Mukesh Ambani earnings: पहलगाम घटना के बाद मुकेश अंबानी ने 222 मिनट में कमाए 88,569 करोड़ रुपए

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना हमले में 26 निर्दोष भारतियों की हत्या के बाद से देश सहित दुनिया भर में रोष है। पहलगाम घटना के बाद एशिया के सबसे बड़ी रईस शख्स और कारोबारी मुकेश अंबानी ने घायलों का इलाज फ्री में करने का ऐलान किया था। यह तो ठीक, ऐसे माहौल में इस तरह के सराहनीय कदम जरूर उठाये जाने चाहिए। खैर, मुकेश अंबानी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि उन्हें इस ऐलान का इतना बड़ा लाभ होगा। दरअसल, शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज, रिटेल और टेलीकॉम के आंकड़े सामने आए थे। इन आंकड़ों में रिटेल और टेलीकॉम की कमाई में अनुमान से ज्यादा इजाफा देखने को मिला था। इसके बाद सोमवार को इस वजह से शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने मिली। खास बात तो ये है कि देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप में 88,569 करोड़ रुपए का इजाफा देखने को (Mukesh Ambani earnings) मिला। गौर करने वाली बात ये कि तकरीबन 222 मिनट में रिलायंस को ये कमाई हुई है। इसी सिलसिले में एक नजर डालते हैं मुकेश अंबानी के टोटल मुनाफे पर।  कंपनी का शेयर रिकॉर्ड हाई से अभी भी करीब 15 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर (Mukesh Ambani earnings) रहा है बता दें बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर कि देश की सबसे बड़ी कंपनी कही जाने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। आंकड़ों पर गौर फरमाएं, तो कंपनी का शेयर करीब 5 फीसदी की तेजी के साथ 1,364.90 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बड़ी बात यह कि कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी का शेयर 1,365.50 रुपए के साथ दिन के हाई पर भी पहुंच गया था। बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर तेजी के साथ 1,332.35 रुपए पर ओपन हुआ था। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 1,300.05 रुपए पर बंद हुआ था। 8 जुलाई 2024 को कंपनी का शेयर 1,608.95 रुपए के साथ रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया था। कंपनी का शेयर रिकॉर्ड हाई से अभी भी करीब 15 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर (Mukesh Ambani earnings) रहा है।  इसे भी पढ़ें:- कश्मीर में आतंक के खिलाफ एकजुटता की नई शुरुआत: उमर अब्दुल्ला कंपनी के मार्केट कैप में 88,569.38 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी (Mukesh Ambani earnings) देखने को मिली है ध्यान देने योग्य बात तो यह कि सोमवार को तिमाही नतीजों की वजह से शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। शेयर बाजार खुलने के 222 मिनट के बाद कंपनी के मार्केट कैप में 88,569 करोड़ रुपए का इजाफा देखने को मिला। आंकड़ों की माने तो कंपनी का शेयर 1,365.50 रुपए पर आया तो कंपनी का मार्केट कैप 18,47,845.52 करोड़ रुपए पर आ गया था। शुक्रवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद कंपनी का मार्केट कैप 17,59,276.14 करोड़ रुपए पर था। इसका सीधा सा मतलब है कि कंपनी के मार्केट कैप में 88,569.38 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी (Mukesh Ambani earnings) देखने को मिली है। अच्छी बात यह कि शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल रही है। आंकड़ों के अनुसार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज 1004.91 अंकों की तेजी के साथ 80,217.44 अंकों पर कारोबार कर रहा है, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी करीब 300 अंकों की तेजी के साथ 24,331.65 अंकों पर कारोबार करता दिखाई दे रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi Mukesh Ambani earnings #MukeshAmbani #MukeshAmbaniEarnings #PahalgamIncident #RelianceIndustries #AmbaniNews #WealthNews #RichestManIndia #BusinessNews #TrendingNews #BreakingNews

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Friday Lakshmi Puja

शुक्रवार को लक्ष्मी पूजन से बरसेगी धनवर्षा: जानिए सही विधि, नियम और फायदे

शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) को समर्पित माना जाता है। देवी लक्ष्मी को धन, वैभव, सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी कहा गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त श्रद्धा और विधिपूर्वक मां लक्ष्मी का पूजन करते हैं, उनके जीवन में कभी धन की कमी नहीं होती और घर में सुख-शांति बनी रहती है। खासकर शुक्रवार (Friday) को लक्ष्मी पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं शुक्रवार को लक्ष्मी पूजन का सही तरीका, आवश्यक सामग्री, पूजन विधि और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें। शुक्रवार को लक्ष्मी पूजन का महत्व शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा करने का शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन उनकी उपासना करने से धन-संपदा की प्राप्ति होती है। यदि आपके घर में भी धन की कमी बनी रहती है या मां लक्ष्मी का वास नहीं टिक पा रहा है, तो शुक्रवार (Friday) को विधिपूर्वक लक्ष्मी जी का पूजन करें और व्रत रखें। मां लक्ष्मी समृद्धि और वैभव की देवी हैं, इसीलिए इनकी पूजा अत्यंत पुण्यफलदायी मानी गई है। माता को प्रसन्न करने हेतु अनेक पूजा-विधियाँ, उपाय, आराधना के तरीके और मंत्र बताए गए हैं, जिनसे उनकी अनुकंपा प्राप्त होती है। शुक्रवार को मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए करें ये आसान और प्रभावी उपाय इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया व्रत रखने का नियम इस दिन श्रद्धालु व्रत भी रखते हैं। व्रती केवल फलाहार करते हैं या एक समय सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। दिनभर मां लक्ष्मी का नामजप और ध्यान करते हैं। सूरज ढलने के बाद पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Maa Lakshmi #LakshmiPujan #Dhanteras #WealthAttraction #LakshmiBlessings #FestiveVibes #FridayPuja #LakshmiPujaVidhi #PujaRules #Diwali2025 #ProsperityRituals

