Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly

Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly: इस तरह हर महीने 8 लाख से भी अधिक कमाता है मुंबई का यह ऑटो वाला 

बेशक लाखों की नौकरी पाने के लिए भारीभरकम डिग्री की चाहिए होती है। यहाँ बात नौकरी करने की है। बिज़नेस करने के लिए किसी डिग्री की जरूरत नहीं है। यदि आपसे कहूं कि मुंबई में रहने वाला एक सामान्य ऑटो चालक साल के करोड़ों की कमाई कर रहा (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। शायद इस बात पर यकीन करना आपके लिए मुमकिन न हो। लेकिन यह सच है। इससे भी बड़ी हैरानी की बात यह है कि वो बिना एक भी किलोमीटर गाड़ी चलाए कमा रहा है। बस वो एक जगह खड़े रहता है। और बिना मीटर डाउन किये वो दिन के हजारों कमा रहा है। वो कहावत है न हींग लगे न फिटकरी रंग भी चोखा होय। जिसका अर्थ है कि कम खर्च या बिना मेहनत के भी अच्छा काम हो सकता है। यह कहावत मुंबई के ऑटो वाले पर सटीक बैठती है।  अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में किसी भी तरह का सामान ले जाने की होती है (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) सख्त मनाही भारत ही नहीं, जिस भी देश में अमेरिकी दूतावास होता है, वहां सुरक्षा चाक-चौबंद होती (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। वहां बिना काम के अंदर जाना तो कोसो दूर की बात, आपको  बाहर खड़े होने भी नहीं दिया जाता। इसी तरह मुंबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में हर दिन दूर-दराज इलाकों से लोग पहुंचते हैं। जाहिर सी बात जब दूर से आते हैं तो उनके पास सामान भी होता है। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में किसी भी तरह का सामान ले जाने की सख्त मनाही होती है। ऐसे में लोगों को बड़ी तकलीफ होती है। और तो और उसके आस-पास कोई लॉकर की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोगों को ज़रूरी कागजात, इलेक्ट्रॉनिक्स या निजी सामान रखने के लिए बड़े पापड़ बेलने पड़ते हैं। इस परेशानी को एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर ने अवसर में बदल दिया। उसने लोगों की ज़रूरतों को समझा और एक आसान सी सेवा शुरू की। इस तरह इस अनोखे कारोबार की शुरुआत उन लोगों की समस्या से हुई, जो वीज़ा हेतु आवेदन करने हर रोज अमेरिकी दूतावास पहुंचते हैं।  इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल दिन में 20,000 से 30,000 रुपये तक की होती है (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) कमाई दरअसल, ऑटो ड्राइवर वीज़ा आवेदकों के बैग को कुछ समय के लिए रखने लगा। वह वाणिज्य दूतावास के प्रवेश द्वार के पास खड़ा रहता है और लोगों को 1,000 रुपये में उनके सामान की सुरक्षा करने की बात कहता है। वह उन्हें भरोसा दिलाता है कि उनकी अपॉइंटमेंट खत्म होने तक उनका सामान उसके पास सुरक्षित रहेगा। हालाँकि पहली नज़र में यह कीमत अधिक प्रतीत हो सकती है, लेकिन वीज़ा इंटरव्यू की जल्दी में लोगों के पास कोई और विकल्प नहीं होता। ऐसे में अपनी अपॉइंटमेंट मिस करने से बेहतर लोग उसे 1000 रूपये देना अधिक प्रेफर करते (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) हैं। इस तरह वो एक आम दिन में, वह 20-30 ग्राहकों को संभालता है और उनसे वो 20,000 से 30,000 रुपये तक कमाई करता है। आप सोच रहे होंगे, इसमें सुरक्षा की गया गॅरंटी है? कल को कीमती सामान लेकर ऑटो वाला रफूचक्कर हो जाये तो कहाँ ढूंढने जायेंगे?  पूरी तरह तसल्ली हो जाने के बाद कस्टमर अपना सामान वहां रख देता है तो आपको बता दें कि इसके पीछे पूरा का पूरा एक सिस्टम है। यह सिर्फ सड़क किनारे खड़े होकर किया जाने वाला काम नहीं (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। इसे सोच-समझकर और बड़े व्यवस्थित तरीके से चलाया जाता है। ऑटो रिक्शा ड्राइवर पहले कस्टमर से संपर्क करता है। ग्राहक के मान जाने पर एक सुरक्षित प्रक्रिया शुरू होती है। बड़ी बात यह कि इस काम में एक स्थानीय पुलिस अधिकारी की मदद ली जाती है। पुलिस अधिकारी एक भरोसेमंद लॉकर की सुविधा उपलब्ध कराता है। पूरी तरह तसल्ली हो जाने के बाद कस्टमर अपना सामान वहां रख देता है। है न कमाल? इसे ही आपदा में अवसर कहा जाता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly MumbaiAuto #AutoDriverSuccess #MumbaiStories #InspiringJourney #MonthlyIncome #AutoRickshawLife #StartupSuccess

