Chanakya Niti Secrets Married Men Should Never Share

चाणक्य नीति: शादीशुदा पुरुषों को पत्नी से शेयर नहीं करनी चाहिए ये सीक्रेट, वरना हो सकता है वैवाहिक जीवन में संकट!

आचार्य चाणक्य की नीतियाँ (Chanakya Niti) आज भी मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक का काम करती हैं। चाणक्य ने अपने ग्रंथ “चाणक्य नीति” में विवाहित जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं, जिनमें से एक यह है कि पति को अपनी पत्नी से कुछ बातें कभी शेयर नहीं करनी चाहिए। चाणक्य के अनुसार, अगर कोई पुरुष अपनी पत्नी को कुछ गुप्त बातें बता देता है, तो इससे उसके वैवाहिक जीवन में समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं और उसकी खुशहाल जिंदगी तबाह हो सकती है।आइए जानते हैं कि- चाणक्य नीति (Chanakya Niti) के अनुसार, पत्नी से कौन-सी बातें नहीं बतानी चाहिए? 1. परिवार के सदस्यों की गलतियाँ न बताएँ चाणक्य नीति (Chanakya Niti) के अनुसार, पति को कभी भी अपने परिवार के सदस्यों (माता-पिता, भाई-बहन) की गलतियों या कमियों के बारे में पत्नी को नहीं बताना चाहिए। ऐसा करने से पत्नी के मन में परिवार के प्रति नकारात्मक धारणा बन सकती है, जिससे घर का माहौल खराब होता है। पति को हमेशा परिवार की एकता बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। 2. आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी न दें चाणक्य के अनुसार, पुरुष को अपनी आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी पत्नी को नहीं देनी चाहिए। हालाँकि, पत्नी को घर के खर्चे के बारे में जानकारी होनी चाहिए, लेकिन अपनी कुल संपत्ति या निवेश के बारे में अधिक बातें करने से बचना चाहिए। कई बार अधिक जानकारी होने पर पत्नी गलत फैसले ले सकती है या फिर अनावश्यक खर्चे बढ़ सकते हैं। इसे भी पढ़ें:- 2 अप्रैल 2025 का गजकेसरी राजयोग: इन राशियों के जीवन में आएगी धन-समृद्धि की बहार 3. दोस्तों की गोपनीय बातें न बताएँ अगर आपके दोस्तों ने आपको कोई गोपनीय बात बताई है, तो उसे पत्नी के साथ शेयर न करें। चाणक्य नीति कहती है कि ऐसा करने से आपके दोस्तों का विश्वास टूट सकता है और आपकी छवि खराब हो सकती है। पत्नी भी आपके दोस्तों के प्रति गलत धारणा बना सकती है, जिससे आपके रिश्तों पर असर पड़ सकता है। 4. कमजोरियों को न उजागर करें चाणक्य कहते हैं कि पुरुष को अपनी कमजोरियाँ या डर पत्नी के सामने नहीं दिखाना चाहिए। पत्नी का पति के प्रति सम्मान बना रहे, इसके लिए जरूरी है कि पति अपनी छवि एक मजबूत और विश्वसनीय व्यक्ति के रूप में बनाए रखे। अगर पत्नी को पता चल जाए कि पति किसी चीज से डरता है या उसमें कोई कमजोरी है, तो वह उसका फायदा उठा सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi News Chanakya Niti #ChanakyaNiti #MarriageSecrets #HusbandTips #RelationshipAdvice #HappyMarriage #ChanakyaWisdom #MarriageLife #HusbandWife #LoveAndMarriage #RelationshipGoals

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World health day 2025

World Health Day 2025: क्यों मनाया जाता है इस दिन को? जानिए इसकी थीम, इतिहास और उद्देश्यों के बारे में