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Royal Challengers Bangalore vs Delhi Capitals

IPL 2025 : मुंबई इंडियंस ने लखनऊ सुपरजायंट्स को 54 रन से हराया, तो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने दिल्ली कैपिटल्स को दी 6 विकेट से शिकस्त

27 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 (IPL 2025) के 18वें सीजन के दो मुकाबले खेले गए। मुंबई इंडियंस ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 54 रनों से हराया। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से शिकस्त दी। बात करें लखनऊ सुपरजायंट्स की तो ऋषभ पंत की कप्तानी में खेल रही लखनऊ सुपर जायंट्स ने अपने शुरुआती 8 मैचों में से 5 में जीत दर्ज की थी। लेकिन नौवें और 10वें मैच में हारने के बाद एलएसजी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बता दें कि लखनऊ को 22 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स और 27 अप्रैल को मुंबई इंडियंस ने करारी शिकस्त दी थी। ऐसे में लखनऊ सुपरजायंट्स को अगर प्लेऑफ में जगह बनानी है तो बाकी बचे 4 में से कम से कम 3 मैच जीतने होंगे। बात करें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की तो आरसीबी ने अपने 10 में से 7 मैच जीत लिए हैं। जीत के साथ आरसीबी 14 अंक के साथ प्लेऑफ में लगभग जगह बना चुकी है।  मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जाएंट्स के बीच इस सीजन का (IPL 2025) 45वां मुकाबला खेला गया मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जाएंट्स के बीच इस सीजन का (IPL 2025) 45वां मुकाबला खेला गया। जसप्रीत बुमराह की अगुआई में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की मदद से मुंबई इंडियंस ने लखनऊ सुपर जाएंट्स को 54 रनों से हराया। दरअसल, लखनऊ ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया।   सूर्यकुमार यादव और रियान रिक्लेटन की अर्धशतकीय पारी की मदद से मुंबई ने 20 ओवर में सात विकेट पर 215 रन बनाए। 215 रन के जवाब में लखनऊ की टीम 20 ओवर में महज 161 रन बनाकर ही ऑलआउट हो गई। गौरतलब हो कि मुंबई के लिए बुमराह ने शानदार गेंदबाजी की और चार ओवर में 22 रन देकर चार विकेट झटके।  इसे भी पढ़ें:- मोहम्मद सिराज की कहर बरपाती गेंदबाजी के आगे सनराइजर्स हैदराबाद ने टेके घुटने रॉयल चैलेजंर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के बीच आईपीएल का (IPL 2025) 46 वां मुकाबला खेला गया बता करें रॉयल चैलेजंर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले हुए आईपीएल के (IPL 2025) 46वे मुकाबले की तो, इस मैच को बेंगलुरु ने दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट रहते ही मैच अपने नाम कर लिया। बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली कैपिटल्स ने आरसीबी को 163 रन का लक्ष्य दिया। 163 रनों के लक्ष्य को बेगंलुरु ने 18.3 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर आसानी से हासिल कर लिया।  विराट कोहली और क्रुणाल पांड्या इस जीत के हारो रहे। दोनों बल्लेबाजों ने इस मैच में अर्धशतक के बदौलत मैच अपने पाले में कर लिया। बता दें कि आईपीएल 2025 में अब तक 46 मैच खेले जा चुके हैं। इन मैचों के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू टीम 14 अंक के साथ प्लेऑफ में लगभग जगह बना चुकी है। गुजरात टाइटंस, मुंबई इंडियंस, दिल्ली कैपिटल्स 12-12 अंक हासिल कर चुकी हैं। बड़ी बात यह कि पंजाब किंग्स भी 11 अंक लेकर प्लेऑफ की रेस में एलएसजी से आगे निकल चुकी है। प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए एलएसजी को कड़ी मेहनत करनी होगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 IndianPremierLeague #IPL2025 #MumbaiIndians #LucknowSuperGiants #RCB #RoyalChallengersBangalore #DelhiCapitals #IPLHighlights #MIvsLSG #RCBvsDC #CricketNews