आगे और पढ़ें
Rhodes Scholarship

Rhodes Scholarship: ऑक्सफोर्ड में पढ़ने का सुनहरा मौका, 22.94 लाख रुपये का वजीफा

इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford university) किसी पहचान की मोहताज नहीं है। यह यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों में बहुत प्रसिद्ध है क्योंकि यहां शिक्षा बहुत अच्छी मिलती है। इसके साथ ही इसकी वैल्यू बहुत अधिक है, जिससे अच्छी नौकरी और अवसर मिलने में आसानी होती है। यानी, यहां पढ़ना बेहतरीन करियर ऑपर्चुनिटिज प्रदान करता है। यहां पढ़ने वाले छात्रों को ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाने में मदद मिलती है। अगर आप भी यहां पढ़ना चाहते हैं, तो अब आपके लिए एक खुशखबरी है। क्योंकि, यह यूनिवर्सिटी (University) अब रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) दे रही है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से। क्या है रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship)? रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) वो स्कॉलरशिप है जो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford university) द्वारा वहां पढ़ने के लिए दी जाती है। यह एक रेप्यूटेड इंटरनेशनल स्कॉलरशिप (Reputed International Scholarship) है। इस स्कॉलरशिप से दुनिया भर के छात्रों को इस यूनिवर्सिटी (University) में हायर एजुकेशन प्राप्त करने का मौका मिलता है। इसमें एलिजिबल छात्रों को  26 लाख से 28 लाख रुपये प्रति वर्ष मिलते हैं। इसमें ट्यूशन फीस और लिविंग एक्सपेंसेस दोनों शामिल होते हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford university) की ऑफिशियल वेबसाइट पर आपको मिल जाएगी। रोड्स स्कॉलरशिप के फायदे क्या हैं? रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद है। इसके कुछ फायदे इस प्रकार हैं: इसके अलावा इस स्कॉलरशिप के तहत छात्रों को वीजा और हेल्थ फीस व दो इकोनॉमी क्लास रिटर्न फ्लाइट्स भी मिलती हैं। यही नहीं, इससे दूसरा कोर्स करने वाले स्कॉलर्स के लिए वीजा रिन्यूअल सपोर्ट (Visa Renewal Support) भी मिलता है।  रोड्स स्कॉलरशिप के लिए योग्यता और एप्लीकेशन प्रोसेस रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) के लिए योग्यता में कैंडिडेट्स का एकेडमिक रिकॉर्ड व एजुकेशनल क्वालिफिकेशन (Educational qualification) आदि अच्छे होने चाहिए। इंडियन के पास इंडिया का पासपोर्ट (Passport) या इसके जैसा सिटीजनशिप सर्टिफिकेट (Citizenship Certificate) होना चाहिए।  इसके साथ ही कैंडिडेट के लिए भारत में किसी स्कूल से कक्षा 10 या 12 पास होना आवश्यक है। भारत की किसी यूनिवर्सिटी (University) से ग्रेजुएशन डिग्री (Graduation Degree) भी मान्य होगी। अधिक इनफार्मेशन आपको इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिलेगी। इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल कैसे अप्लाई करें? रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) के लिए यूनिवर्सिटी (University) की ऑफिशियल वेबसाइट पर अप्लाई किया जा सकता है। इसके लिए आपके पास सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स होने चाहिए। इसके साथ ही कैंडिडेट्स के लिए एक निबंध लिखना होता है, जिसमें उन्हें अपनी लीडरशिप, ऐकडेमिक और पर्सनल क्वालिटीज के बारे में बताना होगा। सिलेक्ट हुए कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi Rhodes Scholarship #RhodesScholarship #OxfordUniversity #University #OfficialWebsite #Scholarship

आगे और पढ़ें
Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain

Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain?: क्या सच में भाजपा सिर्फ अपने चुनावी फायदे के लिए करवा रही है जातीय जनगणना? 

