पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन

पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन

पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन, रूस के उप-प्रधानमंत्री होंगे मुख्य अतिथि नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में मंगलवार, 25 सितंबर को वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का आगाज़ होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। चार दिन तक चलने वाला यह अंतरराष्ट्रीय मेगा इवेंट खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में निवेश, नवाचार और वैश्विक साझेदारी का बड़ा मंच बनने वाला है। इस बार का आयोजन खास इसलिए भी है क्योंकि रूस के उप-प्रधानमंत्री दिमित्री पात्रुशेव विशेष अतिथि के रूप में भारत आएंगे। उनके साथ भारत सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। यह उपस्थिति इस बात का संकेत है कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई प्राथमिकता और ताकत देने के लिए पूरी तरह गंभीर है। वर्ल्ड फूड इंडिया का मुख्य मकसद भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई दिशा देना और इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना है। इसके जरिए न केवल किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा बल्कि देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। भारत दुनिया के सबसे बड़े कृषि उत्पादक देशों में से एक है, लेकिन अभी भी प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में भारी संभावनाएं मौजूद हैं। यही कारण है कि सरकार इस आयोजन को “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” अभियानों से जोड़कर देख रही है। पिछले संस्करण की सफलता को देखते हुए इस बार और भी बड़े निवेश की उम्मीद की जा रही है। 2023 में आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया के दौरान करीब 33,000 करोड़ रुपये के समझौते हुए थे। इस बार लक्ष्य उससे भी आगे बढ़ने का है। इसके लिए न केवल भारत बल्कि दुनिया भर से निवेशक, उद्योगपति और कंपनियां इसमें हिस्सा लेंगी। चार दिन तक चलने वाले इस आयोजन में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। रूस, जर्मनी, जापान, इटली और यूएई जैसे देशों की भागीदारी पहले ही सुनिश्चित हो चुकी है। इन देशों की मौजूदगी इस कार्यक्रम को और भी अंतरराष्ट्रीय महत्व देती है। प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन भाषण में किसानों की आय बढ़ाने, नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक फूड हब बनाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में सतत विकास और पोषण से जुड़े खाद्य विकल्पों पर भी खास फोकस रहेगा। वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 न सिर्फ भारत के लिए निवेश और तकनीक का अवसर है, बल्कि यह दुनिया को यह दिखाने का मौका भी है कि भारत खाद्य सुरक्षा, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

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आजम खान की रिहाई अखिलेश यादव का बड़ा बयान

आजम खान की रिहाई: अखिलेश यादव का बड़ा बयान

आजम खान की रिहाई: अखिलेश यादव बोले– खुशी का दिन, सरकार आने पर मुकदमे होंगे निपटाए उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री आजम खान की हाल ही में रिहाई ने राजनीतिक हलकों में नई हलचल पैदा कर दी है। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे “खुशी का दिन” करार दिया और कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में वापस आती है तो वे यह सुनिश्चित करेंगे कि आजम खान पर दर्ज अधिकांश मामले जल्द निपट जाएँ। अखिलेश यादव ने अपने बयान में सरकार की आलोचना करते हुए संकेत दिया कि वर्तमान प्रशासन के दौरान कई मामलों में उचित कार्रवाई नहीं हो पाई और सियासी दमन की कोशिशें की गईं। उनका यह बयान न केवल पार्टी समर्थकों के लिए उम्मीद जगाने वाला है, बल्कि राजनीतिक विरोधियों के लिए भी संदेश है कि आगामी समय में पार्टी अपने नेताओं की सुरक्षा और अधिकारों के लिए सख्ती से काम करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आजम खान की रिहाई और उसके बाद अखिलेश यादव के बयान आगामी चुनावों और राजनीतिक रणनीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। पार्टी समर्थक इसे न्याय और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत मान रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसे विवादास्पद करार दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी आजम खान की रिहाई को लेकर चर्चा तेज है। लोग अपने विचार साझा कर रहे हैं, किसी का रुख स्वागतयोग्य है तो किसी का आलोचनात्मक। इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर को और भी जटिल बना दिया है, और आने वाले महीनों में इसके परिणामों पर नजर बनाए रखना जरूरी है। अखिलेश यादव का यह बयान स्पष्ट करता है कि पार्टी अपनी नीतियों और नेताओं के मामलों में सक्रिय और सख्त रवैया अपनाने के लिए तैयार है, और आगामी समय में न्यायिक प्रक्रियाओं और राजनीतिक रणनीतियों को लेकर कई निर्णय लिए जा सकते हैं।

