #ASSOCHAM #AyurvedaParv #Ayurveda #AAPCON

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Devrani kill jethani

Devrani kills Jethani: राजस्थान के कोटा में घर की कलह के चलते देवरानी ने अपनी ही जेठानी को उतारा मौत के घाट 

घर में कलह होना आम बात है। लेकिन कभी-कभी कलह इतनी बढ़ जाती है कि सगे रिश्ते एक दूसरे के खून के प्यासे हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला आया राजस्थान के कोटा जिले से, जहाँ एक महिला ने अपनी ही जेठानी की (Devrani kills Jethani) हत्या कर दी। दरअसल, जमीनी विवाद को लेकर खार खायी देवरानी ने मामूली कहासुनी में जेठानी पर पत्थर से हमला कर दिया। इस हमले में जेठानी बुरी तरह चोटिल हो गयी। इस बीच घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे दूसरी जगह रेफेर कर दिया। महिला की हालत बड़ी गंभीर थी। लाख कोशिशों के बीच डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके और इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज करके महिला की हत्या करने वाली देवरानी की तलाश में पुलिस जुट गई है।   जमीनी विवाद के चलते उतारा मौत के घाट (Devrani kills Jethani) जानकारी मुताबिक मामला कोटा के चेचट थाने का है। चेचट थाने के अंतर्गत आनेवाले अलोद गांव में रहने वाली मोड़ी बाई का अपनी 65 वर्षीय जेठानी शांति बाई से जमीनी विवाद चल रहा था। मृतक महिला के बेटे दिनेश का कहना है कि “हमारा खेतीबाड़ी का काम है। इन दिनों खेतों में काम चल रहा है। रोज की तरह मेरी मां तड़के सुबह काम करने गई थी। सुबह करीब 9 बजे हमारे खेत में काम करने वाले कैलाश का फोन आया और उसने बताया कि तुम्हारी मां खेत में कुएं के पास लहूलुहान हालत में पड़ी हैं। इस बीच खेत में जाकर देखा तो मां अचेत पड़ी थी और सिर से खून निकल रहा था।” माँ के सिर पर तीन से चार जगह घाव के निशान थे। इसके अलावा उनके हाथ और पैर भी गहरे चोट के निशान मिले, जिससे लगातार खून बह रहा था। माँ इस तरह लहूलुहान देख आनन-फानन में उन्हें लेकर चेचट के अस्पताल लेकर गए, जहां पर डॉक्टरों ने तुरंत झालावाड़ रेफर कर दिया। झालावाड़ अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक महिला के भतीजे रमेश चंद्र ने बताया कि “शांतिबाई की एक दिन पहले उसकी देवरानी से कहासुनी हुई थी। उसकी देवरानी गुस्सैल स्वभाव की है और मानसिक रूप से अस्वस्थ भी बताई जाती है। मृतक महिला के बेटे ने बताया कि सुबह खेत पर मां और चाची का झगड़ा हुआ था। जमीन बंटवारे को लेकर चाची मोड़ी बाई ने गाली-गलौज की। इसके बाद मां के सिर पर पत्थर मारकर भाग (Devrani kills Jethani) गई।” इसे भी पढ़ें:-अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश   परिजनों के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की कर रही है छानबीन   पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक दिनेश ने अपनी चाची यानी शांति बाई की देवरानी मोड़ी बाई पर अपनी मां की हत्या करने का आरोप लगाया। दिनेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि “जमीन बंटवारे को लेकर चाची और मां का झगड़ा हुआ था। चाची ने मां के साथ गाली-गलौज की थी। इस झगड़े में उन्होंने मां के सिर पर पत्थर से हमला कर (Devrani kills Jethani) दिया और फिर खेत से फरार हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पूरे मामले पर थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि “पोस्टमार्टम के बाद शांति बाई के शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।” बता दें कि पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Devrani kills Jethani KotaMurderCase #RajasthanCrime #FamilyDispute #ShockingCrime #DomesticViolence #CrimeNewsIndia #MurderOverDispute

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Bhajanlal Sharma mining control

Bhajanlal Sharma mining control: अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश 

सूबे में हो रहे अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान सरकार ने कमर (Bhajanlal Sharma mining control) कस ली है। जानकारी के मुताबिक सरकार अब अवैध खदान वाले इलाकों की ड्रोन से निगरानी कराएगी। जानकारी के मुताबिक यह निर्णय सीएमआर में हुई हाई लेवल की बैठक में किया गया। अवैध खनन पर रोक के लिए राजस्थान सरकार आकस्मिक संयुक्त अभियान चलाएगी। यही नहीं, अवैध खनन से संबंधित मामलों का तत्परता से निपटारा करवाया जाएगा। इसके अलावा सीएम भजनलाल शर्मा ने खनन विभाग को निर्देश दिए कि वे जिला स्तरीय एसआईटी की बैठक की नियमित मॉनिटरिंग करें और प्रतिदिन बैठक की रिपोर्ट लें। कहने की जरूरत नहीं, सरकार के तेवर देखकर तो यही लग रहा है कि अब खनन माफियाओं की खैर नहीं है।  अवैध खनन पर निगरानी रखने के लिए (Bhajanlal Sharma mining control) ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीक की मदद ली जाए- सीएम भजननलाल शर्मा  सीएम भजनलाल ने कहा कि “अवैध खनन पर निगरानी रखने के लिए (Bhajanlal Sharma mining control) ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीक की मदद ली जाए। ड्रोन से पूरे क्षेत्र की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करवाई जाए ताकि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। यही नहीं, इसके साथ ही अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में अधिक से अधिक आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि “अवैध खनन के औचक निरीक्षण के लिए मुख्यालय स्तर पर संयुक्त टास्क फोर्स बनाई जाए।” अवैध खनन के खिलाफ सख्ती बरतने के आदेश  देते हुए सीएम ने कहा कि “इस संबंध में लंबित प्रकरणों को भी जल्द निपटाया जाए ताकि अवैध खनन के रोकथाम की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।” इसे भी पढ़ें:-हनुमान पौराणिक आदर्श, छत्रपति शिवाजी हमारे आधुनिक आदर्श’ मोहन भागवत ने नागपुर में दिया बड़ा बयान  कलेक्टरों से जिले में चल रही अवैध खनन (Bhajanlal Sharma mining control) की कार्रवाई के बारे में ली जानकारी  इस बीच मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि “एम-सेंड नीति के तहत बजरी के विकल्प के रूप में एम-सेंड को प्रोत्साहन दिया जाए। प्रदेश में एम-सेंड इकाइयों की स्थापना और बजरी के सस्ते विकल्प के रूप में एम-सेंड के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए जिससे बजरी के दोहन में कमी आए।” इसके अलावा उन्होंने खनन विभाग के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की कराने की भी बात कही। जानकारी के मुताबिक सीएम ने भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, टोंक, नागौर, डीग, कोटपूतली, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ कलक्टर से इन जिलों में चल रही अवैध खनन (Bhajanlal Sharma mining control) की कार्रवाई के बारे में जानकारी ली तथा आवश्यक कड़े निर्देश प्रदान दिए। इस मामले पर बात रखते हुए मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि “राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि वैध खनन को बढ़ावा दिया जाए। अवैध खनन पर अंकुश लगे ताकि राजस्व में बढ़ोतरी हो और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकें।” Latest News in Hindi Today Hindi News Bhajanlal Sharma mining control IllegalMining #RajasthanNews #DroneSurveillance #BhajanlalSharma #MiningControl #DronesInAction #MiningBan

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