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India Pakistan legal action

Pakistanis leave India: 24 घंटे में यदि पाकिस्तानियों ने नहीं छोड़ा भारत, तो की जाएगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ सभी राजनयिक संबंध समाप्त करते हुए हज़ारों पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद पाकिस्तानी नागरिकों में अपने देश जाने को लेकर अफरा तफरी मच गई। अफरा-तफरी का आलम यह है कि वाघा-अटारी बॉर्डर पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। समय सीमा समाप्त होने तक कुछ सौ लोग ही हैं जो पाकिस्तान वापस गए हैं। ऐसे में सरकार ने डेडलाइन के बाद भारत में रहने वाले पाकिस्तानियों पर कार्रवाई की चेतावनी (Pakistanis leave India) दी है। सरकारी आंकड़ों की माने तो देश भर में हजारों पाकिस्तानी मौजूद हैं। दिल्ली में 5 हजार तो मुंबई और यूपी में तक़रीबन 2000 हजार पाकिस्तानियों के होने की खबर है। गौर करने वाली बात यह कि डेड लाइन खत्म होने के बाद सिर्फ 537 पाकिस्तानी अपने देश वापस लौटे हैं। तो वहीं भारतीय नागरिकों की बात की जाए तो पाकिस्तान से 1387 भारतीय अपने देश लौट चुके हैं। बता दें कि इनमें कई डिप्लोमेट समेत अधिकारी भी हैं।  29 अप्रैल (Pakistanis leave India) की है डेडलाइन  गौरतलब हो कि सरकार के आदेश के बाद अटारी-वाघा इंटरनेशनल बॉर्डर से अब तक कई पाकिस्तान वापिस लौटे चुके हैं। जानकारी के मुताबिक 25 अप्रैल को 191 पाकिस्तानी नागरिक और 287 भारतीय नागरिक तो वहीं  26 अप्रैल को 75 पाकिस्तानी नागरिक 335 भारतीय नागरिक वापस आए थे। इसके अलावा सार्क वीजा वालों के लिए देश छोड़ने की अंतिम तारीख 26 अप्रैल थी और मेडिकल वीजा वालों के लिए अंतिम तारीख 29 अप्रैल (Pakistanis leave India) है। ध्यान देने वाली बात यह कि सरकार की तरफ से दी गई पहली डेडलाइन 27 अप्रैल को खत्म हो चुकी है। और अब दूसरी डेडलाइन 29 अप्रैल को खत्म होगी। इस लिहाज से अब 24 घंटे से भी कम का समय बचा हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि हजारों पाकिस्तानियों को कैसे वापस भेजा जाएगा? एक बात तो तय है कि यदि डेड लाइन खत्म होने के बाद कोई पाकिस्तानी भारत में रहता है, तो उसे अवैध माना जाएगा और उसपर कार्रवाई की जाएगी।  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला इंटेलिजेंस ब्यूरो ने दिल्ली में रहने वाले तकरीबन 5,000 पाकिस्तानी नागरिकों की लिस्ट दिल्ली पुलिस (Pakistanis leave India) को सौंप दी है इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने दिल्ली में रहने वाले तकरीबन 5,000 पाकिस्तानी नागरिकों की लिस्ट दिल्ली पुलिस को सौंप दी है, ताकि उन्हें देश से बाहर निकाला जा सके। इसके अलावा यूपी में 1800 से अधिक तो वहीं मुंबई में तकरीबन 2 हजार और उत्तराखंड में भी अधिक 250 पाकिस्तानी नागरिक रहे हैं। ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि राज्य सरकार की तरफ से आदेश के बाद न सिर्फ जांच तेज हो गई बल्कि पाकिस्तानियों की पहचान की जा रही है और उन्हें वापस भेजने की तैयारी भी हो रही (Pakistanis leave India) है। कुल मिलाकर बता यह कि भारत सरकार की डेडलाइन खत्म होने के बाद यहाँ रह रहे पाकिस्तानियों का रहना गैरकानूनी माना जाएगा और पकड़े जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi Pakistanis leave India #drunkman #grpfight #violenceincident #grp #policebrutality #streetviolence #drunkanddisorderly #instastory #viralnews #currentnews #breakingnews #indiaupdate #newsviral #policeincident #viralpost

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Pakistan Taliban clash

Pakistan Taliban clash: बलूचिस्तान के बाद अब अफगानिस्तान बॉर्डर पर तालिबान से भिड़ा पाकिस्तान, की बड़ी कार्रवाई

