कर्नाटक तट पर सीगल पक्षी पर मिला चीनी GPS ट्रैकर: जासूसी की आशंका, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

कर्नाटक तट पर सीगल पक्षी पर मिला चीनी GPS ट्रैकर भारत में सुरक्षा को लेकर एक नई चिंता सामने आई है। कर्नाटक के कारवार तट पर एक सीगल पक्षी पकड़ा गया, जिसकी पीठ पर हाई-टेक चीनी GPS ट्रैकर लगा हुआ मिला। यह घटना दिसंबर 2025 में सामने आई है और इससे जासूसी की आशंका गहरा गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहन जांच कर रही हैं। चीनी GPS ट्रैकर वाली सीगल की घटना के विवरण यह सीगल पक्षी कारवार क्षेत्र में पकड़ा गया। पक्षी पर लगा ट्रैकर अत्याधुनिक तकनीक वाला है, जो चीन से जुड़ा बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ट्रैकर पक्षियों के माध्यम से सीमा क्षेत्रों की निगरानी या डेटा संग्रह के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। यह पहली बार नहीं है जब भारत में चीनी जासूसी उपकरणों की खबरें आई हैं, लेकिन पक्षी पर ट्रैकर मिलना एक नया और चौंकाने वाला मामला है।यह घटना भारत-चीन सीमा तनाव और समुद्री क्षेत्रों में निगरानी के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। भारतीय नौसेना और खुफिया एजेंसियां पहले से ही दक्षिण चीन सागर और भारतीय महासागर में चीनी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया और जांच भारतीय खुफिया एजेंसियों ने तुरंत इस ट्रैकर को जब्त कर लिया है और इसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञ यह पता लगा रहे हैं कि यह ट्रैकर कितने समय से सक्रिय था और क्या कोई संवेदनशील डेटा भेजा गया। केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और संबंधित मंत्रालयों को अलर्ट जारी किया गया है।पिछले कुछ वर्षों में भारत में चीनी ड्रोनों और जासूसी उपकरणों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे सीमा सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। यह घटना भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। सामाजिक मीडिया और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस खबर के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा हो रही है। कई यूजर्स ने इसे चीनी जासूसी का सबूत बताया, जबकि कुछ ने पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के मुद्दे को भी उठाया। विपक्षी दलों ने सरकार से संसद में इस पर स्पष्टीकरण मांगा है।सरकार की ओर से कहा गया है कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है और किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है। भारत-चीन संबंधों का संदर्भ यह घटना ऐसे समय में आई है जब भारत और चीन के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध सामान्य की दिशा में हैं, लेकिन सीमा विवाद और सुरक्षा मुद्दे अभी भी बने हुए हैं। 2025 में दोनों देशों के बीच कई उच्चस्तरीय बैठकें हुई हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं विश्वास को प्रभावित कर सकती हैं।कर्नाटक तट भारतीय नौसेना के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, जहां कई आधार हैं। इस घटना से समुद्री सुरक्षा पर फिर से बहस छिड़ गई है।फिलहाल, जांच जारी है और जल्द ही अधिक जानकारी सामने आएगी। जय राष्ट्र न्यूज इस घटना पर नजर बनाए हुए है और आगे के अपडेट्स लाता रहेगा।यह चीनी GPS ट्रैकर सीगल पक्षी मामला भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। अन्य ट्रेंडिंग भारतीय समाचारों के लिए जय राष्ट्र न्यूज पर बने रहें।

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यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 7 बसें और 3 कारें टकराईं, 4 की मौत, 25 घायल

यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 7 बसें और 3 कारें टकराईं, 4 की मौत, 25 घायल

दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के घना कोहरा बड़ा हादसा लेकर आया। मथुरा जिले के बलदेव थाना क्षेत्र में माइलस्टोन-127 के पास एक के बाद एक कई बसें और कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहनों में आग लग गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में चार की मौत, 25 घायलSSP श्लोक कुमार ने बताया कि इस दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं. घायलों को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है. मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। कैसे हुआ हादसा?जानकारी के मुताबिक, बसें आगरा से नोएडा की तरफ जा रही थीं। तभी पीछे से एक कार कोहरे के कारण आगे चल रही बस से टकरा गई।इसके बाद चेन रिएक्शन की तरह कुल 7 बसें और 3 कारें आपस में भिड़ गईं। टक्कर के बाद वाहनों में आग लग गई, जिससे हालात और बिगड़ गए। राहत और बचाव कार्यघटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रशासन ने अस्पतालों को घायलों के बेहतर इलाज के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। यातायात प्रभावितहादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया और वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया गया। आग बुझने और क्षतिग्रस्त बसों को हटाने के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य किया गया। जांच और प्रत्यक्षदर्शियों का बयानअधिकारियों ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गाड़ियों की टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऐसा लगा जैसे कोई धमाका हुआ हो। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई थी और लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। फिलहाल बचाव कार्य जारी है।

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घनी धुंध से थमी रफ्तार, AQI खतरनाक स्तर पर, NCR में विजिबिलिटी बेहद कम

घनी धुंध से थमी रफ्तार, AQI खतरनाक स्तर पर, NCR में विजिबिलिटी बेहद कम

देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) परत-दर-परत एक नया रिकॉर्ड कायम करने में लगी है। इस बार यह रिकॉर्ड दिल्ली के आसपास के इलाकों में पाया गया है। दिल्ली का तो प्रदूषण से बुरा हाल था ही, पर अब दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में भी हाल बेहाल हो गए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक पंजाब, हरियाणा, चड़ीगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में घने कोहरे की संभावना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शहर के कई प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद सीवियर क्षेणी में पहुंच गया है. इसे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है। आनंद विहार में AQI 493 के पारआनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 493 के पार चल गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी AQI के अनुसरा इस इलाके को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। दिल्ली को जहरीले धुएं की मोट परत ने घेर रखा है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में जीआरएपी चरण-IV (Grap Stage-IV) के तहत सभी इलाकों में कार्रवाई शुरू कर दी है। बारापुल्ला फ्लाईओवर का भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 433 है, जिसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। द्वारका सेक्टर-14 में भी AQI 469 है, जो लोगों की स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सरकार का एक्शन प्लानवायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CQIM) ने दिल्ली और एनसीआर राज्य सरकारों को सभी बाहरी शारीरिक खेल गतिविधियों को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया है, साथ ही चेतावनी दी है कि खराब वायु गुणवत्ता के बीच ऐसे आयोजनों का निरंतर संचालन बच्चों के लिए ‘गंभीर स्वास्थ्य जोखिम’ पैदा करता है।

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रहमान डकैत: कराची के ल्यारी इलाके का क्रूर अपराधी साम्राज्य