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नवरात्रि 2025 भक्ति, उत्साह और परंपराओं का पर्व

नवरात्रि 2025 : भक्ति, उत्साह और परंपराओं का पर्व

आज से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है। सुबह से ही देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देवी मां की जयकारों से वातावरण गूंज उठा और जगह-जगह कलश स्थापना, दुर्गा पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मान्यता है कि वे हिमालय की पुत्री हैं और शक्ति के आरंभिक स्वरूप के रूप में पूजित होती हैं। शुभ मुहूर्त में भक्तों ने घरों और मंदिरों में घटस्थापना की, वहीं व्रत रखने वाले श्रद्धालु उपवास और पूजा-अर्चना में लीन रहे। इस दिन का रंग सफेद माना गया है, जो निर्मलता और शांति का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व श्रद्धा, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने आशा जताई कि यह नवरात्रि देश को नई शक्ति और उमंग प्रदान करेगी। खास बात यह है कि इस बार नवरात्रि का आगाज जीएसटी सुधारों की घोषणा के साथ हुआ है। केंद्र सरकार ने “जीएसटी बचत उत्सव” की शुरुआत की है, जिससे आम जनता को रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों पर राहत मिलने की उम्मीद है। भक्ति और उत्साह के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उपवास रखने वालों के लिए सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार केवल पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी, स्मूदी और मौसमी फलों के रस जैसे पेय पदार्थों का सेवन भी करना चाहिए ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे और डिहाइड्रेशन की समस्या न हो। कई जगह पर “सात्विक आहार” के मेले और स्टॉल भी लगाए गए हैं ताकि व्रतधारी आसानी से उपयुक्त भोजन पा सकें। सोशल मीडिया पर नवरात्रि का क्रेज भी चरम पर है। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर गारबा और डांडिया की रिहर्सल के वीडियो वायरल हो रहे हैं। गूगल जेमिनी एआई से बने पारंपरिक परिधानों और नवरात्रि-थीम वाले सेल्फी ट्रेंड में हैं। युवा पीढ़ी उत्सव को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ रही है। वहीं, ज्योतिषाचार्यों और धार्मिक आचार्यों ने नौ दिनों के अनुष्ठान, देवी के स्वरूपों और उनसे जुड़ी मान्यताओं की जानकारी साझा की है। विभिन्न राज्यों में प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के कड़े इंतज़ाम किए हैं। गुजरात और महाराष्ट्र में बड़े स्तर पर गारबा और डांडिया महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के मैहर में नवरात्रि के दौरान मांसाहार और शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख देवी स्थलों पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। नवरात्रि केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव भी है। नौ दिनों तक चलने वाला यह पर्व भक्ति, अनुशासन और सकारात्मकता का संदेश देता है। लोगों की आस्था है कि मां दुर्गा की उपासना से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।

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पीएम मोदी का गुजरात दौरा: विरासत और विकास का संगम