लंबे अरसे से देश में जातिगत जनगणना को लेकर बवाल मचा हुआ है। कई राजनीतिक पार्टियां इसे समर्थन में भी हैं। विशेषकर कांग्रेस और कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी जातिगत जनगणना के मुद्दे को जोर शोर से उठाते रहे हैं। कुल मिलाकर सभी की मांग है कि इसके जरिये समाज की स्थिति साफ़ हो सकेगी कि देश भर में कुल जातियों में कितने लोग हैं। सभी की बढ़ी मांग और खिसकते वोट के मद्देनजर आखिरकार केंद्र की मोदी सरकार ने थक हारकर अगले साल 2026 में पूरे देश में जातीय जनगणना करवाने का फैसला किया है। यह तो ठीक, लेकिन इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने इसे लेकर एक बड़ा बयान दिया (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) है। दरअसल, तेजस्वी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जनगणना को लेकर बीजेपी की मंशा सही नहीं है। भाजपा की मंशा ठीक (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) नहीं है बुधवार को इस मामले पर तेजस्वी यादव ने मीडिया से की बातचीत में कहा कि भाजपा लोगों की मंशा ठीक नहीं है। यही नहीं, उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिहार चुनाव को देखते हुए जातीय जनगणना करवाने की घोषणा की है, ताकि वे इसका फायदा चुनाव में उठा सकें। इस बीच बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए तेजस्वी ने कहा कि भाजपा की मंशा ठीक नहीं है। इन लोगों की मंशा ठीक (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) नहीं है। हमने पहले भी कहा है कि बिहार चुनाव को देखते हुए इन लोगों ने घोषणा की है। हमारे दबाव और पुरानी मांग के कारण इन्होंने इसे कैबिनेट से पास कराया है। हम वर्गों की भी गिनती कराएंगे, जिससे पता चलेगा कि कितनी जातियां हैं और कितने ओबीसी, ईबीसी हैं। बिहार पिछले 20 साल से एनडीए की निकम्मी और नाकारा सरकार (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) को ढो रहा है यह पहली बार नहीं है जब तेजस्वी ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना न साधा (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) हो। इससे पहले तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स एक कार्टून शेयर करके पीएम मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर करारा हमला बोला था। पोस्ट किये गए कार्टून में सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी का एक प्रतीकात्मक फोटो है। जिसे आम आदमी एक गठ्ठर में लेकर ढोता नजर आ रहा है। उक्त पोस्ट में तेजस्वी ने कहा कि बिहार पिछले 20 साल से एनडीए की निकम्मी और नाकारा सरकार को ढो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तस्वीर में आपको बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था, बाढ़, सूखा, भ्रष्टाचार, ढहते पुल, गरीबी, महंगाई, घूसखोरी, बेरोजगारी जैसे कई गंभीर मुद्दे हैं। जिनका बोझ सिर्फ आम आदमी सह रहा है। इसे भी पढ़ें:- RJD-कांग्रेस को बिहार चुनाव से पहले AIMIM की धमकी, महागठबंधन में शामिल करें वरना…! अगले साल जातिगत जनगणना दो चरणों में (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) करेगी गौरतलब हो कि केंद्रीय कैबिनेट ने 30 अप्रैल को जाति जनगणना को मंजूरी दी थी। देश में आजादी के बाद यह पहली बार होगा, जब जाति जनगणना कराई जाएगी। सरकार अगले साल जातिगत जनगणना दो चरणों में (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) करेगी। इसका पहला चरण अक्टूबर 2026 से शुरू होगा, जबकि दूसरे चरण की शुरुआत 1 मार्च 2027 से शुरू होगी। जानकारी के लिए बता दें कि अक्टूबर या नवंबर 2025 में बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव कराए जा सकते हैं। इसे देखते हुए बिहार में सियासत तेज हो गई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने जातीय जनगणना करवाने का ऐलान किया है। इसे लेकर आरजेडी को शक है कि भाजपा बिहार चुनाव में इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain CasteCensus #BJPCastePolitics #IndianPolitics #ElectoralStrategy #BJP2025 #SocialJustic #CensusDebate

आगे और पढ़ें
AIMIM's Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections

AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections: RJD-कांग्रेस को बिहार चुनाव से पहले AIMIM की धमकी, महागठबंधन में शामिल करें वरना…! 