परिचयसर्दार अब्दुल रहमान बलोच, जिन्हें दुनिया रहमान डकैत के नाम से जानती है, पाकिस्तान के सबसे कुख्यात गैंगस्टरों में से एक थे। 1975 में कराची के ल्यारी इलाके में जन्मे रहमान ने अपराध की दुनिया में कम उम्र से ही कदम रखा और जल्द ही ल्यारी को अपने खौफनाक साम्राज्य का केंद्र बना लिया। ल्यारी, जो कराची का एक घनी आबादी वाला बलोच बहुल इलाका है, गरीबी, बेरोजगारी और राज्य की लापरवाही के कारण अपराध का गढ़ बन चुका था। रहमान ने यहां के गैंग वॉर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जहां हत्याएं, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी आम बात हो गई। उनकी कहानी न केवल हिंसा की है, बल्कि राजनीतिक संरक्षण और जनता के बीच एक छवि बनाने की भी है। हाल ही में बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना द्वारा निभाए गए उनके किरदार ने दुनिया भर में उनकी क्रूरता को फिर से चर्चा में ला दिया है। View this post on Instagram A post shared by Ranveer Singh (@ranveersingh) प्रारंभिक जीवन और अपराध में प्रवेशरहमान का जन्म 1975 में ल्यारी में एक अपराधी परिवार में हुआ। उनके पिता अबू मुहम्मद (जिन्हें दादल के नाम से भी जाना जाता था) और चाचा शेरू 1964 से ड्रग तस्करी में लिप्त थे। परिवार की इस पृष्ठभूमि ने रहमान को बचपन से ही अपराध की दुनिया से जोड़ दिया। मात्र 13 साल की उम्र में उन्होंने अपनी पहली हिंसक घटना को अंजाम दिया, जब उन्होंने किसी व्यक्ति को चाकू मार दिया। किशोरावस्था में ही वे ड्रग्स बेचने लगे और ल्यारी की गलियों में अपनी पहचान बनाने लगे। उनके पिता की हत्या के बाद परिवार का बदला लेने की आग ने रहमान को और उग्र बना दिया। 1990 के दशक में अरशद पप्पू के पिता द्वारा उनके पिता की हत्या और कब्र की बेइज्जती ने एक लंबे गैंग वॉर को जन्म दिया, जो वर्षों तक चला। 19 साल की उम्र में रहमान ने एक ऐसी घटना की, जो उनकी क्रूरता का प्रतीक बन गई—उन्होंने अपनी मां खदीजा बीबी को गला घोंटकर मार डाला। कथित तौर पर, उनकी मां का किसी अन्य गैंगस्टर इकबाल से संबंध था, जिसने उनके पिता की हत्या की थी। इस घटना के बाद रहमान ने अपनी मां का शव पंखे से लटका दिया, जो उनकी बेरहम छवि को अमर कर गई। गैंग लीडर के रूप में उदय1990 के अंत में रहमान हाजी लालू के गैंग में शामिल हुए, जो ल्यारी का प्रमुख ड्रग लॉर्ड था। 2001 में लालू की गिरफ्तारी के बाद रहमान ने गैंग की कमान संभाली। उन्होंने अपने चचेरे भाई उजैर बलोच और सहयोगी बाबा लाडला के साथ मिलकर ल्यारी को अपना किला बना लिया। 2001 से 2009 तक का दौर रहमान के साम्राज्य का स्वर्णिम काल था। वे जबरन वसूली, अपहरण, ड्रग तस्करी, अवैध हथियारों की बिक्री और हत्या जैसे अपराधों में लिप्त रहे। रहमान ने ‘पीपुल्स अमन कमिटी’ (पीएसी) नामक संगठन की स्थापना की, जो सतह पर शांति का प्रतीक था, लेकिन वास्तव में उनका अपराधी साम्राज्य था। वे ल्यारी में एक फ्यूडल लॉर्ड की तरह शासन करते थे—राजनीतिक संरक्षण के साथ। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) से उनके गहरे संबंध थे। कथित तौर पर, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की जान कई बार बचाई, खासकर 2007 के हमलों के दौरान। जब बेनजीर का काफिला क्लिफ्टन में विस्फोटों से घिर गया, तो रहमान के आदमियों ने उन्हें सुरक्षित निकाला। बदले में, पीपीपी ने उन्हें राजनीतिक छत्रछाया दी। उनकी क्रूरता की मिसालें कांपने वाली हैं। गैंग वॉर के दौरान वे दुश्मनों के सिर काटकर फुटबॉल की तरह खेलते थे। अरशद पप्पू के साथ उनके संघर्ष में सैकड़ों मौतें हुईं, जिनमें सिर काटना, कब्रें खोदना और सार्वजनिक हिंसा शामिल थी। 2012 के ल्यारी गैंग वॉर में 800 से अधिक मौतें हुईं, जो रहमान के दौर की देन थीं। राजनीतिक संबंध और जनता की छविरहमान केवल अपराधी नहीं थे; वे एक चतुर रणनीतिकार भी थे। वे खुद को ‘सर्दार अब्दुल रहमान बलोच’ कहलवाते थे, जो उनकी बलोच पहचान को मजबूत करता था। ल्यारी में वे रोबिन हुड की तरह देखे जाते थे—गरीबों की मदद करते, लेकिन बदले में वफादारी मांगते। उनके अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए, जो उनकी लोकप्रियता दर्शाता है। हालांकि, पाकिस्तानी पुलिस के अनुसार, वे केवल ल्यारी तक सीमित थे और शहर के अन्य हिस्सों में उतने प्रभावशाली नहीं थे। उनके राजनीतिक संबंधों ने उन्हें लंबे समय तक बचाए रखा। बेनजीर भुट्टो के अलावा, वे अन्य पीपीपी नेताओं से जुड़े थे। लेकिन यह संरक्षण उनके पतन का कारण भी बना। मौत और विरासत9 अगस्त 2009 को कराची पुलिस के साथ मुठभेड़ में रहमान की मौत हो गई। यह ऑपरेशन कराची के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एसएसपी चौधरी असलम खान के नेतृत्व में किया गया था, जो पाकिस्तान के ‘सुपर कॉप’ के रूप में जाने जाते थे। पुलिस का दावा था कि यह एक वैध गोलीबारी थी, जिसमें रहमान और उनके दो सहयोगियों को मार गिराया गया। हालांकि, कई विवादास्पद रिपोर्ट्स में इसे ‘फर्जी एनकाउंटर’ करार दिया गया, क्योंकि रहमान को करीब से गोली मारी गई थी। पूर्व गृह मंत्री जुल्फिकार मिर्जा ने दावा किया कि उन्होंने खुद रहमान को मारा था, लेकिन बाद में पछतावा जताया। कुछ स्रोतों के अनुसार, रहमान कथित रूप से बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को हथियार बेचने में लिप्त थे, जिसके कारण उनकी हत्या एक सौदे के खराब होने का नतीजा हो सकती है। हालांकि, भारतीय जासूसों के शामिल होने का कोई पुष्ट साक्ष्य नहीं मिला। फिल्म ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह द्वारा निभाए गए भारतीय जासूस ‘हामजा’ के किरदार ने काल्पनिक रूप से रहमान के गिरोह में घुसकर उनकी कमजोरी उजागर की और अप्रत्यक्ष रूप से उनके पतन में भूमिका निभाई, लेकिन वास्तविकता में यह पूरी तरह काल्पनिक है। रहमान की मौत के बाद उजैर बलोच ने कमान संभाली, लेकिन 2016 में उनकी गिरफ्तारी के साथ पीएसी कमजोर पड़ गया। रहमान की विरासत ल्यारी के गैंग वॉर और अपराध संस्कृति में बसी है, जो आज भी पाकिस्तान की शहरी समस्याओं को दर्शाती है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना ने रहमान डकैत का किरदार निभाया है, जो उनकी क्रूरता को स्क्रीन पर जीवंत करता है। फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया (पहले वीकेंड में… Read More

