‘हम भुइयां-मुसहर…’ केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने नाराजगी से किया इंकार

‘हम भुइयां-मुसहर…’ केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने नाराजगी से किया इंकार

चुनाव को लेकर एनडीए के बीच सीट बंटवारा हो चुका है. सीट बंटवारे के बाद एनडीए के घटक दलों को मन मुताबिक सीटें न मिलने पर वे अपनी प्रतिक्रिया भी खुलकर दे रहे हैं. हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने खुलकर कहा कि उन्होंने 15 सीटों की मांग की थी. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वे छह सीट से भी संतुष्ट हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं. मांझी का क्या कहना है?केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, “लोकसभा चुनाव में भी हमारी पार्टी को दो लोकसभा सीट और एक राज्यसभा सीट देने की बात कही गई थी लेकिन मिली एक थी. आज भी हम एनडीए के साथ हैं. हमें पंजीकृत पार्टी के रूप में मान्यता के लिए कम से कम आठ सीटों की मांग की थी. इसलिए, हमने कम से कम 15 सीटें मांगी थी लेकिन सिर्फ छह सीटें मिली हैं. हम छह सीट से भी संतुष्ट हैं. हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं.” उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने हमें काफी इज्जत दी है. वे हर तरह से गयाजी के विकास के लिए काम कर रहे हैं. गयाजी, बिहार और देश के विकास के लिए हम कोई भी कुर्बानी सहने को तैयार हैं. ‘हम लोग भुइयां और मुसहर जाति के’केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, “हम लोग भुइयां और मुसहर जाति के हैं. अभाव में जीने वाले लोग हैं और संतुष्ट रहते हैं. जो मिलता है, उसी में संतुष्ट हैं. ‎हमारी पार्टी पीएम नरेंद्र मोदी के साथ है और जो भी निर्णय हुआ है, उससे संतुष्ट है.” NDA में सीटों का बंटवाराविधानसभा चुनाव के लिए एनडीए ने रविवार को सीटों के बंटवारे की घोषणा की. इस बंटवारे के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 101-101 सीट पर चुनाव लड़ेगी जबकि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) को 29 सीट मिली हैं. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को छह-छह सीटें मिली हैं. बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा. मतगणना 14 नवंबर को होगी.

आगे और पढ़ें
पश्चिम बंगाल के बर्धमान स्टेशन पर भगदड़, प्लेटफॉर्म पर ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़ रहे थे यात्री, 10-12 लोग घायल

पश्चिम बंगाल के बर्धमान स्टेशन पर भगदड़, प्लेटफॉर्म पर ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़ रहे थे यात्री, 10-12 लोग घायल

रविवार (12 अक्टूबर) शाम बर्धमान रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कई ट्रेनों में चढ़ने की कोशिश कर रहे यात्रियों की अचानक भीड़ के कारण भगदड़ मच गई. प्लेटफ़ॉर्म 4 और 5 को जोड़ने वाली सीढ़ियों पर हुई इस घटना में कम से कम 10 यात्री घायल हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय प्लेटफ़ॉर्म 4, 6 और 7 पर एक साथ तीन ट्रेनें खड़ी थीं. जैसे ही यात्री अपनी-अपनी ट्रेनें पकड़ने के लिए दौड़े, संकरी सीढ़ियों पर भीड़ बढ़ गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई और धक्का-मुक्की होने लगी. कई यात्री गिर गए, जिससे थोड़ी देर के लिए भगदड़ मच गई. सभी घायलों को बर्धमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है. रेलवे अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि स्टेशन पर सतर्कता और भीड़ प्रबंधन के उपायों को और मज़बूत किया जाएगा. कुछ साल पहले भी पानी की टंकी गिरने से हुई थी मौतें यह पहली बार नहीं है जब बर्धमान स्टेशन पर कोई गंभीर दुर्घटना हुई है. कुछ साल पहले, एक पानी की टंकी गिरने से कई लोगों की मौत हो गई थी. हालाँकि रेलवे ने बाद में कुछ सुरक्षा उपायों को उन्नत किया, लेकिन यात्रियों का आरोप है कि प्लेटफ़ॉर्म 1 को छोड़कर, ज़्यादातर प्लेटफ़ॉर्म पर एस्केलेटर महीनों से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे लोगों को भीड़-भाड़ वाली सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है. रविवार की घटना के बाद, रेलवे अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और भीड़-नियंत्रण प्रणालियों को, खासकर व्यस्त समय और ट्रेन आगमन के दौरान, मज़बूत किया जाएगा. घटना की खबर सुनकर कई यात्रियों के परिवार वाले अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी लेने के लिए अस्पताल और स्टेशन परिसर पहुंच गए.