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस (Congress) के महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई है। एआईएमआईएम (AIMIM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने इसकी जानकारी (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections)देते हुए कहा कि, ‘उनकी पार्टी बिहार चुनाव में वोटों का बिखराव रोकना चाहती है। इसीलिए उनकी पार्टी ने  आरजेडी (RJD) के दूसरी पंक्ति के नेताओं के माध्यम से नेता तेजस्वी यादव को गठबंधन का प्रस्ताव भेजा है। अब फैसला तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी को करना है।’ अख्तरुल ईमान ने मीडिया से इस बातचीत में चेतावनी देते हुए कहा, अगर महागठबंधन उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो उनकी पार्टी थर्ड फ्रंट बनाने के लिए जल्द ही अन्य छोटे दलों से बातचीत करेगी। इस दौरान अख्तरुल ईमान ने आरजेडी (RJD) पर ‘पीठ में खंजर घोंपने’ का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि साल 2020 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम (AIMIM) राज्य की सीमांचल क्षेत्र में मौजूद अमौर, जोकीहाट, कोचाधामन, बैसी और बहादुरगंज सीट को जीता था। लेकिन चुनाव के दो साल बाद आरजेडी ने उनके 5 में से 4 विधायकों को तोड़ कर अपने पार्टी में मिला लिया। इस धोखबाजी को पार्टी भूली नहीं है।  2020 विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने किया था शानदार प्रदर्शन बता दें कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections) शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 सीटें जीत ली थी। एआईएमआईएम को यह सफलता सीमांचल के मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों में मिली थी। इसके बाद से ही एआईएमआईएम को बिहार की सियासत में एक उभरती ताकत के तौर पर देखा गया। एआईएमआईएम ने सीधे तौर पर आरजेडी के परंपरागत मुस्लिम-यादव वोट बैंक में सेंध लगाई थी। इसलिए आरजेडी को सबसे ज्यादा परेशानी हुई और उसने एआईएमआईएम विधायकों को तोड़ने की मुहीम शुरू कर दी। आरजेडी ने दो साल बाद ही जून 2022 में एआईएमआईएम के 5 में से 4 विधायकों को तोड़कर अपने पार्टी में शामिल कर लिया।  इसे भी पढ़ें:- PMCH में दलित लड़की की मौत पर राहुल गांधी ने बिहार की डबल इंजन सरकार पर साधा निशाना, कही यह बात एआईएमआईएम के उभरने से आरजेडी और कांग्रेस को दीर्घकालिक तौर पर नुकसान होगा इस बार विधानसभा चुनाव में अगर एआईएमआईएम और आरजेडी अलग-अलग लड़ती हैं, तो इसका सीधा फायदा भाजपा को (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections) होगा। इसलिए एआईएमआईएम ने चुनाव से पहले ही महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव भेज दिया। हालांकि अभी तक इस प्रस्ताव पर आरजेडी और कांग्रेस (Congress) की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि विपक्षी महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर पहले सही तनाव है, ऐसे में अगर एआईएमआईएम को भी गठबंधन में शामिल कर लिया गया, तो सीट बंटवारे का मुद्दा और भी जटिल हो जाएगा। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एआईएमआईएम को महागठबंधन में शामिल किया जाता है तो इससे फौरी तौर पर मुस्लिम वोटों को एकजुट करने में फायदा मिल सकता है, लेकिन एआईएमआईएम के उभरने से आरजेडी और कांग्रेस को दीर्घकालिक तौर पर नुकसान होगा। दरअसल, आरजेडी और कांग्रेस (Congress) के कोर वोट बैंक मुस्लिम मतदाता है और एआईएमआईएम का वोट बैंक भी यही है। ऐसे में एआईएमआईएम राज्य में जितनी मजबूत होगी, उतनी ही आरजेडी और कांग्रेस के मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाएगी। ऐसे में महागठबंधन बिहार के अंदर अभी एआईएमआईएम से दूरी बनाकर ही रखना चाहता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections BiharElections2025 #AIMIM #RJD #Congress #Mahagathbandhan #Owaisi #PoliticalNews #IndiaPolitics

आगे और पढ़ें

11 Killed in RCB Victory Stampede: आईपीएल की जीत का जश्न बदला मातम में, फ्री टिकट बांटे जाने की अफवाह ने ली 11 लोगों की जान

आईपीएल में आरसीबी की पहली जीत का जश्न मनाने को लेकर हजारों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम पहुंचे थे। फ्री टिकट के लिए पागलों की तरह एक-दूसरे पर गिर पड़े। अफवाह के बाद कुछ लोग रिचमंड सर्कल की ओर भागे, तो कुछ अनिल कुंबले सर्कल के पास पहुंच (11 Killed in RCB Victory Stampede) गए। बता दें कि बैंगलोर के स्टेडियम में 21 स्टैंड और 13 गेट हैं। ज्यादातर गेट आम लोगों के लिए खुले थे। गेट नंबर 9 और 10 आरक्षित थे। गेट नंबर 12, 13 और 14 पर सबसे सबसे अधिक भीड़ थी। क्योंकि ये गेट टीम बस के प्रवेश मार्ग पर थे। ज्यादातर हादसे गेट नंबर 7 पर हुए। कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ को संभालने में लापरवाही और शहर की सड़कों पर विजय जुलूस निकालने की अनुमति देने में देरी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। इस बीच सड़कों पर जाम के चलते एम्बुलेंस को निकलने में दिक्कत हो रही थी। यही नहीं, पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मुश्किल हुई।  आरसीबी की पहली जीत का जश्न मनाने को लेकर हजारों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम (11 Killed in RCB Victory Stampede) पहुंचे थे आईपीएल में आरसीबी की पहली जीत का जश्न मनाने को लेकर हजारों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम पहुंचे थे। फ्री टिकट के लिए पागलों की तरह एक-दूसरे पर गिर पड़े। अफवाह के बाद कुछ लोग रिचमंड सर्कल की ओर भागे, तो कुछ अनिल कुंबले सर्कल के पास पहुंच (11 Killed in RCB Victory Stampede) गए। बता दें कि बैंगलोर के स्टेडियम में 21 स्टैंड और 13 गेट हैं। ज्यादातर गेट आम लोगों के लिए खुले थे। गेट नंबर 9 और 10 आरक्षित थे। गेट नंबर 12, 13 और 14 पर सबसे सबसे अधिक भीड़ थी। क्योंकि ये गेट टीम बस के प्रवेश मार्ग पर थे। ज्यादातर हादसे गेट नंबर 7 पर हुए। कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ को संभालने में लापरवाही और शहर की सड़कों पर विजय जुलूस निकालने की अनुमति देने में देरी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। इस बीच सड़कों पर जाम के चलते एम्बुलेंस को निकलने में दिक्कत हो रही थी। यही नहीं, पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मुश्किल हुई। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात 35,000 दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में पहुंचे थे 3 लाख (11 Killed in RCB Victory Stampede) लोग  इस दुखद घटना पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, स्टेडियम के पास भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई जबकि 33 लोग घायल हुए हैं। यहां पर 2-3 लाख से ज्यादा लोग जुटे थे जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की (11 Killed in RCB Victory Stampede) थी। जबकि स्टेडियम में महज 35,000 दर्शकों की क्षमता थी। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता देखते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की भी घोषणा की। तो वहीं दूसरी ओर, घटना पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का कहना है, लोगों की भीड़ ने गेट तोड़ दिए जिसकी वजह से चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। शिवकुमार ने कहा कि लोगों की भीड़ ने गेट तोड़ दिए। मुझे लगता है कि बड़े पैमाने पर वहां पर भगदड़ मच गई। मैंने पुलिस आयुक्त और अधिकारियों से बात की है। हम इस हादसे पर नजर बनाए हुए हैं और सभी से शांत रहने की अपील करते हैं। शिवकुमार ने कहा कि वह उन अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं, जहां घायलों इलाज चल रहा है। फ़िलहाल मुख्यमंत्री, मंत्री और पुलिस अधिकारी पहले से ही घटनास्थल का दौरा कर रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news 11 Killed in RCB Victory Stampede #RCB #IPL2025 #Stampede #BreakingNews #CricketTragedy #Bangalore