“हेल्थ इस वेल्थ” यह कहावत तो हम सभी ने सुनी है। इसका अर्थ यह है कि अच्छे स्वास्थ्य से बढ़कर और कुछ नहीं है। हमारी हेल्थ ही हमारे लिए सबसे बड़ा धन है, इसलिए अन्य चीजों की तुलना में इसे प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है। हर साल 7 अप्रैल को वर्ल्ड हेल्थ डे (World health day) के रूप में मनाया जाता है। दुनिया में बढ़ती हेल्थ प्रॉब्लम्स को देखते हुए लोगों को इनके बारे में जागरूक करना इस दिन को सेलेब्रेट करने का मुख्य उद्देश्य है। इस साल भी इस दिन को पूरे उत्साह से मनाया जाएगा। आइए जानें वर्ल्ड हेल्थ डे 2025 (World health day 2025) की इस साल की थीम, इसके महत्व आदि के बारे में। सबसे पहले जान लेते हैं वर्ल्ड हेल्थ डे (World health day) के बारे में।  वर्ल्ड हेल्थ डे (World health day): पाएं जानकारी जैसा की पहले ही बताया गया है कि इस दिन को हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (World Health Organisation) के अनुसार इस साल वर्ल्ड हेल्थ डे (World health day) से मेटरनल और न्यूबोर्न हेल्थ पर एक वर्ष तक चलने वाले अभियान की शुरुआत होगी। अगर बात की जाए इस दिन के इतिहास की तो, इस दिन को वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन  (World Health Organisation) की स्थापना की याद में मनाया जाता है। इस आर्गेनाईजेशन को 1948 में स्थापित किया गया था। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (World Health Organisation) के पहले ऑफिशियल एक्ट्स में से एक के रूप में, उन्होंने विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने की शुरुआत की। इसे पहली बार 22 जुलाई को मनाया गया था, लेकिन बाद में स्टूडेंट पार्टिसिपेंट्स को प्रोत्साहित करने के लिए तारीख को बदलकर 7 अप्रैल कर दिया गया, जो इस ऑर्गेनाइजेशन की स्थापना का दिन था। वर्ल्ड हेल्थ डे 2025 (World health day 2025) की थीम इस साल इस दिन की थीम है “हेल्दी बिगनिंग, होपफुल फ्यूचर”। इस दिन को नयी माताओं और नवजात शिशुओं की हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए सेलेब्रेट किया जा रहा है। वर्ल्ड हेल्थ डे 2025 (World health day 2025) को निम्नलिखित कारणों से मनाया जाता है: वर्ल्ड हेल्थ डे 2025 (World health day 2025) का उद्देश्य  माताओं एवं नवजात शिशु का स्वास्थ्य कई कारणों से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मदर्स और न्यूबोर्न्स, परिवारों और समुदायों से को सीधे सम्बन्धित हैं। वर्ल्ड हेल्थ डे (World health day) के उद्देश्य इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें: Health issues in summer: गर्मी में होने वाली 5 सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं और उनसे सुरक्षित रहने के टिप्स वर्ल्ड हेल्थ डे (World health day): आप कैसे सेलेब्रेट कर सकते हैं इस दिन को? आप कुछ तरीकों से इस कैंपेन को सपोर्ट कर सकते हैं, जो इस प्रकार हैं:  नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi World health day #Worldhealthday2025 #Worldhealthday #WorldHealthOrganisation #Health

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Lord Ram’s Untold Stories & Life Lessons

राम नवमी 2020: भगवान राम के जीवन की अनसुनी कहानियां और प्रेरणादायक संदेश

राम नवमी (Ram Navami) हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान राम (Lord Ram) के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में जाना जाता है, और उनकी पूजा करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। राम नवमी के दिन भगवान राम की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस लेख में हम आपको भगवान राम के बारे में कुछ सुनी-अनसुनी कथाएं बता रहे हैं, जो उनके जीवन और उनके संदेशों को और भी गहराई से समझने में मदद करेंगी। भगवान राम का जन्म भगवान राम का जन्म अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के यहां हुआ था। उनका जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था, जिसे राम नवमी के रूप में मनाया जाता है। भगवान राम के जन्म के समय अयोध्या में खुशियों का माहौल था, और सभी लोग उनके जन्म का जश्न मना रहे थे। भगवान राम और हनुमान जी की मित्रता भगवान राम और हनुमान जी की मित्रता एक अनोखी मित्रता थी। हनुमान जी भगवान राम के परम भक्त थे, और उन्होंने भगवान राम की सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। हनुमान जी ने भगवान राम की खोज में लंका तक का सफर तय किया और माता सीता को रावण के चंगुल से मुक्त कराने में मदद की। भगवान राम और लक्ष्मण की भाईचारे की मिसाल भगवान राम और लक्ष्मण की भाईचारे की मिसाल आज भी दी जाती है। लक्ष्मण भगवान राम के छोटे भाई थे, और उन्होंने भगवान राम की सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। लक्ष्मण ने भगवान राम के साथ वनवास के दौरान कई कठिनाइयों का सामना किया और उनकी रक्षा की। भगवान राम और सीता माता का प्रेम भगवान राम (Lord Ram) और सीता माता का प्रेम एक आदर्श प्रेम की मिसाल है। सीता माता ने भगवान राम के साथ वनवास के दौरान कई कठिनाइयों का सामना किया और उनके साथ हर परिस्थिति में खड़ी रहीं। सीता माता ने भगवान राम के प्रति अपनी निष्ठा और प्रेम को कभी नहीं छोड़ा। भगवान राम और रावण का युद्ध भगवान राम और रावण का युद्ध एक महाकाव्य युद्ध था, जिसमें भगवान राम ने रावण का वध किया और धर्म की स्थापना की। रावण एक बहुत ही शक्तिशाली राक्षस था, जिसने माता सीता का अपहरण कर लिया था। भगवान राम ने रावण का वध करके माता सीता को मुक्त कराया और धर्म की स्थापना की। इसे भी पढ़ें:-  भगवान राम के जन्मोत्सव पर होगा भव्य आयोजन भगवान राम का राज्याभिषेक भगवान राम (Lord Ram) का राज्याभिषेक एक महत्वपूर्ण घटना थी, जिसमें भगवान राम को अयोध्या का राजा बनाया गया। भगवान राम ने अपने राज्याभिषेक के बाद अयोध्या में धर्म और न्याय की स्थापना की और अपने प्रजा का पालन-पोषण किया। भगवान राम के संदेश भगवान राम के संदेश आज भी हमारे जीवन के लिए प्रेरणादायक हैं। भगवान राम ने धर्म, न्याय, और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने हमें यह सिखाया कि हमें हर परिस्थिति में धर्म और न्याय का साथ देना चाहिए। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Ram Navami #RamNavami2024 #LordRam #Ramayana #RamNavami #HinduFestival #BhagwanRam #RamKatha #RamBhakti #RamMandir #Spirituality

