World Malaria day 2025

World Malaria Day: जानिए कैसे करें मलेरिया से बचाव?

मलेरिया (Malaria) पैरासाइट्स के कारण होने वाला रोग है। जब इंफेक्टेड मच्छर मनुष्यों को काटते हैं, तो यह पैरासाइट मनुष्यों के शरीर तक पहुंचते हैं और मलेरिया का कारण बनते हैं। यह बीमारी घातक हो सकती है। हर साल 25 अप्रैल को वर्ल्ड मलेरिया डे (World Malaria Day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है मलेरिया (Malaria) के प्रति लोगों को जागरूक करना। ताकि, मलेरिया (Malaria) के लक्षणों को लोग पहचाने, इस रोग के रोकथाम और उपचार के बारे में और अधिक जानें। इस दिन पूरी दुनिया में सरकार, लोग और ऑर्गनाइजेशन मिल कर कई कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। आइए जानें वर्ल्ड मलेरिया डे 2025 (World malaria day 2025) के बारे में विस्तार से। मलेरिया से बचाव (Malaria prevention) के बारे में भी जानें। वर्ल्ड मलेरिया डे का क्या है उद्देश्य? वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (World Health Organization) के अनुसार वर्ल्ड मलेरिया डे (World malaria day) वो समय है जब मलेरिया से बचाव (Malaria prevention) और कंट्रोल के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है। इस दिन को मनाये जाने का उद्देश्य इस प्रकार है:  वर्ल्ड मलेरिया डे 2025 (World malaria day 2025) की थीम वर्ल्ड मलेरिया डे 2025 (World Malaria day 2025) की थीम हैं “मलेरिया हमारे साथ समाप्त होता है: पुनर्निवेश, पुनर्कल्पना, पुनः सक्रिय”। यानी, मलेरिया को खत्म करने के लिए एक नए दृष्टिकोण और प्रयास को बढ़ावा देना जरूरी है, जिसमें नए संसाधनों में निवेश, नए तरीके अपनाना और लोगों के बीच उत्साह को फिर से बढ़ाना आदि शामिल है। इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? मलेरिया से बचाव (Malaria prevention) के क्या हैं तरीके? मलेरिया (Malaria) एक जानलेवा बीमारी है जो मच्छरों से मनुष्यों तक फैलती है। इस बीमारी से बचाव के तरीके इस प्रकार हैं:  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi World Malaria Day 2025 #Worldmalariaday #Malaria #Worldmalariaday2025 #Malariaprevention

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Rahul Gandhi controversy

BJP social media posts: भाजपा आईटी सेल को राहुल गांधी के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करना पड़ा भारी,  एफआईआर दर्ज

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करना कर्नाटक भाजपा के आईटी सेल को भारी पड़ता (BJP social media posts) दिख रहा है। जानकारी के मुताबिक बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में भाजपा आईटी सेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। बता दें कि केपीसीसी लीगल यूनिट के अध्यक्ष सीएम धनंजय ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया है। धनंजय ने आरोप लगाते हुए कहा कि “प्रदेश भाजपा आईटी सेल ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डाला है। पोस्ट में लिखा है कि जब भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी विदेश जाएंगे, कश्मीर में एक के बाद ऐसे हमले होंगे। इस प्रकार के भड़काऊ पोस्ट डालकर राहुल गांधी के खिलाफ गलत जानकारी और भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।”  इस तरह के पोस्ट से देश में शांति और सद्भाव का माहौल हो (BJP social media posts) सकता है खराब  धंनजय का कहना है कि “इस तरह के पोस्ट से देश में शांति और सद्भाव का माहौल खराब हो (BJP social media posts) सकता है। राहुल गांधी के खिलाफ झूठी खबरें फैलाने और उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।” दरअसल, धनंजय का आरोप है कि इस प्रकार के पोस्ट से उनकी छवि को जनता की नजर में बिगाड़ने के लिए की जा रही है। इस बीच अब उन्होंने पुलिस से पोस्ट के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पोस्ट का उद्देश्य जनता की भावनाओं को भड़काना और वैमनस्य पैदा करना था। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसे भी पढ़ें:- मधुबनी में गरजते हुए पीएम मोदी ने कहा, आतंकियों को उनकी सोच से भी ज्यादा दी जाएगी बड़ी सजा जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में कायराना आतंकी हमले के बाद सर्वदलीय (BJP social media posts) हुई बैठक  बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में कायराना आतंकी हमले के बाद सर्वदलीय बैठक (BJP social media posts) हुई। इस बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि “सरकार ने सुरक्षा पर कैबिनेट समिति में लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी दी। तो वहीं आईबी और गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी घटना कैसे हुई और चूक कहां हुई। हमले के बारे में और जानकारियां जुटाई जा रही हैं।” बता दें कि सर्वदलीय बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा शामिल हुए थे। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव, एनसीपी-एसपी नेता सुप्रिया सुले, एनसीपी के श्रीकांत शिंदे, एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और श्रीकांत शिंदे सहित तमाम दलों के नेता थे। कहने की जरूरत नहीं, पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार पकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के मूड में है।  Latest News in Hindi Today Hindi BJP social media posts #RahulGandhi #BJPITCell #FIRAgainstBJP #PoliticalControversy #SocialMediaWar #IndianPolitics #BJPvsCongress #OnlineDefamation #PoliticalNews #ViralPolitics