पीएम मोदी का गुजरात दौरा: विरासत और विकास का संगम

गुजरात, 20 सितंबर 2025 — आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया जिसमें सौर ऊर्जा, समुद्री विरासत और सामाजिक विकास से जुड़े कई पहलुओं पर ज़ोर दिया गया। उनका यह दौरा इस बात का प्रतीक है कि कैसे विकास और पारंपरिक विरासत को साथ लेकर चलना संभव है। नए सोलर विलेज की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने कच्छ जिले के धोरड़ो गाँव को राज्य का चौथा पूर्णतः सौर ऊर्जा पश्चिम गाँव (solar village) घोषित किया। धोरड़ो पिछले कुछ समय से पर्यटन की दृष्टि से प्रसिद्ध है, और अब यह सोलर विलेज बनते ही पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उदाहरण स्थापित करेगा। राज्य सरकार ने इस पहल को पर्यावरण अनुकूल विकास की दिशा में कदम बताया है।  राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का निरीक्षण अपने दौरे के दौरान उन्होंने अहमदाबाद जिले की लोथल स्थित राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का निरीक्षण किया। लगभग ₹4,500 करोड़ की इस परियोजना का उद्देश्य भारत की प्राचीन समुद्री सभ्यता और व्यापारिक इतिहास को जीवंत बनाना है। लोथल का इतिहास इंडस घाटी की प्राचीन परंपराओं से जुड़ा है और NMHC में बनने वाले उद्घाटन किए जा चुके हिस्सों और चल रहे कार्यों का पीएम मोदी ने जायजा लिया।  सार्वजनिक संबोधन और रोडशो प्रधानमंत्री ने इस दौरे के दौरान जनता को संबोधित किया और रोडशो भी किया। इस तरह की सार्वजनिक उपस्थापनाएं विकास की परियोजनाओं के साथ सीधे लोगों को जोड़ने का माध्यम बनती हैं। मोदी के भाषणों में अक्सर स्थानीय जरूरतों, ग्रासरूट विकास और सरकार की योजनाओं की अहमियत बताई जाती है, जिससे जनता को सरकार की प्राथमिकताएं समझ में आती हैं।  “विरासत भी, विकास भी” का सिद्धांत प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा उस प्रस्तावना को पुष्ट करता है जो उन्होंने विकास के साथ विरासत को भी महत्व देने की कही है — अर्थात् पुरातन इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते हुए आगे बढ़ना। धोरड़ो गाँव में सोलर विज़न लागू करना और लोथल जैसे ऐतिहासिक स्थल को पुनर्जीवित करना इस दृष्टिकोण के स्पष्ट उदाहरण हैं।  लाभ और चुनौतियाँ इन पहलों से स्थानीय लोगों को कई तरह से लाभ मिलने की उम्मीद है — बिजली की बचत, पर्यटन से आय, स्थानीय रोजगार, और पर्यावरणीय स्थिरता। हालांकि, इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करना, रख-रखाव सुनिश्चित करना, और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप संचालन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह जरूरी है कि परियोजनाएँ सिर्फ उद्घाटन तक ही सीमित न रह जाएँ बल्कि लंबे समय तक चलने वाले हों। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश  प्रधानमंत्री मोदी का यह गुजरात दौरा यह संदेश दे रहा है कि विकास का रास्ता सिर्फ नई परियोजनाएँ नहीं हैं, बल्कि पुरानी विरासत को संजोने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने के माध्यम से भी गुजरता है। धोरड़ो गाँव का सोलर विलेज बनना और लोथल परिसर का काम इस तरह के मिश्रित विकास का प्रमाण हैं। जैसे-जैसे ये परियोजनाएँ पूरी होंगी, यह देखना होगा कि इनके प्रभाव कितने व्यापक और दीर्घकालीन होते हैं — क्या ये जमीन पर बदलाव लाती हैं? गुजरात के लोगों और सरकार दोनों की निगाहें इस दिशा में बनी हुई हैं।

