Mehul Choksi's ₹2,565 Cr Property to Be Auctioned

Mehul Choksi property auction: कोर्ट के आदेश के बाद भगोड़े मेहुल चोकसी के 2,565 करोड़ रुपये की संपत्तियों की होगी नीलामी

करोड़ों रुपये की बैंक धोखाधड़ी के आरोपी और फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी, दोनों साल 2018 में सुर्ख़ियों आये पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। यह घोटाला तकरीबन 14 हजार करोड़ का है। यह देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक माना जाता है। इस बीच मेहुल चोकसी की संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया (Mehul Choksi property auction) अब अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। जानकारी के मुताबिक मुंबई की एक विशेष अदालत ने 2,565 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की जब्त संपत्तियों को बेचने की इजाजत दे दी है। अब इस नीलामी से जो भी राशि प्राप्त होगी, उसे एफडी के रूप में बैंकों के नाम पर रखा जाएगा।  ताकि इससे प्रभावित खाताधारकों को उनकी रकम वापस की जा सके। गौरतलब हो अब तक गीतांजलि जेम्स लिमिटेड से जुड़ी संपत्तियों की बिक्री से तकरीबन 125 करोड़ रुपये की राशि पीड़ितों को लौटाई जा चुकी है। इन संपत्तियों में मुंबई स्थित सांताक्रूज के छह फ्लैट, दो फैक्ट्रियां और गोदाम भी शामिल हैं।  ईडी ने साल 2018 में चोकसी की 41 संपत्तियों को (Mehul Choksi property auction) किया था जब्त  बता दें कि ईडी ने साल 2018 में चोकसी और उनके समूह की 41 संपत्तियों को ₹1,217.2 करोड़ की राशि के साथ जब्त (Mehul Choksi property auction) किया था। जिनमें मुंबई में 15 फ्लैट्स और 17 कार्यालय परिसरों, कोलकाता में एक मॉल, अलीबाग में 4 एकड़ का फार्म हाउस इसके अलावा नासिक, नागपुर, पनवेल (महाराष्ट्र) और तमिलनाडु के विलुपुरम में 231 एकड़ भूमि के साथ-साथ हैदराबाद के रंगा रेड्डी जिले में 170 एकड़ का पार्क {जिसकी कीमत तकरीबन ₹500 करोड़ से है), मुंबई के बोरीवली (पूर्व) और सांताक्रूज़ (पूर्व) क्षेत्रों में फ्लैट्स। यही नहीं, मुंबई के सांताक्रूज़ इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग ज़ोन (SEEPZ) में दो कारखाने और गोदाम शामिल हैं।   इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? ईडी ने जब्त प्रॉपर्टी के नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी (Mehul Choksi property auction) है खैर, इसके अलावा मेहुल चोकसी की जब्त की संपत्तियों में मालाबार हिल उसकी वह भी प्रॉपर्टी है, जिसे ईडी ने जिसे जब्त किया है। उसके नीलामी की प्रक्रिया शुरू की  (Mehul Choksi property auction) है। गोकुल अपार्टमेंट मालाबार हिल जिसके 9/10 मंजिल पर मेहुल चोकसी का डुप्लेक्स फ्लैट है। उसने 11 वे मंजिल पर अवैध निर्माण किया है। बता दें कि फ्लैट के मेन गेट और दीवारों पर ईडी, सीबीआई के अलावा अलग-अलग बैंक के नोटिस, बीएमसी, सोसायटी और बिजली बिल की नोटिस चस्पा की गई है। यह फ्लैट करीबन सात हज़ार स्क्वायर फीट का है जिसकी क़ीमत करीबन 70 करोड़ है, जो अब खण्डर बन गया है।  बता दें कि मेहुल चोकसी और उसके भांजे नीरव मोदी पर 2018 में पीएनबी की ब्रैडी हाउस शाखा से तकरीबन 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है। हालाँकि मेहुल चौकसी के प्रत्यार्पण की बात चल रही है। इस मामले में भारत ने गुरुवार को कहा कि “वह भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए बेल्जियम के साथ मिलकर काम कर रहा है। भारत सरकार के औपचारिक अनुरोध के आधार पर शनिवार को चोकसी को बेल्जियम के एंटवर्प में गिरफ्तार किया गया।”  Latest News in Hindi Today Hindi news Mehul Choksi property auction #MehulChoksiAuction #PropertyAuction #FugitiveAssets #CourtOrder #ChoksiNews #EDIndia #IndianNews #AssetSeizure #BreakingNews #MoneyLaundering

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Ajmer Dargah case update

Ajmer Dargah Dispute: राजस्थान हाईकोर्ट ने अजमेर दरगाह विवाद में मुस्लिम पक्ष को नहीं दी राहत, इस दिन होगी अगली सुनवाई