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Pahalgam attack

Pahalgam attack: पहलगाम हमले पर भारत को अमेरिका का संदेश, कहा “आतंकियों को छोड़ना नहीं”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना हमले (Pahalgam attack) के बाद देश भर में रोष व्याप्त है। देश ही नहीं दुनिया भर के देशों ने इस हमले की निंदा की है। इस आतंकी हमले के बाद दुनिया के सभी बड़े देश न सिर्फ भारत के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं बल्कि वहां के राष्ट्रअध्यक्ष पीएम मोदी से बात कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि अमेरिका आतंकवादियों के खिलाफ भारत के सुर में सुर मिलाते हुए आवाज उठा रहा है। बता दें कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा की। जानकारी के लिए बता दें कि ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि “कश्मीर से बेहद परेशान करने वाली खबर है। संयुक्त राज्य अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। हम खोए हुए लोगों की आत्मा और घायलों के ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।” अमेरिका हमले (Pahalgam attack) में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों के ठीक होने के लिए प्रार्थना करता है इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने गुरुवार (24 अप्रैल) को जानकारी दी कि अमेरिका ने पहलगाम आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान किया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, ब्रूस ने कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका भारत के साथ खड़ा है और सभी प्रकार के आतंकवाद की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने आगे कहा कि “अमेरिका हमले (Pahalgam attack) में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों के ठीक होने के लिए प्रार्थना करता है। जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री रुबियो ने स्पष्ट किया है, अमेरिका भारत के साथ खड़ा है, आतंकवाद के सभी कृत्यों की कड़ी निंदा करता है। हम मारे गए लोगों के जीवन के लिए प्रार्थना करते हैं और घायलों के ठीक होने के लिए प्रार्थना करते हैं और इस जघन्य कृत्य के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान करते हैं।” इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान हम, निश्चित रूप से, अब कश्मीर या जम्मू की स्थिति पर कोई रुख नहीं (Pahalgam attack) ले रहे हैं एक सवाल अमेरिका पहलगाम में आतंकवादी हमले (Pahalgam attack) के पीछे पाकिस्तान को देखता है, के जवाब में टैमी ब्रूस ने जवाब दिया कि “मैंने इसे शीर्ष पर रखा क्योंकि यह एक भयानक स्थिति थी। साथ ही, इस बिंदु पर टिप्पणियों की सीमा यही होगी। मैं आपको निश्चित रूप से क्या बता सकती हूं, जैसा कि हम सभी जानते हैं कि यह तेजी से बदलती स्थिति है, और हम इसकी बारीकी से निगरानी कर रहे हैं, जैसा कि आप कल्पना कर सकते हैं। और हम, निश्चित रूप से, अब कश्मीर या जम्मू की स्थिति पर कोई रुख नहीं ले रहे हैं।” बता दें कि हमले के बाद, भारत ने सीमा पार आतंकवाद के समर्थन के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कड़े जवाबी कदम उठाए हैं।  बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस की बैठक में, भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया। गौरतलब है कि आतंकवादियों ने मंगलवार को पहलगाम के बैसरान मैदान में पर्यटकों पर हमला किया, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे। ध्यान देने वाली बात यह कि यह 2019 पुलवामा हमले के बाद से घाटी में सबसे बड़े हमलों में से एक है। गौर हो कि पुलवामा हमले में 40 सीआरपीएफ जवान मारे गए थे।  Latest News in Hindi Today Hindi Pahalgam attack #PahalgamAttack #USIndiaRelations #FightTerrorism #KashmirViolence #TerrorAlert #IndiaSecurity #USOnTerror #GlobalSupport #TerroristAttack #IndianArmy