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Weather alert in Delhi-NCR

दिल्ली-एनसीआर में मौसम का अलर्ट 

दिल्ली-एनसीआर में मौसम का अलर्ट: हल्की-से-हैवी बारिश, उमस और बदलाव की संभावना नई दिल्ली, 19 सितम्बर 2025। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। अधिकतर इलाकों में दोपहर से शाम के बीच हल्की-से-मध्यम बारिश की संभावना जतायी गयी है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश या गरज-चमक के साथ तूफानी हवाएँ भी आ सकती हैं। हाल ही में मौसम-अवलोकन से पता चला है कि Palam, Safdarjung और आसपास के ऑब्जर्वेशन स्टेशनों पर बादल छाए हुए हैं, हवा की दिशा बदल रही है, और आर्द्रता अधिक है। इन परिस्थितियों के चलते अचानक मौसम बदलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और बुजुर्गों, बच्चों व संवेदनशील लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश के साथ-साथ तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। सुबह-शाम की अपेक्षित न्यूनतम तापमान लगभग 23-25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि दिन के समय अधिकतम तापमान बढ़-चढ़कर 34-36 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। विशेष रूप से बाहर निकलने पर तेज़ धूप और उमस महसूस हो सकती है। जनजीवन पर असर और सुझाव इस मौसम अलर्ट के चलते सड़कें गीली होने के कारण आवाजाही में बाधाएँ हो सकती हैं। जलजमाव की संभावना वाले इलाकों में वाहन धँसाव या पानी के कारण रस्ते फिसलने जैसी घटनाएँ हो सकती हैं। सार्वजनिक परिवहन पर असर हो सकता है, साथ ही उड़ानों या अन्य यात्रा योजनाओं में बदलाव संभव है। वाटरप्रूफ कवच और छतरी साथ रखना ठीक रहेगा। घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देख लें। रात के समय हल्के-बूंदा-बांदी की संभावना के चलते बाहर की गतिविधियों को सीमित करना बेहतर होगा। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को विशेष ध्यान देना चाहिए। अगले कुछ दिन का पूर्वानुमान आगामी दो-तीन दिनों में बारिश-विभिन्नता बनी रहने की उम्मीद है। दोपहर या शाम के समय हल्की-मध्यम बारिश की गतिविधियाँ होंगी, कुछ इलाकों में मौसम साफ़ होगा। मौसम विभाग की माने तो मानसून का प्रभाव अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन अभी भी अस्थिर मौसम की स्थिति बनी हुई है।

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1965 के जांबाजों से बोले राजनाथ सिंह

1965 के जांबाजों से बोले राजनाथ सिंह

1965 के जांबाजों से बोले राजनाथ सिंह: भारत पड़ोसियों के मामले में भाग्यशाली नहीं, पर इसे नियति नहीं माना नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के वीर सैनिकों से बातचीत करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से भारत अपने पड़ोसियों के साथ रिश्तों के मामले में हमेशा भाग्यशाली नहीं रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश ने इस स्थिति को अपनी नियति मानकर कभी स्वीकार नहीं किया। भारत ने हर चुनौती का सामना किया और अपनी तकदीर खुद लिखी। कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने 1965 के युद्ध में लड़ने वाले जांबाजों को नमन किया। उन्होंने कहा कि उस दौर के सैनिकों का साहस, बलिदान और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्हीं की वीरता की बदौलत आज भारत की सीमाएं सुरक्षित हैं और हमारी सेनाओं का मनोबल ऊंचा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत हमेशा शांति और सहयोग की नीति पर चला है, लेकिन जब-जब हमारी सीमाओं को ललकारा गया है, तब-तब हमारी सेनाओं ने दुश्मन को करारा जवाब दिया है। राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि भारत का पड़ोसी कौन होगा यह हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन उनसे संबंध किस तरह रखने हैं यह हमारे नियंत्रण में जरूर है। उन्होंने यह संदेश दिया कि भारत हमेशा बेहतर रिश्ते बनाने की कोशिश करता रहा है, लेकिन अगर पड़ोसी सहयोग न करें तो भी देश पीछे नहीं हटेगा। रक्षा मंत्री ने यह भी दोहराया कि भारत किसी से वैरभाव नहीं चाहता, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के साथ कोई समझौता भी नहीं करेगा। इस मौके पर उन्होंने हाल के सैन्य अभियानों का भी उल्लेख किया और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए कदमों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत ने कठिन हालात में भी जीत को अपनी आदत बना लिया है। उन्होंने सैनिकों और उनके परिवारों को विश्वास दिलाया कि सरकार उनके साहस और बलिदान को कभी भुला नहीं सकती। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनाथ सिंह का यह बयान मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और सीमावर्ती तनावों के बीच बेहद अहम है। चीन और पाकिस्तान के साथ रिश्तों में आए उतार-चढ़ाव की पृष्ठभूमि में रक्षा मंत्री ने साफ संदेश दिया है कि भारत संवाद और दोस्ती की नीति को प्राथमिकता देता है, लेकिन सुरक्षा से जुड़ी हर चुनौती का सख्ती से सामना भी करेगा। 1965 का युद्ध भारत के इतिहास का एक अहम मोड़ माना जाता है। इस युद्ध में भारतीय सेनाओं ने जिस साहस और रणनीति का परिचय दिया, उसने पूरे देश को गौरवान्वित किया। राजनाथ सिंह का जांबाजों के साथ यह संवाद न केवल इतिहास को याद करने का अवसर था, बल्कि वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा नीतियों पर भी एक सशक्त संकेत था

