फरार 30 हजार का इनामी आरोपी रविंद्र गिरफ्तार

फरार 30 हजार का इनामी आरोपी रविंद्र गिरफ्तार

छतरपुर जिला अस्पताल कैदी वार्ड से फरार 30 हजार का इनामी आरोपी रविंद्र गिरफ्तार, तीन सहयोगी भी पकड़े गए छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में जिला अस्पताल कैदी वार्ड से फरार हुए आरोपी रविंद्र सिंह परिहार को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस महानिरीक्षक (सागर जोन) श्रीमती हिमानी खन्ना ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आईजी ने किया इनाम घोषित, एसपी ने गठित की 10 टीमें मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की समुचित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने घटनास्थल का सुपरविजन किया और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए 10 पुलिस टीमों का गठन कर विशेष निर्देश दिए। लगातार दबिश और फिक्स प्वाइंट पर तैनाती गठित टीमों ने जिले और आसपास के इलाकों में लगातार दबिश दी। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर फिक्स प्वाइंट पर पुलिस बल की तैनाती भी की गई। इस बीच आरोपी की गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को प्राप्त हुई। ग्राम पनौठा से गिरफ्तार हुआ फरार आरोपी जानकारी के आधार पर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए ग्राम पनौठा के पास से फरार आरोपी रविंद्र सिंह परिहार पिता सुल्तान सिंह परिहार को गिरफ्तार कर लिया। तीन सहयोगी भी चढ़े हत्थे आरोपी को फरार कराने में मदद करने वाले तीन सहयोगियों चंद्रभान अनुरागी, प्रदीप सिंह चंदेल और अंगद सिंह सिसोदिया को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक पुलिस वेपन, तीन मोबाइल फोन और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जब्त की है। चार आरोपी अब भी फरार पुलिस के अनुसार इस प्रकरण में अन्य चार आरोपियों की तलाश अब भी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों को विधिवत कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

आगे और पढ़ें
देहरादून में बादल फटा

देहरादून में बादल फटा: सहस्त्रधारा क्षेत्र में तबाही, होटल-दुकानें बहीं, दो लोग लापता

देहरादून, 16 सितंबर 2025 उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में मंगलवार सुबह बादल फटने से भारी तबाही मच गई। Karligaad (Karliguard) नाले के पास अचानक आई जलप्रलय ने पूरे इलाके का स्वरूप बदल दिया। कई होटल और दुकानें बह गईं, जबकि सड़कों पर मलबा भर गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो लोग लापता प्रशासन के अनुसार, इस आपदा में दो लोग लापता हैं। SDRF और NDRF की टीमें लगातार तलाश अभियान चला रही हैं। अब तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। मंदिर भी आया पानी की चपेट में तेज़ बारिश के कारण Tamsa नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी का उफान इतना तेज़ था कि प्रसिद्ध Tapkeshwar Mahadev मंदिर पानी में डूब गया। मंदिर के आसपास बने घाट पूरी तरह जलमग्न हो गए। होटल और दुकानों को भारी नुकसान सहस्त्रधारा क्षेत्र पर्यटकों के लिए खासा लोकप्रिय है। यहाँ बने होटल और दुकानों को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मलबे और पानी के तेज़ बहाव से कई दुकानें और छोटे होटल बह गए, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। बचाव और राहत कार्य जारी घटना की सूचना मिलते ही SDRF, NDRF, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँच गईं। प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। प्रशासन ने हाई-अलर्ट जारी कर दिया है और राहत शिविर बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हालात पर नज़र बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और जिला प्रशासन को हर संभव मदद उपलब्ध कराने को कहा है। स्कूल बंद, रेड अलर्ट जारी जिला प्रशासन ने एहतियातन प्रभावित क्षेत्र के स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। उधर, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश और तूफ़ानी हवाओं का रेड अलर्ट जारी किया है। स्थानीय लोगों में दहशत इस घटना के बाद सहस्त्रधारा क्षेत्र और आसपास के गाँवों में दहशत का माहौल है। लोग ऊँचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। कई परिवारों को अस्थायी शिविरों में पहुँचाया गया है।