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RR Loses Winning Match to RCB in IPL 2025

जीता हुआ मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से हारी राजस्थान रॉयल्स

24 अप्रैल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल)  2025 का 42वां मुकाबला को राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला गया। बेंगलुरु के एम. चिन्नस्वामी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में एक बार फिर से राजस्थान रॉयल्स की टीम को हार का सामना करना पड़ा। इस रोमांचक मुकाबले में राजस्थान की टीम जीत के करीब थी, लेकिन खराब बल्लेबाजी के कारण हार का मुंह देखना पड़ा। आरसीबी ने राजस्थान को 11 रनों से पटखनी (Rajasthan Royals lost match) दी। दरअसल, पहले बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी ने राजस्थान के सामने 205 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर किया। इस मुकाबले में विराट कोहली ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए अहम पारी खेली। पहले विकेट के लिए फिल साल्ट और विराट कोहली के बीच 61 रनों की दमदार पार्टनरशिप हुई। फिर फिल साल्ट 26 बनाकर स्पिन गेंदबाज वनिंदु हसरंगा की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे।  20 ओवरों में सिर्फ 194 रन ही बना (Rajasthan Royals lost match) सकी इसके बाद विराट ने देवदत्त पाडिक्कल के साथ मिलकर अपनी पारी को आगे बढ़ाया। इस मैच में विराट कोहली ने 42 गेंद पर 70 रन बनाए, तो वहीं देवदत्त पाडिक्कल ने भी विस्फोटक पारी खेलते हुए अर्धशतक लगाया। इस मैच में राजस्थान के गेंदबाजों ने निराशाजनक प्रदर्शन किया। राजस्थान की ओर से सबसे अधिक 2 विकेट संदीप शर्मा ने लिए। इसके अलावा जोफ्रा आर्चर औऱ वनिंदु हसरंगा ने 1-1 विकेट झटके। इस बीच 205 रनों का विशाल स्कोर का पीछा करने उतरी राजस्थान की टीम ने शुरआत में संभलकर खेलने की कोशिश की, लेकिन 20 ओवर तक सिर्फ 194 रन ही बना (Rajasthan Royals lost match) सकी। राजस्थान के लिए यशस्वी जायसवाल ने 19 गेंदों में 49 रन की तूफानी पारी खेली। इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला शांत रहा। वो 16 रन के स्कोर पर भुवनेश्वर कुमार को अपना विकेट दे बैठे। इसके अलावा ध्रुव जुरेल ने 47 रन की पारी खेली। नतीश राणा 28 तो कप्तान रियान पराग ने 22 रन बनाए।  इसे भी पढ़ें:- अपने ही घर में पंजाब किंग्स से बुरी तरह हारी लखनऊ सुपर जायंट्स रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने राजस्थान को 11 रनों से मात दे (Rajasthan Royals lost match) दी खैर, अंत में शिमरोन हेटमायर से शानदार पारी की उम्मीद थी, लेकिन वो भी टीम को जीत नहीं दिला सके और 11 रन बनाकर हेजलवुड को अपना विकेट सस्ते में दे बैठे। इस आरसीबी के द्वारा दिए गए स्कोर का पीछा करने उतरी राजस्थान की टीम 20 ओवर में 194 रन ही बना (Rajasthan Royals lost match) सकी और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने राजस्थान को 11 रनों से मात दे दी। हालांकि राजस्थान के लिए जीत इतनी मुश्किल भी नहीं थी। एक समय ऐसा लग रहा था मानों आरसीबी यह मुकाबला हार जाएगी लेकिन राजस्थान के बल्लेबाजों के निराशानजक प्रदर्शन के बदौलत आरसीबी ने मैदान मार लिया। बता दें कि तेज गेंदबाज जोस हेजलवुड आरसीबी की जीत के मुख्य नायक रहे। उन्होंने सही समय पर 4 विकेट लेकर राजस्थान की जीत मुश्किल कर दी। उन्होंने में टाइम पर ध्रुव जुरेल और शिमरोन हेटमायर को आउट कर मैच का रुख ही बदल दिया। इसके अलावा क्रुणाल पांड्या ने दो विकेट लिए तो वहीं, भुवनेश्वर कुमार और यश दयाल को 1-1 विकेट मिला। राजस्थान रॉयल्स की टीम को भले ही 9 मैच खेलने के बाद सिर्फ 2 जीत मिली है, लेकिन उसके लिए प्लेऑफ के दरवाजे पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं। राजस्थान रॉयल्स को अपने बाकी के पांच मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Rajasthan Royals lost match #RajasthanRoyals #RCB #IPL2025 #RRvsRCB #CricketThriller #RCBWin #IPLDrama #MatchHighlights #CricketNews #IPLUpdates

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Ganga Saptami 2025

गंगा सप्तमी 2025: गंगा अवतरण का पावन पर्व कब और कैसे मनाएं?