आगे और पढ़ें
Tear Test Kit

Tear Test Kit से डिटेक्ट किए जा सकते हैं कई गंभीर बीमारी, जानिए क्या कहती है नई स्टडी?

आंसू (Tears) यानी टीयर्स हमारी फीलिंग्स को व्यक्त करने का बेहतरीन तरीका है। हर परिस्थिति में यह आंखों से खुद ही बाहर आ जाते हैं। कई बार बिना किसी कारण भी हमारी आंखों में आंसू आ जाते हैं। हमारे टीयर्स का स्ट्रक्चर स्लाइवा के जैसा ही होता है और यह पानी से बने होते हैं। हालांकि इनमें नमक, फैटी ऑयल्स और कई विभिन्न प्रोटीन्स होते हैं। इनमें सोडियम, क्लोराइड. बाइकार्बोनेट, पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट भी होते हैं। यही नहीं , इनमें कम मात्रा में मैग्नीशियम और कैल्शियम भी पाएं जाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आंसू (Tears) केवल हमारे इमोशंस ही नहीं बल्कि कई बीमारियों को भी डिटेक्ट कर सकते हैं? आइए जानें आंसू (और बीमारियों के बीच कनेक्शन (Connection between tears and diseases) का पता लगाने वाली टियर टेस्ट किट (Tear test kit) के बारे में। आंसू और बीमारियों के बीच कनेक्शन (Connection between tears and diseases): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार हमारे आंसू आंखों को प्रोटेक्ट करने, इर्रिटेन्ट को साफ करने, भावनाओं को शांत करने का काम करते हैं। लेकिन, हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार आंसू (Tears) केवल हमारे इमोशंस को ही नहीं दर्शाते बल्कि इससे बीमारियों का पता भी चल सकता है। यानी, आंसू और बीमारियों के बीच कनेक्शन (Connection between tears and diseases) है। इसके लिए टियर टेस्ट किट (Tear test kit) को डेवलप किया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि टियर टेस्ट किट (Tear test kit) से निम्नलिखित बीमारियों का पता चल सकता है: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इस टियर टेस्ट किट में टेस्ट के लिए आंसू (Tears) को इकठ्ठा करने के लिए एक छोटे स्टाइलर पेपर का इस्तेमाल किया जाता है। इसका परिणाम लगभग 90 मिनटों में आ जाएगा। ऐसी उम्मीद है कि यह टियर टेस्ट किट (Tear test kit) 2026 तक इस्तेमाल के लिए बाजार में उपलब्ध होगी। यह रोगों को पहचाने का सस्ता तरीका कई लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। यही नहीं, इससे स्वास्थ्य सुधार में भी मदद मिलेगी। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Tear Test Kit #connectionbetweentearsanddiseases #testkit #tears #dryeyes