आगे और पढ़ें
NDA सीट बंटवारे पर कुशवाहा का छलका दर्द, कहा- मन के अनुकूल सीटें नहीं मिलीं, विवशता को समझिए

NDA सीट बंटवारे पर कुशवाहा का छलका दर्द, कहा- मन के अनुकूल सीटें नहीं मिलीं, विवशता को समझिए

बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों के बीच सीट शेयरिंग पर सहमति बन गई है. जिसपर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने प्रतिक्रिया दी है. उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि प्रिय मित्रों/साथियों, आप सभी से क्षमा चाहता हूं. आपके मन के अनुकूल सीटों की संख्या नहीं हो पाई. मैं समझ रहा हूं, इस निर्णय से अपनी पार्टी के उम्मीदवार होने की इच्छा रखने वाले साथियों सहित हजारों-लाखों लोगों का मन दुखी होगा. आज कई घरों में खाना नहीं बना होगा, परन्तु आप सभी मेरी एवं पार्टी की विवशता और सीमा को बखूबी समझ रहे होंगे. अंदर कुछ और बाहर कुछ और उन्होंने कहा कि किसी भी निर्णय के पीछे कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं जो बाहर से दिखती हैं मगर कुछ ऐसी भी होती हैं जो बाहर से नहीं दिखतीं. हम जानते हैं कि अन्दर की परिस्थितियों से अनभिज्ञता के कारण आपके मन में मेरे प्रति गुस्सा भी होगा, जो स्वाभाविक भी है. समर्थकों को शांत होने का किया आग्रह उपेंद्र कुशवाहा ने आगे कहा कि आपसे विनम्र आग्रह है कि आप गुस्से को शांत होने दीजिए, फिर आप स्वयं महसूस करेंगे कि फैसला कितना उचित है या अनुचित. फिर कुछ आने वाला समय बताएगा. फिलहाल इतना ही. फायदे में चिराग एनडीए सीट शेयरिंग के अनुसार, भाजपा और जदयू 101-101 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी, जबकि सहयोगी दल लोजपा (रामविलास) को 29 सीटें और आरएलएम एवं हम को 6-6 सीटें मिली हैं. वहीं, भाजपा के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसकी घोषणा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “एनडीए के साथियों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में सीटों का वितरण पूर्ण किया है. जदयू 101, भाजपा 101, लोजपा (रामविलास) 29, राष्ट्रीय लोक मोर्चा 6 और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा 6.” चिराग का 100 फीसदी का स्ट्राइक रेट चिराग पासवान अपने पिता राम विलास पासवान की राजनीतिक विरासत को संभाल रहे हैं. उनकी पार्टी का दलित वोट बैंक पर मजबूत पकड़ है. 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया था और पांचों सीटों पर जीत हासिल की थी.

आगे और पढ़ें

एल्विश यादव ने वृंदावन में लिया संत प्रेमानंद जी महाराज का आशीर्वाद, महाराज ने स्वास्थ्य और नाम जप पर दी अहम सीख