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Mumbai rape case

Woman raped on job pretext: मुंबई एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने के बहाने दफ्तर बुलाकर महिला से किया दुष्कर्म

किसी की मंशा को परखा नहीं जा सकता। किसके मन में क्या चल रहा है कुछ कहा नहीं जा सकता। लोग अपनी हवस को मिटाने के लिए किस हद तक जा सकते हैं, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के ठाणे शहर में नौकरी का झांसा देकर एक महिला से दुष्कर्म (woman raped on job pretext) का मामला प्रकाश में आया है। ठाणे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद एक खुफिया सूचना के आधार पर डोंबिवली निवासी आरोपी को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी एक नहीं बल्कि दो मामलों में वांछित बताया जा रह है। जानकारी के मुताबिक ठाणे शहर में महिला के साथ दुष्कर्म करने और उसे धमकाने के आरोप में एक व्यक्ति को नासिक के एक होटल से गिरफ्तार किया है।  मुंबई हवाई अड्डे पर नौकरी दिलाने का झांसा (woman raped on job pretext) देकर किया दुष्कर्म  इस पूरे मामले पर पुलिस उपायुक्त क्राइम, अमर सिंह जाधव ने बताया कि “19 वर्षीय शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने 16 फरवरी से 29 मार्च के बीच कई बार डोंबिवली के दावडी इलाके में उसका यौन उत्पीड़न किया।” इस दौरान पीड़िता ने यह भी दावा किया कि आरोपी से उसका परिचय सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम के जरिए हुआ था। कुछ दिनों की बाद बातचीत बढ़ती गई। इस बीच आरोपी ने जल्द ही उसका विश्वास जीत लिया। इस बीच उसने उसके बेरोजगार होने की बात पता चली। फिर उसने उसे मुंबई हवाई अड्डे पर नौकरी दिलाने का झांसा (woman raped on job pretext) देकर अपने दफ्तर बुलाया। दफ्तर पहुंचने के बाद उसने पहले तो यहाँ वहां की बात करनी शुरू कर दी। थोड़ी देर की हुई बात चीत में ही आरोपी ने अपनी मंशा जाहिर कर दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने उसे बंदूक दिखाकर धमकाया और उसके परिजनों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।  इसे भी पढ़ें:–चीन के इशारे पर नॉर्थईस्ट का कार्ड खेल दबाव बना रहा बांग्लादेश, पीएम मोदी से द्विपक्षीय बैठक को क्यों बेचैन युनूस नाशिक के एक होटल से आरोपी को किया गिरफ्तार (woman raped on job pretext) इस बीच पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उनकी मुलाकातों की आपत्तिजनक ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करने की धमकी दी। घर और परिवार की इज्जत की बात को ध्यान में रख पहले तो पीड़िता ने पहले पहले मामले को दबाने की सोची। लेकिन फिर उसने हिम्मतकर पुलिस का रुख किया और उसके खिलाफ तिलक नगर पुलिस थाने में जाकर बलात्कार का मामला दर्ज (woman raped on job pretext) कराया। पीड़िता की शिकायत मनपाड़ा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64, 74, 115(2) व अन्य प्रासंगिक धाराओं के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया। इस बीच पुलिस ने टीम बनाकर छानबीन शुरू कर दी। अभी छानबीन जारी ही थी कि तभी पुलिस को मुखबिरों से उसके नाशिक के एक होटल में छिपे होने की बात पता चली। इसके बाद एक टीम नाशिक जाकर उसे वहां से धर दबोचा। बता दें कि आरोपी के खिलाफ दो मामले पहले से दर्ज हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news  woman raped on job pretext #MumbaiRapeCase #JobFraud #SexualAssault #FakeJobOffer #WomenSafety #CrimeNews #MumbaiCrime #JusticeForHer #AirportJobScam #StopRape

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Priyanka Gandhi absent

Priyanka Gandhi absent: वक्फ बिल पर बहस के दौरान प्रियंका गांधी की अनुपस्थिति पर भड़का मुस्लिम लीग