विश्वप्रसिद्ध राजस्थान के अजमेर में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर विवाद (Ajmer Dargah Dispute) है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। दरगाह को लेकर उठे विवाद में फिलहाल मुस्लिम पक्ष को राहत नहीं मिल सकी है। राजस्थान हाईकोर्ट ने दरगाह की अंजुमन द्वारा दाखिल की गई याचिका पर कोई त्वरित फैसला नहीं सुनाया है और न ही जिला अदालत की सुनवाई पर कोई रोक ही लगाई है। अहम बात यह कि याचिका खारिज भी नहीं की गई है। कारण यही जो उम्मीद की एक धुंधली सी किरण अभी भी दिखाई दे रही है।  हाईकोर्ट ने तत्काल (Ajmer Dargah Dispute) हस्तक्षेप करने से कर दिया इनकार  गौरतलब हो कि यह याचिका दरगाह की देख-रेख करने वाली संस्था अंजुमन की ओर से दायर की गई थी। अंजुमन के अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में दलील देते हुए कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने अश्विनी उपाध्याय केस में स्पष्ट रूप से आदेश दिया है कि देशभर की अदालतों में धार्मिक स्थलों से जुड़े नए मुकदमे स्वीकार न किए जाएं, सर्वे न कराए जाएं और कोई निर्णायक आदेश पारित न हो। इसके बावजूद अजमेर की सिविल कोर्ट लगातार दरगाह विवाद से जुड़ी सुनवाई कर रही है, जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है। यही नहीं, हाईकोर्ट को यह भी जानकारी दी गई कि “अजमेर की सिविल कोर्ट में कल यानी 19 अप्रैल को इस मामले की फिर सुनवाई होनी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप से इनकार कर (Ajmer Dargah Dispute) दिया और अब अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय कर दी है।” इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने इस याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की (Ajmer Dargah Dispute) की मांग  प्राप्त जानकारी के मुताबिक अंजुमन की याचिका में केंद्र सरकार समेत 8 पक्षों को शामिल किया गया है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने इस याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की मांग (Ajmer Dargah Dispute) की। दरअसल, उनका तर्क था कि “अजमेर की जिला अदालत में चल रहे मुकदमे में अंजुमन अब तक पक्षकार नहीं है, ऐसे में वह हाईकोर्ट में हस्तक्षेप की मांग कर ही नहीं सकती। हालांकि, अंजुमन की तरफ से यह स्पष्ट किया गया कि “उन्होंने खुद को पक्षकार बनाने की मांग को लेकर सिविल कोर्ट में याचिका दायर की हुई है। शनिवार को होने वाली सुनवाई में अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह व्यक्तिगत रूप से अपनी दलीलें पेश करेंगे।” बता दें कि दरगाह से जुड़ा यह विवाद न सिर्फ कानूनी मामला है, बल्कि एक भावनात्मक और सांस्कृतिक मामला भी बन चुका है। कहने की जरूरत नहीं अब सभी की निगाहें राजस्थान हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।   Latest News in Hindi Today Hindi news Ajmer Dargah Dispute #AjmerDargah #RajasthanHighCourt #DargahDispute #AjmerNews #LegalUpdate #CourtNews #MuslimCommunity #IndiaNews #HighCourtVerdict #AjmerCase

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Gayatri Mantra

गायत्री मंत्र जाप का सही तरीका: जानें कब, कैसे और क्यों करें इस दिव्य मंत्र का उच्चारण

हिंदू धर्म में मंत्रों का विशेष महत्व है और उन मंत्रों में भी गायत्री मंत्र को सबसे शक्तिशाली और पवित्र माना जाता है। यह मंत्र न केवल आध्यात्मिक उत्थान के लिए प्रभावशाली है, बल्कि मानसिक शांति, बुद्धि, ऊर्जा और आध्यात्मिक बल को भी बढ़ाता है। लेकिन अक्सर लोग बिना विधि-विधान और उचित जानकारी के मंत्र का जाप करने लगते हैं, जिससे उन्हें लाभ की जगह हानि भी हो सकती है। इस लेख में हम जानेंगे कि गायत्री मंत्र का जाप कब और कैसे करना चाहिए, इसके नियम क्या हैं और कौन-कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए। गायत्री मंत्र क्या है? ॐ भूर् भुवः स्वः, तत् सवितुर् वरेण्यं, भर्गो देवस्य धीमहि, धियो यो नः प्रचोदयात्” — इस मंत्र का उच्चारण वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा और कंपन भर देता है। ‘ॐ’ की ध्वनि अपने आप में ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतीक है, और इसके जाप से शरीर और मन दोनों को लाभ मिलता है। जब पूरा मंत्र पढ़ा जाए, तो इसका भावार्थ होता है— “हे दिव्य शक्ति! कृपया अपनी शुद्ध और दिव्य ऊर्जा से सम्पूर्ण सृष्टि को आलोकित करें। हमारे मन की अज्ञानता और अंधकार को दूर करें और हमें ज्ञान, विवेक और आध्यात्मिक शक्ति से भर दें।” यह मंत्र ईश्वर से प्रार्थना है कि वह हमारे विचारों को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करें और हमें सच्चाई की राह दिखाएं।  गायत्री मंत्र जाप का सही समय गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) के जाप से लाभ पाने के लिए उचित समय और विधि का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस मंत्र का जप दिन में तीन बार करना अत्यंत शुभ माना गया है। पहला जाप सूर्योदय से पूर्व यानी भोर में, दूसरा दोपहर के समय और तीसरा सूर्यास्त से पहले संध्या के दौरान करना चाहिए। मंत्र जप करते समय तुलसी या चंदन की माला का उपयोग करें और कुश के आसन पर बैठें। साथ ही, मुख की दिशा पूर्व या पश्चिम की ओर रखें। यह विशेष रूप से ध्यान रखें कि सूर्यास्त के बाद गायत्री मंत्र का उच्चारण नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह समय मंत्र जाप के लिए उचित नहीं माना जाता।  गायत्री मंत्र की 24 अक्षरों में छुपी हैं जीवन को संवारने वाली शक्तियां गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) में कुल 24 अक्षर होते हैं और प्रत्येक अक्षर एक विशेष शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। इन शक्तियों में सफलता की शक्ति, पराक्रम की शक्ति, पालन और कल्याण की शक्ति, योग और प्रेम की शक्ति, धन और तेज की शक्ति, रक्षा और बुद्धि की शक्ति शामिल हैं। इसके अलावा, दमन, निष्ठा, धारण, प्राण, मर्यादा, तप, शांति, काल, उत्पादकता, रस, आदर्श, साहस, विवेक और सेवा जैसी शक्तियां भी इस मंत्र से जुड़ी हैं। ये सभी 24 शक्तियां मानव जीवन को सशक्त, संतुलित और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक मानी जाती हैं। गायत्री मंत्र का नियमित जाप इन गुणों को जाग्रत करने में मदद करता है। इसे भी पढ़ें:-  पहली बार रख रही हैं व्रत? जानें संपूर्ण विधि और जरूरी सावधानियां रोज़ 108 बार गायत्री मंत्र जाप करने के फायदेऐसा माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन 108 बार गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) का जाप करता है, तो उसकी स्मरण शक्ति तेज़ होती है और बुद्धि का विकास होता है। यह मंत्र विवेक, आत्मबल और मानसिक स्थिरता प्रदान करता है। विशेष रूप से छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और मानसिक तनाव से गुजर रहे लोगों के लिए यह अत्यंत लाभकारी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गायत्री मंत्र के नियमित जाप से जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति आती है। साथ ही यह भीतर की नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Gayatri Mantra #GayatriMantra #MantraChanting #SpiritualPractice #DailyMantra #VedicMantra #HinduSpirituality #DivineChanting #MeditationMantra #MorningRituals #PowerfulMantra