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Pakistan and Bangladesh feel like home...," said Sam Pitroda, echoing Rahul Gandhi's appeal to Gen-Z

पाकिस्तान-बांग्लादेश घर जैसा लगता है…’, बोले सैम पित्रोदा, Gen-Z से दोहराई राहुल गांधी वाली अपील

पाकिस्तान-बांग्लादेश घर जैसा लगता है…’, बोले सैम पित्रोदा, Gen-Z से दोहराई राहुल गांधी वाली अपील नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा ने एक बार फिर बयान देकर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। पित्रोदा ने कहा कि “पाकिस्तान और बांग्लादेश हमारे लिए घर जैसा लगता है”। उन्होंने साथ ही Gen-Z यानी नई पीढ़ी से राहुल गांधी की सोच और संदेश को आगे बढ़ाने की अपील की। राहुल गांधी की लाइन को दोहराया सैम पित्रोदा ने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते हमेशा संवाद और विश्वास पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी की “नफरत नहीं, मोहब्बत” वाली लाइन को दोहराते हुए कहा कि नई पीढ़ी को सीमाओं से आगे बढ़कर भाईचारे और शांति का रास्ता अपनाना चाहिए। Gen-Z को संदेश उन्होंने खासतौर पर Gen-Z पीढ़ी से कहा कि वे सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी से जुड़े हुए हैं, इसलिए उन्हें सीमाओं से परे सोचकर वैश्विक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। पित्रोदा ने कहा कि भारत का भविष्य तभी मजबूत होगा जब नई पीढ़ी नफरत और विभाजन की राजनीति से ऊपर उठकर साझेदारी और भाईचारे की राह चुनेगी। बीजेपी का पलटवार पित्रोदा के इस बयान पर बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस हमेशा पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुद्दों पर “नरम रुख” दिखाती रही है। उनका आरोप है कि इस तरह के बयान से राष्ट्रीय हित और सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। चुनावी संदर्भ में देखा जा रहा बयान विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान सीधा-सीधा चुनावी राजनीति से जुड़ा है। कांग्रेस लगातार युवाओं और नए मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी के संदेश को आगे बढ़ाकर सैम पित्रोदा भी उसी दिशा में काम कर रहे हैं।

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बुरहानपुर ब्रेकिंग: इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा

बुरहानपुर ब्रेकिंग: इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, दो युवक गंभीर घायल, ट्रक चालक फरार बुरहानपुर (मध्यप्रदेश)। जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम इच्छापुर शनिमंदिर के पास रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया। इंदौर-इच्छापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-52) पर अज्ञात ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। कैसे हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से मोटरसाइकिल को टक्कर मारी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के कई टुकड़े हो गए और युवक दूर जा गिरे। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़ने के बजाय तुरंत फरार हो गया। घायल युवकों की हालत नाजुक हादसे में घायल दोनों युवकों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे रेफर कर दिया है। मौके पर लोगों का आक्रोश घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने पुलिस को खबर दी, लेकिन पुलिस के मौके पर देर से पहुंचने पर लोगों ने नाराजगी जताई और विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन और पुलिस ट्रैफिक नियंत्रण एवं सख्ती को लेकर गंभीर नहीं है। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लगातार बढ़ रहे हैं हादसे गौरतलब है कि इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की आवाजाही के चलते आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने और ब्लैक स्पॉट्स पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।

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नेपानगर में बड़ा हादसा टला

नेपानगर में बड़ा हादसा टला: ताप्ती पुल से लटक गया आयसर वाहन, बाल-बाल बचीं कई जानें