आगे और पढ़ें
NEET PG

NEET PG परीक्षा की नई तारीख का इंतजार, 15 जून की परीक्षा स्थगित

नीट पीजी (NEET PG) यानी नेशनल एलिजिबिली कम एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्टग्रेजुएट एक नेशनल एंट्रेंस एग्जाम है। यह परीक्षा पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए ली जाती है। यह एग्जाम नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (National Board of Examinations) यानी एनबीई (NBE) द्वारा आयोजित किया जाता है। इस परीक्षा में भाग लेने के लिए कैंडिडेट्स के पास किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट से एमबीबीएस या इसके समान डिग्री होनी चाहिए। इस साल इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 मई थी जबकि इसकी परीक्षा 15 जून, 2025 को होने वाली थी। अभी एक खास खबर उन कैंडिडेट्स के लिए है, जो इसमें भाग लेने वाले थे। यह परीक्षा अभी के लिए स्थगित हो चुकी है। आइए जानें नीट पीजी को स्थगित किए जाने के कारण (Reasons for postponement of NEET PG) के बारे में। स्थगित हुई NEET PG की परीक्षा अगर आप इस परीक्षा में भाग लेने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यह परीक्षा अभी के लिए स्थगित कर दी गई है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (National Board of Examinations) की तरफ से इस बारे में एक नोटिस निकाला गया है। इस नोटिस में उन्होंने नीट पीजी को स्थगित किए जाने के कारण (Reasons for postponement of NEET PG) के बारे में भी जानकारी दी गई है। यही नहीं इसमें आने वाले समय में यह परीक्षा कब होगी, इसके बारे में भी बताया गया है। इसे भी पढ़े: BPSC 71st CCE 2025: सिर्फ 8 स्टेप फॉलो कर BPSC-CCE के लिए आप भी कर सकते हैं अप्लाई नीट पीजी को स्थगित किए जाने के कारण (Reasons for postponement of NEET PG) क्या है? नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (National Board of Examinations) ने जो नोटिस दिया है, उसके अनुसार 15 जून को होने वाला नीट पीजी (NEET PG) एग्जाम अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। इस परीक्षा के आयोजन की अगली तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। उन्होंने इस परीक्षा को स्थिगित करने के कारण में परीक्षा को अधिक केंद्रों और जरूरी बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था करने के लिए स्थगित किया गया है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि नीट पीजी (NEET PG) 2025 की परीक्षा पूरी ट्रांसपेरेंसी और सुरक्षित सेंटर्स की पहचान करते हुए एक शिफ्ट में आयोजित की जाए। इस आदेश के अनुसार, नेशनल बोर्ड ऑफ एक्सामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज अब नीट पीजी (NEET PG) की परीक्षा एक शिफ्ट में आयोजित करेगा। संक्षेप में कहा जाए तो नीट पीजी (NEET PG) का एग्जाम देने वाले लोगों को अब इसके लिए थोड़ा और समय मिल गया है। इसकी तैयारी करने के लिए कैंडिडेट्स के लिए रोजाना स्टडी के साथ-साथ  मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास भी करना चाहिए। ग्रुप स्टडी में भाग लेने और अच्छे स्टडी मेटेरियल से भी आपको लाभ होगा। इससे आपको इस परीक्षा में अच्छे परफॉर्म करने में भी मदद मिलेगी। इसलिए कुछ दिन और तैयारी कर एग्जाम देने का मौका मिल जाएगा। और सबसे महत्वपूर्ण बात की परीक्षा स्थगित होने से परेशान ने नकारात्मक सोच से बचना चाहिए। Latest News in Hindi Today Hindi news NEETPG #NEETPG #ReasonsforpostponementofNEETPG #NationalBoardofExamination #NBE