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पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि, कहा-उनसे बहुत कुछ सीखा

पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि, कहा-उनसे बहुत कुछ सीखा

भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की गुरुवार को जयंती है. पीएम मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित भाजपा के नेताओं ने उनकी जयंती पर याद करते हुए श्रद्धांजलि दी| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा- ‘प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि| एक महान राजनेता और बहुत गहराई वाले विद्वान. उन्होंने दशकों तक सार्वजनिक जीवन में बिना किसी रुकावट के भारत की सेवा की| प्रणब बाबू की बुद्धि और विचारों की स्पष्टता ने हर कदम पर हमारे लोकतंत्र को समृद्ध किया| यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि इतने सालों तक हमारी बातचीत में मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला|’ अमित शाह ने किया यादकेंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा ‘भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि| जनता की सेवा के लिए समर्पित एक नेता, मुखर्जी की संविधान की गहरी समझ ने सरकारी पदों पर उनके कार्यकाल को परिभाषित किया| उनका जीवन और काम हमारी लोकतांत्रिक यात्रा को प्रेरित करते रहेंगे|’ जेपी नड्डा का पोस्टभाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत रत्न प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर मेरी दिल से श्रद्धांजलि| सार्वजनिक सेवा में उनके लंबे सफर ने भारत को कई तरह से बनाया है| अपनी विनम्रता और गहरे ज्ञान के लिए जाने जाने वाले, उन्होंने अनगिनत लोगों की जिंदगी को छुआ और देश की तरक्की में बहुत बड़ा योगदान दिया| उनकी विरासत भारत के विकास के लिए समर्पित आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी|” प्रदेश के नेताओं ने किया यादअसम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का हमारे देश के लिए बहुत बड़ा योगदान उनके विजन और राजनेता होने का हमेशा रहने वाला सबूत है| उनकी जयंती पर, हम भारत रत्न को दिल से श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने भारत की राजनीतिक सोच को आकार दिया, पार्टी लाइन से ऊपर उठकर आवाजों को एक किया और हमारे लोकतंत्र की नींव को मजबूत किया| दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का हमारे देश के लिए बहुत बड़ा योगदान उनके विजन और राजनेता होने का हमेशा रहने वाला सबूत है. उनकी जयंती पर हम भारत रत्न को दिल से श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने भारत की राजनीतिक सोच को आकार दिया, पार्टी लाइन से ऊपर उठकर आवाजों को एक किया और हमारे लोकतंत्र की नींव को मज़बूत किया|’