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Mother kills sons

Mother Kills Sons: पति ने कही ऐसी बात कि दोनों बेटों का गला रेतने के बाद महिला ने दी कूदकर जान

पति-पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का होता है। जन्मजन्मांतर के लिए एक दूसरे के बंधन में बंधने वाले हर पति-पत्नी में थोड़ी बहुत तो तू-तू , मैं-मैं होती ही है। मामूली विवाद होना आम बात है। लेकिन कभी-कभी विवाद इस कदर बढ़ जाता है कि नौबत आत्महत्या या हत्या तक आ जाती है। इसी तरह का एक मामला प्रकाश में आया है तेलंगाना के हैदराबाद से, जहाँ एक पत्नी अपने पति की बातों से इस कदर आहात हुई कि पहले उसने अपने दो मासूम बेटों को मौत के घाट (Mother Kills Sons) उतार दिया और फिर खुद भी छत से कूद कर आत्महत्या कर ली। दिल को दहला देने वाली यह घटना हैदराबाद के जीदीमेटला पुलिस थाना क्षेत्र के गजुला रामाराम की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 32 वर्षीय तेजस्विनी अपने दो बच्चों और पति के साथ रहा करती थी। खैर, घर में आये दिन पति से उसकी बहस हुआ करती थी। दरअसल, तेजस्विनी कई वर्षों से आंखों की बीमारी से पीड़ित थीं। जाहिर सी बात है, माँ की बीमारी का असर उसके बेटों पर भी पड़ा। उन्हें दिखाई पड़ सके इसलिए हर चार घंटे के अंतराल में आँख में दवा डालनी पड़ती थी। इस बीमारी में उन्हें काफी परेशानी होती थी।  पति की बात इस कदर चुभी कि कर (Mother Kills Sons) ली आत्महत्या  इस बीमारी से न सिर्फ तेजस्विनी बल्कि उसका पति भी परेशान था। उसे लगता था कि तेजस्विनी के कारण ही उसके बच्चों को भी नाहक ही परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके चलते पति-पत्नी के बीच रोजाना लड़ाई-झगड़ा हुआ करता था। कई बार तो नौबत हाथापाई तक आ जाती थी। कहते हैं कि झगड़े के दौरान उसका पति कथित तौर पर कहा करता था कि “यदि तुम मरना चाहती हो, तो मर जाओ।” इस कदर कसर उसका पति उसे ताने मारा करता था। रोज-रोज के तानों से वो तंग आ चुकी थी। जाहिर सी बात है एक तो बीमारी ऊपर से अपने ही पति की कड़वी बातें किसी के भी मनोबल को गिरा सकती है। ऐसे ही एक दिन दोनों के बीच जमकर झगड़ा हुआ। इस झगड़े में आदतन पति ने फिर कहा कि “यदि तुम मरना चाहती हो, तो मर जाओ।” झगड़े के दौरान पति की कही हुई ये बात पत्नी तेजस्विनी को इस कदर चुभी कि उसने आत्महत्या कर (Mother Kills Sons) ली। इस बीच आत्महत्या करने से पहले उसने सबसे पहले एक 6 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर नारियल काटने वाले चाकू से गला रेता (Mother Kills Sons) बेटों का गला  जानकारी के मुताबिक सुसाइड नोट लिखने के बाद उसने बड़ी बेदर्दी से अपने दोनों बेटों अर्शित रेड्डी और आशीष रेड्डी की नारियल काटने वाले चाकू से गला रेत (Mother Kills Sons) दिया। बेटों को मौत की नींद सुलाने के बाद उसने खुद भी 5 मंजिला अपार्टमेंट की इमारत से कूदकर अपनी जान दे दी। बड़ा बेटा अर्शित और तेजस्विनी जगह पर ही दम तोड़ चुके थे। छोटे बेटे की साँसे अभी चल रही थी। इस बीच जैसे ही इस घटना की जानकारी घरवालों को हुई, आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अफ़सोस इससे पहले कि वो अस्पताल पहुँच पता उसकी भी साँसे उखड़ चुकी थी। मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई। पुलिस ने बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया और मामले की छानबीन करनी शुरू कर दी। तभी पुलिस को तेजस्विनी का सुसाइड नोट हाथ लगा। अपने सुसाइड नोट में उसने कहा कि “इन-इन परिस्थितियों के कारण उसने अपने बच्चों को मार डाला और खुद भी जान दे दी।” खैर, कहने की जरूरत नहीं, पल भर के गुस्से ने एक हँसते खेलते परिवार को हमेशा के लिए मौत की आगोश में सुला दिया।  Latest News in Hindi Today Hindi News Mother Kills Sons #MotherKillsSons #MurderSuicide #CrimeNews #ShockingCrime #FamilyTragedy #IndiaNews #DomesticDispute #WomanKillsChildren #SuicideNews #HeartbreakingNews