आगे और पढ़ें
WhatsApp's new feature Username PIN

यूजरनेम पिन: सुरक्षित मैसेजिंग के लिए व्हाट्सऐप का नया फीचर

व्हाट्सऐप (Whatsapp) एक ऐसी ऐप है, जिसके यूजर्स लाखों नहीं बल्कि करोड़ों में हैं। चैट, वीडियो कॉल्स, शेयरिंग आदि के लिए यह एप्लीकेशन बेहतरीन मानी गई है। आजकल हर कोई इसका इस्तेमाल कर रहा है और यह ऐप सबके जीवन है जरूरी भाग बन चुकी है। व्हाट्सऐप (Whatsapp) समय-समय पर अपने यूजर्स के लिए नए फीचर्स को लांच करता रहता है ताकि लोगों के लिए इसका इस्तेमाल और भी आसान हो और सेफ्टी में भी कोई समस्या न हो। अभी एक नया फीचर्स इसमें आने वाला है इसका नाम है यूजरनेम पिन (Username PIN)। आइए जानें क्या है व्हाट्सऐप का नया फीचर यूजरनेम पिन (WhatsApp’s new feature Username PIN) और पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी। व्हाट्सऐप का नया फीचर यूजरनेम पिन (WhatsApp’s new feature Username PIN) व्हाट्सऐप का नया फीचर यूजरनेम पिन (Username PIN) यूजर्स की प्राइवेसी और कंट्रोल को बढ़ाने के लिए लाया जा रहा है। इसमें जब कोई व्यक्ति किसी को पहले बार मैसेज भेज रहा है, तो उसे इसके लिए एक पिन कोड डालना होगा। व्हाट्सऐप (Whatsapp) अभी इस नए फीचर पर काम कर रहा है जो यूजर की प्राइवेसी और नियंत्रण को बढ़ावा देगा। व्हाट्सऐप (Whatsapp) के इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे अनचाहे और स्पेम मैसेजिज को रोका जा सकता है। यही नहीं, इससे यूजर यह भी कंट्रोल कर पाएंगे कि उन्हें कौन मैसेज भेज सकता है और कौन नहीं।  इस फीचर का एक फायदा यह भी है कि इससे हम कम्युनिकेशन को कंट्रोल कर पाएंगे और सिर्फ अपने खास व ट्रस्टेड लोगों से ही बात करने में सक्षम होंगे। यानी अनचाहे कॉन्टेक्ट्स से मिलेगा पूरी तरह से छुटकारा उम्मीद है। कि यूजरनेम पिन (Username PIN) फीचर जल्द ही आएगा क्योंकि अभी यह बीटा टेस्टिंग के चरण में है। संक्षेप में कहा जाए तो यह पिन एक गेटकीपर की तरह काम करेगा जिसमें जो लोग पहले बार आपसे कांटेक्ट कर रहा है, उसके लिए इस पिन को होना जरूरी है। आइए जानें व्हाट्सऐप का नया फीचर यूजरनेम पिन (WhatsApp’s new feature Username PIN) कैसे काम करता है? इसे भी पढ़ें:- Lava Shark 5G: आईफोन जैसा डिजाइन, 5G कनेक्टिविटी और कीमत भी कम यूजरनेम पिन फीचर कैसे काम करेगा? यूजरनेम पिन (Username PIN) फीचर बहुत ही सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण फीचर साबित होगा। यूजरनेम पिन (Username PIN) फीचर इस तरह से काम करेगा:  यूजरनेम पिन (Username PIN) फीचर कैसे काम करता है और किस तरह से लोगों के लिए फायदेमंद साबित होता है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। बता दें कि यह फीचर जल्द ही सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक रिलीज डेट नहीं आई है। और रिलीज के बाद ही पता चल सकेगा कि आखिर WhatsApp का ये नया फीचर यूजर्स के लिए फायदेमंद है या नहीं और इस नय फीचर का इस्तेमाल करना लोगों के लिए कितना आसान और कितना कठिन होगा। Latest News in Hindi Today Hindi WhatsApp new features #WhatsAppnewfeatureusernamepin #usernamepinwhatsapp

आगे और पढ़ें
Acquired Immunity

क्या है एक्वायर्ड इम्युनिटी? क्या एक्वायर्ड इम्युनिटी के कारण COVID 19 खतरा होता है कम?

पिछले कुछ दिनों से भारत में कोरोना यानी कोविड-19 (covid-19) के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अब तक इसके लगभग 3400 मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, यह एक चिंता का विषय है लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक लोगों को इसको लेकर अधिक परेशान होने की जरूरत नहीं है। लोगों को सावधानियां बरतने की सलाह अवश्य दी जा रही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत के लोगों को कोविड-19  (covid-19) से डरने की जरूरत नहीं है और इसका कारण है एक्वायर्ड इम्युनिटी (Acquired Immunity) यानी विकसित इम्युनिटी। आइए जानें कि क्यों लोगों को एक्वायर्ड इम्युनिटी के कारण कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है? यह भी जानें कि एक्वायर्ड इम्युनिटी (Acquired Immunity) किसे कहा जाता है और इम्युनिटी (Immunity) को कैसे बढ़ाएं? क्या एक्वायर्ड इम्युनिटी (Acquired Immunity) के कारण कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक अभी परेशानी का कारण हैं कोविड-19 (covid-19)  के ओमिक्रॉन स्ट्रेन के सबवेरिएंट्स, जिनमें अभी भी परिवर्तन हो सकते हैं। पहले हुए वैक्सीनेशन और बूस्टर डोज की वजह से लोगों में इम्युनिटी (Immunity) में वृद्धि हुई है। इसके कारण इसके लक्षण हल्के हो सकते हैं जैसे खांसी, बॉडी पेन, सिरदर्द आदि। लेकिन,कोरोना में अभी भी सावधानियां बरतना जरूरी है, जैसे जब सर्दी, जुकाम या बुखार हो, तो मास्क पहनें। उन लोगों को अधिक सावधानियां बरतने की जरूरत है, जिन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर आदि समस्याएं हैं। इसके साथ ही बुजुर्गों को भी सावधान रहने की आवश्यकता है। अब जानते हैं एक्वायर्ड इम्युनिटी (Acquired Immunity) के बारे में।  एक्वायर्ड इम्युनिटी (Acquired Immunity) क्या है? एक्वायर्ड इम्युनिटी (Acquired Immunity) इम्यून सिस्टम की पिछले इंफेक्शन (Infection) और वैक्सीनेशन के माध्यम से रोगाणुओं को पहचानने और रिस्पॉन्ड करने की एबिलिटी है। इस प्रकार की इम्युनिटी (Immunity) बी और टी लिम्फोसाइट्स द्वारा संचालित की जाती है, जो इम्यून सिस्टम का हिस्सा हैं। इन सेल्स में पुराने इंफेक्शंस को याद रखने और प्रभावी ढंग से रिस्पॉन्ड करने की एबिलिटी होती है। यह इम्युनिटी जन्मजात इम्युनिटी से पूरी तरह से विपरीत है, क्योंकि जन्मजात इम्युनिटी खास रोगाणुओं से नहीं लड़ पाती है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इम्युनिटी को कैसे बढ़ाया जा सकता है? हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार एक्वायर्ड इम्युनिटी (Acquired Immunity) के साथ ही इम्युनिटी (Immunity) को बढ़ाने के तरीकों के बारे में जानकारी होना भी आवश्यक है। जरूरी वेक्सीनेशन्स को लेना इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का सबसे बेहतरीन तरीका है। उम्र, काम, जगह के अनुसार सही वैक्सीन्स लगवाएं। अधिकतर वयस्कों को निम्नलिखित समस्याओं के लिए वैक्सीनेशन का इस्तेमाल करना चाहिए: इसके लिए आप अपने डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। इसके साथ ही बैक्टीरिया के कारण होने वाली समस्याओं में एंटीबायोटिक्स लेने से भी इम्युनिटी (Immunity) बढ़ती है। यदि डॉक्टर आपको वायरल इंफेक्शन (Viral Infection) से लड़ने के लिए एंटीबायोटिक्स लेने की सलाह देते हैं, तो यह भी महत्वपूर्ण है कि आपको एंटीबायोटिक्स का पूरा कोर्स करना चाहिए। इसके साथ ही बैक्टीरियल इंफेक्शन की स्थिति में भी डॉक्टर के बताएं अनुसार इसका पूरा कोर्स करें। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Acquired Immunity #AcquiredImmunity #Immunity #Immunesystem #corona #covid-19