हिंदू धर्म में गंगा नदी को केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि एक दिव्य माता और मोक्ष का मार्ग माना गया है। जिस तरह जीवन में माता का स्थान सर्वोपरि होता है, ठीक उसी प्रकार गंगा माता (Maa Ganga) को भी समस्त पापों का नाश करने वाली और जीवन में पवित्रता लाने वाली देवी माना गया है। हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ गंगा सप्तमी (Ganga Saptami) का पर्व मनाया जाता है। यह दिन मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरित होने की स्मृति में समर्पित होता है। गंगा सप्तमी का महत्व गंगा सप्तमी (Ganga Saptami) का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसे गंगा जयंती भी कहा जाता है। यह दिन मां गंगा (Maa Ganga) के धरती पर आगमन की याद दिलाता है। राजा भगीरथ की कठिन तपस्या के फलस्वरूप मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुईं। उन्होंने अपने पूर्वजों के पापों को धोकर उन्हें मोक्ष प्रदान किया। इस दिन ही मां गंगा (Maa Ganga) का पवित्र जल धरती पर आया, जिससे न केवल धार्मिक शुद्धता मिली, बल्कि यह दिन आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक भी बन गया। गंगा सप्तमी के दिन गंगा नदी में स्नान, पूजा और ध्यान करने का विशेष महत्व है। ऐसा करने से व्यक्ति के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मानसिक शांति प्राप्त होती है। साथ ही, इस दिन किए गए दान से अत्यधिक पुण्य मिलता है, जिससे जीवन में सुख और समृद्धि का वास होता है।इसे भी पढ़ें:-   गंगा सप्तमी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त: वैदिक पंचांग के अनुसार, 03 मई 2025 को सुबह 07:51 बजे वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि आरंभ होगी और 04 मई 2025 को सुबह 04:18 बजे समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि को महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए 03 मई 2025 को ही गंगा सप्तमी (Ganga Saptami) का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन गंगा स्नान के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 10:58 बजे से दोपहर 01:38 बजे तक रहेगा। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया गंगा सप्तमी शुभ योग (Ganga Saptami Shubh Yoga) ज्योतिषियों के अनुसार, इस वर्ष गंगा सप्तमी पर त्रिपुष्कर योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही रवि योग और शिववास योग का भी संयोग है। रवि योग में गंगा स्नान करने से सभी प्रकार के शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है, जबकि शिववास योग में गंगा स्नान कर महादेव की पूजा करने से सुख, समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है। गंगा सप्तमी पर इन गलतियों से बचें नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Ganga Saptami #GangaSaptami2025 #GangaAvataran #HinduFestival #GangaPuja #SpiritualIndia #VratRituals #HinduTradition #RiverGanga #GangaJayanti #PiousFestival

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Congress Questions Govt Over Pahalgam Terror Attack