आगे और पढ़ें
वित्त मंत्रालय में डिप्टी सेकेट्ररी को BMW कार ने मारी टक्कर हुई मौत पत्नी के साथ गुरुद्वारे से बाइक पर थे नवजोत सिंह

वित्त मंत्रालय में डिप्टी सेकेट्ररी को BMW कार ने मारी टक्कर हुई मौत

दिल्ली के कैंट मेट्रो स्टेशन के पास एक बीएमडब्लू कार ने बाइक को टक्कर मारी l ये बाइक केंद्रीय वित्त मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेट्री नवजोत सिंह चला रहे थे l उनकी मौत हो गई और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। BMW कार को एक महिला चला रही थी और उसके पति भी कार में मौजूद थे l डिप्टी सेक्रेट्री अपनी पत्नी के साथ बांग्ला साहब गुरुद्वारे से लौट रहे थे। इतने बड़े अधिकारी होने के बाद भी उनकी सादगी बेमिसाल थी। वो निजी उपयोग में सरकारी वाहन का उपयोग नहीं करते थे। जब कार ने उन्हें टक्कर मारी और तो उनकी बाइक बस से टकराई और वो गंभीर रूप से घायल हो गये l बीएमडब्लू कार चला रही महिला और उसके पति घायल नवजोत सिंह और उनकी पत्नी को कैब में अस्पताल ले गए। यहां भी गलती ये रही कि उन्हें 17 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर के अस्पताल ले जाया गया जहां नवजोत सिंह को मृत घोषित कर दिया गया। कार चलाने वाली महिला और उसके पति को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जो गुरुग्राम के रहने वाले हैं और कारोबारी हैं। एक्सीडेंट में कार भी बुरी तरह डैमेज हुई है ।

आगे और पढ़ें
राहुल गांधी का पंजाब दौरा: बाढ़ पीड़ितों से मिले, सरकार पर निशाना साधा

राहुल गांधी का पंजाब दौरा: बाढ़ पीड़ितों से मिले, सरकार पर निशाना साधा

अमृतसर/गुरदासपुर, 15 सितंबर 2025 पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ से हुई तबाही का जायज़ा लेने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सोमवार को पंजाब पहुँचे। उन्होंने अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र के घोनेवाल गांव से अपने दौरे की शुरुआत की। यहाँ उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, खेतों और टूटे हुए घरों का मुआयना किया और ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं। राहुल गांधी का कार्यक्रम अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जिलों के कई गांवों तक फैला है। उन्होंने गुरुद्वारा बाबा बुधा साहिब (रामदास, अमृतसर) में मत्था टेका और स्थानीय लोगों से बातचीत की। इसके बाद वे गुरदासपुर के गुरचाक और मककोरा पट्‌टन गांवों सहित सीमावर्ती क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे। बाढ़ से सबसे ज़्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। राज्य सरकार के मुताबिक अब तक लगभग 1.98 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। राहुल गांधी ने खेतों का मुआयना करते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों की हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज़ दिल्ली तक पहुँचाई जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों परिवार बेघर हो गए हैं। कई गांवों में सड़कें और पुल टूट गए हैं, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस-शासित राज्यों ने पंजाब की मदद के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। सिर्फ़ दौरा करना पर्याप्त नहीं है।” वहीं, पंजाब कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी का दौरा जनता के दुख-दर्द को करीब से समझने और समाधान निकालने की दिशा में एक अहम कदम है। – जनता की उम्मीदें ग्रामीणों ने राहुल गांधी से अपनी परेशानियाँ साझा करते हुए कहा कि बाढ़ के कारण उनका सबकुछ बर्बाद हो गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उन्हें उचित मुआवज़ा और राहत प्रदान करेंगी।