पाकिस्तान की शामत अपनी तय मानी जा रही है। इस समय पाकिस्तान दो तरफा घिर चुका (Pakistan Taliban clash) है। पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को लेकर पूरी दुनिया गुस्से में है। एक तरफ जहाँ वो बलूची विद्रोहियों से जूझ रहा है तो वही दूसरी तालिबान भी उसकी कब्र खोदने में जुटा हुआ है। इस तरह कह सकते हैं कि आतंक को लेकर आलोचना झेल रहे पाकिस्तान की मुश्किलें हैं कि कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब अफगानिस्तान बॉर्डर पर तालिबान से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के 54 आतंकियों को ढेर कर दिया है। ऐसे में पाकिस्तान को अब टीटीपी और बलूच लिबरेशन आर्मी की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों ने बड़ी कार्रवाई (Pakistan Taliban clash) करते हुए 54 आतंकियों को (Pakistan Taliban clash) गिराया मार  जानकारी के मुताबिक ये आतंकी अफगानिस्तान से घुसपैठ कर उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने रविवार को यह जानकारी दी। आईएसपीआर की माने तो 25 और 26 अप्रैल तथा 26 और 27 अप्रैल की रात को उत्तरी वजीरिस्तान जिले के हसन खैल इलाके में आतंकियों की भारी हलचल देखी गई। हलचल बढ़ती देख पाकिस्तानी सैनिकों ने बड़ी कार्रवाई (Pakistan Taliban clash) करते हुए 54 आतंकियों को मार गिराया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान मारे गए आतंकियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए गए।  इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान पाकिस्तानी अवाम आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में अपनी सेना के साथ खड़ी (Pakistan Taliban clash) है इस कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों की तारीफ करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि “आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर हमारे सुरक्षाबलों ने सराहनीय काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि पूरी “पाकिस्तानी अवाम आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में अपनी सेना के साथ खड़ी है।” यही नहीं, इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “पाकिस्तान को टीटीपी और बलूच लिबरेशन आर्मी की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब हो कि हाल ही में बलूचिस्तान के क्वेटा के पास मार्गट इलाके में बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तानी सेना पर बड़ा हमला किया (Pakistan Taliban clash) था। बीएलए द्वारा किये इस हमले में 10 सैनिक मारे गए थे। हालाँकि बीएलए ने दावा किया कि यह हमला रिमोट-कंट्रोल्ड इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से किया गया था। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि पाकिस्तान को दो तरफा लड़ाई लड़नी होगी। पहलगाम हमले के बाद से भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति है। Latest News in Hindi Today Hindi Pakistan Taliban clash #PakistanTalibanClash #BalochistanConflict #AfghanistanBorder #PakistanNews #TalibanConflict #PakTalibanTension #MilitaryAction #BorderTensions #BalochistanNews #BreakingNews

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Pakistani defense minister

Pakistani minister begs: न्यूक्लियर हमले की धमकी दे रहे पाकिस्तान की निकली हेकड़ी, गिड़गिड़ाते हुए पाक रक्षा मंत्री ने कही यह बात

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में तकरीबन दो बजे हुए कायराना आतंकी हमले में 28 निर्दोष लोगों की जान गई थी। आतंकियों ने लोगों के धर्म और कलमा पूछ-पूछकर मौत के घाट उतारा था। मरने वालों में 2 विदेशी भी नागरिक भी शामिल थे। इस घटना के बाद से दुनिया भर के लोगों में गुस्सा है। हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच हालात तनावपूर्ण हैं। युद्ध की स्थिति है। तनाव का आलम यह है कि किसी भी समय युद्ध हो सकता है। भारत इस हमले का जवाब देगा। भारत के इस रुख से पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई तरह के प्रतिबंध लगाते हुए सिंधु जलसंधि को भी ससपेंड कर दिया है। इसके बाद से पाकिस्तान में भय का माहौल है। इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Pakistani minister begs) ने कहा कि “हम भारत के साथ युद्ध शुरू नहीं करना चाहते, लेकिन अगर युद्ध के हालात बने तो पाकिस्तान भी उसका जवाब देगा। भारत पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है।” उन्होंने आगे यह भी कहा कि “सिंधु जल समझौते को लेकर पाकिस्तान विश्व बैंक से संपर्क करेगा। पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उसपर अटैक कर सकता है।”  भारत ने यह हमला खुद ही किया है और इस हमले में पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है मजे की बात यह कि पाकिस्तान की तरह से लगातार भारत को गीदड़भभकी दी जा रही है। इसी क्रम में ख्वाजा आसिफ ने बेतूका तर्क देते गए कहा कि “अब ऐसा लग रहा है कि भारत ने यह हमला खुद ही किया है और इस हमले में पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।” ख्वाजा की बातों से ऐसा लग रहा है मानों भारत ने खुद ही हमला करवा कर निर्दोष लोगों की जान ली है और दोष पाकिस्तान पर मढ़ रहा है। कारण यही जो वो लगातार पहलगाम हमले में पाकिस्तान का हाथ होने से इंकार कर रहा है। इस बीच न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रूसी सरकार द्वारा संचालित आरआईए नोवोस्ती न्यूज एजेंसी को दिए गए एक साक्षात्कार में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने (Pakistani minister begs) कहा कि “मुझे लगता है कि रूस या चीन या यहां तक कि पश्चिमी देश इस संकट में बहुत ही सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं और वे एक जांच दल भी गठित कर सकते हैं, जिसे जांच का यह काम सौंपा जाना चाहिए कि भारत या मोदी झूठ बोल रहे हैं या वह सच बोल रहे हैं। एक अंतरराष्ट्रीय दल को इस हमले की वास्तविकता का पता लगाने दें।” इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान प्रधानमंत्री खुद चाहते हैं (Pakistani minister begs) कि पहलगाम हमले की जाँच हो- ख्वाजा आसिफ यही नहीं, ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी अंतरराष्ट्रीय जांच कराने का प्रस्ताव रखा है। ख्वाजा के मुताबिक प्रधानमंत्री खुद चाहते हैं (Pakistani minister begs) कि पहलगाम हमले की जाँच हो। खैर, न्यूज एजेंसी ने पाकिस्तान का पक्ष रखते हुए ख्वाजा के हवाले से कहा कि “पता लगाएं कि भारत में, कश्मीर में इस घटना का दोषी कौन है और कौन इसे अंजाम दे रहा है। बातचीत या खोखले बयानों का कोई असर नहीं होता। इस बात के कुछ सबूत तो होने ही चाहिए कि पाकिस्तान इसमें शामिल है या इन लोगों को पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त था? ये सिर्फ बयान हैं, खोखले बयान और कुछ नहीं।” Latest News in Hindi Today Hindi Pakistani minister begs #Pakistan #PakDefenseMinister #NuclearThreat #PakistanNews #WorldNews #InternationalRelations #DefenseNews #PakCrisis #BreakingNews #GeoPolitics

