SC hearing on Waqf

Waqf Law hearing: वक्फ कानून पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, इस बात को लेकर है विरोध

आज सुप्रीम कोर्ट में  वक्फ कानून को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई (Waqf Law hearing) होगी। दोपहर 2 बजे देश के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच इस पर सुनवाई करेगी। गौरतलब हो कि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले साफ किया था कि “वह विधायिका के अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं देगा, लेकिन संविधान से जुड़े मुद्दों पर अंतिम मध्यस्थ के रूप में, वह याचिकाकर्ताओं की बात सुनने के लिए सहमत है।” दरअसल, संशोधित वक्फ कानून का मकसद मुस्लिम वक्फ की संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी बनाना है। अप्रैल की शुरुआत में लोकसभा और राज्यसभा में लंबी बहस के बाद संसद से वक्फ संशोधन विधेयक पारित हो गया था। इसके बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई थी। मंजूरी मिलने के बाद यह कानून देश भर में लागू हो गया था। इस बीच इस विधेयक के विरोध में कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थीं।  संशोधित कानून समानता के अधिकार और धार्मिक प्रथाओं को अपनाने के अधिकार समेत कई मौलिक अधिकारों का करता है (Waqf Law hearing) हनन  बता दें कि इन याचिकाओं में यह दलील दी गई है कि संशोधित कानून समानता के अधिकार और धार्मिक प्रथाओं को अपनाने के अधिकार समेत कई मौलिक अधिकारों का हनन करता है। वक्फ कानून को सुप्रीम कोर्ट में (Waqf Law hearing) चुनौती देने वालों में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, जेडीयू, डीएमके के साथ सीपीआई के नेताओं, धार्मिक संगठन, जमीयत उलेमा हिंद और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसे गैर सरकारी संगठन शामिल हैं। तो वहीं  बीजेपी शासित मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, असम, महाराष्ट्र और उत्तराखंड ने वक्फ कानून के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर कर सुनवाई की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट में दायर कुछ याचिकाओं में वक्फ कानून को असंवैधानिक बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई है तो वहीं, कुछ याचिकाओं में इसके क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की करते हुए इसे मनमाना और मुसलमानों के खिलाफ भेदभावपूर्ण भी बताया गया है। इसे भी पढ़ें:– कोंडागांव-नारायणपुर सीमा के पास मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली कमांडर ढेर, एनकाउंटर यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का (Waqf Law hearing) उल्लंघन है- असदुद्दीन ओवैसी  एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी याचिका (Waqf Law hearing) में कहा है कि “संशोधन अधिनियम उन विभिन्न सुरक्षाओं को समाप्त कर देता है, जो पहले वक्फ को दी जाती थीं। अन्य धर्मों के धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्तों के लिए ऐसी सुरक्षा को बनाए रखते हुए वक्फ संपत्तियों को दी जाने वाली सुरक्षा को कम करना मुसलमानों के खिलाफ शत्रुतापूर्ण भेदभाव है और संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन है।” तो वहीं सरकार का कहना है कि “वक्फ विधेयक संपत्ति और उसके प्रबंधन के बारे में है, न कि धर्म के बारे में।” सरकार ने कहा कि “वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हैं और उसकी इनकम से गरीब मुसलमानों या महिलाओं और बच्चों को कोई मदद नहीं मिलती है, संशोधित कानून इसे ठीक कर देगा। वक्फ कानून को लोगों के एक बड़े वर्ग की सलाह-मशविरा के बाद ही तैयार किया गया है। इसको गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों का भी समर्थन मिला है। खैर, वक्फ विधेयक को लेकर देश के कई हिस्सों में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Waqf Law hearing #WaqfLaw #SupremeCourtIndia #WaqfAct #LegalNews #SCIndia #IndianMuslims #PropertyLaw #LawReform #CourtHearing #JusticeForAll