पहलगाम आतंक हमला- जनहित में सवाल उठाना जरूरी है: कांग्रेस 

22 अप्रैल 2025 वो काला दिन जब आतंकियों ने टूरिस्ट पर हमला कर दिया और लोगों की जान ले ली। बंदूकधारियों ने निशाना बनाकर आम नागरिकों की जान ली जिसमें 26 लोगों की जान चली गई और 17 से ज्यादा गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun kharge) की अगुआई में पार्टी ने शोक व्यक्त करते हुए इसे “कायराना एवं सुनियोजित हमला” कहा, जिसकी साजिश पाकिस्तान स्थित आतंकी तंत्र ने रची है। आधिकारिक बयान में बताया गया है कि हमलावरों ने हिंदू पर्यटकों को जानबूझकर चुनकर देश‑भर में सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश की। कांग्रेस (Congress) ने जनता से शांति बनाए रखने और “हमारी सामूहिक शक्ति” दिखाने की अपील की—यह संकेत है कि आतंकवाद का असली उद्देश्य समाज में दरार पैदा करना है, जिसे विफल करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कांग्रेस की सर्वदलीय बैठक  पार्टी ने हमले की रात ही प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की, जो आज निर्धारित है। ऐसे वक्त में राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर साझा रणनीति बनाना आवश्यक है। सीमा‑पार आतंकवाद के प्रति दृढ़ता और एकता दोहराने का संदेश न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल बढ़ाता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत की दृढ़ इच्छा‑शक्ति जाहिर करता है। सुरक्षा तंत्र की पड़ताल क्यों जरूरी पहलगाम को हाई‑सिक्योरिटी ज़ोन (High Security Zone) माना जाता है; यहाँ त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा और लगातार गश्त आम बात है। फिर भी हमला कैसे संभव हुआ? चूँकि केंद्रशासित प्रदेश सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए व्यवस्था में कहां चूक हुई—यह सवाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है। कांग्रेस (Congress) ने स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए जोर दिया कि त्रुटियों को उजागर करना राष्ट्रविरोधी नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की संवैधानिक शर्त है। इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान अमरनाथ यात्रा की समय‑सापेक्ष चुनौती कुछ ही हफ्तों में वार्षिक अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) आरंभ होगी, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। पहलगाम इसी मार्ग पर पड़ता है, इसलिए हालिया घटना ने सुरक्षा चिंताओं को कई गुना बढ़ा दिया। कांग्रेस कार्यसमिति ने “ठोस, पारदर्शी और सक्रिय” उपायों की तत्काल आवश्यकता रेखांकित की—ड्रोन निगरानी, आईडी‑आधारित ट्रैकिंग और स्थानीय स्वयंसेवकों का प्रशिक्षित दस्ता जैसे कदम अब विलम्बित नहीं हो सकते। साथ ही पार्टी ने सचेत किया कि पर्यटन‑आधारित अर्थव्यवस्था पर संकट का सीधा असर स्थानीय रोज़गार पर पड़ेगा; अत: सुरक्षा‑व्यवस्था ऐसी हो जो यात्रियों का विश्वास भी लौटा ए और स्थानीय आजीविका भी संरक्षित करे। उल्लेखनीय है कि जम्मू‑कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों, धार्मिक संगठनों और सामाजिक वर्गों ने एक स्वर में इस नरसंहार की भर्त्सना की है। यह सर्वसम्मति आतंकियों के उस मंसूबे को नाकाम करती है जो घाटी को फिर से अस्थिर करने पर टिका था। कांग्रेस की संवेदनाएँ सिर्फ शोक संदेश नहीं, बल्कि उस बड़े राष्ट्रीय दृढ़‑संकल्प की अभिव्यक्ति हैं जिसका लक्ष्य है—आतंकवाद को परास्त करके शांति और विकास को मजबूत करना। आख़िरकार पहलगाम की इस त्रासदी ने एक बार फिर रेखांकित किया कि भारत की विविधता उसकी शक्ति है। जब निर्दोष पर हमला होता है, तो राजनीति, धर्म या क्षेत्र से ऊपर उठकर एकजुट होना ही सच्चा राष्ट्रधर्म है। आतंक चाहे कहीं से आए, जवाब हमेशा उसी सामूहिक एकता में निहित है जो 22 अप्रैल को शहीद हुए उन गाइडों की तरह निःस्वार्थ और अडिग रहती है। Latest News in Hindi Today Hindi Congress #PahalgamAttack #CongressStatement #JammuKashmir #TerrorAlert #IndiaNews #SecurityBreach #PahalgamNews #PoliticalDebate #NationalSecurity #BreakingNews

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PM Modi thundered in Madhubani,

PM Modi Madhubani speech: मधुबनी में गरजते हुए पीएम मोदी ने कहा, आतंकियों को उनकी सोच से भी ज्यादा दी जाएगी बड़ी सजा