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ऊर्जा नीति में ऐतिहासिक बदलाव

भारत ने अक्टूबर 2025 में रूसी तेल आयात 38% घटाया: ऊर्जा नीति में ऐतिहासिक बदलाव

जय राष्ट्र न्यूज़ | नई दिल्ली | 5 दिसंबर 2025 भारत ने अक्टूबर 2025 में रूस से कच्चे तेल का आयात मूल्य के हिसाब से 38 प्रतिशत और मात्रा के हिसाब से 31 प्रतिशत तक कम कर दिया। यह 2022 के यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस पर सबसे ज़्यादा निर्भरता दिखाने वाले भारत के लिए अब तक की सबसे बड़ी एकमुश्त कटौती है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में कुल क्रूड आयात में भी करीब 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है, लेकिन उसका हिस्सा सितंबर 2025 के 40 प्रतिशत से घटकर अक्टूबर में करीब 35 प्रतिशत रह गया। दूसरी तरफ इराक, सऊदी अरब, UAE और अमेरिका से आयात में तेज़ उछाल देखा गया है। पिछले तीन साल का ट्रेंड उलट गया 2022 के बाद से रूस भारत को औसतन 1.5 से 2 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल बेच रहा था। उस समय पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण रूसी उराल ग्रेड क्रूड ब्रेंट से 20-30 डॉलर प्रति बैरल सस्ता मिल रहा था। भारतीय रिफाइनरियों (खासकर रिलायंस जामनगर और नायरा वाडिनार) ने इसका भरपूर फायदा उठाया था। लेकिन अक्टूबर 2025 में यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई। गिरावट के पांच बड़े कारण रिफाइनरियों पर क्या असर? रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने बताया कि रूसी भारी-खट्टा क्रूड (उराल) की जगह अब वे इराकी बसरा हेवी, सऊदी अरेबियन मीडियम और अमेरिकी WTI मिडलैंड क्रूड ले रहे हैं। इनमें सल्फर कम है और रिफाइनिंग मार्जिन 1.5-2 डॉलर प्रति बैरल बेहतर मिल रहा है। नायरा एनर्जी (रूस की रोसनेफ्ट में हिस्सेदार) ने भी कहा कि वह अब स्पॉट मार्केट से मध्य-पूर्व का तेल खरीद रही है। रोसनेफ्ट से लंबे अनुबंध अभी भी जारी हैं, लेकिन मात्रा में 25-30 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है। अर्थव्यवस्था को फ़ायदा भारत-रूस संबंधों पर असर? विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला “100 प्रतिशत व्यावसायिक” है। रूस के साथ 15 अरब डॉलर का सालाना व्यापार लक्ष्य अभी भी बरकरार है। हाल ही में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा में S-400 की अतिरिक्त रेजीमेंट, ब्रह्मोस मिसाइल निर्यात और न्यूक्लियर पावर प्लांट के समझौते हुए हैं। तेल की मात्रा कम होने से द्विपक्षीय संबंधों पर कोई ठेस नहीं पहुँची है। आगे की राह: हरित ऊर्जा और विविधीकरण सरकार ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा और 5 मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इसी साल गुजरात और राजस्थान में 50 गीगावाट के सोलर पार्क और 30 गीगावाट के ग्रीन हाइड्रोजन हब को मंजूरी मिली है। लेकिन अभी भी तेल भारत की कुल ऊर्जा मांग का 33 प्रतिशत पूरा करता है। इसलिए अगले 10-15 साल तक विविधीकरण ही एकमात्र रास्ता है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले हफ्ते कहा था,“हमारा लक्ष्य है कि 2035 तक किसी एक देश से 25 प्रतिशत से ज़्यादा तेल न लें।” निष्कर्ष अक्टूबर 2025 की 38 प्रतिशत कटौती कोई अस्थायी घटना नहीं है। यह भारत की नई ऊर्जा रणनीति का पहला ठोस संकेत है। सस्ता तेल चाहिए, लेकिन सुरक्षित और विविध स्रोतों से। आने वाले महीनों में यदि वैश्विक कीमतें 65 डॉलर से नीचे चली गईं, तो फिर रूसी तेल की वापसी हो सकती है। लेकिन तब भी पुरानी मात्रा शायद ही लौटे। भारत अब ऊर्जा के खेल में सिर्फ़ खरीदार नहीं, एक स्मार्ट रणनीतिकार बनकर उभरा है। जय राष्ट्र न्यूज़ – भारत की खबर, भारत की आवाज़Instagram: @jairashtranewsYouTube: @JaiRashtraNewsवेबसाइट: jairashtranews.com RussianOilCut #IndiaEnergyPolicy #JaiRashtraNews