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Russia Poland conflict

Russia threatens Poland: रूस की खुली धमकी, पोलैंड और बाल्टिक देशों पर होगा हमला

बीते तीन वर्षों से चला आए रहा रूस और यूक्रेन का युद्ध है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। लाख कोशिश के बावजूद शांति स्थापित नहीं हो पाई है। अब इस युद्ध के चलते दूसरों देशों पर भी युद्ध का खतरा मंडराने (Russia threatens Poland) लगा है। इस बीच खबर है की रूस ने पोलैंड और बाल्टिक देशों पर हमले की धमकी दे दी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि पुतिन क्या पोलैंड और बाल्टिक देशों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं? प्राप्त जानकारी के मुताबिक रूस के खुफिया प्रमुख सर्गेई नारिश्किन ने नाटो को खुली धमकी दी है कि अगर पोलैंड और बाल्टिक देश अपनी आक्रामक हरकतें नहीं रोकी, तो रूस जवाबी कार्रवाई करेगा। गौर करने वाली बात यह कि इस बयान के बाद यूक्रेन में रूस की बमबारी तेज कर दी है।  पहले पोलैंड और बाल्टिक देशों को नुकसान (Russia threatens Poland) होगा। जानकारी के मुताबिक रूस के विदेशी खुफिया सेवा के डायरेक्टर सर्गेई नारिश्किन ने मंगलवार को बेलारूस के तानाशाह अलेक्जेंडर लुकाशेंको से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि “अगर नाटो ने रूस और बेलारूस के खिलाफ आक्रामकता दिखाई, तो सबसे पहले पोलैंड और बाल्टिक देशों को नुकसान (Russia threatens Poland) होगा।” इस बीच उन्होंने पोलैंड के उस कथित प्लान का जिक्र किया, जिसमें वह बेलारूस और रूस के कलिनिनग्राद क्षेत्र की सीमा पर 20 लाख एंटी-टैंक माइंस बिछाने की योजना बना रहा है। लातविया के रक्षा मंत्री आंद्रिस स्प्रूड्स ने भी कहा कि “उनका देश अपनी रक्षा को और मजबूत करने के लिए हर संभव विकल्प पर विचार कर रहा है।” इसे भी पढ़ें:– कोंडागांव-नारायणपुर सीमा के पास मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली कमांडर ढेर, एनकाउंटर रूस की धमकी के बीच यूक्रेन में बमबारी बढ़ा दी (Russia threatens Poland) गई है इस बीच गौर करने वाली बात यह कि रूस की धमकी के बीच यूक्रेन में बमबारी बढ़ा दी (Russia threatens Poland) गई है। रविवार को यूक्रेन के सूमी शहर पर हुए रूसी मिसाइलों के हमले में 35 लोग मारे गए और 100 से ज्यादा घायल हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की पर ही युद्ध शुरू करने का आरोप लगाकर हंगामा खड़ा कर दिया। ट्रंप ने कहा कि आप 20 गुना बड़े देश के खिलाफ युद्ध शुरू नहीं करते और फिर मिसाइलों की उम्मीद करते हैं। ट्रंप ने सूमी हमले को सिर्फ गलती कहकर दुनिया को चौंका दिया।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक मंगलवार को नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने जेलेंस्की के साथ ओडेसा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यूक्रेन को समर्थन देने का वादा किया। दौरे के बाद रुटे ने कहा कि “रूस इस युद्ध का आक्रामक है। इसमें कोई शक नहीं। जेलेंस्की ने नाटो से एयर डिफेंस सिस्टम की मांग की, ताकि रूसी हमलों से बचा जा सके।” इस बीच रुटे ने यह भी साफ किया कि नाटो ट्रंप के सीजफायर प्रस्ताव का समर्थन करता है, लेकिन यूक्रेन के साथ उसका साथ नहीं छूटेगा। बता दें कि स्वीडन ने रूस के राजदूत को तलब कर रूसी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Russia threatens Poland #RussiaPolandConflict #RussiaThreat #BalticNations #WW3Alert #NATOUpdate #RussiaNews #PolandNews #Geopolitics #RussiaVsNATO #WorldWarThreat

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CG Naxal Encounter

कोंडागांव-नारायणपुर सीमा के पास मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली कमांडर ढेर, एनकाउंटर

छत्तीसगढ़ में कोंडागांव व नारायणपुर सीमा के पास स्थित किलम-बरगुम गांव में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ (CG Naxal Encounter) की बड़ी घटना सामने आई है। इस एनकाउंटर में जवानों ने जंगल में भाग रहे 2 नक्सलि कमांडर को मार गिराया। घटनास्थल से सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार व गोला बारूद मिला है। एनकाउंटर में मारे गए दोनों नक्सलियों की पहचान एरिया कमांडर के तौर पर की गई है। एक नक्सली पर 8 लाख का ईनाम था और दूसरे पर 5 लाख का इनाम घोषित था। 15 अप्रैल की देर शाम गांव के पास सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू (CG Naxal Encounter) शुरू गई छत्तीसगढ़ पुलिस (Chhattisgarh Police) ने इस एनकाउंटर की जानकारी देते हुए बताया कि, हमें सूचना मिली थी कि कोंडागांव व नारायणपुर जिला से सटे किलम-बरगुम क्षेत्र में नक्सली एक बैठक करने के लिए आ रहे हैं। यह जानकारी मिलते ही कोंडागांव डीआरजी (Kondagaon DRG) और बस्तर फाइटर (Bastar Fighter) की संयुक्त टीम नक्सलियों की तलाश में निकल गई। सुरक्षा बलों के सर्च अभियान के दौरान 15 अप्रैल की देर शाम गांव के पास सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू (CG Naxal Encounter) हो गई। इस मुठभेड़ में जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली जंगल में भागने लगे। जवानों ने उनका पीछा शुरू किया और देर रात तक एनकाउंटर चलता रहा। सुरक्षा बलों द्वारा रात में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान दो नक्सलियों के शव बरामद हुए।  इसे भी पढ़ें:– भाजपा से नाराज एकनाथ शिंदे ने राज ठाकरे से की मुलाकात, क्या महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाला बड़ा सियासी भूचाल? मारे गए नक्सली पूर्वी बस्तर के थे कमांडर  एनकाउंटर में मारे गए नक्सलियों की पहचान पूर्वी बस्तर नक्सली कमांडर डिवीसीएम हलदर और एसीएम रामे के तौर पर हुई है। ये दोनों नक्सली काफी खुंखार थे और सुरक्षा बलों पर कई हमले को अंजाम दे चुके थे। इसीलिए इन पर 8 लाख और 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। सुरक्षा बलों को इन नक्सलियों के पास से एक एके-47 राइफल समेत कई आधुनिक हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं। कोंडागांव डीआरजी (Kondagaon DRG) के अधिकारी ने बताया कि इस इलाके में अभी और नक्सलियों के छुपे हैं। जिन्हें मार गिराने के लिए सुरक्षा बल सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। अंदेशा है कि एनकाउंटर के दौरान कई और नक्सली भी मारे गए हैं, लेकिन अभी तक उनके शव बरामद नहीं हुए हैं। इस मामले को लेकर जल्द ही बड़ा खुलासा हो सकता है। बता दें कि, नक्सलवाद और नक्सलियों को खत्म करने के लिए सुरक्षा बल इस समय आखिरी ऑपरेशन चला रहे हैं। नक्सवाद को 31 मार्च 2026 तक जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। इस साल अब तक अलग-अलग मुठभेड़ में सैकड़ों नक्सली मारे जा चुके हैं। सुरक्षा बल अब नक्सलियों के इलाके में घुस कर उन पर प्रहार कर रहे।  Latest News in Hindi Today Hindi news CG Naxal Encounter #NaxalEncounter2025 #KondagaonNews #NarayanpurUpdate #NaxaliteKilled #ChhattisgarhNews #SecurityForces #MaoistAttack #RedCorridor #IndiaNews #BreakingNews