बुरहानपुर। जिले के नेपानगर-अंबाडा मार्ग पर मंगलवार सुबह एक ऐसा हादसा हुआ जिसने कुछ ही पलों में लोगों की सांसें थमा दीं। एक तेज़ रफ्तार आयसर वाहन ताप्ती नदी के पुल पर अचानक अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए आधा हिस्सा नीचे की ओर लटक गया। वाहन पूरी तरह नदी में गिरने से बस एक कदम दूर था। सौभाग्य से बड़ा हादसा टल गया और कई लोगों की जान बाल-बाल बच गई। — हादसा कैसे हुआ? मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह घटना सुबह लगभग 11 बजे की है। आयसर वाहन बुरहानपुर से नेपानगर की ओर तेज गति से आ रहा था। जैसे ही वाहन ताप्ती पुल के पास पहुंचा, चालक अचानक संतुलन खो बैठा। वाहन सीधे पुल की रेलिंग से टकराया और आधा हिस्सा तोड़ते हुए बाहर की ओर झुक गया। कुछ ही सेकंड के लिए ऐसा लगा कि वाहन नदी में गिर जाएगा, लेकिन किसी तरह उसका पिछला हिस्सा पुल पर अटका रह गया। आंखों देखा हाल बताने वाले प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर वाहन थोड़ा और आगे खिसक जाता, तो वह सीधे नदी की गहराई में जा गिरता और एक बड़ा हादसा निश्चित था। मौके पर अफरा-तफरी जैसे ही यह घटना घटी, पुल पर और उसके आसपास मौजूद लोग सहम गए। कुछ ही पलों में सड़क पर जाम लग गया और लोग भागकर वाहन की ओर दौड़े। मौके पर मौजूद कई राहगीरों ने अपने मोबाइल से वीडियो और फोटो बनाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। खबर मिलते ही पुलिस दल और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। वाहन को सुरक्षित निकालने के लिए क्रेन मंगाई गई। इस दौरान करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। बड़ी जनहानि से बचाव सबसे राहत की बात यह रही कि वाहन में बैठे लोगों को गंभीर चोट नहीं आई। केवल कुछ हल्की खरोंचें और मामूली चोटों की सूचना मिली है। अगर वाहन पूरी तरह नदी में गिर जाता, तो न सिर्फ चालक और सवार लोग बल्कि नीचे से गुजर रहे अन्य लोग भी इसकी चपेट में आ सकते थे। स्थानीय लोगों ने इसे भगवान की कृपा बताते हुए कहा कि यह वाकई चमत्कार ही था कि इतने खतरनाक मोड़ पर भी कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और ओवरस्पीडिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेपानगर-अंबाडा मार्ग पर कई बार वाहन तेज गति से गुजरते हैं और प्रशासन इस पर सख्ती नहीं करता। ताप्ती पुल पर पहले भी छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन इस बार तो मामला बेहद गंभीर था। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गति, ओवरलोडिंग और चालक की लापरवाही से सड़क हादसों की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को सख्ती से नियम लागू करने होंगे। सोशल मीडिया पर चर्चा जैसे ही घटना के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर आए, लोग लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे। किसी ने इसे चालक की लापरवाही बताया, तो किसी ने प्रशासन की कमजोरी। कई यूजर्स ने लिखा कि पुल की सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि ऐसे हादसे भविष्य में टाले जा सकें। प्रशासन की प्रतिक्रिया हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि वाहन तेज गति में था और मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो दिया। हालांकि, वाहन में किसी तकनीकी खराबी की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से सीख लेनी चाहिए। ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण और यातायात नियमों का पालन हर किसी के लिए जरूरी है। साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे हादसे के समय अफरा-तफरी न फैलाएं और प्रशासन की मदद करें।

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आंखों पर पट्टी, मन में न्याय की लौ! नागझरी पंचायत में भ्रष्टाचार के खिलाफ युवक का अनोखा प्रदर्शन

आंखों पर पट्टी, मन में न्याय की लौ! नागझरी पंचायत में भ्रष्टाचार के खिलाफ युवक का अनोखा प्रदर्शन