यूट्यूबर और बिग बॉस OTT विजेता एलविश यादव हाल ही में वृंदावन पहुंचे और वहां के प्रतिष्ठित संत, प्रेमानंद जी महाराज से मिलने का अवसर पाया. यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब वृंदावनवासियों में महाराज के स्वास्थ्य को लेकर चिंता थी. हाल ही में महाराज ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अपना पद यात्रा स्थगित किया था. एलविश और महाराज की मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है. स्वास्थ्य को लेकर बोले प्रेमानंद जी महाराजएलविश यादव के पहुंचने पर एक भक्त ने महाराज को उनके आगमन की सूचना दी. शांत और गंभीर स्वर में महाराज जी ने कहा, “अब मेरी सेहत के बारे में मैं क्या कहूँ? दोनों किडनी फेल हो चुकी हैं. लेकिन भगवान की कृपा से मैं अभी भी आप सभी से मिल सकता हूं और बात कर सकता हूं. अब कोई सुधार बाकी नहीं है. आज या कल, हम सभी को जाना है.” नाम जप और आध्यात्मिक साधना की सीखमहाराज ने एलविश से पूछा कि क्या वह नियमित रूप से नाम जप (धार्मिक मंत्र) करते हैं. जब एलविश ने कहा कि वह नहीं करते, तो संत ने स्नेहपूर्वक सुझाव दिया, “थोड़ा-थोड़ा नाम जप करो. तुम आज सफल हो, यह तुम्हारे पिछले अच्छे कर्मों का नतीजा है. लेकिन आज का क्या? भगवान का नाम जपो, क्या खो दोगे? एक काउंटर रिंग पहनकर रोज 10,000 बार नाम जप करो. क्या करोगे?” एलविश ने बहुत प्यार और आदर के साथ महाराज की बात मानते हुए प्रतिज्ञा की कि वह रोजाना ‘राधा’ का नाम 10,000 बार जप करेंगे. युवाओं के लिए कही ये बातमहाराज ने युवाओं पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “भारत में कई युवा हैं, जिन्हें लाखों लोग फॉलो करते हैं. अगर वे शराब की बोतल लेकर उसे पीते हैं, तो लाखों लोग उनका अनुसरण करेंगे.” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन अगर राधा का नाम लिया जाए, तो लाखों राधा भी जवाब देंगी और कहेंगी, ‘तुम राधा कह रहे हो, तो हमें भी करना चाहिए.’ हम प्रार्थना करते हैं कि हमारे युवा नशे और बुरी आदतों से दूर रहें.” महाराज ने यह भी कहा, “नशेड़ी और बुरी आदतों वाले लोग इस जीवन में खुशी का आनंद ले सकते हैं, लेकिन उनका अंतिम परिणाम अच्छा नहीं होगा. अंतिम परिणाम के लिए हमें सतर्क रहना चाहिए और सही दिशा में चलना चाहिए.”

आगे और पढ़ें
प्रयागराज के कीडगंज में लल्लू टेंट गोदाम में लगी भीषण आग, लाखों रुपये का सामान जलकर हुआ राख

प्रयागराज के कीडगंज में लल्लू टेंट गोदाम में लगी भीषण आग, लाखों रुपये का सामान जलकर हुआ राख

प्रयागराज: सोमवार देर रात प्रयागराज के कीडगंज इलाके में लल्लू टेंट एंड संस के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि इसके धुएं और लपटों ने आसपास के घरों तक पहुंचकर मोहल्ले में खलबली मचा दी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई और आसपास के घर खाली किए। आग की घटना और समयस्थानीय सूत्रों के अनुसार, आग रात लगभग 2 बजे गोदाम से उठते हुए धुएं के रूप में दिखाई दी। देखते ही देखते लपटें विकराल रूप ले चुकी थीं। गोदाम में रखे टेंट, सजावटी सामग्री और फर्नीचर लाखों रुपये का मूल्य रखते थे, जो आग की भेंट चढ़ गए। फायर ब्रिगेड और राहत कार्यसूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने में उन्हें लगभग 10 घंटे लगे। इस दौरान आसपास के घरों के लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आसपास के इलाके को पूरी तरह खाली करवा कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की। हताहत और नुकसानइस घटना में गोदाम की एक महिला कर्मचारी झुलस गई, जिसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सौभाग्यवश कोई और गंभीर चोट या जनहानि की सूचना नहीं है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, गोदाम में रखे लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग लगने का कारण और जांचफायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का मुख्य कारण माना जा रहा है। वहीं, थाना प्रभारी और फायर ब्रिगेड अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं। प्रशासन ने कहा है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय प्रतिक्रियाघटना के समय आसपास के लोग घबराए हुए थे। कई लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर गए। सोशल मीडिया पर भी इस आग की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लपटों की भयावहता साफ देखी जा सकती है। प्रशासन की पहलप्रशासन ने घटना के बाद आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों को आग से बचाव के लिए सतर्क किया है। अग्निशमन विभाग ने आग की पुनः रोकथाम और गोदामों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। निष्कर्षकीडगंज में लगी यह आग न केवल संपत्ति का भारी नुकसान कर गई, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए डर और चिंता का कारण भी बनी। यह घटना आग सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों की जरूरत पर ध्यान खींचती है। प्रशासन और फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़े नुकसान से बचा जा सका, लेकिन यह संकेत है कि बड़े गोदामों में सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा उपायों की नियमित जांच बेहद जरूरी है।

आगे और पढ़ें
छतरपुर में तीन युवकों की हवस की शिकार हुई युवति

छतरपुर में तीन युवकों ने कट्टे की नोक पर युवती से किया दुष्कर्म, पुलिस पर लापरवाही का आरोप