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US plane hijack

US plane hijack: अमेरिकी शख्स ने की प्लेन को हाइजैक करने की कोशिश, पैसेंजर ने विमान में ही मारी गोली, कई लोग घायल

मध्य अमेरिका के पूर्वी तट पर स्थिति बेलीज में एक छोटे विमान को हाईजैक करने (US plane hijack) की कोशिश की गई। यह घटना उस समय हुई जब बेलीज की ट्रॉपिक एयर का एक विमान कोरोजाल शहर से 14 यात्रियों के साथ उड़ान भर चुका था। विमान कोरोजल से सैन पेड्रो जा रहा था। इस बीच एक अमेरिकी नागरिक ने इस विमान को हाईजैक करने की कोशिश की। न सिर्फ हाईजैक की बल्कि इस दौरान चाकू से पायलट और यात्रियों पर हमला भी किया गया। इसी बीच विमान में सवार एक अन्य यात्री ने हाईजैक की कोशिश करने वाले शख्स को गोली मार दी।  यात्री द्वारा चलाई गई गोली लगने से मारा (US plane hijack) गया हाईजैकर  बेलीज के पुलिस आयुक्त चेस्टर विलियम्स ने आगे कहा कि “टेलर एक यात्री द्वारा चलाई गई गोली लगने से मारा (US plane hijack) गया। यात्री के पास बंदूक रखने का लाइसेंस था और उसने बाद में बंदूक पुलिस को सौंप दी।” इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि “टेलर की मांग थी कि उसे देश से बाहर ले जाया जाए।” यही नहीं बेलीज में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ल्यूक मार्टिन ने बताया कि “टेलर ने अमेरिका ले जाने की मांग की थी।” इस बीच न्यूयॉर्क पोस्ट ने अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बताया कि “चाकू से लैस एक अमेरिकी नागरिक ने विमान को हाईजैक करने के प्रयास में यात्रियों पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला करना शुरू कर दिया। इस दौरान विमान में मौजूद तीन लोग घायल हो गए।   हमलावर की पहचान अमेरिकी नागरिक अकिनीला सावा टेलर के (US plane hijack) रूप में हुई चेस्टर विलियम्स के अनुसार, हमलावर की पहचान अमेरिकी नागरिक अकिनीला सावा टेलर के (US plane hijack) रूप में हुई। उसने जिस ट्रिपोक एयर विमान का अपहरण किया था उसमें 14 यात्री और चालक दल के दो सदस्य सवार थे। सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से हवाई अड्डे पर उतर गए हैं। बेलीज और अमेरिका दोनों ने इस घटना की पुष्टि की है। अपहरण की यह घटना बृहस्पतिवार को स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग साढ़े आठ बजे हुई। अपहरण के बाद विमान कई घंटों तक इधर-उधर चक्कर लगाता रहा। आखिरकार अंत में उसे तटीय शहर लेडीविले के हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। इसे भी पढ़ें:– कोंडागांव-नारायणपुर सीमा के पास मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली कमांडर ढेर, एनकाउंटर घायल यात्रियों और पायलट का अस्पताल में इलाज चल रहा है अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि “घटना के बारे में विस्तृत जानकारी (US plane hijack) जुटाई जा रही है।” तो वहीं इस पूरी घटना पर एयरलाइंस कंपनी के सीईओ मैक्सिमिलियन ग्रीफ ने कहा कि “पायलट ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उसने विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए कहा, यह आसान नहीं होता है।” घायल यात्रियों और पायलट का अस्पताल में इलाज चल रहा है। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस आयुक्त विलियम्स ने हस्तक्षेप करने वाले और टेलर को गोली मारने वाले यात्री की प्रशंसा करते हुए उसे “हीरो” कहा। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि “टेलर विमान में चाकू कैसे ले आया। जानकारी के मुताबिक बेलीज के अधिकारियों ने घटना की जांच में सहायता के लिए अमेरिकी दूतावास से संपर्क किया है।” Latest News in Hindi Today Hindi news US plane hijack #USPlaneHijack #PlaneHijackAttempt #FlightShooting #PassengerShootsHijacker #USNews #AviationSecurity #EmergencyLanding #InFlightIncident #BreakingNews #HijackFoiled

