Taara chip launch: अब रोशनी से मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट

Google X Taara chip

गूगल एक्स (Google X) गूगल द्वारा स्थापित रिसर्च और डेवलपमेंट कंपनी है, जिसकी स्थापना साल 2010 में की गई थी। अगर बात की जाए इस कंपनी के मिशन की, तो इसका मिशन है ऐसी नयी टेक्निक्स का विकास करना जो दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों को सॉल्व कर सके। गूगल एक्स अपने इनोवेशन और एक्सपेरिमेंट्स के लिए जानी जाती है। हाल ही में गूगल एक्स (Google X) ने तारा चिप (Taara chip) को लांच किया है, जिसमें फाइबर के बिना लाइट बीम्स के माध्यम से हाई स्पीड इंटरनेट प्राप्त (High speed internet) किया जा सकता है। यह इंटरनेट कनेक्टिविटी को आसान और फास्ट बनाने की एक नयी टेक्निक है। आइए जानें गूगल एक्स की तारा चिप (Google X Taara Chip) के बारे में। 

गूगल एक्स की तारा चिप (Google X Taara chip): पाएं जानकारी

गूगल एक्स (Google X) की यह नई तकनीक है, जिसमें लाइट बीम्स का इस्तेमाल करके हाई स्पीड इंटरनेट (High speed internet) एफेक्ट को प्राप्त किया जा सकता है। यह तकनीक दो पॉइंट्स के बीच लाइट बीम्स के माध्यम से डाटा को ट्रांसमिट करती है। इससे सिग्नल इंटरफेरेंस कम होती है और बुनियादी ढांचे की कॉस्ट भी कम रहती है। यानी, यह फास्ट इंटरनेट प्राप्त करने का आसान तरीका साबित हो सकती है।

गूगल एक्स की तारा चिप (google X Taara chip) के फायदे

ऐसा माना जा रहा है कि गूगल एक्स की तारा चिप (google X Taara chip) के बहुत से फायदे हैं। यह चिप के शुरुआत फील्ड टेस्ट्स के अनुसार तारा चिप (Taara chip) एक किलोमीटर के आउटडोर पर 10 जीबीपीएस की स्पीड से डेटा ट्रांसमिट कर सकती है। इस तकनीक से ग्लोबल मेश नेटवर्क बनाने की उम्मीद है, जिससे सीमलेस, इंटरफेयरेंस-फ्री कनेक्टिविटी मिलने में मदद मिलेगी। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट मिलने में बहुत अधिक मदद मिलेगी। यानी, इससे इंटरनेट अधिक फास्ट, स्केलेबल और आसानी से उपलब्ध हो सकता है। यह तकनीक उन ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रो के लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है, जहां अभी तक इंटरनेट सुविधा नहीं है। 

अगर बात की जाए पुराने सिस्टम की, तो पुराने फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क्स में अंडरग्राउंड इंस्टॉलेशन की आवश्यकता होती है। इसके लिए बहुत अधिक समय और अन्य संसाधनों की आवश्यकता होती है। लेकिन, तारा सिस्टम को कुछ ही देर में  बिना किसी केबल के इन्टॉल किया जा सकता है। हालांकि, यह फाइबर ऑप्टिक्स के समान सिद्धांत को ही फॉलो करता है, लेकिन इसके लिए फिजिकल केबल्स की जरूरत नहीं होती। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रो के अलावा यह तारा चिप (Taara chip) डाटा सेंटर्स और ऑटोनोमॉस व्हीकल कम्युनिकेशन के लिए एक लचीला, स्केलेबल और लागत प्रभावी विकल्प प्रदान कर सकती है।

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कब तक उपलब्ध होगी यह तकनीक?

जैसा की पहले ही बताया गया है कि यह तारा चिप (Taara chip) डाटा को लाइट सिग्नल्स के रूप में ब्रॉडकास्ट करेगी और इससे केबल्स को जमीन पर बिछाने की जरूरत खत्म हो जाएगी। यही नहीं इसे थोड़ी ही देर में स्थापित किया जा सकता है। गूगल एक्स की तारा चिप (google X Taara chip) को छोटा, अधिक कुशल और ब्रॉडर ऍप्लिकेशन्स के लिए बनाया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि गूगल एक्स (Google X) साल 2026 तक इसका कमर्शियल वर्जन लॉन्च करने की योजना बना रहा है।

उम्मीद है कि आने वाले समय पर इस तकनीक से व्यापक रूप से हाई स्पीड इंटरनेट (High speed internet) मिलेगा। इससे स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अनुसंधान आदि में आसानी से हाई स्पीड इंटरनेट (High speed internet) मिलेगा और अधिक लोग इस सुविधा का लाभ ले पाएंगे। 

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