2 अप्रैल को लोकसभा में वक्‍फ बिल 288-232 वोटों से, तो वहीं 3 अप्रैल को राज्‍यसभा में 128-95 वोटों से पास हुआ था। मुस्लिम संगठनों का मानना है कि यह उनकी धार्मिक स्वायत्तता पर हमला है। वक्‍फ बिल को विपक्ष मुस्लिम विरोधी और असंवैधानिक करार दे रहा है। तो वहीं, सरकार का कहना है कि “वक्फ बोर्ड के प्रशासन में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने से संपत्ति प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी।” इस बीच ध्यान देने वाली बात यह कि कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी केरल के मुस्लिम बहुल इलाके वायनाड से लोकसभा की सांसद है। मुस्लिम बहुल इलाके से सांसद होने के बावजूद प्रियंका लोकसभा में वोटिंग के दौरान नदारद (Priyanka Gandhi absent) रही। वैसे भी मुस्लिम समाज में वक्‍फ बिल को लेकर बड़ी नाराजगी है। ऐसे में आधी रात को हुई वोटिंग के दौरान प्रियंका की गैर-मौजूदगी ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। खुद को अल्पसंख्यकों का हितैषी बताने वाली प्रियंका के मंसूबों पर प्रश्नचिन्ह उठाया जा रहा है। बता दें कि वायनाड के लोगों ने प्रियंका गांधी को पिछले साल भारी बहुमत से जिताकर लोकसभा में भेजा था। बेशक उनकी जीत में मुस्लिम वोटों की अहम भूमिका रही। कहने की जरूरत नहीं, वक्फ संशोधन बिल जैसे संवेदनशील मुद्दे पर उनकी अनुपस्थिति ने मुस्लिम समुदाय के मन असंतोष की भावना को जन्म दे दिया है। गौरतलब हो कि राहुल गांधी ने लोकसभा में बहस के दौरान हिस्सा नहीं लिया, लेकिन वह वोटिंग के लिए मौजूद जरूर थे।  वक्फ बिल पर बहस के दौरान प्रियंका गांधी की गैरमौजूदगी (Priyanka Gandhi absent) पर मुस्लिम लीग ने जताई नाराजगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान वायनाड के सांसद और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की अनुपस्थिति (Priyanka Gandhi absent) पर असंतोष व्यक्त किया है। जानकारी के मुताबिक समस्त केरल जेम-इय्याथुल उलमा के मुखपत्र सुप्रभातम ने बुधवार को लोकसभा में विधेयक पर बहस के दौरान सत्र में शामिल नहीं होने के लिए प्रियंका गांधी की घोर आलोचना की। 4 अप्रैल को प्रकाशित संपादकीय में उनकी अनुपस्थिति को एक काला निशान कहा गया और यह भी सवाल उठाया कि जब भाजपा इस विधेयक को आगे बढ़ा रही थी, तब प्रियंका गांधी कहां थीं? और विपक्षी नेता राहुल गांधी ने बिल पर क्यों नहीं बोला?  बता दें कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड जैसे संगठनों ने बिल का कड़ा विरोध किया है।  इसे भी पढ़ें:- वक्फ बिल पास होते ही कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, महाराष्ट्र के इस बड़े मुस्लिम नेता ने छोड़ी पार्टी यह कांग्रेस की अल्पसंख्यक-समर्थक छवि को कर सकता है प्रभावित (Priyanka Gandhi absent)  जानकारों की माने तो कांग्रेस की ओर से यह रणनीति संभवतः केरल के ईसाई संगठनों और मुस्लिम समुदाय के बीच संतुलन बनाने की कोशिश हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक ईसाई संगठनों ने इस बिल का समर्थन किया था। कहने की जरूरत नहीं,  प्रियंका गांधी की अनुपस्थिति (Priyanka Gandhi absent) का असर न सिर्फ वायनाड तक सीमित रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस की अल्पसंख्यक-समर्थक छवि को प्रभावित कर सकता है। इस विधेयक का उद्देश्य 1995 के अधिनियम में संशोधन करके भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार करना है। Latest News in Hindi Today Hindi News Priyanka Gandhi absent #PriyankaGandhi #WakfBill #MuslimLeague #Congress #ParliamentDebate #IndiaPolitics #WakfControversy #PoliticalNews #PriyankaAbsent #LokSabha2025

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Vande Bharat to Run Between Two Cities from June

Vande Bharat between two cities: सफर होगा और भी आसान, जून से इन दो शहरों के बीच दौड़ेगी वंदे भारत एक्सप्रेस