छतरपुर (मध्यप्रदेश)। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नौगांव थाना क्षेत्र की एक युवती ने आरोप लगाया है कि तीन युवकों ने कट्टे की नोक पर उसके साथ दुष्कर्म किया और उसके भाइयों के साथ मारपीट भी की। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है और आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसकी रिपोर्ट उसके बताए अनुसार दर्ज नहीं की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने महिला थाने को जांच के निर्देश दिए हैं। जंगल में ले जाकर किया दुष्कर्मपीड़िता के मुताबिक, 1 अक्टूबर को वह बैंक जा रही थी, तभी नरेश, चंदन और मनीष अहिरवार नामक तीन युवक उसे रास्ते में मिले। युवती का आरोप है कि तीनों ने उसे कट्टा दिखाकर जबरन दौरिया के जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया।घटना के बाद आरोपी युवती को बापू कॉलेज के पास छोड़कर फरार हो गए। उसी समय युवती के भाइयों ने उसे देखा और जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। मारपीट का वीडियो भी आया सामनेघटना के बाद 1 अक्टूबर को बापू डिग्री कॉलेज के पास हुई इस मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। शिकायत के बाद पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ केवल मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया और एक आरोपी को हिरासत में लिया था। “सरपंच दे रहा है धमकी”पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने उसकी दुष्कर्म की शिकायत उसके बताए अनुसार दर्ज नहीं की। उसका यह भी आरोप है कि गांव का सरपंच राजेश अब उसे धमकी दे रहा है। “सरपंच राजेश मेरे घर आकर कट्टा दिखाकर कह रहा है कि अगर मैंने शिकायत की तो मुझे जान से मार देगा।” — पीड़िता थाना प्रभारी बोले – शिकायत के अनुसार ही दर्ज की गई रिपोर्ट नौगांव थाना प्रभारी बाल्मीकि चौबे ने बताया कि युवती की पहली शिकायत के अनुसार ही कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय केवल मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। एसडीओपी बोले – महिला थाने को दिए जांच के निर्देश इस मामले पर एसडीओपी अमित मेश्राम ने कहा, “युवती की नई शिकायत पर महिला थाने को जांच के निर्देश दिए गए हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”  फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।पीड़िता ने न्याय की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

आगे और पढ़ें
भोजपुरी स्टार और बीजेपी नेता पवन सिंह को मिली ‘वाई प्लस’ कैटेगरी की सुरक्षा, अब 24 घंटे कमांडो रहेंगे तैनात

भोजपुरी स्टार और बीजेपी नेता पवन सिंह को मिली ‘वाई प्लस’ कैटेगरी की सुरक्षा, अब 24 घंटे कमांडो रहेंगे तैनात

भोजपुरी फिल्मों के पावर स्टार और अब बीजेपी नेता बने पवन सिंह को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. उन्हें अब वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की गई है. यह सुरक्षा गृह मंत्रालय ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की थर्ड परसेप्शन रिपोर्ट के आधार पर मंजूर की है. इस रिपोर्ट में पवन सिंह की जान को खतरा बताया गया, जिसके बाद केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा को लेकर यह अहम कदम उठाया है. पवन सिंह अब देश के उन चुनिंदा चेहरों में शामिल हो गए हैं जिन्हें वाई प्लस स्तर की सुरक्षा दी गई है. वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा का मतलब है कि पवन सिंह के साथ अब 24 घंटे हथियारों से लैस कमांडो तैनात रहेंगे. इस सुरक्षा घेरे में कुल 11 से 12 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं, जिनमें केंद्रीय बलों के कमांडो, निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ), और अन्य सुरक्षाकर्मी होते हैं. ये सुरक्षाकर्मी हर वक्त पवन सिंह के आसपास मौजूद रहेंगे, चाहे वह घर पर हों, किसी कार्यक्रम में, या यात्रा के दौरान. इस सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य पवन सिंह को किसी भी संभावित खतरे से बचाना है. क्यों मिली भोजपूरी स्टार को सुरक्षा यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब पवन सिंह लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. एक तरफ वह अपने राजनीतिक करियर को लेकर चर्चा में हैं, वहीं दूसरी ओर उनका निजी जीवन भी विवादों में घिरा हुआ है. हाल ही में उन्होंने दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल थे. इसके बाद उन्होंने 5 अक्टूबर को एक बार फिर बीजेपी की सदस्यता ली. माना जा रहा है कि बीजेपी उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव में आरा या काराकाट सीट से मैदान में उतार सकती है. निजी जिंदगी से भी सुर्खियों में हैं पवन सिंह राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ पवन सिंह का निजी विवाद भी इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ज्योति हाल ही में लखनऊ स्थित उनके फ्लैट पर पहुंच गईं और सोशल मीडिया के जरिए लाइव होकर कहा कि वे मानसिक तनाव में हैं और आत्महत्या करने की सोच रही हैं. इस पूरे मामले ने पवन सिंह की छवि और व्यक्तिगत जिंदगी को लेकर काफी सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं बिहार विधानसभा चुनाव की बात करें, तो चुनाव दो चरणों में होने हैं, पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा. ऐसे में पवन सिंह जैसे लोकप्रिय चेहरे का राजनीति में सक्रिय होना बीजेपी के लिए एक बड़ा दांव हो सकता है. भोजपुरी सिनेमा में उनकी लोकप्रियता और जन-आकर्षण क्षमता को देखते हुए बीजेपी उन्हें एक प्रभावशाली उम्मीदवार के रूप में पेश कर सकती है, खासकर बिहार के शाहाबाद क्षेत्र में, जहां उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है.