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IPL 2025 Match Result

Punjab Kings vs KKR 2025: पंजाब किंग्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को दी 16 रनों से मात

15 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर (आईपीएल) 2025 लीग का 31वां मुकाबला पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स (Punjab Kings vs KKR 2025) के बीच खेला गया। चंडीगढ़ स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल ग्राउंड में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में पंजाब ने लो स्कोरिंग मुकाबले में कोलकाता को 16 रनों से हरा दिया। दरअसल, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पंजाब का एक भी बल्लेबाज क्रीज पर ज्यादा देर टिक नहीं सका। मेजबान पंजाब की टीम महज 111 रनों के स्कोर पर ही ढेर हो गई। पंजाब की तरफ से प्रभसिमरन ने सबसे ज्यादा 30 रन बनाए। कोलकाता की ओर से हर्षित राणा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट चटकाए तो वहीं, सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती को 2-2 विकेट मिले।  कोलकाता के बल्लेबाजों को पहाड़ सा लगने (Punjab Kings vs KKR 2025) लगा 111 रनों का लक्ष्य  पंजाब के मामूली से स्कोर का पीछा करना भी कोलकाता के बल्लेबाजों को पहाड़ सा लगने (Punjab Kings vs KKR 2025) लगा। 111 रनों के आसान से लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता की टीम महज 15.1 ओवर ही खेल सकी। हैरत यह कि पूरी की पूरी टीम 95 रनों पर ही ढेर हो गई। पंजाब के स्पिनर चहल की फिरकी गेंदबाजी के सामने कोलकाता के बल्लेबाज टिक नहीं सके। पहले 2 ओवर में ही कोलकाता के सलामी बल्लेबाज सुनील नरेन और क्विंटन डिकॉक पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे और अंगकृष रघुवंशी ने मोर्चा संभाला और स्कोर को जैसे-तैसे 62 रन तक ले गए। इसके बाद रहाणे और रघुवंशी को यजुवेंद्र चहल ने चलता कर दिया। हैरानी की बात यह कि 74 रन पर कोलकाता की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। कोलकाता की ओर से अंगकृष रघुवंशी ने सबसे ज्यादा 37 रन बनाए। रघुवंशी ने अपनी पारी में 5 चौका और 1 छक्का लगाया। पंजाब की तरफ से युजवेंद्र चहल ने सबसे अधिक 4 विकेट चटकाए तो वहीं मार्को येनसन ने 3 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। कोलकाता की पूरी टीम 95 रनों पर ही ढेर हो गई। इस तरह पंजाब ने आईपीएल में सबसे छोटा स्कोर डिफेंड करने का बड़ा कारनामा कर दिया। इसे भी पढ़ें:- आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स को केकेआर से मिली करारी शिकस्त पंजाब किंग्स और कोलकाता की टीम ने मिलाकर इस मैच में कुल 206 रन (Punjab Kings vs KKR 2025) बनाए ध्यान देने वाली बात यह कि पंजाब किंग्स और कोलकाता की टीम ने मिलाकर इस मैच में कुल 206 रन (Punjab Kings vs KKR 2025) बनाए। जो आईपीएल के में एक मैच में बना सबसे कम रनों का रिकॉर्ड है। कमाल की बात यह कि इससे पहले ये कारनामा आईपीएल 2009 में पंजाब और कोलकाता मैच में ही देखने को मिला था। डरबन में खेले गए उस मैच में दोनों टीमों ने कुल मिलाकर 237 रन बनाए थे। यही नहीं, इससे पहले आईपीएल में सबसे छोटा स्कोर डिफेंड करने का रिकॉर्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम था। सीएसके ने आईपीएल 2009 में 116/9 रनों का स्कोर डिफेंड किया था। Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Punjab Kings vs KKR 2025 #PunjabKings #KKRvsPBKS #IPL2025 #PBKSvsKKR #CricketMatch #T20Cricket #PunjabKingsWin #KKR #IPLHighlights #PBKSVictory