मध्यप्रदेश से यूपी तक का सफर करने वाले यात्रियों को भारतीय रेल एक बड़ी खुशखबरी देने जा रही है। खबर के मुताबिक मध्य प्रदेश को जल्द ही एक नई वंदेभारत एक्सप्रेस मिलने वाली है। यह भोपाल और लखनऊ को जोड़ने का काम (Vande Bharat between two cities) करेगी। जून से इस ट्रेन के संचालित होने की संभावना है। वर्तमान में भोपाल से लखनऊ के लिए करीब 15 इनडायरेक्ट ट्रेनें हैं, लेकिन यह डायरेक्ट ट्रेन होगी। वंदेभारत के स्टापेज कम होंगे और स्पीड ज्यादा होगी। बता दें कि भोपाल से लखनऊ के बीच सफर करने के लिए यात्रियों को कई ट्रेनों का सहारा लेना पड़ता था। ये अक्सर भीड़-भाड़ और लंबी यात्रा के कारण परेशानी का कारण बनती थीं। कहने की जरूरत नहीं, वंदेभारत एक्सप्रेस के आते ही ये समस्याएं खत्म हो जाएंगी। क्योंकि यह ट्रेन सीधे भोपाल से लखनऊ ले जाएगी। इससे यात्रियों को न सिर्फ यात्रा के दौरान होने वाली समस्याओं से निजात मिलेगी बल्कि समय भी बचेगा। गौरतलब हो कि वंदेभारत की गति सामान्य ट्रेनों से अधिक होती है, इससे यात्रा का समय कम होगा और यात्रियों को भीड़ से भी राहत मिलेगी। वंदेभारत एक्सप्रेस की शुरुआत जून से हो सकती है। वंदेभारत एक्सप्रेस के नए कोच में एग्जीक्यूटिव चेयर क्लास सीटों के पास बैग मिलेगा। लखनऊ- भोपाल वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन 8 कोच की चेयर कार होगी। इस वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन में कुल 564 सीट्स होंगी।  सप्ताह में 6 दिन (Vande Bharat between two cities) चलेगी यह ट्रेन  जानकारी के लिए बता दें कि वंदेभारत एक्सप्रेस के कोचों में विशेष रूप से आरामदायक बैठने की व्यवस्था की गई है, जिसमें ज्यादा जगह और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके अलावा, इसमें “कवच” जैसे सुरक्षा प्रोटेक्शन सिस्टम भी लगाए गए हैं। जो यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता बनाते हैं। सबसे बड़ी बात यह कि वंदेभारत एक्सप्रेस के स्टॉपेज कम होंगे, जिससे यात्रा में समय की बचत होगी। बता दें कि यह ट्रेन सप्ताह में 6 दिन (Vande Bharat between two cities) चलेगी और इसका शेड्यूल लखनऊ रेल मंडल द्वारा तय किया जाएगा। इसे भी पढ़ें:- वक्फ बिल पास होते ही कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, महाराष्ट्र के इस बड़े मुस्लिम नेता ने छोड़ी पार्टी फाइनल शिड्यूल मई के अंत में किया जा सकता है (Vande Bharat between two cities) जारी  नई वंदेभारत एक्सप्रेस के कोचों में कई अहम बदलाव किए गए हैं। इन बदलाओं में एग्जीक्यूटिव चेयर क्लास सीटों के पास बैग रखने की विशेष सुविधा दी गई है। कुल मिलाकर 8 कोचों वाली इस कार चेयर ट्रेन में 564 सीटों से सुसज्जित होगी। इससे यात्रियों को पर्याप्त स्थान मिलेगा। ध्यान देने वाली बात यह कि वंदेभारत एक्सप्रेस का किराया सामान्य ट्रेनों की तुलना में थोड़ा अधिक होता है। खैर, आरामदायक सफर और समय की बचत के सामने थोड़ी बहुत कीमत तो चुकानी हो गई। बात करें इसके शिड्यूल की तो,  इसका फाइनल शिड्यूल मई के अंत में जारी किया जा सकता (Vande Bharat between two cities) है। यात्रा की शुरुआत लखनऊ से सुबह होगी और यह भोपाल से शाम को वापस लखनऊ लौटेगी।  Latest News in Hindi Today Hindi News Vande Bharat between two cities #VandeBharatExpress #IndianRailways #FastestTrain #TravelIndia #TrainUpdate #NewRoute #JuneLaunch #RailwayNews #VandeBharat #CityToCity

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Demand to shut illegal madrasas

Demand to shut illegal madrasas: विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कलेक्टर से की अवैध मदरसों को बंद करने की मांग

राजस्थान की राजधानी जयपुर के हवामहल निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य को अवैध मदरसों में अवैध गतिविधियों और अनैतिक कृत्यों की शिकायतें मिल रही थीं। इस संबंध में बालमुकुंद आचार्य ने जयपुर में चल रहे अवैध मदरसों की जांच कराने और उन्हें बंद (Demand to shut illegal madrasas) करने की कार्रवाई के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने यह लेटर हवामहल विधानसभा के एक स्थानीय निवासी की उस शिकायत के बाद 3 अप्रैल को लिखा है, जिसमें जलमहल के सामने स्थित मदरसे के मौलाना पर नाबालिग का अपहरण करने के बाद फर्जी निकाह करने के आरोप लगाए गए हैं। बता दें कि इस लेटर में भाजपा विधायक ने लिखा है कि “मेरी जानकारी में आया है कि अपराकाशी जयपुर शहर में मदरसे बिना सरकारी मान्यता के संचालित किए जा रहे हैं। इनमें कई प्रकार के अनैतिक कार्य होने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। मदरसा संचालकों के भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। इसीलिए जयपुर शहर के सभी मदरसों की जांच करवाकर, अनाधिकृत रूप से संचालित मदरसों पर कार्रवाई करवाकर, उन्हें बंद करवाने की कार्रवाई का कष्ट करें।” पुलिस अधिकारियों को दिए एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश (Demand to shut illegal madrasas) जानकारी के मुताबिक स्वामी बालमुकुंद ने यह लेटर हवामहल विधानसभा के एक स्थानीय निवासी की शिकायत के बाद लिखा है। लिखे पत्र में जलमहल के सामने स्थित मदरसे के खिलाफ गंभीर (Demand to shut illegal madrasas) आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक मौलाना मुफ्ती सलीम पुत्र रईस पर एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर जबरन अपहरण करने और फिर फर्जी निकाह कराने का आरोप है। जानकारी के लिए बता दें कि यह मदरसा राज्य सरकार या अन्य किसी संस्था से रजिस्टर ही नहीं है। इस मामले पर बालमुकुंद आचार्य का कहना हे कि “इसके पहले भी कई गरीब तबके की बच्चियों के साथ अनैतिक कृत्य करने, खाडी देशों से चंदा लेने, हवाला के जरिए पैसा प्राप्त कर उसका उपयोग देशद्रोही की गतिविधियों में करने, जयपुर में तीन-तीन फर्जी आईडी बनाकर निवास करने जैसी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।”  इसे भी पढ़ें:- वक्फ बिल पास होते ही कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, महाराष्ट्र के इस बड़े मुस्लिम नेता ने छोड़ी पार्टी अवैध मदरसों में चल रही थी गैरकानूनी गतिविधियां (Demand to shut illegal madrasas) बता दें कि जयपुर शहर में बिना किसी सरकारी मान्यता के संचालित कुछ मदरसों में अवैध गतिविधियों और अनैतिक कृत्यों की शिकायतें बालमुकुंद आचार्य को लगातार मिल रही थी। इसी कड़ी में विधायक को हवा महल क्षेत्र के स्थानीय निवासियों द्वारा मदरसा नूर उल इस्लाम, टोंक वालों की बस्ती, जेपी कॉलोनी,   जलमहल के सामने स्थित मदरसे के खिलाफ गंभीर शिकायत (Demand to shut illegal madrasas) प्राप्त हुई। विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने इस गंभीर मामले में न सिर्फ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए हैं बल्कि  जिला कलेक्टर को भी पत्र लिखा है। विधायक का मानना है कि इस प्रकार की संस्थाएं समाज में घोर असुरक्षा और अव्यवस्था पैदा कर रही हैं। गौरतलब है कि रमजान के महीने में भी बालमुकुंद आचार्य ने लाउडस्पीकर की तेज आवाज से आम जनता को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया था और पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर छतों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग की थी।  Latest News in Hindi Today Hindi News Demand to shut illegal madrasas #IllegalMadrasas #BalmukundAcharya #MadarsaBan #EducationReform #ReligiousSchools #MadarsaControversy #IndiaPolitics #CollectorMemorandum #ShutMadrasas #MLAProtest