आगे और पढ़ें
PM मोदी करेंगे नवी मुंबई एयरपोर्ट और मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन, मुंबई को मिलेगा नया ट्रांसपोर्ट हब

PM मोदी करेंगे नवी मुंबई एयरपोर्ट और मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन, मुंबई को मिलेगा नया ट्रांसपोर्ट हब 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को महाराष्ट्र के दौरे पर नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन करने जा रहे हैं. करीब 19,650 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एयरपोर्ट को देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट माना जा रहा है. यह एयरपोर्ट सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर तैयार किया गया है और इसे डीबी पाटिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट नाम दिया गया है, जो किसान नेता दीनबंधु पाटिल को समर्पित है. मुंबई को मिलेगा नया ट्रांसपोर्ट हब… बढ़ती भीड़ को कम करने की योजना एनएमआईए मुंबई के मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) के साथ मिलकर काम करेगा ताकि बढ़ती भीड़ को कम किया जा सके और मुंबई को मल्टी एयरपोर्ट सिस्टम की ग्लोबल कैटेगरी में शामिल किया जा सके. एयरपोर्ट की खासियत इस एयरपोर्ट की खासियतों की बात करें तो यह 1160 हेक्टेयर में फैला है और सालाना 9 करोड़ यात्रियों और 32.5 लाख मीट्रिक टन सामान को संभालने की क्षमता रखता है. एयरपोर्ट का डिजाइन कमल के फूल से प्रेरित है और इसे मशहूर Zaha Hadid Architects ने तैयार किया है. इसमें ऑटोमेटेड पीपल मूवर सिस्टम, Digi Yatra, सेल्फ बैगेज ड्रॉप, ऑटोमेटिक लगेज सिस्टम जैसी स्मार्ट सुविधाएं होंगी. साथ ही सड़क, मेट्रो, रेल और वॉटर टैक्सी से एयरपोर्ट तक पहुंचने की सुविधा भी दी जाएगी. मेट्रो लाइन-3 के चरण 2बी का भी उद्घाटन इसके साथ ही पीएम मोदी ने मुंबई मेट्रो लाइन-3 के चरण 2बी का भी उद्घाटन करेंगे, जो आचार्य अत्रे चौक से कफ परेड तक फैला है. इस लाइन की कुल लंबाई 33.5 किलोमीटर है और इसमें 27 स्टेशन होंगे. इसकी कुल लागत 37,270 करोड़ रुपये है और इससे रोजाना करीब 13 लाख यात्रियों को फायदा मिलेगा. ‘मुंबई वन’ ऐप की शुरुआत पीएम मोदी ‘मुंबई वन’ नामक एकीकृत कॉमन मोबिलिटी ऐप की भी शुरुआत करेंगे, जो मेट्रो, मोनोरेल, लोकल ट्रेन और बस सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाएगा. सुरक्षा के कड़े इंतजाम पीएम के दौरे को देखते हुए मुंबई और नवी मुंबई में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप, बम निरोधक दस्ते, विशेष सुरक्षा इकाई और ट्रैफिक पुलिस को तैनात किया गया है. कल गुरुवार को पीएम मोदी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर की मेजबानी भी करेंगे और दोनों नेता ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में हिस्सा लेंगे.