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्टों पर आतंकवादियों द्वारा किए गए कायराना हमले में 26 लोग मारे गए थे। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से पहली प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ देश का रूख साफ किया है। पीएम मोदी ने मधुबनी में (PM Modi Madhubani speech) आतंकवादियों को कड़ी सजा देने का वादा किया। उन्होंने आतंकियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि “भारत न्याय मिलने तक चैन से नहीं बैठेगा।  भारत आतंकवादियों को धरती के आखिरी छोर तक खदेड़ देगा।” दरअसल, बिहार के मधुबनी में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में जिस क्रूरता से आतंकवादियों ने निर्दोष नागरिकों की हत्या की, उससे पूरा देश दुखी है। इस बीच पीएम मोदी ने कहा कि “आइए हम सभी इस दुख की घड़ी में एक साथ खड़े हों और एक मिनट का मौन रखें। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले में खोए गए परिवार के सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखें।” बता दें कि इस दौरान प्रधानमंत्री ने ओम शांति का जाप भी किया। आतंकवाद को दंडित किए बिना नहीं छोड़ा (PM Modi Madhubani speech) जाएगा इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि “22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने देश के निर्दोष लोगों की हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरा देश शोक और पीड़ा में है। हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। आज बिहार की धरती से भारत हर आतंकवादी, उसके आकाओं और उसके समर्थकों की पहचान करेगा, उन्हें ट्रैक करेगा और उन्हें सजा देगा। हम उन्हें धरती के आखिरी छोर तक खदेड़ेंगे। आतंकवाद से भारत कभी नहीं टूटेगा। आतंकवाद को दंडित किए बिना नहीं छोड़ा (PM Modi Madhubani speech) जाएगा। न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। पूरा देश इस संकल्प पर अडिग है। मानवता में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति हमारे साथ है। मैं विभिन्न देशों के लोगों और उनके नेताओं को धन्यवाद देता हूं, जो इस मुश्किल समय में हमारे साथ खड़े हैं।” उन्होंने आगे कहा कि मैं साफ शब्दों में कहना चाहता हूं कि इन आतंकवादियों और इस हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति अब आतंक के आकाओं की कमर तोड़ देगी।” बता दें कि इससे पहले, पीएम मोदी ने बिहार के मधुबनी में पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन रखा।” इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान दुनियाभर को संदेश देते हुए पीएम मोदी ने (PM Modi Madhubani speech) कहा कि “आतंकवाद को जड़ से मिटाने का समय आ गया है” बता दें कि बिहार दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के साथ दुनियाभर को संदेश देते हुए (PM Modi Madhubani speech) कहा कि “आतंकवाद को जड़ से मिटाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि देश के दुश्मनों ने भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है। सख्त लहजे में उन्होंने कहा कि “मैं साफ कह रहा हूं, जिन्होंने ये हमला किया है, उन आतंकियों और हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से बड़ी सजा मिलेगी। अब आतंकियों की बची कुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है। निर्दोष पर्यटकों को मारने वाले आतंकियों को मिटाने के साथ-साथ पाकिस्तान का नाम लिए बगैर सख्त चेतावनी दी है। पीएम ने इस बात को हिंदी में ही नहीं बल्कि अंग्रेजी में भी दोहराया है, जिसका सीधा का मतलब है कि प्रधानमंत्री ने बिहार और देश के साथ-साथ दुनिया तक अपनी बात पहुंचाने की है। पीएम मोदी ने पहलगाम में मरने वालों को श्रद्धांजली देकर अपना भाषण शुरू किया था और आखिर में आतंकियों के साथ-साथ उन्हें भी सख्त लहजे में बता दिया है कि उनकी सोच से भी ज्यादा बड़ी सजा दी जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi PM Modi Madhubani speech #PMModi #MadhubaniSpeech #ModiInBihar #NarendraModi #Terrorism #ModiRally #IndiaPolitics #Modi2025 #BiharElections #ModiLive

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Benefits of okra for hair

सेहत ही नहीं बालों के लिए भी फायदेमंद है भिंडी, जानें क्या है इसके इस्तेमाल का तरीका?

भिंडी (Okra) एक ऐसी सब्जी है, जो भारतीय रसोईघरों में अधिकतर बनती है और कई लोगों को पसंद होती है। आमतौर पर भिंडी (Okra) को सब्जी के रूप में खाया जाता है या सांभर आदि में ड़ाल कर इसका सेवन किया जाता है। भिंडी में कई जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं जैसे विटामिन सी, इ और के आदि। यही नहीं इनमें आयरन, कॉपर, मैग्नीशियम, फोलेट आदि मिनरल्स भी होते हैं। आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि भिंडी केवल सेहत ही नहीं बल्कि बालों के लिए भी बहुत लाभदायक है। इसका इस्तेमाल करने से बालों में नयी जान आ जाती हैं। जानिए भिंडी के बालों के लिए बेनेफिट्स (Benefits of okra for hair) के बारे में। इसका बालों पर कैसे इस्तेमाल करें, यह भी जानें। बालों के लिए भिंडी के बेनेफिट्स (Benefits of okra for hair) हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार भिंडी (Okra) हार्ट हेल्थ, ब्लड शुगर आदि को सही रखने के लिए फायदेमंद है। इसके साथ ही प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी इसे फायदेमंद माना गया है। भिंडी के बालों के लिए बेनेफिट्स (Benefits of okra for hair) इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? भिंडी का बालों पर कैसे करें इस्तेमाल?  आप कई तरह से भिंडी का बालों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं:  नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Benefits of okra for hair #Benefitsofokraforhair #Benefitsofokra #okra #hair #scalp