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Benefits of Sattu Sharbat

सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक

क्या आपके दिन की शुरुआत भी चाय या कॉफी से होती है? यह एक ऐसी आदत है जिसे छोड़ना बहुत मुश्किल है। लेकिन, अगर आप अपनी इस आदत को बदल देते हैं, तो इससे होने वाले फायदे आपको हैरान कर सकते हैं। चाय या कॉफी की जगह आप अपने दिन की शुरुआत करें एक हेल्दी ड्रिंक से करें जिसका नाम है सत्तू शरबत। यह ड्रिंक सस्ता है और आसानी से मिलने वाला है। यही नहीं, यह न्यूट्रिएंट से भी भरपूर होता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स होते हैं। इस ड्रिंक को सत्तू के आटे से बनाया जाता है और इस हेल्दी ड्रिंक को बनाने के लिए चने को रोस्ट किया जाता है। जानिए सत्तू शरबत के बेनेफिट्स (Benefits of Sattu Sharbat) क्या हो सकते हैं? सत्तू शरबत के बेनेफिट्स (Benefits of Sattu Sharbat) नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (National Library of Medicine) की मानें तो सत्तू (Sattu) बहुत अधिक न्यूट्रिशनल बेनेफिट्स देता है, जिससे हमें कई हेल्थ बेनेफिट्स मिलते हैं। यह हैं सत्तू शरबत के बेनेफिट्स (Benefits of Sattu Sharbat): पेट के लिए फायदेमंद  अगर इस ड्रिंक को खाली पेट पिया जाए, तो यह सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) हमारे शरीर के लिए एक वरदान की तरह साबित हो सकता है। इससे डाइजेस्टिव ट्रैक्ट को सही से काम करने में मदद मिलती है और डायजेशन के लिए भी यह बेहतरीन है। सत्तू (Sattu) में पाया जाने वाले नमक, आयरन और फाइबर पेट सम्बन्धी समस्याओं को कम करने में सहायक हैं और बाउल मूवमेंट्स को सुधारते हैं। टॉक्सिन्स को निकाले बाहर सत्तू (Sattu) एक ऐसा एजेंट है, जिसके सेवन से शरीर और इंटेस्टाइन से हानिकारक तत्वों को बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) से शरीर एनर्जी से भरा रहता है और कई हेल्थ प्रॉब्लम्स से भी सुरक्षा होती है। यही नहीं, इस ड्रिंक में शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रहने के गुण भी होते हैं। डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद सत्तू (Sattu) में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic Index) होता है। यानी यह, डायबिटीज पेशेंट्स के लिए फायदेमंद है। हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों से ब्लड में ग्लूकोज और इंसुलिन का लेवल बढ़ सकता है, ग्लूकोज इन्टोलेरेंस की समस्या हो सकती है और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ सकता है। यही नहीं सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) पीने से ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करने में भी मदद मिलती है। सत्तू (Sattu) में फाइबर भी अधिक होता है इसलिए हाई कोलेस्ट्रॉल वाले रोगियों के लिए भी एक अच्छा ड्रिंक है।  वजन कम करने में करे मदद अगर कोई व्यक्ति अपना वेट कम करना चाहता है, तो वो इस ड्रिंक को आजमाए और खाली पेट सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) पीये। इसे पीने से ब्लोटिंग कम होती है और मेटाबॉलिज्म भी बढ़ता है। यानी, यह ड्रिंक वजन कम करने में फायदेमंद साबित हो सकता है। भूख सुधारे सत्तू शरबत के बेनेफिट्स (Benefits of Sattu Sharbat) भूख में सुधार से भी जुड़े हुए हैं। सत्तू में पोटैशियम और मैग्नीशियम होता है, जिससे भूख को सुधारने में मदद मिलती है। एक स्टडी के अनुसार सत्तू (Sattu) में पोटैशियम, कैल्सियम, सोडियम, आयरन, मैंगनीज और कॉपर होते हैं। अगर आपको भूख न लगने की समस्या है, तो आप सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) का सेवन कर सकते हैं।  इसे भी पढ़ें: रोजाना अनार का सेवन और हमारी सेहत: जानिए इसके 5 अद्भुत फायदों के बारे में एनर्जी बढ़ाए सत्तू (Sattu) में मौजूद आयरन की वजह से शरीर में रेड ब्लड सेल्स (RBC) का विकास तेजी से होता है। ज्यादा रेड ब्लड सेल्स की वजह से शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है। इसलिए, अगर आप लो और सुस्त महसूस कर रहे हैं, तो सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) का सेवन करें इससे आप लम्बे समय तक एनर्जी महसूस करेंगे। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Sattu Benefits #BenefitsofSattuSharbat #SattuSharbat #Sattu #healthydrink #drinkofsummer

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President Rule West Bengal

Why BJP not sacking Mamata: बीजेपी आखिर क्यों ममता बनर्जी की सरकार को बर्खास्त नहीं कर देती?

पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल इलाके मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना, हुगली और मालदा जिलों में बीते 10 अप्रैल से विरोध के नाम पर लगातार हिंसक (Why BJP not sacking Mamata) प्रदर्शन जारी है। जारी इस हिंसा में अबतक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घायल बताए जा रहे हैं। मुर्शिदाबाद में जारी भयावह हिंसा का यह आलम है कि 500 से अधिक परिवारों को मजबूरन जान बचाकर पलायन करना पड़ा है। राज्य सरकार के अदृश्य सपोर्ट का नतीजा ही है जो उपद्रवी बेलगाम होते जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में 1,600 जवानों को तैनात किया गया है। दरअसल, वक़्फ़ संसोधन बिल पास होने के बाद ही पश्चिम बंगाल के संवेदनशील इलाकों में हिंसा और आगजनी होने का अंदाजा था। ख़ुफ़िया विभाग ने राज्य सरकार अराजक तत्वों द्वारा हिंसा फ़ैलाने का इनपुट पहले दिया था। लेकिन राज्य सरकार की नाकामी के चलते हिंसा भड़क उठी। इस बीच स्थित नियंत्रण के बाहर होती देख जिले में केंद्रीय सुरक्षा बल को तैनात किया गया है। गौर करने वाली बात यह कि हिंसा प्रभावित लोगों ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की है। भारत के संविधान का अनुच्छेद-356, केन्द्र की संघीय सरकार को राष्ट्रपति शासन लगाने की देता है (Why BJP not sacking Mamata) अनुमति  ये तो रही हिंसा की बात। लेकिन ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर क्या वजह है, जो केंद्र, ममता बनर्जी की सरकार को बर्खास्त कर (Why BJP not sacking Mamata) राष्ट्रपति शासन नहीं लगा देती? वैसे भी भारत के संविधान का अनुच्छेद-356, केन्द्र की संघीय सरकार को राज्य में संवैधानिक तन्त्र की विफलता या संविधान के स्पष्ट उल्लंघन की दशा में राज्यपाल सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने का अधिकार देता है। जब रात दिन देश संविधान से चलेगा चिल्लाने वाले नेता कह ही रहे हैं कि देश बाबा साहेब के संविधान से चलेगा तो, फिर आखिर केंद्र सरकार क्यों नहीं संविधान के अनुच्छेद 356 का पालन करती? कहीं, केंद्र की मोदी सरकार खुद भी संविधान का पालन नहीं करना चाहती? ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर कब तक संसद से पारित कानून के विरोध के नाम पर राज्य में हिंसा होती रहेगी? पश्चिम बंगाल में हिंसा का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी यह हिंसा की आग में झुलस चुका है। हैरत की बात यह कि केंद्र सरकार कठोर कदम उठाने के बजाय आँखमूंदे सब देख रही है। मोदी सरकार चाहे तो अर्धसैनिक बालों को लगाकर उपद्रवियों का अच्छे से इलाज कर सकती है।  इसे भी पढ़ें: – महाराष्ट्र के ठाणे में डॉ बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर पहले माल्यार्पण करने को लेकर दो गुटों में हुई झड़प चुनावी मजबूरी के चलते कड़ी कार्रवाई (Why BJP not sacking Mamata) करने से डर रही है सरकार? दरअसल, साल भर बाद पश्चिम बंगाल में चुनाव होने हैं। संभवतः चुनावी मजबूरी के चलते सरकार कड़ी कार्रवाई (Why BJP not sacking Mamata) करने से डर रही है? सरकार चाहे तो राष्टपति शासन लगाकर उपद्रवियों को ठंडा कर सकती है। लेकिन कहीं न कहीं सरकार भी डर रही है। डर इसलिए भी रही है  क्योंकि सरकार को लगता है कि ममता बनर्जी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने से कहीं बीजेपी को ही बड़ा नुकसान न उठाना पड़े। और एक डर यह भी कि भावनात्मक जुड़ाव के चलते बंगाली वोटर एकतरफा माँ माटी मानुष की बात करने वाली ममता के साथ न हो ले। क्योंकि ममता ने इसी माँ माटी और मानुष का कार्ड खेलकर लेफ्ट का किला भेदा था। कुल-मिलाकर ऐसा करने में नुकसान बीजेपी का ही है। ऐसे में हिंसा से हिंदुओं के मन में डर निर्माण होगा। और हिंदुओं का यही डर बंगाल में बीजेपी की सबसे बड़ी जीत साबित होगी। खैर, जब बीजेपी जम्मू-कश्मीर में हालात काबू कर सकती है, तो पश्चिम बंगाल बीजेपी के लिए कोई बड़ी बात नहीं है।   Latest News in Hindi Today Hindi news Why BJP not sacking Mamata #MamataBanerjee #BJPvsMamata #WestBengalPolitics #TMCNews #BJPStrategy #PresidentRule #IndianPolitics #TMCvsBJP #PoliticalNews #BengalCrisis

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Singhast 2028 Ujjain Mahakal Temple Gears Up

Singhast 2028 Ujjain: उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां अभी से हुई तेज, महाकाल के दरबार पहुंचे ये अफसर