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दिल्ली के AQI में एक बार फिरसे बढ़ोतरी, इन जगहों की हालत गंभीर

दिल्ली के AQI में एक बार फिरसे बढ़ोतरी, इन जगहों की हालत गंभीर

दिसंबर के पहले सप्ताह से ही उत्तर भारत में ठंड अपना असर दिखाने लगी है. दिल्ली से लेकर बिहार तक सुबह के समय आसमान में कोहरे की चादर देखी जा रही है. वहीं, मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में मौसम बिगड़ने का अलर्ट भी जारी किया है. IMD ने चक्रवात दितवाह पर अपडेट देते हुए बताया कि आज कुछ राज्यों में इसका असर तेज हो सकता है, जिसके चलते बारिश की संभावना बढ़ गई है. नवंबर की शुरुआत के साथ ही ठंड धीरे-धीरे बढ़ने लगी थी. अब दिसंबर आते-आते ठंड ने और जोर पकड़ लिया है. दिल्ली से लेकर बिहार तक कई इलाकों में सुबह कड़ाके की ठंड के साथ कोहरा छाया हुआ दिखा. इस बीच IMD ने कई राज्यों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी जारी की है. दितवाह को लेकर विभाग का कहना है कि आज कई इलाकों में इसका असर देखने को मिल सकता है, जिससे भारी बारिश की आशंका है. दिल्ली में गिर सकता है तापमानराजधानी दिल्ली-NCR में ठंड ने दस्तक दे दी है. IMD का कहना है कि फिलहाल बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान में तेज गिरावट हो सकती है. आज भी दिल्ली का न्यूनतम तापमान सामान्य से कम दर्ज किया जा सकता है, जिसके चलते ठिठुरन बढ़ेगी. यूपी-बिहार में कोहरा बढ़ाउत्तर प्रदेश में भी ठंड बढ़ने लगी है. दिसंबर की शुरुआत के साथ ही कोहरे ने कई हिस्सों को ढक लिया है. हालांकि दिन चढ़ने पर धुंध कम हो जाती है. IMD का कहना है कि इस हफ्ते यूपी में सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड बनी रहेगी. बिहार में इस बार रिकॉर्ड तोड़ ठंड देखने को मिल रही है. राज्य के लगभग 23 जिलों—जैसे मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर और जमुई में घना कोहरा छाया हुआ है. इन जगहों पर विजिबिलिटी बेहद कम दर्ज की जा रही है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान और गिर सकता है, जिससे कोहरा और बढ़ेगा.पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का दौर जारी है. जम्मू-कश्मीर में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है. इस कड़ी ठंड ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को काफी दिक्कत हो रही है. उत्तराखंड में भी ठंड तेज हो गई है. यहां दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. सूखी ठंड के कारण लोग परेशान हैं. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में राज्य के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. दक्षिण में दितवाह का असर, हालात अब भी बिगड़े उत्तर भारत ठंड से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत में चक्रवात दितवाह ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. श्रीलंका और दक्षिण–पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना यह तूफान कमजोर जरूर पड़ा है, लेकिन इसका असर अभी भी साफ दिख रहा है. मौसम विभाग ने दो दिसंबर तक तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में भारी बारिश की चेतावनी दी है. चेन्नई में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हुए हैं. लगातार बारिश ने दिनभर की रफ्तार थाम दी, सड़कों पर पानी भर गया, कई जगह पेड़ गिर गए और ट्रैफिक घंटों रुका रहा. ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने एहतियात के तौर पर निचले इलाकों में राहत और बचाव के लिए 103 नावें तैयार रखी हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके.