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Guru Gobind Singh Ji

Guru Gobind Singh Ji: पांच ककार, जो सिखों की पहचान और गौरव के प्रतीक बने

गुरु गोबिंद सिंह (Guru Gobind Singh) न केवल एक महान आध्यात्मिक गुरु थे, बल्कि वे एक वीर योद्धा, कवि और दार्शनिक भी थे। उन्होंने सिख धर्म को एक नई दिशा दी और ‘खालसा पंथ’ की स्थापना कर सिखों को संगठित किया। गुरु गोबिंद सिंह ने सिखों के लिए पांच महत्वपूर्ण प्रतीकों को अपनाने की परंपरा शुरू की, जिन्हें ‘पांच ककार’ (Five Kakaars) कहा जाता है। इन पांच ककारों को धारण करना हर सिख के लिए अनिवार्य माना जाता है। आइए जानते हैं कि ये पांच ककार क्या हैं और इनका सिख धर्म में क्या महत्व है। खालसा पंथ (Khalsa Panth) और पांच ककार की शुरुआत गुरु गोबिंद सिंह जी (Guru Gobind Singh) ने 1699 में बैसाखी के दिन आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ (Khalsa Panth)  की स्थापना की थी। इस दिन उन्होंने अपने अनुयायियों को एक विशेष पहचान दी और उन्हें ‘पांच ककार’ धारण करने का आदेश दिया। ये पांच ककार न केवल उनकी धार्मिक पहचान का प्रतीक बने बल्कि इनका गहरा आध्यात्मिक और व्यावहारिक महत्व भी है। क्या हैं पांच ककार? सिख धर्म में पांच ककार (Five Kakaars) निम्नलिखित हैं: 1. केश (अवढ़िक बाल) केश, यानी बिना कटे बाल, सिख धर्म का सबसे महत्वपूर्ण ककार है। गुरु गोबिंद सिंह जी (Guru Gobind Singh) ने अपने अनुयायियों को आदेश दिया कि वे अपने बालों को न काटें और उन्हें प्राकृतिक रूप में बनाए रखें। इसका उद्देश्य ईश्वर की दी गई प्राकृतिक देह को सम्मान देना और सिखों की अलग पहचान बनाए रखना था। इसके अलावा, लंबे बाल धैर्य, आत्म-नियंत्रण और सादगी का प्रतीक माने जाते हैं। 2. कंघा (कंघी) कंघा लकड़ी से बना एक छोटा कंघा होता है, जिसे सिख अपने केशों को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने के लिए प्रयोग करते हैं। यह सफाई और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। गुरु गोबिंद सिंह जी के अनुसार, शरीर और आत्मा दोनों की पवित्रता आवश्यक है, और कंघा इस बात का प्रतीक है कि सिखों को अपने बालों के साथ-साथ अपने विचारों को भी स्वच्छ और व्यवस्थित रखना चाहिए। 3. कड़ा (लोहे का ब्रेसलेट) कड़ा एक लोहे का ब्रेसलेट होता है, जिसे सिख अपनी कलाई में पहनते हैं। यह गुरु के प्रति अटूट आस्था और आज्ञाकारिता का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा, यह बुरे कर्मों से बचने की भी याद दिलाता है। जब भी कोई व्यक्ति कुछ गलत करने के लिए हाथ उठाता है, तो यह कड़ा उसे याद दिलाता है कि उसे धर्म और सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। 4. कृपाण (छोटी तलवार) कृपाण एक छोटी तलवार होती है, जिसे हर सिख धारण करता है। यह साहस, आत्मरक्षा और न्याय के लिए खड़े होने का प्रतीक है। कृपाण यह दर्शाता है कि सिख धर्म केवल आध्यात्मिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ने की भी शिक्षा दी गई है। हालांकि, कृपाण का उपयोग केवल आत्मरक्षा और धर्म की रक्षा के लिए किया जाता है। 5. कच्छा (विशेष प्रकार का अंडरवियर) कच्छा एक विशेष प्रकार का अंडरवियर या निकर होता है, जिसे सिख पहनते हैं। यह संयम, पवित्रता और नैतिकता का प्रतीक है। यह एक योद्धा की पोशाक का हिस्सा भी है, जिससे सिखों को हमेशा सतर्क और अनुशासित रहने की प्रेरणा मिलती है। इसे भी पढ़ें:-  विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व पांच ककार (Five Kakaars) का महत्व गुरु गोबिंद सिंह जी (Guru Gobind Singh) ने जब खालसा पंथ (Khalsa Panth)  की स्थापना की, तब उन्होंने सिखों को इन पांच प्रतीकों को अपनाने के लिए कहा। इनका मुख्य उद्देश्य सिखों को धार्मिक, आध्यात्मिक और नैतिक रूप से मजबूत बनाना था। पांच ककार सिखों की पहचान को बनाए रखने के साथ-साथ उन्हें अनुशासन, साहस और सेवा की भावना से जोड़ते हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News  Guru Gobind Singh #GuruGobindSinghJi #FiveKs #SikhIdentity #PanjKakaar #KhalsaTradition #SikhPride #Sikhism #SikhSymbols #SikhHeritage #SpiritualStrength