साल 2028 में मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ (Singhast 2028 Ujjain) लगेगा। खैर, अभी तीन वर्ष का समय है। लेकिन सिंहस्थ 2028 की तैयारियां अभी से ही जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और मेला अधिकारी आशीष सिंह के पदभार सँभालते ही तैयारियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि सोमवार को कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और मेला अधिकारी आशीष सिंह ने पदभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने से पहले दोनों अधिकारियों ने भगवान महाकालेश्वर के दरबार में हाजिरी लगाई और आशीर्वाद लिया। यही, गर्भगृह में पहुंचकर उन्होंने विधिवत पूजन भी किया गया। इस मौके पर मंदिर समिति की ओर से दोनों अधिकारियों का सम्मान किया गया। सम्मान में उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर प्रसाद भेंट किया गया।  सिंहस्थ 2028 (Singhast 2028 Ujjain) की तैयारियों को समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए प्राप्त जानकारी के मुताबिक अधिकारी आशीष सिंह ने इससे पहले श्री चिंतामन गणेश, श्री कालभैरव और श्री हरसिद्धि माता मंदिरों में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। दर्शन लेने के बाद उन्होंने मेला कार्यालय पहुंचकर सिंहस्थ मेला अधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया। इसके बाद संभागायुक्त संजय गुप्ता के साथ आयोजित बैठक में सिंहस्थ की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। चर्चा के दौरान सभी बातों को बारीकी से रखा गया। चर्चा के बाद मेला अधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि “हमारा प्रयास रहेगा कि सिंहस्थ 2028 (Singhast 2028 Ujjain) की तैयारियों को समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। सरकार ने उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व को भव्य और वैश्विक पहचान दिलाने का लक्ष्य तय किया है। अब नए अफसरों के आगमन से तैयारियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सारे काम समय सीमा में किए जाएंगे।” इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? महाकुंभ को देखकर सीख लेते हुए सरकार ने (Singhast 2028 Ujjain) अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं बता दें कि प्रयागराज महाकुंभ को देखकर सीख लेते हुए सरकार ने उज्जैन सिंहस्थ (Singhast 2028 Ujjain) के लिए खास तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रारंभिक तौर पर सरकार का अनुमान है कि सिंहस्थ में तकरीबन 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आ सकते हैं। ऐसे में इनके लिए व्यवस्था करना भी एक बड़ी जिम्मेदारी है। जानकारी के मुताबिक कुंभ मेले के दौरान मेला क्षेत्र में प्रतिदिन 16 हजार से ज्यादा सफाईकर्मी स्वच्छता की व्यवस्था संभालेंगे। श्रृद्धालुओं की सुविधा के लिए 50 हजार शौचालय का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा  श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 500 अस्थाई अस्पताल और कैम्प लगाने का भी निर्णय लिया गया है। यही नहीं, उज्जैन में सड़क और अन्य क्षेत्रों को मिलाकर 11 हजार 220 सफाईकर्मियों की आवश्यकता होगी। कचरा संग्रहण हेतु लगभग 5 हजार सफाईकर्मियों की जरूरत पड़ेगी। कुल मिलाकर 16 हजार 220 सफाई कर्मियों की आवश्यकता सिंहस्थ में होगी।   Latest News in Hindi Today Hindi news Singhast 2028 Ujjain #Singhast2028 #UjjainKumbhMela #MahakalDarshan #KumbhMela2028 #MahakalUjjain #ReligiousEvent #SpiritualIndia #UjjainNews #SinghastPreparations #MahakalTemple

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₹50 crore job scam

Constable fraud: सैकड़ों पुलिसकर्मियों को सुनहरे ख्वाब दिखाकर कांस्टेबल ने की 50 करोड़ रुपये की ठगी