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Hindi Language Dispute

Hindi language dispute: हिंदी भाषा विवाद को लेकर राज ठाकरे के घर अहम बैठक, नई शिक्षा नीति पर होगी चर्चा

नई शिक्षा नीति के तहत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा स्कूलो में कक्षा 1 से कक्षा 5 तक हिंदी पढ़ाए जाने के ऐलान के बाद महाराष्ट्र में हिंदी भाषा का विवाद पुनः गर्माता जा रहा है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे ने इसका खुलकर विरोध किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “वह हिंदू हैं लेकिन हिंदी स्वीकार नहीं हैं।’ खबर है कि इससे जुड़े मुद्दों पर राज ठाकरे के घर आज (Hindi language dispute) पार्टी के नेता चर्चा करने वाले हैं। खबर के मुताबिक राज ठाकरे ने एमएनएस के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई है। शुक्रवार सुबह 11 बजे राज ठाकरे के घर शिवतीर्थ पर ये बैठक होगी। इस बैठक पर में महाराष्ट्र में लागू किए गए नई शिक्षा नीति के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। कहा जा रहा है कि हिंदी विरोध के मुद्दे पर जनता के बीच कैसे जाएं? कैसे मराठी लोगों और मराठी संगठनों को इस मुद्दे के साथ जोड़ा जाए? इन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बता दें कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन के बाद, 2025-26 शैक्षणिक वर्ष से मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए हिंदी अनिवार्य तीसरी भाषा होगी। इसको लेकर तमिलनाडु के बाद अब महाराष्ट्र में विरोध होने लगा है। स्कुलों में पहली कक्षा से हिंदी पढ़ाने का विरोध कर (Hindi language dispute) रहे हैं राज ठाकरे  दरअसल, मनसे प्रमुख राज ठाकरे स्कुलों में पहली कक्षा से हिंदी पढ़ाने का विरोध कर (Hindi language dispute) रहे हैं। राज ठाकरे का कहना है की “हम हिंदू हैं, लेकिन हिंदी नहीं। सरकार अगर फैसले को पीछे नहीं लेती है, तो संघर्ष अटल है।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक गुरुवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “हम हिंदू हैं, लेकिन हिंदी नहीं! अगर आप महाराष्ट्र को हिंदी के रूप में चित्रित करने की कोशिश करेंगे, तो महाराष्ट्र में संघर्ष होना तय है। अगर आप यह सब देखेंगे, तो आपको लगेगा कि सरकार जानबूझकर यह संघर्ष पैदा कर रही है। क्या यह सब आगामी चुनावों में मराठी और गैर-मराठी लोगों के बीच संघर्ष पैदा करने और इसका फायदा उठाने की कोशिश है?’ हालाँकि इस बीच राज ने यह भी कहा कि “हिंदी राष्ट्रीय भाषा नहीं है, फिर इसे महाराष्ट्र में छात्रों को शुरू से ही क्यों पढ़ाया जाना चाहिए।” ठाकरे ने एक्स पर लिखा कि “आपका त्रिभाषी फॉर्मूला जो भी हो, उसे सरकारी मामलों तक सीमित रखें, शिक्षा में न लाएं।” इसे भी पढ़ें:–  महाराष्ट्र में कक्षा 5वीं तक हिंदी अनिवार्य किए जाने पर आग बबूला हुए राज ठाकरे ने कहा, “यह बर्दाश्त नहीं” राज्य सरकार के फरमान के बाद सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक तीसरी भाषा के रूप में हिंदी पढ़ना (Hindi language dispute) होगा अनिवार्य  गौरतलब हो कि पिछले दिनों दक्षिण भारत के तमिलनाडु में हिंदी को लेकर विवाद हुआ था। अब महाराष्ट्र भी इसकी जद में आ गया (Hindi language dispute) है। राज्य सरकार के फरमान के बाद सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक तीसरी भाषा के रूप में हिंदी पढ़ना अनिवार्य होगा। आदतन राज्य सरकार के इस फैसले का राज ठाकरे ने विरोध किया है। ठाकरे ने अपने एक बयान में कहा है कि “मैं स्पष्ट शब्दों में कहता हूं कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना इस अनिवार्यता को बर्दाश्त नहीं करेगी।”  इस बीच राज ने आरोप लगाया कि “यह कदम महाराष्ट्र की संस्कृति और भाषा को कमजोर करने का प्रयास है। महाराष्ट्र की एक पहचान है और हम मराठी भाषा के सम्मान की रक्षा करेंगे।” अहम बात यह कि राज ठाकरे की यह नाराजगी ऐसे वक्त पर सामने आई है जब फडणवीस सरकार के फैसले सफाई दे चुके हैं। बता दें कि इससे पहले उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज ठाकरे से मुलाकात की थी। ऐसे में देखना दिलचस्प यह कि हिंदी विरोध का यह मामला किस ओर करवट लेता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Hindi language dispute #HindiLanguageDispute #RajThackeray #NEP2020 #LanguagePolitics #MaharashtraNews #MarathiVsHindi #HindiImposition #EducationPolicyIndia #PoliticalDebate #LanguageRow

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Mumbai Indians Crush Sunriser

Mumbai Indians big win: एकतरफा मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी दी शिकस्त