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Wife kills husband crime news

Husband murder by wife: प्रेमी की चाहत में पत्नी ने किया पति का क़त्ल, हादसा दिखाने के लिए सड़क पर फेंकी लाश, इस तरह खुली पोल

उत्तर-प्रदेश में क्राइम है कि थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। एक के बाद एक रिश्तों को शर्मसार करने वाली हो रही घटनाएं दिल को दहला दे रही हैं। ताजा मामला है यूपी के मैनपुरी का, जहाँ एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की निर्मम हत्या कर दी। दरअसल, एक अप्रैल को हाथरस जिले के सिकंदराराऊ में हाईवे किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला (Husband murder by wife) था। राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर पुलिस ने एक्सीडेंट का मामला दर्ज आकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नियमानुसार शिनाख्ती के लिए शव को 72 घंटे तक के लिए मोर्चरी पर रखा गया। शिनाख्त न होने के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर कुचलकर हत्या करने की पुष्टि हुई थी।  समीर की भाभी राधा देवी ने 11 अप्रैल को थाने में गुमशुदगी की दर्ज कराई (Husband murder by wife) थी रिपोर्ट  पुलिस के मुताबिक बिछवां थाना क्षेत्र के गांव सुन्नामई निवासी 35 वर्षीय समीर की पत्नी मीरा का परिवार वालों से विवाद हो गया था। विवाद के बाद से वह पत्नी और बच्चों को के साथ वंशीगोहरा इलाके में किराए के कमरे में रहा करता था। इस बीच 30 मार्च को समीर अपने भाई सुशील के साले के पुत्र की शादी में शामिल होने के लिए बेवर क्षेत्र के गांव नगरिया गया हुआ था। उस दिन से उसकी कोई खबर नहीं मिली। और इसी दरम्यान उसकी पत्नी मीरा भी घर से लापता हो गई थी। इस बीच काफी खोजबीन करने के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली तो समीर की भाभी राधा देवी ने 11 अप्रैल को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई (Husband murder by wife) थी। मामले की छानबीन कर रही पुलिस को इस बीच पता चला कि 15 अप्रैल को समीर की पत्नी मीरा ने एटा जिले में रहने वाले अपने प्रेमी रिंकू चौहान से कोर्ट मैरिज कर ली। यही नहीं, पुलिस को यह भी पता चला कि दो साल पहले दोनों ने मंदिर में शादी भी की थी। इतनी जानकारी पुलिस के लिए काफी थी।  पुलिसिया अंदाज में दोनों टूट गए और अपना गुनाह कबूल कर (Husband murder by wife) लिया इस जानकारी के आधार पर पुलिस मीरा और रिंकू दोनों को उठाया और तबियत से पूछताछ। शुरू में दोनों ने इस तरह की किसी भी जानकारी से इंकार कर दिया। लेकिन जब पुलिस ने पुलिसिया अंदाज में पूछताछ की तो दोनों टूट गए और अपना गुनाह कबूल कर (Husband murder by wife) लिया। पुलिस के मुताबिक एटा स्थित बिछवां क्षेत्र के गांव सुन्नामई के रहने वाले लापता युवक की हत्या की साजिश पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी। इसके बाद प्रेमी ने मौसेरे भाई के साथ पत्थर से कुचलकर युवक को मौत के घाट उतार दिया। और फिर सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को हाथरस जिले के सिकंदराराऊ में हाईवे किनारे फेंक दिया। इस बीच महिला और उसके प्रेमी ने एटा में कोर्ट मैरिज कर ली। जानकारी के मुताबिक सात साल पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से रिंकू और मीरा की मुलाक़ात हुई थी। कुछ समय बाद दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और धीरे-धीरे बातचीत होने के बाद दोनों में प्रेम संबंध स्थापित हो गए। मीरा का पति समीर पहले केरल में नौकरी करता था। इस बीच कुछ दिनों से वह घर पर ही रह रहा था। समीर के घर में रहने की वजह से रिंकू और मीरा मिल नहीं पा रहे थे। इसी वजह से मीरा ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसे भी पढ़ें:- ईंट की खराब क्वालिटी बनी हत्या की वजह, सीतामढ़ी में मजदूर की दर्दनाक मौत रात में उसे शराब पिलाई और नीलेश ने पत्थर से सिर कुचलकर हत्या (Husband murder by wife) कर दी इस पूरे मामले पर एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि “पूछताछ में महिला और उसके प्रेमी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। महिला ने स्वीकार किया कि रिंकू से उसके प्रेम संबंध हैं और दो साल पहले दोनों ने चोरी छिपे मंदिर में शादी भी कर ली थी। पति उनकी राह में रोड़ा बन रहा था। इसी वजह से उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। और फिर मीरा के कहने पर रिंकू अपने मौसी के बेटे नीलेश के साथ समीर को 31 मार्च को कूलर और फ्रिज दिलाने के बहाने एटा ले गया था। जहां दोनों ने रात में उसे शराब पिलाई और नीलेश ने पत्थर से सिर कुचलकर हत्या (Husband murder by wife) कर दी। और हत्या करने के बाद शव को हाथरस के सिकंदराराऊ में हाइवे किनारे फेंक दिया था।”  फिलहाल पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस पुलिस हत्या में शामिल  नीलेश की तलाश में जुटी है। खैर, पुलिस ने शुक्रवार को पति की हत्यारोपित पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। Latest News in Hindi Today Hindi News Husband murder by wife #WifeMurdersHusband #CrimeStory #AffairCrime #HusbandMurder #LoveAffairMurder #CrimeNews #BreakingNews #CrimeUpdate #ShockingMurder #TrueCrime