बुरहानपुर। बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के ग्राम पंचायत नागझरी में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ एक जागरूक ग्रामीण ने ऐसा अनोखा प्रदर्शन किया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। गांव के युवक लखन पटेल ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पंचायत सचिव सहित पंचायत व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका यह विरोध न केवल प्रतीकात्मक था, बल्कि एक गहरी सामाजिक पीड़ा और जनता की आक्रोशित आवाज को उजागर करता हुआ दिखा। पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप लखन पटेल का आरोप है कि ग्राम पंचायत नागझरी में लंबे समय से भ्रष्टाचार और मनमानी चरम पर है। उन्होंने कहा कि पंचायत की अधिकांश योजनाओं और शासकीय लाभों का वितरण सही पात्रों तक नहीं पहुंच रहा। नियमों और दिशा-निर्देशों को दरकिनार कर अपात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, जबकि वास्तव में जिन परिवारों को सहायता की जरूरत है, वे दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। लखन पटेल ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट, जो गरीब और बेघर लोगों के लिए है, उसमें भी भारी गड़बड़ी की गई है। उन्होंने बताया कि एक सरकारी कर्मचारी को ही इस योजना का लाभ दे दिया गया है, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। यह घटना न केवल योजना की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाती है। अभद्र व्यवहार का आरोप लखन पटेल ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह पंचायत कार्यालय किसी जानकारी की मांग करने या शिकायत दर्ज कराने पहुंचते हैं, तो पंचायत के कर्मचारी उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही की जगह वहां डर और दबाव का माहौल बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है मानो पंचायत कार्यालय जनता की सुविधा का केंद्र न होकर कुछ व्यक्तियों के हित साधन का अड्डा बन गया है। आंखों पर पट्टी बांधकर दिया संदेश लखन पटेल का विरोध प्रदर्शन बेहद प्रतीकात्मक रहा। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय के सामने आंखों पर काली पट्टी बांधकर यह संदेश दिया कि “यदि शासन और प्रशासन भ्रष्टाचार के मामलों पर आंखें मूंदकर बैठे रहेंगे, तो आम नागरिकों को भी आंखें बंद कर लेना चाहिए। या तो चुप्पी साध लें या फिर आवाज उठाएं।” उनका यह कदम यह बताता है कि लोकतंत्र में जनता की जागरूकता ही सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने यह भी कहा कि जब जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंद लेंगे, तो गरीब और जरूरतमंदों की आवाज कहीं दबकर रह जाएगी। ऐसे में हर जागरूक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह सामने आए और अपनी बात रखे। निष्पक्ष जांच की मांग लखन पटेल ने जिला कलेक्टर से अपील करते हुए पंचायत की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो भ्रष्टाचार का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा और वास्तविक हितग्राही लगातार वंचित होते रहेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई, तो वह व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे और ग्रामीणों को साथ लेकर पंचायत स्तर पर जवाब मांगेंगे। जनता में चर्चा का विषय बना प्रदर्शन लखन पटेल का यह अनोखा विरोध अब ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना हुआ है। कई ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने वर्षों से पंचायत की गड़बड़ियों को सहा है, लेकिन कोई खुलकर सामने नहीं आया। लखन पटेल ने हिम्मत दिखाकर न केवल पंचायत सचिव पर उंगली उठाई, बल्कि प्रशासन का ध्यान भी इस ओर आकर्षित किया है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी माना कि पंचायत में योजनाओं का लाभ अक्सर उन्हीं लोगों को मिलता है जिनका पंचायत कर्मियों से नजदीकी संबंध है। वहीं गरीब, मजदूर और कमजोर वर्ग की आवाज को नजरअंदाज कर दिया जाता है। इस कारण गांव में असमानता और नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रशासन की जिम्मेदारी यह मामला अब जिला प्रशासन के सामने है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह प्रशासनिक ढिलाई भ्रष्टाचार को और बढ़ावा देगी। पंचायत स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार से सीधे-सीधे गरीब और जरूरतमंद प्रभावित होते हैं, इसलिए यह प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। लोकतंत्र में जनता की ताकत लखन पटेल का यह अनोखा विरोध लोकतंत्र में जनता की ताकत का प्रतीक है। एक साधारण ग्रामीण ने आंखों पर पट्टी बांधकर यह दिखा दिया कि यदि सत्ता और तंत्र आंख मूंदकर बैठे रहेंगे, तो आम जनता भी आंखें मूंद सकती है। मगर, विकल्प यही है कि अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई जाए। यह विरोध केवल पंचायत स्तर की गड़बड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संदेश है कि जब भी जनता संगठित होकर अपनी बात रखती है, तो सबसे बड़े तंत्र को भी जवाब देना पड़ता है।

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