आगे और पढ़ें
पीएम मोदी का बिहार दौरा

पीएम मोदी का बिहार दौरा

पीएम मोदी का बिहार दौरा: पूर्णिया में बड़े विकास प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन, एयरपोर्ट व मखाना बोर्ड शामिल पूर्णिया (बिहार), 15 सितंबर 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पूर्णिया के दौरे पर रहे और यहां राज्य के लिए कई बड़े विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास किया। केंद्रीय नेतृत्व के अनुसार इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्थानीय बुनियादी ढांचे, परिवहन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।  पीएम ने इस दौरे के दौरान उत्तर बिहार के एक लंबे समय से प्रतीक्षित कदम के रूप में पूर्णिया एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का भी उद्धाटन किया, जिसे क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। साथ ही केंद्र और राज्य के सहयोग से कई लोक-कल्याणकारी और अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की घोषणा की गई, जिनकी कुल लागत मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक करीब ₹36,000–40,000 करोड़ के आसपास बताई जा रही है।  प्रधानमंत्री का यह दौरा उस राजनीतिक और विकासात्मक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है जिसमें बिहार अगले कुछ महीनों में निर्वाचन की तैयारियों के बीच है; केन्द्र की नीतियों और प्रोजेक्ट्स को स्थानीय स्तर पर दिखाने का यह एक रणनीतिक अवसर भी माना जा रहा है। पदयात्रा के एजेंडे में कृषि, ऊर्जा, रेल व महिला-समर्थन से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल थे, जिनके जरिए रोजगार और कनेक्टिविटी में बढ़ोतरी का दावा किया गया है।  इस यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल (कोलकाता) में 16वीं कम्बाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन भी किया — केंद्रीय कार्यक्रमों और राज्य यात्राओं का यह समन्वय बताता है कि इसी दिन पीएम कई राज्यों के कार्यक्रमों में जुड़े हुए थे। केंद्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 13-15 सितंबर के बीच कई पूर्वनिर्धारित राज्यों के दौरे का बयान जारी किया गया था।  स्थानीय प्रतिक्रिया के संदर्भ में, क्षेत्रीय राजनीतिक दलों व नागरिकों ने परियोजनाओं के लाभ-हानि दोनों पहलुओं पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए हैं — जहां कुछ लोगों ने विकास और कनेक्टिविटी की उम्मीद जताई, वहीं आलोचक परियोजनाओं की प्राथमिकता व चुनावी मकसद पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे समय में यह देखना बाकी है कि घोषित निवेश स्थानीय लोगों तक कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचेगा। 