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इंदौर

इंदौर में एकादशी पूजा के दौरान केमिकल फैक्ट्री में आग लगने से दो महिलाओं की मौत, एक घायल

इंदौर में शनिवार शाम एक दुखद हादसा हुआ. राऊ पुलिस स्टेशन इलाके में एक रासायनिक गोदाम में आग लग गई. इस हादसे में दो महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया. गोदाम में रखे बड़ी मात्रा में थिनर की वजह से आग और भड़क गई. थिनर एक बहुत ज्यादा ज्वलनशील सॉल्वेंट है जो आमतौर पर पेंट और केमिकल इंडस्ट्री में इस्तेमाल होता है. पुलिस के अनुसार, दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई की, लेकिन आग पर काबू पाने में डेढ़ घंटे का समय लग गया. आग बुझने के बाद, इमरजेंसी स्टाफ गोदाम के अंदर प्रवेश किया. इस दौरान दो महिलाओं के शव मिले. महिलाओं की पहचान रामकली (50) और ज्योति नीम (34) के रूप में हुई. वहीं, एक अन्य व्यक्ति सूरज भगनानी (34) के दोनों हाथों में जलने से चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. मामले में लाइसेंस से संबंधित जांच कर रही है पुलिस इंदौर के जोन-1 के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस कृष्णा लालचंदानी ने बताया कि पीड़ित लोग एकादशी पूजा कर रहे थे. उन्होंने पत्थर की मिट्टी के दीये जलाए थे, जो पास में रखे थिनर के पास थे. इससे आग लग गई. आग ने वह सामान पकड़ लिया, जिससे बड़ा हादसा हो गया और दो लोगों की जान चली गई. उन्होंने आगे कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि यह जगह भैयालाल मुकाती नाम के एक व्यक्ति ने किराए पर ली थी. हालांकि, इस जगह को आम तौर पर फैक्ट्री कहा जाता है, लेकिन पुलिस को अभी यह कन्फर्म करना बाकी है कि यह मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के तौर पर काम कर रही थी या सिर्फ एक स्टोरेज गोदाम था. अधिकारी अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या उस फैसिलिटी के पास ऐसे खतरनाक पदार्थों को स्टोर करने के लिए लाइसेंस थे और क्या इस घटना में किसी लापरवाही का हाथ था. स्थानीय लोगों ने जोर की आवाजें सुनीं और जगह से घना धुआँ उठता देखा. इससे आसपास डर फैल गया. पास की कुछ इकाइयों को सावधानी से खाली कराया गया. अब तक कोई और चोट नहीं आई है. अधिकारी पूरी जांच करने और जिम्मेदारी तय करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने का वादा कर रहे हैं

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बिहार चुनाव के बीच रवि किशन को मिली जान से मारने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

बिहार चुनाव के बीच रवि किशन को मिली जान से मारने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

बिहार विधानसभा चुनाव के माहौल में भोजपुरी एक्टर और बीजेपी सांसद रवि किशन शुक्ला को जान से मारने की धमकी मिली है. बताया जा रहा है कि बिहार के आरा जिले के जवनिया गांव के रहने वाले एक शख्स ने फोन कर यह धमकी दी. आरोपी ने सांसद के निजी सचिव शिवस द्विवेदी को कॉल कर पहले अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और फिर कहा कि रवि किशन, यादवों पर टिप्पणी करते हैं, इसलिए उन्हें गोली मार दूंगा. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत इस मामले में बीजेपी सांसद के सचिव ने गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है. पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है और आरोपी को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा. शिकायत में क्या बताया गया? शिकायत में बताया गया है कि आरोपी ने धमकी के साथ-साथ धार्मिक टिप्पणी भी की और कहा कि उसे सांसद की हर गतिविधि की जानकारी है. उसने यह भी कहा कि जब चार दिन बाद रवि किशन बिहार आएंगे तो उन्हें जान से मार देगा. इस उम्मीदवार का किया समर्थन इतना ही नहीं, आरोपी ने छपरा से आरजेडी उम्मीदवार और भोजपुरी एक्टर खेसारी लाल यादव का समर्थन भी किया. उसने खेसारी के राम मंदिर की जगह अस्पताल बनाने वाले बयान को भी सपोर्ट किया और भगवान श्रीराम को लेकर भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. बीजेपी सांसद के सचिव ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है. चुनावी माहौल में इस तरह की धमकी ने राजनीतिक हलकों में चिंता बढ़ा दी है.