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Shehbaz & Bilawal Threaten India After Indus Treaty

Shehbaz & Bilawal India threat: सिंधु जल संधि सस्पेंड करने के बाद बिलावल भुट्टो और शहबाज शरीफ ने दी भारत को गीदड़भभकी

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान जा रही नदियों का पानी रोकने के बाद से पाकिस्तान सदमें में है। कहने की जरूरत नहीं, पहलगाम टेरर अटैक के बाद भारत ने पाकिस्तान पर जो वाटर स्ट्राइक किया है, उससे पाकिस्तान बौखला उठा है। आटे के लिए रोने वाले पाकिस्तान को अब प्यास से मरने का डर सताने लगा है। दरअसल, भारत ने सिंधु जल संधि सस्पेंड कर दिया है। सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने के बाद से पाकिस्तानियों में कोहराम मचा हुआ है। पाकिस्तान की छटपटाहट का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि वहां के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और बिलावल भुट्टो ने भारत को गीदड़भभकी देने (Shehbaz & Bilawal India threat) लगे हैं। पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा किए गए इस आतंकी हमले में 27 निर्दोष नागरिकों की जान जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव गहरा गया है।  पाकिस्तान के पानी को कम करने या मोड़ने की किसी भी कोशिश का (Shehbaz & Bilawal India threat) पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को गीदड़भभकी दी (Shehbaz & Bilawal India threat) है और कहा कि “पाकिस्तान के पानी को रोकने की जुर्रत ना करे भारत, अगर भारत ने पानी रोका तो पाकिस्तान की सेना इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।” प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि “पाकिस्तान के पानी को कम करने या मोड़ने की किसी भी कोशिश का पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा।” शहबाज शरीफ ने आगे कहा कि “किसी को भी इस बारे में कोई गलती नहीं करनी चाहिए। पाकिस्तान 240 मिलियन लोगों का देश है और हम अपने बहादुर सशस्त्र बलों के पीछे हैं। सबको यह संदेश ज़ोरदार और साफ होना चाहिए। शांति हमारी प्राथमिकता है। हम अपनी अखंडता और सुरक्षा पर कभी समझौता नहीं करेंगे।” इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र छोड़ने के लिए पाकिस्तानियों को मिला 48 घंटे का समय, सीएम फडणवीस के सख्त फरमान से मची खलबली सिंधु हमारी है और यह हमारी ही रहेगी या तो हमारा पानी इस नदी  (Shehbaz & Bilawal India threat) से बहेगा या फिर उनका खून इसमें बहेगा यही नहीं, पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के मुखिया बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी भड़काऊ बयान देकर स्थिति को और गंभीर बना दिया है। जानकारी के मुताबिक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए बिलावल भुट्टो ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को सीधे धमकी देते हुए कहा (Shehbaz & Bilawal India threat) कि “मैं सिंधु नदी के किनारे खड़ा होकर भारत को बताना चाहूंगा कि सिंधु हमारी है और यह हमारी ही रहेगी या तो हमारा पानी इस नदी से बहेगा या फिर उनका खून इसमें बहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि भारत ने “सिंधु पर हमला” किया है। भले ही भारत की आबादी हमसे ज़्यादा है, लेकिन पाकिस्तान के लोग बहादुर हैं। हम सीमाओं पर भी और पाकिस्तान के अंदर भी लड़ेंगे। हमारी आवाज़ भारत को करारा जवाब देगी। उनके इस बयान को भारत के खिलाफ खुले तौर पर हिंसा उकसाने वाला माना जा रहा है। बता दें कि पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत ने कई कठोर कदम उठाए हैं। इनमें न सिर्फ पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना और वापसी के निर्देश शामिल हैं, बल्कि सिंधु जल संधि को सस्पेंड करना भी शामिल है।  Latest News in Hindi Today Hindi Shehbaz & Bilawal India threat #ShehbazSharif #BilawalBhutto #IndiaPakistan #IndusWaterTreaty #SindhuJalSandhi #IndiaThreat #PakistanWarning #WaterDispute #IndiaPakistanTension #LatestNews