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Kailash Mansarovar Yatra 2025

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025: शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया

हिंदू धर्म, बौद्ध, जैन और तिब्बती बोन धर्म के अनुयायियों के लिए पवित्र माने जाने वाले कैलाश मानसरोवर की यात्रा  (Kailash Mansarovar Yatra) आध्यात्मिकता, आस्था और साहस का संगम मानी जाती है। हर साल हजारों श्रद्धालु इस कठिन लेकिन दिव्य यात्रा में भाग लेते हैं। कैलाश पर्वत को भगवान शिव (Lord Shiva) का निवास स्थल माना जाता है और मानसरोवर झील को अमृत समान पवित्र जलधारा। 2025 में भी यह यात्रा एक बार फिर भारतीय श्रद्धालुओं के लिए खुल रही है, और इसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी। कब से कब तक होगी यात्रा? इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra) की शुरुआत 30 जून 2025 से होगी। यात्रा पांच चरणों में 50-50 लोगों के दल के साथ आयोजित की जाएगी। यात्रा का पहला दल 10 जुलाई को लिपुलेख पास के रास्ते चीन में प्रवेश करेगा, जबकि अंतिम दल की वापसी 22 अगस्त 2025 को भारत में होगी। यानी इस बार कैलाश मानसरोवर यात्रा का संपूर्ण आयोजन 30 जून से 22 अगस्त 2025 तक निर्धारित है। हर दल की यात्रा दिल्ली से आरंभ होगी। प्रारंभिक पड़ाव टनकपुर होगा, जहां एक रात विश्राम होगा। इसके बाद धारचुला में दो रातें, गुंजी में दो और नाभीढांग में दो रात ठहरने के बाद यात्रा दल कैलाश मानसरोवर क्षेत्र की ओर आगे बढ़ेगा। वापसी के समय यात्री बूंदी, चौकोड़ी और अल्मोड़ा जैसे स्थानों से होते हुए दिल्ली लौटेंगे। इस पूरी यात्रा की अवधि कुल 22 दिन की होगी। रजिस्ट्रेशन कैसे करें? कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra) में शामिल होने के लिए इच्छुक श्रद्धालुओं को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। आवेदन के समय आवेदक के पास वैध पासपोर्ट, पैन कार्ड और तीन पासपोर्ट साइज फोटो होना अनिवार्य है। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने के बाद निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। यदि आवेदन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण हो जाती है, तो आवेदक को इसकी पुष्टि SMS या ईमेल के माध्यम से भेज दी जाती है। इसे भी पढ़ें:-  विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra) की अवधि सामान्यतः 22 से 25 दिनों की होती है। इस आध्यात्मिक और कठिन यात्रा पर जाने के लिए एक श्रद्धालु को लगभग 1.5 लाख से 3 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है, जो यात्रा के माध्यम, सुविधाओं और मार्ग के अनुसार बदल सकता है। इस यात्रा में शामिल होने के लिए शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ और फिट होना अनिवार्य है, क्योंकि इसमें ऊंचाई पर ट्रेकिंग और कठिन रास्तों से गुजरना होता है। इसके अलावा, यात्री के पास एक वैध पासपोर्ट होना आवश्यक है, क्योंकि यात्रा का कुछ हिस्सा चीन (तिब्बत) के क्षेत्र में आता है, जहां प्रवेश के लिए पासपोर्ट अनिवार्य होता है। कितने श्रद्धालु करेंगे यात्रा? भारत सरकार के निर्देशानुसार, इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा में कुल 5 दलों को भेजा जाएगा, जिनमें प्रत्येक दल में 50-50 यात्री शामिल होंगे। इस प्रकार कुल 250 श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बन सकेंगे। इसके अलावा, कुछ निजी टूर ऑपरेटर भी कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra) की व्यवस्था करते हैं। हालांकि इनके माध्यम से यात्रा करने पर भी पंजीकरण प्रक्रिया भारत सरकार की विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ही पूरी करनी होती है। यदि कोई यात्री प्राइवेट टूर ऑपरेटर के माध्यम से यात्रा करना चाहता है, तो वे आवेदन प्रक्रिया में भी पूरी सहायता प्रदान करते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Kailash Mansarovar Yatra #KailashMansarovarYatra2025 #ShivDham #SpiritualJourney #MansarovarYatra #MountKailash #KailashYatra #Pilgrimage2025 #KailashDarshan #HolyYatra #HimalayanPilgrimage