आगे और पढ़ें
गलत इलाज से बुजुर्ग की मौत

गलत इलाज से बुजुर्ग की मौत

गलत इलाज से बुजुर्ग की मौत, अस्पताल में नशाखोरी और गंदगी का बोलबाला छतरपुर (मप्र) छतरपुर जिले के बक्सवाहा स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। ग्राम कुही किशनपुरा निवासी करीब 60 वर्षीय महेश पाटोदिया उर्फ टीकाराम की मौत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गलत इलाज और डॉक्टरों की लापरवाही के चलते हो गई। साधारण बुखार और जुकाम की शिकायत पर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टर ने दवा देने के साथ बोतल इंजेक्शन लगाया। लेकिन इंजेक्शन चढ़ते ही मरीज की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने बार-बार डॉक्टर को बुलाया, लेकिन समय पर मदद नहीं मिली और थोड़ी ही देर में मरीज ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि यह मौत सीधे तौर पर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नतीजा है। उनका कहना है कि यदि सही समय पर ध्यान दिया जाता और बेहतर उपचार मिलता तो मरीज की जान बच सकती थी। वहीं इस घटना ने अस्पताल की अंदरूनी हालत की पोल भी खोल दी है। अस्पताल परिसर में नशाखोरी और गंदगी का आलम इस कदर है कि रिकॉर्ड रूम के बाहर शराब की बोतलें पड़ी रहती हैं, महिला प्रसव कक्ष और शौचालय तक शराबखोरी के सबूत मिले हैं। गंदगी का स्तर इतना अधिक है कि अस्पताल इलाज का केंद्र कम और नशेड़ियों का अड्डा ज्यादा नजर आता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर समय पर अस्पताल में नहीं मिलते, दवाएं उपलब्ध नहीं होतीं और मरीजों को सही इलाज नहीं दिया जाता। इसके विपरीत अस्पताल में शराबखोरी आम हो गई है और यहां तक कि वार्ड और ड्रेसिंग रूम के बाहर भी आवारा कुत्ते और जानवर आराम फरमाते दिखाई देते हैं। इससे साफ है कि अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस घटना से ग्रामीणों में गुस्सा है। मृतक परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार डॉक्टरों व कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही अस्पताल में फैली गंदगी और नशाखोरी पर तुरंत रोक लगाई जाए और मरीजों को समय पर दवाएं और उचित इलाज उपलब्ध कराया जाए। यह कोई पहला मामला नहीं है जब बक्सवाहा अस्पताल की लापरवाही सामने आई हो। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर कभी कार्रवाई नहीं होती। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर दोषियों पर कार्रवाई करेगा या यह घटना भी पहले की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगी।

आगे और पढ़ें
PM Modi on his first visit after Manipur violence

हिंसा के बाद पहली बार दौरे पर पीएम मोदी

मणिपुर में शांति बहाली की बड़ी पहल, हिंसा के बाद पहली बार दौरे पर पीएम मोदी लंबे इंतजार के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मणिपुर का दौरा करेंगे। मई 2023 में भड़की नस्लीय हिंसा के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी। इस दौरान वे इंफाल और चुड़ा चांदपुर—दोनों इलाकों में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। 10,800 करोड़ की परियोजनाएं प्रधानमंत्री चुड़ा चांदपुर में 7,300 करोड़ और इंफाल में 3,600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा 2,500 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग की पांच परियोजनाएं, मणिपुर इंफोटेक डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और नौ जिलों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल भी शुरू किए जाएंगे। हिंसा के बाद बदले हालात 3 मई 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद कुकी और मैतेयी समुदायों के बीच हिंसा भड़की थी। हालात बिगड़ने पर फरवरी 2024 में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। सरकार ने इसके बाद दोनों समुदायों से लगातार बातचीत की और अब पीएम मोदी का यह दौरा शांति की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है। सियासी महत्व विपक्ष लगातार यह सवाल उठाता रहा है कि पीएम ने हिंसा के बाद मणिपुर का दौरा क्यों नहीं किया। ऐसे में यह यात्रा राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। मणिपुर के बाद प्रधानमंत्री असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में भी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

आगे और पढ़ें
रक्षा मंत्रालय ने झूंसी में 100 घरों पर लगाया लाल निशान, खाली करने का फरमान

रक्षा मंत्रालय ने झूंसी में 100 घरों पर लगाया लाल निशान, खाली करने का फरमान

प्रयागराज झूंसी के नए इलाक़े पूरे सूरदास में गुरुवार को हड़कंप मच गया, जब सेना ने करीब 100 मकानों और दुकानों पर लाल निशान लगाकर उन्हें खाली करने का फरमान जारी कर दिया। सेना का दावा है कि जिस ज़मीन पर ये घर और दुकानें बने हुए हैं, वह रक्षा मंत्रालय की संपत्ति है, जिस पर स्थानीय लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। अधिकारियों ने नोटिस जारी करते हुए मकान मालिकों को 17 सितंबर तक अपने घर और ज़मीन के दस्तावेज़ लेकर कार्यालय में पेश होने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि सेना की ज़मीन पर अवैध कॉलोनियां और पूरा मोहल्ला तक खड़ा हो चुका है। पहले भी मकान मालिकों को नोटिस दिया गया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। अब लाल निशान लगने के बाद पूरे क्षेत्र में खलबली मची हुई है और लोग अपने-अपने घरों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

आगे और पढ़ें
पूर्णिया एक्सप्रेस ट्रेन में आग- बोगी से धुआं उठते ही मची अफरा तफरी.....