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Mamleshwar Temple Pahalgam

ममलेश्वर मंदिर: पहलगाम का ऐतिहासिक शिव मंदिर जहां भगवान शिव ने काटा था गणेश का शीश

कश्मीर घाटी के सुरम्य नगर पहलगाम में स्थित ममलेश्वर मंदिर (Mamaleshwar Temple) न केवल अपनी प्राचीनता और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह हिन्दू धर्म के एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में भी जाना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यह वह पवित्र स्थल है जहाँ कथानुसार भगवान शिव (Lord Shiva) ने अपने पुत्र गणेश का शीश काटा था।​ ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व ममलेश्वर मंदिर (Mamaleshwar Temple) की स्थापना लगभग चौथी शताब्दी में हुई थी, जो इसे कश्मीर घाटी के प्राचीनतम मंदिरों में से एक बनाती है। यह मंदिर ममलाका गांव में स्थित है, जो पहलगाम से लगभग एक मील की दूरी पर है। मंदिर का नाम ‘ममलेश्वर’ या ‘ममल’ शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है ‘जाओ मत’, जो इस स्थान की पवित्रता और महत्व को दर्शाता है।​ पौराणिक कथा ममलेश्वर मंदिर (Mamaleshwar Temple) से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा है, जिसके अनुसार एक बार देवी पार्वती स्नान करने जा रही थीं। उन्होंने अपने पुत्र गणेश जी (Ganesh Ji) को द्वार पर बैठा दिया और निर्देश दिया कि जब तक वे न लौटें, तब तक किसी को भी अंदर प्रवेश न करने दिया जाए। माता की आज्ञा का पालन करते हुए गणेश जी (Ganesh Ji) बाहर पहरा देने लगे। उसी समय भगवान शिव (Lord Shiva) वहां पहुंचे और पार्वती जी से मिलने के लिए भीतर जाने लगे। लेकिन द्वार पर विराजमान गणेश जी ने उन्हें रोक दिया। शिव जी ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन गणेश जी माता की आज्ञा का पालन करते हुए डटे रहे। इससे क्रोधित होकर भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से गणेश जी का सिर धड़ से अलग कर दिया। जब माता पार्वती बाहर आईं और ये दृश्य देखा, तो वे अत्यंत दुखी और क्रोधित हो गईं। उन्होंने शिव जी को सारी बात समझाई और अपने पुत्र को पुनर्जीवित करने की प्रार्थना की। शिव जी को अपनी गलती का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने एक हाथी का सिर लाकर गणेश जी के शरीर से जोड़ा और उन्हें नया जीवन प्रदान किया। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया वास्तुकला और संरचना पहलगाम, जो कश्मीर घाटी का एक बेहद मनमोहक स्थल है, अक्सर ‘धरती का स्वर्ग’ कहा जाता है। लेकिन यह स्थान केवल अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां भगवान शिव (Lord Shiva) और उनके परिवार से जुड़े कई पूजनीय मंदिर और तीर्थस्थल स्थित हैं। इन्हीं में एक प्रमुख मंदिर है ममलेश्वर मंदिर, जिसे स्थानीय लोग ‘मम्मल मंदिर’ के नाम से भी जानते हैं। यह मंदिर पहलगाम गांव में स्थित है और कश्मीर घाटी के प्राचीनतम और प्रमुख शिव मंदिरों में गिना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में लोहरा वंश के राजा जयसिंह द्वारा कराया गया था। उन्होंने मंदिर की छत को एक स्वर्ण कलश से सुशोभित करवाया था। भगवान शिव को समर्पित यह पवित्र स्थल हर वर्ष हजारों भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है, जो यहां आकर शिवजी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं। इस प्राचीन मंदिर के गर्भगृह में दो सुंदर नंदी की प्रतिमाएं स्थित हैं, और इनके समीप एक शिवलिंग स्थापित है। शिवलिंग के पास ही एक प्राकृतिक जल स्रोत से पानी निकलता है, जो एक छोटे से कुंड में एकत्र होता है, जिससे यह स्थान और भी पवित्र हो जाता है। यह मंदिर ‘मम्मल मंदिर’ नाम से भी प्रसिद्ध है। इस नाम के पीछे एक रोचक पौराणिक कथा है। ‘मम’ का अर्थ होता है ‘मत’ और ‘मल’ का अर्थ होता है ‘जाना’, यानी ‘मत जाओ’। यह नाम प्रतीक है सुरक्षा और संरक्षण का। Latest News in Hindi Today Hindi News Mamaleshwar Temple #MamleshwarTemple #Pahalgam #ShivaTemple #LordShiva #GaneshStory #AncientTemples #PilgrimageIndia #SpiritualTravel #HinduMythology #HistoricTemples

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