ठग और पुलिस के कई किस्से सभी ने सुन ही रखे हैं। जहाँ एक ठग पहले तो आम लोगों को शार्टकट अमीर होने का लालच देकर उनसे लाखों करोड़ों वसूलता है और फिर मौका पाकर रफूचक्कर हो जाता है। लेकिन क्या हो जब एक पुलिस वाला ही पुलिस वालों से ठगी (Constable fraud) कर ले। वो भी हजार दो हजार की नहीं, करोड़ों की? दरअसल, अजमेर पुलिस का एक कांस्टेबल इतना शातिर निकला कि उसने अपने ही सैंकड़ों साथी पुलिसकर्मियों से करीब 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करके फरार हो गया। जब उसके खेल का पर्दाफ़ाश हुआ तो सभी सन्न रह गए। बड़ी बात यह कि ठग कांस्टेबल का टीचर भाई भी उसके साथ इस ठगी में शामिल था। फ़िलहाल दोनों भाई अब फरार हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पवन कुमार ने पुलिस लाइन के साथ ही अलग-अलग स्थानों पर तैनात जवानों को अपना निशाना बनाया। उन्हें जल्द पैसे डबल करने का लालच दिया और फिर विदेशी कंपनी में निवेश करने के नाम पर उनसे लाखों रुपये ले लिए। यही नहीं, आरोपी पवन कुमार का भाई कुलदीप मीणा भी शिक्षा विभाग में सीनियर शिक्षक पद पर तैनात है। वह भी लंबे समय से फरार है। दोनों भाई पुलिस के जवानों और अधिकारियों के साथ ही आम जनता के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गए हैं।  साल भर से अजमेर में ठग कांस्टेबल की ओर से ठगी (Constable fraud) का यह खेल खेला जा रहा था जानकारी के मुताबिक बीते साल भर से अजमेर में ठग कांस्टेबल की ओर से ठगी (Constable fraud) का यह खेल खेला जा रहा था। इस बीच कइयों ने शिकायतें भी दर्ज कराई। लेकन मजे की बात यह कि तब अधिकारियों के कानों जूं तक नहीं रेंगी। धीरे-धीरे जब उसके खिलाफ शिकायतें बढ़ने लगी तब जाकर आधुकरियों की नींद टूटी। पुलिस ने जब मामले की जांच पड़ताल की, तो सामने आया कि कांस्टेबल ने साल भर कुछ नहीं तो सैकड़ों पुलिसकर्मियों को तकरीबन 50 करोड़ रुपये का चुना लगा चुका है। ठगी का यह आंकड़ा सामने आते ही पुलिस अधिकारी सन्न रह गए। न सिर्फ सन्न रह गए बल्कि आनन-फानन में आरोपी कांस्टेबल को सस्पेंड भी कर दिया है। खैर, अब मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। अजमेर एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जागिड़ के मुताबिक, “आरोपी कांस्टेबल पवन कुमार अजमेर पुलिस लाइन में तैनात था। वह करौली जिले के कोटड़ा का रहने वाला है और लंबे समय से छुट्टी पर चल रहा है। ठगी का भेद खुलने के बाद अब उसकी गिरफ्तारी हेतु टीम का गठन किया गया है। आरोपी के खिलाफ अजमेर के सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज की गई है। इसके साथ ही क्लॉक टावर थाने में कांस्टेबल दीपक कुमार ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। ठगी किए गए रुपये का आंकड़ा 50 करोड़ से अधिक है।” इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर बहकावे में आकर सोने के गहने बेचकर कर (Constable fraud) दिया था लाखों रुपये का निवेश एएसपी के अनुसार पीड़ित कांस्टेबल ने बताया कि “पवन कुमार ने उन्हें अधिक पैसे का लालच दिया था। उसके बहकावे में आकर उसने सोने के गहने बेचकर लाखों रुपये का निवेश कर (Constable fraud) दिया था। लेकिन अभी तक एक भी पैसा नहीं मिला है। इसी तरह की मिलती-जुलती कई शिकायतें पुलिस को मिली हैं। एएसपी ने कहा कि “बढ़ती शिकायतों को देख मामले को गंभीरता से लिया गया। और इसके गड़बड़ी पाए जाने पर कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है।”  Latest News in Hindi Today Hindi News Constable fraud #ConstableFraud #JobScam #PoliceScam #50CroreScam #FraudAlert #FakeJobs #IndiaScam #RecruitmentScam #ScamNews #JobFraud

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Mumbai attacks accused

Tahawwur Rana confession: एनआईए  की पूछताछ में मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा ने किया यह बड़ा खुलासा

मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं में शामिल मुख्य आरोपी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाने के बाद एनआईए की स्पेशल सेल में रखा गया है। एनआईए को राणा से पूछताछ के लिए 18 दिन की रिमांड मिली है। इस बीच एनआईए के अधिकारी लगातार पूछताछ कर रहे हैं। पूछताछ के दौरान राणा ने कई अहम जानकारियां दी (Tahawwur Rana confession) हैं। पूछताछ में राणा ने यह भी खुलासा किया था कि “मुंबई पर जो हमला 26/11 को हुआ था वह पहले किसी और भी दिन होने वाला था, लेकिन कुछ कारणों से नहीं हो सका था।” किसी कारणों से हेडली ने हमले को कुछ दिनों के लिए टाल दिया (Tahawwur Rana confession) था जानकारी के लिए बता दें कि तहव्वुर राणा से एनआईए ने मुंबई हमले को लेकर घंटों पूछताछ (Tahawwur Rana confession) की। यहाँ तक कि हेडली से उसके संपर्क और बाकी आतंकियों के संपर्क को लेकर भी जानकारियां जुटाई जा रही है। इस दौरान उससे 26/11 पर भी पूछा गया। पूछताछ ने उसने कहा कि “हमला तो 26/11 से और पहले ही हो जाता लेकिन हेडली ने कुछ कारणों से इसे कुछ दिनों के लिए टाला था।” दरअसल, तहव्वुर राणा ने बताया कि मुंबई हमले की साजिश पहले ही रची गई थी और हमले की तैयारी भी कर ली गई थी लेकिन अरब सागर में उफान के कारण समंदर की तेज लहरों के कारण आतंकियों के समुंदर के रास्ते आने में खतरा महसूस हो रहा था। जिसके चलते हमले को कुछ दिन के लिए टालना पड़ा  वरना तैयारी पूरी हो चुकी थी। हेडली ने राणा को यह जानकारी दी थी कि हमला कुछ दिनों के लिए टाला जा रहा है। समंदर की लहरें थोड़ा शांत होने के बाद हमला किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: – महाराष्ट्र के ठाणे में डॉ बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर पहले माल्यार्पण करने को लेकर दो गुटों में हुई झड़प मौसम और समुद्र की लहरों तक के उफान का गंभीरता से जायजा (Tahawwur Rana confession) लिया था एनआईए की पूछताछ में राणा ने यह भी बताया (Tahawwur Rana confession) कि हमले से पहले हेडली ने जहां-जहां अटैक किया जाना है, उन स्थानों की गंभीरता से रेकी की थी। गोलियां चलने के बाद लोगों के भागने के रास्तों से लेकर आतंकियों के निकलने के रास्ते का प्लान और उनके छिपने के लिए जगह, सबकी रेकी की गई थी। राणा ने ये भी बताया कि हमले के लिए समंदर के रास्ते किस समय आना सही है, यहां तक कि मौसम और समुद्र की लहरों तक के उफान का गंभीरता से जायजा लिया था। इतना सबकुछ करने के बाद ही हमले की साजिश को अंजाम दिया गया था। बहरहाल, पूछताछ जारी है। जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ेगी वैसे-वैसे आगे चलकर नए-नए खुलासे हो सकते हैं।   Latest News in Hindi Today Hindi news  Tahawwur Rana confession #TahawwurRanaConfession #NIAInterrogation #MumbaiAttacks #26_11Case #TerrorRevealed #TahawwurRanaNews #NIAUpdate #IndiaSecurity #TerrorAccused #PakistanLink