18 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025का 33वां मुकाबला मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को 4 विकेट से करारी (Mumbai Indians big win) शिकस्त दी। दरअसल, मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इस तरह पहले बल्लेबाजी करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही। उसके सभी बल्लेबाज फ्लॉप साबित हुए। टीम की तरफ से कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं जड़ सका। हैदराबाद की ओर से अभिषेक शर्मा ने सबसे ज्यादा 40 रन बनाए। लड़खड़ाती बल्लेबाजी की बदौलत हैदराबाद महज 162 रन ही बना पाई। विल जैक्स ने मुंबई के लिए सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए। इसके अलावा टीम के लिए जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट और कप्तान हार्दिक पांड्या ने 1-1 विकेट झटके। तो वहीं दीपक चाहर मुंबई इंडियंस के लिए सबसे महंगे साबित हुए, उन्होंने 4 ओवर में 11.80 की इकोनॉमी के साथ 47 रन लुटाए। इस जीत में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों ने (Mumbai Indians big win) निभाई अहम भूमिका 162 रन का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियन की टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए पारी की शुरुआत की। मुंबई इंडियंस ने इस स्कोर को 18.1 ओवर में हासिल कर लिया। मुंबई ने 4 विकेट रहते आसानी से मुकाबले को अपने नाम कर लिया। मुंबई की इस जीत के सबसे बड़े हीरो विल जैक्स रहे। उन्होंने सबसे अधिक 36 रन बनाए। इसके अलावा सूर्यकुमार यादव ने 26 तो रियान रिकल्टन ने 31 रन का योगदान दिया। हैदराबाद के लिए सबस अधिक 3 विकेट कप्तान पैट कमिंस ने लिए। उन्होंने पहले रोहित शर्मा को 26 रन के स्कोर पर पवेलियन का रास्ता दिखाया फिर इसके बाद सूर्यकुमार यादव और विल जैक्स को चलता किया। इसके अलावा ईशान मलिंगा ने अंत में हार्दिक पांड्या और नमन धीर को आउट किया। कहने की जरूरत नहीं इस जीत में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों ने (Mumbai Indians big win) अहम भूमिका निभाई। इसे भी पढ़ें:- आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स को केकेआर से मिली करारी शिकस्त मुंबई इंडियंस ने 11 गेंद शेष रहते ही जीत (Mumbai Indians big win) लिया मुकाबल  सनराइजर्स हैदराबाद की हार की सबसे बड़ी वजह उनकी बल्लेबाजी रही। हैदराबाद की टीम अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती है। कारण यही जो फैंस को वानखेड़े में एक बड़े स्कोर की उम्मीद थी। लेकिन मुंबई इंडियंस ने हैदराबाद के फैंस की इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया और 11 गेंद शेष रहते ही मुकाबल जीत (Mumbai Indians big win) लिया। इसके साथ ही मुंबई को 7 मैच में तीसरी जीत मिली, जबकि सनराइजर्स की सात मैचों यह पांचवी हार है। इसके अलावा बता दें कि आईपीएल में मुंबई इंडियंस के धाकड़ बल्लेबाज़ रोहित शर्मा ने अपना दबदबा साबित करते हुए एक और शानदार रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई में खेले गए मुकाबले में रोहित ने इतिहास रच दिया। दरअसल, मैच के दौरान जब रोहित ने मोहम्मद शमी की गेंद को डीप थर्ड मैन के ऊपर से शानदार छक्का जड़ा। इस छक्के के साथ ही उन्होंने वानखेड़े स्टेडियम पर अपने 100वें छक्के का आंकड़ा भी पार कर लिया।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Mumbai Indians big win #MumbaiIndians #MIvsSRH #IPL2025 #CricketHighlights #MIWin #SRHvsMI #IPLT20 #CricketNews #OneSidedMatch #MumbaiIndiansVictory

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Hindi compulsory in Maharashtra

Raj Thackeray Slams Hindi Rule: महाराष्ट्र में कक्षा 5वीं तक हिंदी अनिवार्य किए जाने पर आग बबूला हुए राज ठाकरे ने कहा, “यह बर्दाश्त नहीं”