आगे और पढ़ें
Whatsapp logout feature

व्हाट्सऐप का नया फीचर: लॉग आउट हुआ आसान, डेटा भी सुरक्षित

व्हाट्सऐप (Whatsapp) पूरी दुनिया में सबसे अधिक प्रसिद्ध ऐप है। इसका इस्तेमाल हम दूसरों को टेक्स्ट, फोटो, वीडियो, वॉइस मैसेज आदि भेजने के लिए कर सकते हैं। यही नहीं, इससे वॉइस व वीडियो कॉल आसानी से की जा सकती है। इससे न केवल हम अपने प्रियजनों से कांटेक्ट कर सकते हैं बल्कि हमारा काम भी और आसान हो सकता है। व्हाट्सऐप (Whatsapp) समय-समय पर नए फीचर्स लाता रहता ,है ताकि इसका इस्तेमाल और सुगम हो सके और यह अब एक और नया फीचर ले कर आया है। व्हाट्सऐप (Whatsapp) में अब लॉगआउट फीचर (Logout feature) आ रहा है। इस फीचर से हमारे डेटा को कोई नुकसान नहीं होगा और इसके साथ ही यूजर्स की और भी कई समस्याएं कम हो जाएंगी। जानें व्हाट्सऐप का लॉगआउट फीचर (Whatsapp logout feature) क्या है और क्या हैं इसके फायदे? क्या है व्हाट्सऐप का लॉगआउट फीचर (Whatsapp logout feature): जानें  व्हाट्सऐप (Whatsapp) अभी एक नए लॉगआउट फीचर (Logout feature) को टेस्ट कर रहा है और जल्द ही यह फीचर इसमें आएगा। इससे यूजरअपने प्राइमरी अकाउंट से लॉगआउट (Logout) कर पाएंगे। अच्छी बात यह है की इसके लिए आपको न तो इसे डिलीट करना होगा और डेटा भी सेफ रहेगा। ऐप के इस फीचर में यह विकल्प आपको मिलेंगे: दूसरे विकल्प को चुनने के बाद आपका डेटा भी सुरक्षित रहेगा और आप लॉगआउट (Logout) भी कर पाएंगे यानी व्हाट्सअप से ब्रेक ले पाएंगे, वो भी बिना किसी समस्या के। इस नए ऑप्शन से लोगों के लिए चीजें और अधिक आसान हो जाएगा।  इसे भी पढ़ें: Lava Shark 5G: आईफोन जैसा डिजाइन, 5G कनेक्टिविटी और कीमत भी कम किन लोगों के लिए फायदेमंद है यह व्हाट्सऐप का लॉगआउट फीचर (Whatsapp logout feature)?  यह नया फीचर उन यूजर्स के लिए फायदेमंद हैं जो टेम्पोरेरी इस ऐप से ब्रेक लेना चाहते हैं, ऐप में अगर कोई समस्या है तो उसे ठीक करना चाहते हैं या बिना डेटा लूज किए एक ही डिवाइस पर बहुत से एकाउंट्स के बीच स्विच करना चाहते हैं।  यह व्हाट्सऐप का लॉगआउट फीचर (Whatsapp logout feature) कब आएगा, इसके बारे में कोई सही जानकारी नहीं है लेकिन यह बीटा टेस्टर्स के लिए जल्दी ही उपलब्ध होगी। इसके बाद इसे रिलीज किया जाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi Whatsapp logout feature #WhatsApplogoutfeature #WhatsApp #logout #logoutfeature #data

आगे और पढ़ें
Translate »