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Pahalgam Terror Attack Mastermind Exposed

Terror attack mastermind: कुर्सी के चक्कर में पहलगाम पर कराया हमला, पाकिस्तानी पत्रकार ने किया मास्टरमाइंड के नाम का खुलासा

मंगलवार को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में दोपहर तकरीबन तीन बजे हुए कायराना आतंकी हमले 26 निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया गया था। इस हमले के बाद देश भर में रोष व्याप्त है। भारत ही नहीं दुनिया भर के देशों ने इस कायराना हमले की भर्त्सना की है। इस हमले की शक की सुई पाकिस्तान की ओर थी। भारत का शक सही साबित हुआ भी। ऐसा इसलिए कि पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार आदिल राजा ने गंभीर आरोप अपने ही देश पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आदिल राजा का दावा है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर (Terror attack mastermind) के इशारे पर ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ है। दरअसल, आदिल राजा ने पाकिस्तान के खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा है कि “असीम ने जानबूझकर पहलगाम में हमला कराया है, जिससे उसके खिलाफ चल रहे मामले को शांत किया जा सके।” बता दें कि आदिल राजा पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार होने के साथ-साथ ह्यूमन राइट्स वाच के लिए भी काम करते हैं। इस बीच पोस्ट लिखते हुए आदिल राजा ने कहा कि “यह पोस्ट जब मैं लिख रहा हूं तो लोग मुझे भारतीयों का एजेंट बताएंगे, लेकिन जो सच है कि वो यह कि पहलगाम का हमला मुनीर के कहने पर ही हुआ है। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने यह बात ऑफ रिकॉर्ड कही है।” बता दें कि राजा ने खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि मुनीर ने जानबूझकर यह हमला करवाया। जनके इस खुलासे ने पाकिस्तान में भी हलचल मचा दी है।  विदेशी पाकिस्तानियों को बुलाकर भड़काऊ बयान देने के बाद करवाया हमला (Terror attack mastermind)  यही नहीं, आदिल के मुताबिक, असीम मुनीर ने ही पहले विदेशी पाकिस्तानियों को बुलाकर भड़काऊ बयान देने के बाद यह हमला (Terror attack mastermind) करवाया। मुनीर के इस गलती का खामियाजा पूरे पाकिस्तानी भुगतेंगे। शहबाज तुरंत मुनीर को हटाएं नहीं तो मामला और बिगड़ेगा।” महत्वपूर्ण बात यह कि आदिल राजा के इस पोस्ट को इमरान खान की पार्टी के समर्थक खूब शेयर कर रहे हैं। इमरान समर्थकों का कहना है कि “मुनीर को हटाकर खान को वापस लाया जाए, तभी पाकिस्तान की स्थिति सुधर सकती है।” बता दें कि आदिल की गिनती पाकिस्तान के उन पत्रकारों में होती है, जो सेना और सरकार के खिलाफ लगातार मुखर रहते हैं। 17 साल से पाकिस्तान की पत्रकारिता में सक्रिय आदिल राजा पेशावार के मूल निवासी हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई लिखाई इस्लामाबाद के कैद-ए-आजम यूनिवर्सिटी से की है। वर्तमान में वे अपना एक ब्लॉग सैनिकों की सुनो नाम से चलाते हैं। पीपीपी के प्रमुख और सरकार के हिस्सेदार बिलावल भुट्टो जरदारी भी आदिल को फॉलो करते हैं। आदिल अक्सर इमरान खान के लिए लिखते हैं।  इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को ठहराया (Terror attack mastermind) है जिम्मेदार  गौरतलब हो कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को द रेजिडेंट फ्रंट (टीआरएफ) के आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी। इस घटना के बाद से ही भारत में उबाल है। भारत ने इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया (Terror attack mastermind) है। द रेजिडेंट फ्रंट की स्थापना 2019 में पाकिस्तान में हुई थी। टीआरएफ को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से ही फंड मिलता है। कारण यही जो टीआरएफ के आकाओं को भी पाकिस्तान ही शरण देता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Terror attack mastermind #PahalgamAttack #TerrorMastermind #KashmirTerror #PakistanIndia #BreakingNews #PoliticalPlot #SecurityAlert #PahalgamNews #TerrorExposed #KashmirUpdate

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