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देश में छठ महापर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. सोमवार को छठ पूजा का तीसरा दिन है. इस क्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में छठ पूजा समारोह में भाग लिया, जहां श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया. राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों की खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना की. इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि महापर्व छठ पूजा के पावन अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई देती हूं. यह त्योहार सूर्य देव और छठी मैया की उपासना करने और मां प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है. मेरी मंगलकामना है कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करे तथा हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करे. प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने दी शुभकामनाएं इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी देशवासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं. प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा कि देशभर के अपने परिवारजनों को महापर्व छठ के संध्या अर्घ्य की अनंत शुभकामनाएं. इस पावन अवसर पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने की हमारी परंपरा बहुत विशिष्ट है. सूर्यदेव की कृपा से सबका कल्याण हो, सबको जीवन में सुख-संपदा और सफलता की प्राप्ति हो, यही कामना है. जय छठी मईया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आधिकारिक ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “छठ महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं! उमंग, उत्साह और उल्लास से भरा यह महापर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और समृद्धि का संचार करे. छठी मईया की कृपा सभी पर बनी रहे. जय छठी मईया.” भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने आधिकारिक ‘एक्स’ संदेश में कहा, “लोक आस्था और भगवान भास्कर के प्रति अगाध श्रद्धा को समर्पित छठ महापर्व की आप सभी को कोटिश बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं. यह पर्व आस्था, लोक संस्कृति, समर्पण और त्याग का अद्भुत संगम है, जो सूर्य देवता और प्रकृति के प्रति मानव के सबसे पवित्र संबंध को दर्शाता है. छठ का प्रत्येक अर्घ्य जीवन में प्रकाश, सत्य और संतुलन का संदेश देता है. मैं छठी मईया और भगवान सूर्य से प्रार्थना करता हूं कि वे सभी के जीवन को सुख-समृद्धि, आरोग्य और मंगलमय आशीर्वाद से परिपूर्ण करें. जय छठी मईया!

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छठ पूजा समारोह में लिया भाग, नागरिकों की खुशहाली की प्रार्थना

देश में छठ महापर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. सोमवार को छठ पूजा का तीसरा दिन है. इस क्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में छठ पूजा समारोह में भाग लिया, जहां श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया. राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों की खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना की. इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि महापर्व छठ पूजा के पावन अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई देती हूं. यह त्योहार सूर्य देव और छठी मैया की उपासना करने और मां प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है. मेरी मंगलकामना है कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करे तथा हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करे. प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने दी शुभकामनाएं इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी देशवासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं. प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा कि देशभर के अपने परिवारजनों को महापर्व छठ के संध्या अर्घ्य की अनंत शुभकामनाएं. इस पावन अवसर पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने की हमारी परंपरा बहुत विशिष्ट है. सूर्यदेव की कृपा से सबका कल्याण हो, सबको जीवन में सुख-संपदा और सफलता की प्राप्ति हो, यही कामना है. जय छठी मईया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आधिकारिक ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “छठ महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं! उमंग, उत्साह और उल्लास से भरा यह महापर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और समृद्धि का संचार करे. छठी मईया की कृपा सभी पर बनी रहे. जय छठी मईया.” भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने आधिकारिक ‘एक्स’ संदेश में कहा, “लोक आस्था और भगवान भास्कर के प्रति अगाध श्रद्धा को समर्पित छठ महापर्व की आप सभी को कोटिश: बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं. यह पर्व आस्था, लोक संस्कृति, समर्पण और त्याग का अद्भुत संगम है, जो सूर्य देवता और प्रकृति के प्रति मानव के सबसे पवित्र संबंध को दर्शाता है. छठ का प्रत्येक अर्घ्य जीवन में प्रकाश, सत्य और संतुलन का संदेश देता है. मैं छठी मईया और भगवान सूर्य से प्रार्थना करता हूं कि वे सभी के जीवन को सुख-समृद्धि, आरोग्य और मंगलमय आशीर्वाद से परिपूर्ण करें. जय छठी मईया!”

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