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार ने महाराष्ट्र में कक्षा 5वीं तक हिंदी पढ़ने को अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, महाराष्ट्र के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक तीसरी भाषा के रूप में हिंदी पढ़ना अनिवार्य होगा। जैसे कि इस आदेश के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे की प्रक्रिया अपेक्षित थी। और आई भी। राज्य सरकार के इस फैसले का महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कड़ा विरोध (Raj Thackeray Slams Hindi Rule) किया है। एक बयान जारी करते हुए राज ने कहा कि “मैं स्पष्ट शब्दों में कहता हूं कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना इस अनिवार्यता को बर्दाश्त नहीं करेगी।” इस मुद्दे पर अपनी चिंता और नाराजगी व्यक्त करते हुए, राज ठाकरे ने ट्वीट किया कि महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदी को अनिवार्य बनाना हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। केंद्र सरकार की ये कोशिशें महाराष्ट्र में हिंदी को थोपने की हैं, जो पूरी तरह गलत है। हिंदी राष्ट्रीय भाषा नहीं, बल्कि एक राज्य भाषा है, जैसे अन्य भाषाएं हैं। इसे शुरू से ही महाराष्ट्र में क्यों पढ़ाया जाना चाहिए? आपका जो भी त्रिभाषी फॉर्मूला है, उसे सरकारी मामलों तक सीमित रखें, शिक्षा में न लाएं।” वे आपको भड़काकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना (Raj Thackeray Slams Hindi Rule) चाहते हैं राज ठाकरे ने कहा कि “हम हिंदू हैं, लेकिन हिंदी नहीं, अगर आप महाराष्ट्र को हिंदी के रंग में रंगने की कोशिश करेंगे, तो महाराष्ट्र में संघर्ष होना तय है। अगर आप यह सब देखेंगे, तो आपको लगेगा कि सरकार जानबूझकर यह संघर्ष पैदा कर रही है। क्या यह सब आने वाले चुनावों में मराठी और गैर-मराठी के बीच संघर्ष पैदा करने और उसका फायदा उठाने की कोशिश है? इस राज्य के गैर-मराठी भाषी लोगों को भी सरकार की इस योजना को समझना चाहिए। ऐसा नहीं है कि उन्हें आपकी भाषा से कोई खास प्यार है। वे आपको भड़काकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना (Raj Thackeray Slams Hindi Rule) चाहते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि “भारतीय संविधान में भाषा के आधार पर राज्यों का गठन किया गया है और अब इस पर हमला किया जा रहा है।” राज ने आरोप लगाते हुए कहा कि “यह कदम महाराष्ट्र की संस्कृति और भाषा को कमजोर करने का प्रयास है। महाराष्ट्र की एक पहचान है और हम मराठी भाषा के सम्मान की रक्षा करेंगे।” इसे भी पढ़ें:–  दिग्विजय सिंह का कबूलनामा, बाबरी मस्जिद शहीद होने पर हमने करवाए दंगे? क्या किसी दक्षिणी राज्य में भी हिंदी को अनिवार्य (Raj Thackeray Slams Hindi Rule) किया जाएगा? इसके अलावा राज ठाकरे ने सरकार पर निशाना साधते (Raj Thackeray Slams Hindi Rule) हुए कहा कि “जब राज्य की आर्थिक हालत खस्ता है, युवा बेरोजगार हैं और किसानों के कर्ज माफी का वादा पूरा नहीं हुआ, तो सरकार इस मुद्दे को उछाल कर चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही है।” खैर, इस बीच उन्होंने यह भी पूछा कि “क्या किसी दक्षिणी राज्य में भी हिंदी को अनिवार्य किया जाएगा?अगर ऐसा होता, तो वहां की सरकारें इसका विरोध करतीं।” यही नहीं इस दौरान मनसे प्रमुख ने मुख्यमंत्री और अन्य सत्ताधारी नेताओं से अपील की कि “वे इस फैसले को वापस लें और महाराष्ट्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान करें।” बता दें कि इसके साथ ही, उन्होंने मराठी बोलने वाले सभी लोगों से इस मुद्दे के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाने की अपील भी की। Latest News in Hindi Today Hindi news  #RajThackeray #HindiRule #MaharashtraNews #LanguageDebate #HindiControversy #MNSNews #MarathiVsHindi #SchoolPolicy #EducationNews #BreakingNews

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Digvijaya Singh's Confession on Babri Masjid Riots

Digvijaya Singh confession: दिग्विजय सिंह का कबूलनामा, बाबरी मस्जिद शहीद होने पर हमने करवाए दंगे?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अक्सर अपने बड़बोलेपन की वजह से सुर्ख़ियों में बने रहते हैं। चाहे वो 9/11 के आतंकी ओसामा को ओसामाजी कहना हो या फिर 26/11 मुंबई हमलों का मुख्य आरोपी हाफिज सईद की हाफिज साहब कहना हो। इस बार तो दिग्विजय ने एक ऐसा बयान दे दिया (Digvijaya Singh confession) है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल इस वीडियो में वो यह कहते सुने जा सकते हैं कि “बाबरी मस्जिद शहीद हुई तब हमने हिन्दू मुसलमानों को जोड़कर दंगा फसाद होने में पूरी कोशिश की।” दरअसल, शाजापुर के चौबदार वाडी में मुस्लिम समाज द्वारा सद्भावना सम्मेलन का कार्यक्रम रखा गया था। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सभा को संबोधित करते हुए उनकी  जुबान फिसल गई।  हिंदू-मुसलमानों को जोड़कर हमने दंगा फसाद होने में पूरी कोशिश की (Digvijaya Singh confession)- दिग्विजय सिंह सभा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि ”बाबरी मस्जिद जब शहीद हुई थी, उस समय में कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष हुआ करता था। मैंने लगभग दो हफ्ते तक प्रदेश कांग्रेस कमिटी के दफ्तर में रात बिताई। घर नहीं जाता था। लेकिन हिंदू-मुसलमानों को जोड़कर हमने दंगा फसाद होने में पूरी कोशिश की। भोपाल में 1947 में भी ऐसे दंगा नहीं हुआ, लेकिन बाबरी मस्जिद गिरने पर दंगा (Digvijaya Singh confession) हुआ।” यहां उन्होंने दंगा फसाद रोकने की बजाय दंगा फसाद होने में पूरी कोशिश कह दिया। दरअसल, दिग्विजय सिंह कहना चाहते थे कि दंगा फसाद रोकने की कोशिश की, लेकिन आदतन उनकी जुबान फिसल गई। अब कांग्रेस नेता का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।  इसे भी पढ़ें:–  वक्फ कानून पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, इस बात को लेकर है विरोध मेरे बयान को तोड़ मरोड़ के पेश (Digvijaya Singh confession) किया गया- दिग्विजय सिंह View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jai.rashtranews) इस बीच वीडियो वायरल होने पर दिग्विजय सिंह ने अपने इस बयान पर कहा कि “मेरे बयान को तोड़ मरोड़ के पेश (Digvijaya Singh confession) किया गया। मेरे बयान से बीजेपी के नेताओं ने ना हटा दिया। पूरा देश जानता है, दिग्विजय सिंह दंगे के खिलाफ है। मैंने ये कहा था कि 15 दिन पीसीसी दफ्तर में सोया था। हिंदू, मुसलमानों के साथ मिलकर दंगा फसाद ना हो इसका प्रयास किया था। सिर्फ मेरे बयान से ना ही तो हटाना था।” इसके अलावा बाबरी मस्जिद को शहीद बताने वाले बयान पर दिग्विजय ने कहा कि “हां मैंने शहीद कहा है, किसी पूजास्थल को जबरदस्ती गिराओगे तो क्या कहेंगे।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के दंगे भड़काने के बयान पर मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने उन पर निशाना साधते हुए एक ट्वीट किया। और ट्वीट करते हुए कहा कि “सुनिए दिग्विजय सिंह का कबूलनामा।” उन्होंने आगे कहा कि “बाबरी मस्जिद को शहीद कहने वाले दिग्विजय सिंह ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने दंगे करवाए। दिग्विजय सिंह की मानसिकता हिन्दू विरोधी है। कांग्रेस ने हर समय दंगे भड़काने का काम किया है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Digvijaya Singh confession #DigvijayaSingh #BabriMasjid #RiotsConfession #IndianPolitics #CongressNews #HindutvaPolitics #BreakingNewsIndia #PoliticalScandal #AyodhyaControversy #DigvijayaStatement