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National Medical Commission

नेशनल मेडिकल कमीशन का नया नियम: मेडिकल फैकल्टी के प्रमोशन के लिए BCMET कोर्स अनिवार्य

शिक्षक बनना और पढ़ाना कई लोगों का सपना होता है। यह एक ऐसा पेशा है, जिससे न केवल आपका जीवन बदल सकता है बल्कि इससे आप अपने छात्रों को सकारात्मक दिशा भी दे सकते हैं। एक अच्छा शिक्षक ने सिर्फ पढ़ाता नहीं है बल्कि छात्रों को सीखने, समझने और सपने देखने के लिए भी प्रेरित करता है। अगर टीचिंग आपका भी सपना है, तो एक खास खबर आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार अब अगर आप मेडिकल कॉलेजों (Medical Colleges) में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर में प्रोमोट होना चाहते हैं, तो अब इसके लिए आपको बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी (Basic Course in Medical Education Technology) करना होगा। आइए जानें मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए बीसीएमइटी कोर्स (BCMET course to become Professor and Associate Professor in Medical Colleges) के बारे में। मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए BCMET कोर्स (BCMET course to become Professor and Associate Professor in Medical Colleges) मेडिकल कॉलेजों (Medical Colleges) में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए अब बेसिक कोर्स में बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी (Basic Course in Medical Education Technology) करने को अब जरूरी बना दिया गया है। यह निर्णय नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) ने लिया है और उन्होंने ने ही इसके बारे में नोटिफिकेशन जारी की है। नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर की पोस्ट पर प्रमोशन के लिए फैकल्टी मेंबर्स को कमिशन द्वारा नॉमिनेटेड इंसीट्यूट से इस कोर्स को करना होगा।  यह कोर्स मेडिकल टेक्नोलॉजी एजुकेशन में बेसिक कोर्स के रूप में काम करेगा। आप ऑफिशियल वेबसाइट पर इसके बारे में और अधिक जान सकते हैं। अब पाएं मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए बीसीएमइटी कोर्स (BCMET course to become Professor and Associate Professor in Medical Colleges) के बारे में और जानकारी। इसे भी पढ़े: 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, जानें आवेदन प्रक्रिया और योग्यता क्या है डेडलाइन? इस रूल के अनुसार फैकल्टी मेमेबर्स को एकेडेमिक ईयर 2026-27 के लिए परमिशन लेटर (एलओपी) के लिए अप्लाई करने से पहले अपना बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजी (Basic Course in Medical Education Technology) को पूरा करना होगा, जिसे अक्टूबर 2025 तक जमा किया जाना चाहिए। यह कार्यक्रम मेडिकल एजुकेटर्स की टीचिंग कैपेबिलिटीज में सुधार करेगा, जिससे भारत में मेडिकल एजुकेशन की गुणवत्ता में वृद्धि होगी। इसके बारे में दिए आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों (Medical Colleges) में फैकल्टी की नियुक्ति के संबंध में, जहां पोस्ट्स को स्वीकृति दी गई है और आखिरी समय में नियुक्तियां की गई हैं, वहीं पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (PGMEB) ने यह निर्णय लिया है कि ऐसे मामलों में प्रिंसिपल सेक्रेटरी, मेडिकल एजुकेशन, सरकार द्वारा एक एफेडेविट प्राप्त किया जाना चाहिए। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों ने भी यह पुष्टि की है कि नियुक्त फैकल्टी अगले एकेडेमिक ईयर में बीसीएमईटी कोर्स (BCMET Course) पूरा करेगी। संक्षेप में कहा जाए तो इस नए नियम के अनुसार, प्रमोशन के लिए एलिजिबल होने के लिए फेक्ल्टी मेंबर को नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) डेजिगनेटेड इंस्टीट्यूशंस से बीसीएमईटी कोर्स (BCMET Course) पूरा करना होगा। अगर आप भी मेडिकल फेकल्टी हैं, और प्रमोशन चाहते हैं तो आज ही आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और इसके बारे में और जानकारी प्राप्त करें। प्रमोशन के इस मौके को न गवाएं। Latest News in Hindi Today Hindi news National Medical Commission #MedicalColleges #Professor #AssociateProfessor #BCMETcourseforbecomingProfessorandAssociateProfessorinMedicalColleges #BasicCourseinMedicalEducationTechnology #BCMET #NationalMedicalCommission