पूर्णिया जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में आग- बोगी से धुआं उठते ही मची अफरा तफरी…..

साहिबाबाद 11 Sep 2025 10:03 AM तकरीबन 40 मिनट की मशक्कत के बाद बोगी में लगी आग पर काबू पा लिया गया है गाजियाबाद पैसेंजर लेकर बिहार के पूर्णिया जा रही पूर्णिया एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन की बोगी में अचानक आग लग जाने से यात्रियों में बुरी तरह से अफरा तफरी मच गई बोगी के अंदर से धुआं उठते देख घबराए पैसेंजर ट्रेन से कूद कर तुरंत नीचे आ गए।तकरीबन 40 मिनट की मशक्कत के बाद बोगी में लगी आग पर काबू पा लिया गया है साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में आनंद विहार से चलकर पूर्णिया जा रही एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन की लगेज बोगी से अचानक धुआं उठने लगा। बोगी से धुआं निकलते देखकर स्टेशन पर चारों तरफ तफरी मच गई। साहिबाबाद स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में सवार यात्री आग लगने की जानकारी मिलते ही तुरंत कूद कर नीचे आ गए बोगी में लगी आग ने भीतर रखे सामान को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड के जवान आग बुझाने वाली गाड़ी के साथ मौके पर पहुंच गए। घटना स्थल पर पहुंचे फायर, कर्मचारियों ने तुरंत कार्यवाही करते हुए आग में जल रही बोगी को बाकी ट्रेन से अलग कर दिया, ताकि पैसेंजर की जान को किसी तरह का खतरा नहीं हो सके। तकरीबन 40 मिनट की मशक्कत के बाद फायर कर्मियों ने स्पेशल ट्रेन की बोगी में लगी आग पर काबू पा लिया। ट्रेन को बाकी डिब्बों के साथ उसकी मंजिल की तरफ रवाना कर दिया गया।

आगे और पढ़ें

फर्रुखाबाद में महिला की मौत का खुलासा

आरोपी के साथ चार साल से चल रहे संबंध, दबाव के चलते लगाई आग फर्रुखाबाद। जहानगंज थाना क्षेत्र में बीते दिनों जली हुई हालत में अस्पताल पहुंची महिला की मौत के मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला ने खुद पेट्रोल डालकर आग लगाई थी। इस घटना के पीछे आरोपी युवक से चल रहे अवैध संबंध और साथ रहने का दबाव कारण बताया गया है। घटना 6 सितंबर की है। उस दिन महिला स्कूटी से दरियायगंज स्थित एक निजी नर्सिंग होम पहुंची थी। गंभीर हालत देखकर वहां मौजूद स्टाफ ने परिजनों को सूचना दी। परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लोहिया और फिर सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता ने जहानगंज थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी को युवक दीपक और उसके पांच अज्ञात साथियों ने पेट्रोल डालकर जला दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सीओ के नेतृत्व में पांच टीमें बनाई गईं और 24 घंटे के भीतर आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतका और आरोपी के बीच पिछले चार साल से संबंध थे। आरोपी महिला पर साथ रहने का दबाव बना रहा था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद महिला ने आहत होकर पेट्रोल डालकर खुद को आग के हवाले कर लिया। आग लगने के बाद वह आरोपी के कपड़े पहनकर इलाज कराने अस्पताल पहुंची थी। मोबाइल लोकेशन की जांच में भी दोनों की मौजूदगी एक साथ मिली। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय सिंह ने फतेहगढ़ पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

आगे और पढ़ें
Translate »