आगे और पढ़ें
जयपुर SMS अस्पताल में लगी आग से 8 लोगों की मौत, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

जयपुर SMS अस्पताल में लगी आग से 8 लोगों की मौत, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू वार्ड में अचानक आग लग गई. आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई. जयपुर के अस्पताल में हुए इस हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. इस हादसे पर पीएम मोदी और राज्य के सीएम भजनलाल शर्मा ने दुख जताया है. जयपुर की घटना पर पीएम मोदी ने जताया दुख प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जयपुर स्थित एक अस्पताल में आग लगने से हुई जान-माल की हानि अत्यंत दुखद है. उन्होंने आगे कहा, “जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदना. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.” सीएम भजनलाल शर्मा ने भी जताया दुख राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों एवं अधिकारियों से जानकारी ली और त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. मरीजों की सुरक्षा, इलाज और प्रभावित लोगों की देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें. राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने से कई मरीजों की मृत्यु हृदय विदारक है. पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहन संवेदना व्यक्त करता हूं. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करें. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना है.” पूर्व सीएम ने गहलोत ने क्या कहा? राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने लिखा, “एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में आग लगने से कई लोगों की मृत्यु बहुत दुखी करने वाली है. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि इस हादसे में कम से कम जनहानि हो. प्रभु दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें.”अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाकर यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में कहीं भी ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके. गजेंद्र सिंह शेखावत ने लिखा पोस्ट केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पोस्ट में लिखा, “जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में लगी आग की घटना अत्यंत दुखद है. इस हादसे में लोगों के असमय निधन की सूचना व्यथित करने वाली है. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें और परिजनों को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें. अस्पताल और जिला प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है तथा घायलों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है. सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं.”

आगे और पढ़ें
पहली बर्फबारी से कांपा उत्तर भारत, बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में बढ़ी ठंड

पहली बर्फबारी से कांपा उत्तर भारत, बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में बढ़ी ठंड

उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊँचे इलाकों में सीज़न की पहली बर्फबारी के साथ ही ठंडी हवाओं का असर अब मैदानों तक पहुँच गया है. दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और लोगों ने अब सर्दियों के कपड़े निकाल लिए हैं. ऊँचाई वाले इलाकों में सफेद चादर केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित उत्तराखंड के कई पहाड़ी हिस्सों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई है. वहीं, हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रा, बारालाचा, कुंजुम और लाहौल घाटी में बर्फ की मोटी परत जम गई है. जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग, ज़ोजिला और पहलगाम में भी बर्फ गिरने से चारों ओर सफेद नज़ारे छा गए हैं. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक 4,000 मीटर से ऊपर के क्षेत्रों में और अधिक बर्फबारी की संभावना बनी हुई है. ठंडी हवाओं का रुख अब मैदानी इलाकों की ओर है, जिससे उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है.  दिल्ली-एनसीआर में गुलाबी ठंड का असर पहाड़ों की बर्फबारी का सीधा असर दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में देखा जा रहा है. सोमवार की सुबह हल्की बारिश और बादलों ने मौसम को ठंडा कर दिया. अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री नीचे रहा जबकि न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई. लोगों ने सुबह-शाम ठंड महसूस करनी शुरू कर दी है. सर्द हवाओं के चलते लोग अब गर्म कपड़े पहनने लगे हैं. बाजारों में सर्दियों के कपड़ों की मांग बढ़ रही है, वहीं मौसम में आए बदलाव ने एयर क्वालिटी में थोड़ा सुधार भी किया है. प्रशासन ने जारी की चेतावनी उत्तराखंड के चमोली जिले में भारी बर्फबारी को देखते हुए प्रशासन ने 6 और 7 अक्टूबर तक सभी ट्रेकिंग रूट्स को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है. स्थानीय लोगों और पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की गई है. मौसम विभाग ने भी यात्रियों को चेतावनी दी है कि पहाड़ी क्षेत्रों में फिसलन और दृश्यता कम होने के कारण यात्रा न करें. मौसम विशेषज्ञों की राय  मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण यह बदलाव देखा जा रहा है. हिमालयी राज्यों में बर्फबारी और बारिश की यह प्रक्रिया आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकती है. इससे उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी तापमान गिरने की संभावना है.  लोगों के लिए सुझाव स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है. बुजुर्गों और बच्चों को ठंडी हवा से बचाने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की ताज़ा अपडेट पर नज़र बनाए रखने को कहा है. उत्तर भारत में यह बर्फबारी जहां किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं पर्यटकों के लिए पहाड़ों ने फिर से एक बार आकर्षण का केंद्र बनने का संकेत दे दिया है. मौसम के इस बदलते मिज़ाज के साथ सर्दियों की दस्तक अब साफ सुनाई देने लगी है.

आगे और पढ़ें
Translate »