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iPhone price increase

iPhone price increase: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिसिप्रोकल टैरिफ के चलते बढ़ सकती हैं आईफोन की कीमतें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 180 से अधिक देशों पर लगाए गए भारी-भरकम रिसिप्रोकल टैरिफ का असर अब दुनिया में देखा जाने लगा है। दुनिया भर के बाजारों में गिरावट जारी है। इस टैरिफ ने ट्रेड वर्ल्ड वॉर की आशंका बढ़ा दी है। अब इसका असर एप्पल के आईफोन पर भी कीमतों पर भी पड़ (iPhone price increase) सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, यदि कंपनी टैरिफ की लागत ग्राहकों पर डालती है तो ग्रहकों की जेब ढीली हो सकती है। ऐसे में इस फैसले के चलते कंपनी के पास दो विकल्प हैं, या तो वह इस अतिरिक्त शुल्क का वहन खुद वहन करे या फिर इसका बोझ ग्राहकों पर डाले। अगर एप्पल टैरिफ का भार ग्राहकों पर डालती है, तो आईफोन की कीमतों में 40% तक वृद्धि हो सकती है। ऐसे में एक हाई-एंडआईफोन की कीमत लगभग 2,300 डॉलर तक पहुंच सकती है। गौर करने वाली बात यह कि एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग मुख्य रूप से चीन में होती है। और डोनाल्ड ट्रंप ने 54% का भारी-भरकम टैक्स लगा दिया गया है। जाहिर है, आईफोन की कीमतों में भारी उछाल होना लाजमी है।  30 से 40 प्रतिशत तक की (iPhone price increase) हो सकती है बढ़ोतरी  बता दें कि ट्रंप के रिसिप्रोकल टैरिफ नीति के चलते आईफोन की कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी (iPhone price increase) हो सकती है। इसे एक उदाहरण से समझते हैं। आईफोन 16 जो कि $799 लांच हुआ था, इस नीति के चलते अब वो $1,142 तक पहुंच सकता है, तो वहीं, आईफोन16 प्रो मैक्स की कीमत तकरीबन  $2,300 के आसपास जा सकती है। इतना ही नहीं, आईफोन का सबसे सस्ता मॉडल आईफोन 16e की कीमत भी $599 से बढ़कर $856 तक बढ़ सकती है। ध्यान देने वाली बात यह कि आईफोन ही नहीं, एप्पल के अन्य डिवाइसेज़ भी महंगे हो सकते हैं। कहने की जरूरत नहीं, अगर एप्पल टैरिफ का भार ग्राहकों पर डालता है, तो कंपनी की बिक्री में गिरावट आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले से ही कई बाजारों में एप्पल  की सेल गिर रही है। क्योंकि इसके इसके फीचर्स ग्राहकों को अधिक प्रभावित नहीं कर पाए हैं। ऐसे में, यदि आईफोन महंगा होता है, तो ग्राहक सैमसंग, गूगल पिक्सेल और अन्य ब्रांड्स की तरफ शिफ्ट हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ एप्पल ने अमेरिका में 500 अरब डॉलर के निवेश का किया है ऐलान (iPhone price increase) सीएफ़आरए रिसर्च के एक्सपर्ट एंजेलो ज़िनो का मानना है कि आपले ग्राहकों पर सिर्फ 5 से 10 प्रतिशत लागत ही डाल पाएगा। दावा तो यह भी किया जा रहा है कि कंपनी फिलहाल आईफोन 17 की लॉन्चिंग तक कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं करने वाली है। भले ही एप्पल कुछ निर्माण भारत और वियतनाम जैसे देशों में शिफ्ट कर रहा है लेकिन वहां भी 26% से 46% तक के टैक्स लागू हैं, जिससे लागत कम नहीं हो रही है। खैर, जानकारी के मुताबिक अगले चार वर्षों में एप्पल ने अमेरिका में 500 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया है। इसपर सीईओ टिम कुक ने कहा कि “हम अमेरिकी में निवेश करेंगे और इस निवेश से देश के भविष्य को और मजबूत करेंगे।” ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह निवेश आईफोन की आसमान छूती कीमतों (iPhone price increase) को रोक पाएगा भी या नहीं?  Latest News in Hindi Today Hindi news iPhone price increase #iPhonePriceHike #TrumpTariffs #iPhone2025 #USChinaTrade #ReciprocalTariff #AppleNews #iPhoneCost #TradeWarImpact #TechNews #AppleTariff

