इस तपती गर्मी में घर को रखना चाहते हैं ठंडा और कूल कूल, तो जानिए Cool Roof Technology के बारे में यहां

Cool Roof Technology

घर एक ऐसी जगह है जो हमें सर्दी, गर्मी बरसात आदि से बचाता है। घर में हम सबसे अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। आजकल हर कोई सुख-सुविधाओं के नए तरीकों को एक्सप्लोर कर रहा है, ताकि लाइफ और आरामदायक बन सके। अभी एक नयी तकनीक (Technology) प्रचलित हो रही है जिसका नाम है कूल रूफ तकनीक (Cool Roof Technology)। तेलंगाना वो पहला राज्य है जिसने स्टेट-वाइड कूल रूफ पॉलिसी को अमल में लाया है। अन्य राज्य भी इस पॉलिसी को लाने की तैयारी कर रहे हैं। इस तकनीक (Technology) से घर के तापमान को कम किया जा सकता है और इससे बिजली का बिल भी कम आएगा। आइए पाएं जानकारी कूल रूफ तकनीक (Cool Roof Technology) के बारे में।

क्या है ये कूल रूफ तकनीक (Cool Roof Technology)?

इस तकनीक (Technology) में ऐसे मेटेरियल और कोटिंग का इस्तेमाल किया जाता है जो अधिक सनलाइट को रिफ्लेक्ट करती है और कम गर्मी को एब्जॉर्ब करती है। इससे छत की सतह का तापमान कम होता है और इसके साथ ही बिल्डिंग में हीट ट्रांसफर भी कम होता है। यही नहीं, इससे ऊर्जा की बचत होती है और घर अधिक आरामदायक बनता है खासतौर पर गर्मी के मौसम में। इस तकनीक (Technology) से घर में एयर कंडीशनर की आवश्यकता नहीं पड़ती। यानी, बिना किसी नुकसान के गर्मी में घर को ठंडा बनाने रखने का यह एक आसान और प्रभावी उपाय है। कूल रूफ तकनीक के फायदे  (Benefits of Cool Roof Technology) क्या हो सकते हैं जानिए।

कूल रूफ तकनीक के फायदे (Benefits of Cool Roof Technology)

इस तकनीक (Technology) में ठंडी छतों को हाई सोलर परावर्तन के लिए बनाया जाता है यानी इनसे वातावरण में सूरज की किरणों को वापस प्रतिबिंबित कर दिया जाता है। कूल रूफ तकनीक के फायदे  (Benefits of Cool Roof Technology) इस प्रकार हैं:

  • एनर्जी की खपत हो कम: कूल रूफ तकनीक (Cool roof technology) की मदद से छत का तापमान कम होता जिससे एयर कंडीशनर की जरूरत कम पड़ती है। यानी धन और ऊर्जा की बचत होती है।
  • अधिक आराम: गर्मी के मौसम में यह तकनीक (Technology) बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। ठंडी छत से घर के अंदर का तापमान ठंडा होता है जिससे गर्म मौसम में घर आरामदायक बनता है।
  • छत की उम्र बढ़े: ऐसा पाया गया है कि कूल रूफ तकनीक (Cool roof technology) से छत का तापमान कम होता  है जिससे छत समय से पहले कमजोर नहीं होती और इनकी उम्र में बढ़ोतरी होती है। यह तकनीक (Technology) एक टिकाऊ निर्माण प्रैक्टिस है जिससे कार्बन एमिशन्स और ऊर्जा की मांग कम होती है।

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साधारण छतों को ठंडा बनाने के लिए फाइबरग्लास वेब से बने डामर शिंगल का उपयोग किया जाता है।

लेकिन इसमें फाइबरग्लास के ऊपर सिरेमिक की कोटिंग की जाती है जिससे सूरज से आने वाली किरणे रिफ्लेक्ट हो जाती है। इसके अलावा डामर सिंगल की जगह लकड़ी के शिंगल, कंक्रीट टाइलें, स्लेट टाइलों आदि का प्रयोग किया जाता है। धातु के शिंगल या टायलों का भी उपयोग किया जा सकता है। इससे घर के अंदर का तापमान कम रहता है और घर ठंडा रहता है। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह कूल रूफ तकनीक (Cool roof technology) गर्मी से बचाव में बहुत अधिक इस्तेमाल की जा सकती है। 

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