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साइलेंट किलर: क्या हाई ब्लड प्रेशर से किडनी फंक्शन को हो सकता है नुकसान?

हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) एक सामान्य कंडीशन है , जिसमें शरीर की आर्टरीज प्रभावित होती हैं। इसे हायपरटेंशन भी कहा जाता है। अगर किसी को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो उसके शरीर में आर्टरीज वॉल्स के अगेंस्ट ब्लड का फाॅर्स लगातार बहुत अधिक होता है। इसमें हार्ट को ब्लड को पंप करने के लिए बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है। ब्लड प्रेशर को मिलीमीटर्स मर्क्युरी यानी (mm Hg) में मापा जाता है। हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) को एक गंभीर समस्या माना जाता है। हाल ही की गई एक स्टडी में यह पाया गया है कि हाई ब्लड प्रेशर किडनी फंक्शन (Kidney function) पर बुरा प्रभाव ड़ाल सकता है। चिंता की बात यह है कि इसका पहले कोई लक्षण भी नजर नहीं आता है। आइए जानें कि हाई ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन के बारे में स्टडी (Study on high blood pressure and kidney function) क्या कहती है? हाई ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन के बारे में स्टडी (Study on high blood pressure and kidney function) अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (American Heart Association) के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर कई अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक आदि। इससे पीड़ित अधिकतर लोगों को यह पता भी नहीं होता कि उन्हें यह समस्या है। एक स्टडी में यह बात पता चली है कि हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) किडनी फंक्शन (Kidney function) पर असर ड़ाल सकता है और इसका पहले कोई लक्षण नजर नहीं आता है। बियना मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) किडनी के फिल्टरिंग सेल्स में असामान्यताएं पैदा कर सकता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि रोगी को अन्य कोई समस्याएं हैं या नहीं जैसे डायबिटीज आदि। लेकिन, इस समस्या के जल्दी निदान और उपचार से किडनी डिजीज की प्रोसेस को स्लो करने और इसके नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। यह तो थी हाई ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन के बारे में स्टडी (Study on high blood pressure and kidney function) के बारे में जानकारी। अब जानते हैं इस स्टडी के परिणामों के बारे में। क्या कहती हैं स्टडी? इस स्टडी में 99 लोगों के किडनी टिश्यूज को एनालाइज किया गया। इनमें से कुछ लोगों को हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) और डायबिटीज की समस्या थी, जबकि कुछ को नहीं थी। किडनी टिश्यूज को एनालाइज करने के लिए नए और बेहतर तरीकों का इस्तेमाल किया गया था जैसे मॉडर्न इमेजिंग और कंप्यूटर-असिस्टेड तरीके। इस स्टडी के परिणाम यह बताते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) के मरीजों में किडनी के फिल्टरिंग सेल्स यानी पोडोसाइट्स की डेंसिटी कम होती है और उनके सेल न्यूक्लाई हेल्दी कंट्रोल्स की तुलना में बड़े होते हैं। यह चेंजेज डायबिटीज से सम्बन्धित नहीं है और यह बदलाव किडनी फंक्शन (Kidney function) की तरफ पहला कदम हो सकता है और यह बदलाव इतना छोटा होता है कि इसे केवल माइक्रोस्कोप से ही देखा जा सकता है। इसे भी पढ़ें: रोजाना अनार का सेवन और हमारी सेहत: जानिए इसके 5 अद्भुत फायदों के बारे में हाई ब्लड प्रेशर से बचाव के लिए क्या करें?  जीवनशैली में सही बदलावों से ब्लड प्रेशर लेवल को प्राकृतिक रूप से कम करने में मदद मिल सकती है। इसके कुछ तरीके इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi High blood pressure and kidney function #Studyonhighbloodpressureandkidneyfunction #Highbloodpressure #kidneyfunction #bloodpressure # #kidney

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