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Benefits of Spinach

Benefits of Spinach: पालक के 9 अद्भुत फायदे जो आपको हैरान कर देंगे

हरी पत्तेदार सब्जियां (Green leafy vegetables) हेल्दी डायट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें कई न्यूट्रिएंट्स और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। इन्हें खाने के बहुत से हेल्थ बेनेफिट्स हैं और इनसे कई रोगों का रिस्क कम होता है। हरी पत्तेदार सब्जियां (Green leafy vegetables) सुनते ही सबसे पहले दिमाग में पालक (spinach) का नाम आता है। यह कई वेराइटीज में उपलब्ध है और इसमें न्यूट्रिएंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। पालक (spinach) में विटामिन सी, विटामिन इ, विटामिन के, मैग्नीशियम, नाइट्रेट्स, बीटा-कैरोटीन, फोलिक एसिड का हाई लेवल पाया जाता है। लोग मोटापे को कम करने, मसल स्ट्रेंथ, मेमोरी, थिंकिंग स्किल्स और कई अन्य कंडिशंस से राहत पाने के लिए पालक का सेवन करते हैं। इनके इन्ही फायदों के कारण इसे एक सुपरफूड भी कहा जाता है। आइए जानें पालक के बेनेफिट्स (Benefits of Spinach) के बारे में। पालक के बेनेफिट्स (Benefits of Spinach): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार पालक (spinach) अमरंथ फैमिली से सम्बन्ध रखता है और बीट्स व क्विनोआ से रिलेटेड है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसे पूरी तरह से बहुत हेल्दी माना जाता है क्योंकि यह न्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। पालक के बेनेफिट्स (Benefits of Spinach) इस प्रकार हैं:  1. आंखों के लिए फायदेमंद पालक (spinach) गुणों का भंडार है, जो प्लांट पिगमेंट्स क्लोरोफिल और कैरोटीनॉयड से भरपूर होता है। यही नहीं, एंटी-इंफ्लेमेटरी होने के कारण यह प्लांट कंपाउंड्स हेल्दी आईसाइट के लिए महत्वपूर्ण है। इससे मैक्युलर डिजनरेशन और मोतियाबिंद का रिस्क कम होता है। 2. एनर्जी लेवल बढ़ाए पालक (spinach) एनर्जी को बूस्ट करने और ब्लड की क्वालिटी को बढ़ाने में फायदेमंद है। इनमें आयरन भी अच्छी मात्रा में होता है, जो रेड ब्लड सेल्स के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्ट, ऊर्जा उत्पादन और डीएनए सिंथेसिस के सपोर्ट में मदद मिलती है।  3. हार्ट हेल्थ को रखे सही पालक के बेनेफिट्स (Benefits of Spinach) हड्डियों से भी सम्बन्धित हैं। पालक (spinach) में नाइट्रेट्स जैसे कंपाउंड होते हैं, जो ब्लड फ्लो सुधारते हैं और ब्लड वेसल्स को रिलेक्स करते हैं। इससे आर्टेरियल स्टिफनेस कम होती है और डायलेशन बढ़ती है। ब्लड प्रेशर में कमी से हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का रिस्क कम रहता है। स्टडीज यह बताती हैं हरी पत्तेदार सब्जियां (Green leafy vegetables) जैसे पालक (spinach) हार्ट अटैक सर्वाइवल के लिए अच्छी है।  4. हड्डियां रहें मजबूत हड्डियां विटामिन के का बेहतरीन स्त्रोत हैं। यही नहीं, यह बोन-फ्रेंडली मैग्नीशियम, कैल्शियम और फॉस्फोरस का भी अच्छा सोर्स है।  5. प्रोटेक्टिव एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज से भरपूर पालक (spinach) ऑक्सीडेशन प्रोसेस के हानिकारक प्रभावों से शरीर को लड़ने में मदद करता हैं। समय के साथ यह प्रोसेस लम्बे समय तक की सूजन का कारण बन सकती है, जिसके परिणामस्वरूप हार्ट डिजीज और कैंसर (Cancer) जैसी आयु-संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।  6. फाइबर का अच्छा स्त्रोत पालक (spinach) इन्सॉल्यूब्ल फाइबर का अच्छा स्त्रोत है। यह फाइबर इंटेस्टाइन से वेस्ट फूड के पैसेज को बढ़ावा देता है और हमारे पेट के हेल्थ और इम्युनिटी को सपोर्ट करता है। 7. वजन को रखे सही पालक में मौजूद फायटोकेमिकल्स और एक्टिव प्लांट कंपाउंड्स सटाइटी हार्मोन के रिलीज को बढ़ाकर भोजन के सेवन को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। जिससे वजन को सही रखने में मदद मिल सकती है।  8. दिमाग के लिए फायदेमंद पालक (spinach) को एंटी-स्ट्रेस और एंटी-डिप्रेसेंट प्रॉपर्टीज के लिए जाना जाता है, जो स्ट्रेस हॉर्मोन्स, कोर्टिसोल को कम करते है। इससे ग्लूटामेट और ग्लूटामाइन जैसे मूड को नियंत्रित करने वाले न्यूरोट्रांसमीटर बढ़ते हैं। हालांकि, इसके बारे में अभी और रिसर्च की जानी जरुरी है। इसे भी पढ़ें: खुश रहने के लिए खाएं ये सुपरफूड्स: मूड बूस्टर के बारे में पूरी जानकारी 9. स्वस्थ त्वचा और बाल  हरी पत्तेदार सब्जियां (Green leafy vegetables) जैसे पालक (spinach) में विटामिन ए अच्छी मात्रा में होता है। यह स्किन पोर्स और हेयर फॉलिकल्स के उत्पादन को नियंत्रित करता है, जिससे त्वचा और बालों को नमी मिलती है। इस तेल के जमा होने से पिम्पल्स और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। विटामिन ए त्वचा और बालों सहित सभी बॉडी टिश्यू के विकास के लिए भी आवश्यक है। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। #Benefitsofspinach #greenleafyvegetables #spinach #vegetable

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