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SC Refuses Stay on Waqf Act, Next Hearing Date Revealed

SC refuses stay Waqf: सर्वोच्च न्यायालय ने वक्फ कानून पर रोक नहीं लगाई रोक, कही यह बड़ी बात, इस दिन होगी अगली सुनवाई

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि “बगैर सरकार का पक्ष सुने, वक्फ कानून पर स्टे नहीं लगाया (SC refuses stay Waqf) जाए। जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का वक्त दिया जाए।” इससे सहमत होते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। यही नहीं, सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाते हुए कहा कि “वक्फ या वक्फ बाय यूजर की जो संपत्तियां पहले से रजिस्टर्ड हैं, सरकार उन्हें गैर-अधिसूचित नहीं करेगी।  अगले आदेश तक वक्फ के स्टेट्स में कोई बदलाव (SC refuses stay Waqf) नहीं होगा-सर्वोच्च न्यायालय सुनवाई के दौरान भारत के शीर्ष न्यायालय ने साथ ही यह भी कहा कि “इस बीच केंद्रीय वक्फ परिषद और बोर्डों में कोई नियुक्ति नहीं होनी चाहिए।” इसके साथ ही वक्फ एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि “अगले आदेश तक वक्फ के स्टेट्स में कोई बदलाव (SC refuses stay Waqf) नहीं होगा। साथ ही सीजेआई ने आदेश में कहा कि “मामले में इतनी सारी याचिकाओं पर विचार करना असंभव, केवल पांच पर ही सुनवाई होगी। अगली सुनवाई से केवल 5 रिट याचिकाकर्ता ही न्यायालय में उपस्थित होंगे।” इस बीच अदालत ने साफ कहा है कि “सभी पक्ष आपस में तय करें कि उनकी पांच आपत्तियां क्या हैं। इसके साथ ही उन्होंने दोनों पक्षों को नोडल काउंसल नियुक्त करने का आदेश दिया गया है।” फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून पर रोक नहीं लगाया है।  इसे भी पढ़ें:–  वक्फ कानून पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, इस बात को लेकर है विरोध नए कानून के तहत अगले आदेश तक नहीं (SC refuses stay Waqf) होंगी नई नियुक्तियां कुल-मिलाकर केंद्र का जवाब आने तक वक्फ संपत्ति की स्थिति नहीं बदलेगी, यानी सरकार के जवाब तक यथास्थिति बनी रहेगी और नए कानून के तहत अगले आदेश तक नई नियुक्तियां नहीं (SC refuses stay Waqf) होगी। 5 मई को अब इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। बता दें कि सुनवाई के दौरान एसजी मेहता ने कहा कि “प्रतिवादी 7 दिनों के भीतर एक संक्षिप्त जवाब दाखिल करना चाहते हैं और आश्वासन दिया कि अगली तारीख तक 2025 अधिनियम के तहत बोर्ड और परिषदों में कोई नियुक्ति नहीं होगी।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि “अधिसूचना या राजपत्रित द्वारा पहले से घोषित यूजर्स द्वारा वक्फ सहित वक्फों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।” बता दें कि याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा कि “1995 के वक्फ अधिनियम और 2013 में किए गए संशोधनों को चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं को इस सूची से अलग से दिखाया जाएगा।  2025 के मामले में रिट दायर करने वाले याचिकाकर्ताओं को विशेष मामले के रूप में जवाब दाखिल करने की स्वतंत्रता है। संघ और राज्य तथा वक्फ बोर्ड भी 7 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करेंगे।” Latest News in Hindi Today Hindi news SC refuses stay Waqf #SupremeCourt #WaqfAct #WaqfLaw #IndianJudiciary #SCNews #WaqfCase #LawUpdate #SCVerdict #ConstitutionalLaw #LegalNews

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